Selection Study
271 subscribers
23 photos
Download Telegram
अभ्यास (एक्स-सूर्यकिरण) -

• भारत-नेपाल संयुक्त अभ्यास सूर्यकिरण XIX – 2025 उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आयोजित किया जा रहा है।
• यह 25 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक आयोजित रहेगा।

• सूर्यकिरण अभ्यास के बारे में -
यह भारतीय थल सेना और नेपाली थल सेना के बीच 2011 से आयोजित किया जा रहा एक संयुक्त सैन्य अभ्यास है।

• उद्देश्य: आतंकवाद-रोधी अभियानों, जंगल युद्ध, पर्वतीय क्षेत्रों में अभियानों, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) आदि पर केंद्रित उप-पारंपरिक अभियानों के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण देना।
2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिली | 2030 के गेम्स अहमदाबाद में होंगे | इससे पूर्व 2010 में नई दिल्ली में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित किए थे।
प्रधानमंत्री की इथियोपिया यात्रा -

✓ भारतीय प्रधान मंत्री ने अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए इथियोपिया की यात्रा की।

• यात्रा के मुख्य परिणामों पर एक नजर -

सर्वोच्च सम्मान:- प्रधान मंत्री को इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित किया गया।


✓ समझौते: 8 समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में एक डेटा सेंटर की स्थापना; G20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत ऋण पुनर्गठन के लिए समझौता आदि शामिल हैं।

✓ आर्थिक: -
• वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 550.19 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
• भारत का निर्यात 476.81 मिलियन अमेरिकी डॉलर और आयात 73.38 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध को काफी हद तक निर्यात-उन्मुख बनाता है।
पेसा महोत्सव -

✓ पंचायती राज और जनजातीय मामलों का मंत्रालय हर साल 23 और 24 दिसंबर को संयुक्त रूप से पेसा महोत्सव मनाता है।
✓ अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों का विस्तार (पेसा)अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ पर ये महोत्सव मनाया जाता है।
✓ पेसा अधिनियम जनजातीय समुदायों की अनुसूचित भूमि पर पंचायती राज के प्रावधानों को लागू करके उन्हें सशक्त बनाता है और उन्हें उनकी भूमि से बेदखल य़ा अलग किये जाने से बचाता है।
✓ 2025 का पेसा महोत्सव विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा।
✓ इसका उद्देश्य अधिनियम के बारे में जागरूकता फैलाना और अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय निकायों की क्षमताओं को बढ़ाना है।