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निम्न में से कौन से वें संशोधन अधिनियम में यह प्रावधान किया था कि "अनुच्छेद 356 को अंतिम और निर्णायक रूप से लागू करने में राष्ट्रपति की संतुष्टि, जिसे किसी भी आधार पर किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जाएगी"-
न्यायिक समीक्षा का दायरा:
वर्ष 1975 के 38वें संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 356 को अंतिम और निर्णायक रूप से लागू करने में राष्ट्रपति की संतुष्टि, जिसे किसी भी आधार पर किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जाएगी।
लेकिन इस प्रावधान को बाद में 1978 के 44वें संशोधन अधिनियम द्वारा हटा दिया गया था, जिसका अर्थ था कि राष्ट्रपति की संतुष्टि न्यायिक समीक्षा से परे नहीं है।
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वर्ष 1975 के 38वें संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 356 को अंतिम और निर्णायक रूप से लागू करने में राष्ट्रपति की संतुष्टि, जिसे किसी भी आधार पर किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जाएगी।
लेकिन इस प्रावधान को बाद में 1978 के 44वें संशोधन अधिनियम द्वारा हटा दिया गया था, जिसका अर्थ था कि राष्ट्रपति की संतुष्टि न्यायिक समीक्षा से परे नहीं है।
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निम्न में से किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को बहुत हद तक प्रतिबंधित कर दिया था -
व्याख्या
एस.आर. बोम्मई मामला, 1994 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को बहुत हद तक प्रतिबंधित कर दिया। न्यायालय ने निर्णय सुनाया कि राष्ट्रपति शासन केवल संवैधानिक तंत्र के विघटन की स्थिति में ही लागू किया जाना चाहिये, न कि केवल कानून और व्यवस्था के मुद्दों के लिये।
इसने यह भी अभिनिर्धारित किया कि इस प्रकार के अध्यारोपण न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं, तथा यह सुनिश्चित किया गया कि अनुच्छेद 356 का प्रयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिये नहीं किया जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संवैधानिक तंत्र के असफल हो जाने का अर्थ है कि राज्य में प्रशासन का संचालन वास्तव में असंभव है, न कि कोई साधारण समस्या।
Note- हालांकि अनुच्छेद 356 का कई बार दुरुपयोग हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप राजनीतिक एजेंडा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की चिंताओं जैसे विभिन्न कारणों से निर्वाचित राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया था।
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एस.आर. बोम्मई मामला, 1994 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को बहुत हद तक प्रतिबंधित कर दिया। न्यायालय ने निर्णय सुनाया कि राष्ट्रपति शासन केवल संवैधानिक तंत्र के विघटन की स्थिति में ही लागू किया जाना चाहिये, न कि केवल कानून और व्यवस्था के मुद्दों के लिये।
इसने यह भी अभिनिर्धारित किया कि इस प्रकार के अध्यारोपण न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं, तथा यह सुनिश्चित किया गया कि अनुच्छेद 356 का प्रयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिये नहीं किया जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संवैधानिक तंत्र के असफल हो जाने का अर्थ है कि राज्य में प्रशासन का संचालन वास्तव में असंभव है, न कि कोई साधारण समस्या।
Note- हालांकि अनुच्छेद 356 का कई बार दुरुपयोग हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप राजनीतिक एजेंडा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की चिंताओं जैसे विभिन्न कारणों से निर्वाचित राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया था।
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👍2
निम्न कथनों पर विचार करें और नीचे दिए गए कूट से सही कथन का चयन करें -
1.अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं।
2. राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
1.अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं।
2. राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
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9%
केवल कथन 1 सही
9%
केवल कथन 2 सही
82%
कथन 1और 2 दोनों सही
0%
कोई नहीं
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निम्न कथनों पर विचार करें और नीचे दिए गए कूट से सही कथन का चयन करें -
1.अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं।
2. राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
1.अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं।
2. राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं। इन दो प्रावधानों को नीचे समझाया गया है:-
1अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकारों का निलंबन: अनुच्छेद 358 के अनुसार, जब राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की जाती है तो अनुच्छेद 19 के तहत सभी छह मौलिक अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं।
2.अन्य मौलिक अधिकारों का निलंबन: अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान आदेश द्वारा मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु किसी भी अदालत में जाने के अधिकार को निलंबित करने की शक्ति प्राप्त है।
हालाँकि यह ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
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1अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकारों का निलंबन: अनुच्छेद 358 के अनुसार, जब राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की जाती है तो अनुच्छेद 19 के तहत सभी छह मौलिक अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं।
2.अन्य मौलिक अधिकारों का निलंबन: अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान आदेश द्वारा मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु किसी भी अदालत में जाने के अधिकार को निलंबित करने की शक्ति प्राप्त है।
हालाँकि यह ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
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👍2
अनुच्छेद 352 में किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा आंतरिक अशांति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह शब्द का प्रयोग किया गया?
Anonymous Quiz
0%
35 वा
20%
42 वा
50%
44 वा
20%
52 वा
10%
अनुत्तरित प्रश्न
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अनुच्छेद 352 में किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा आंतरिक अशांति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह शब्द का प्रयोग किया गया?
व्याख्या
अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, जब भारत या उसके एक हिस्से की सुरक्षा को युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से खतरा हो।
राष्ट्रपति युद्ध या सशस्त्र विद्रोह या बाह्य आक्रमण की वास्तविक घटना से पहले ही राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है।
जब 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की जाती है, तो इसे 'बाह्य आपातकाल' के रूप में जाना जाता है।
दूसरी ओर, जब 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर आपातकाल की घोषणा की जाती है, तो इसे 'आंतरिक आपातकाल' के रूप में जाना जाता है।
'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को 44वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। इस शब्द से पहले इसे ‘आंतरिक अशांति’ के रूप में जाना जाता था।
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अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, जब भारत या उसके एक हिस्से की सुरक्षा को युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से खतरा हो।
राष्ट्रपति युद्ध या सशस्त्र विद्रोह या बाह्य आक्रमण की वास्तविक घटना से पहले ही राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है।
जब 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की जाती है, तो इसे 'बाह्य आपातकाल' के रूप में जाना जाता है।
दूसरी ओर, जब 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर आपातकाल की घोषणा की जाती है, तो इसे 'आंतरिक आपातकाल' के रूप में जाना जाता है।
'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को 44वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। इस शब्द से पहले इसे ‘आंतरिक अशांति’ के रूप में जाना जाता था।
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👍2
निम्न में से कौन सा कथन आपातकालीन प्रावधान के संबंध में सही नहीं हैं -
Anonymous Quiz
0%
ये प्रावधान केंद्र सरकार को किसी भी असामान्य स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाते हैं।
13%
भारतीय संविधान में आपातकालीन प्रावधान भारत सरकार अधिनियम 1935 से लिये गए हैं।
13%
आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन वीमर (जर्मन) संविधान से लिया गया है।
75%
आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन कनाडा के संविधान से लिया गया है।
👍1
निम्न में से किस आधार पर किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता हैं -
1.जब राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो।
2.जब भी कोई राज्य केंद्र के किसी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल रहता हो।
1.जब राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो।
2.जब भी कोई राज्य केंद्र के किसी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल रहता हो।
Anonymous Quiz
33%
केवल कथन 1
11%
केवल कथन 2
44%
कथन 1और 2 दोनों
11%
कोई नहीं
👍1
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निम्न में से किस आधार पर किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता हैं -
1.जब राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो।
2.जब भी कोई राज्य केंद्र के किसी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल रहता हो।
1.जब राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो।
2.जब भी कोई राज्य केंद्र के किसी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल रहता हो।
व्याख्या
'राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार:
राष्ट्रपति शासन को अनुच्छेद 356 के तहत दो आधारों पर घोषित किया जा सकता है:-
1.अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति को राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा जारी करने का अधिकार देता है, यदि राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें किसी राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 का उपयोग कर राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।
2.अनुच्छेद 365 के अनुसार, जब भी कोई राज्य केंद्र के किसी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल रहता है, तो राष्ट्रपति के लिये यह मानना वैध होगा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य की सरकार संविधान
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'राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार:
राष्ट्रपति शासन को अनुच्छेद 356 के तहत दो आधारों पर घोषित किया जा सकता है:-
1.अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति को राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा जारी करने का अधिकार देता है, यदि राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें किसी राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 का उपयोग कर राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।
2.अनुच्छेद 365 के अनुसार, जब भी कोई राज्य केंद्र के किसी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल रहता है, तो राष्ट्रपति के लिये यह मानना वैध होगा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य की सरकार संविधान
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👍2
राष्ट्रपति शासन लगाने की घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से कितने समय के भीतर अनुमोदित किया जाना चाहिये-
Anonymous Quiz
21%
2 माह
7%
4 माह
57%
6 माह
14%
3 माह
👍1
Fact - सबसे ज्यादा राष्ट्रपति शासन इंदिरा गांधी के समय लगा (51बार)
Fact - इंद्र कुमार गुजराल के काल में एक भी राष्ट्रपति शासन नहीं लगा।
Fact - सबसे ज्यादा राष्ट्रपति शासन मणिपुर में लगाया गया (10 बार)
Fact- तेलंगाना ,छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रपति शासन नहीं लगा
Fact - राजस्थान में चार बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है।
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👍4
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जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की तैयारी तेज, 6 साल बाद हटा राष्ट्रपति शासन रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अधिसूचना जारी करते ही जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। …
राष्ट्रपति शासन चर्चा में आया था तो इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और प्रश्न करा दिए गए जिससे कि अगर कोई प्रश्न परीक्षा में आए तो समस्या ना हो। उम्मीद है आपको करेंट अफेयर से स्टैटिक को जोड़कर बताई गई जानकारी पसंद आई होगी।
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किसी प्रश्न में को समस्या हो तो आप पूछ सकते हैं आपको जरूरी जवाब दिया जाएगा।
बाकी आप लोग चैनल को शेयर भी करते रहिए अगर चैनल पर भेजी गई जानकारी परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी लग रही है तो!
https://t.me/uppsczone
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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने पाकिस्तान जाएंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर
SCO से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
शंगाई सहयोग संगठन(SCO)
स्थापना- 2001
सदस्य देश- चीन, रूस, सोवियत संघ के हिस्सा रहे देश- कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान
2017 में भारत और पाकिस्तान SCO में शामिल हुए।
2023 में ईरान इसका नया सदस्य बना।
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👍2
UPPCS प्री परीक्षा को दो दिन में कराए जाने के फैसले का विरोध किया, हैशटैग ट्विटर के पहले नंबर रहा।
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💐🙏
✅ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
💠जन्म : 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम टीएन
💠मृत्यु : 27 जुलाई 2015, शिलांग मेघालय
💠पूरा नाम : अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम
💠वे एक भारतीय एयरोस्पेस वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञ थे
💠2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति
💠राष्ट्रपति चुने जाने से पहले वे प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ के सचिव भी रहे
💠भारत रत्न से सम्मानित : 1997
💠"भारत के मिसाइल मैन" के नाम से जाने जाते हैं
🏆 महत्वपूर्ण पुरस्कार
1997: भारत रत्न
1981: पद्म भूषण
1990: पद्म विभूषण
1997: राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
1998: वीर सावरकर पुरस्कार
2000: सस्त्र रामानुजन पुरस्कार – शनमुघा कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान अकादमी, भारत
2013: वॉन ब्राउन पुरस्कार
📚एपीजे अब्दुल कलाम की पुस्तकें
📯आग के पंख: आत्मकथा
📯भारत 2020
📯प्रज्वलित मन
📯लक्ष्य 3 बिलियन
📯टर्निंग पॉइंट
📯आप खिलने के लिए पैदा हुए हैं
📯मेरी यात्रा
📯परिवर्तन के लिए एक घोषणापत्र
📯भारत का लाभ
📯पुनः प्रज्वलित
व्हीलर द्वीप का नाम बदलकर डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप कर दिया गया
💠जन्म : 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम टीएन
💠मृत्यु : 27 जुलाई 2015, शिलांग मेघालय
💠पूरा नाम : अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम
💠वे एक भारतीय एयरोस्पेस वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञ थे
💠2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति
💠राष्ट्रपति चुने जाने से पहले वे प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ के सचिव भी रहे
💠भारत रत्न से सम्मानित : 1997
💠"भारत के मिसाइल मैन" के नाम से जाने जाते हैं
🏆 महत्वपूर्ण पुरस्कार
1997: भारत रत्न
1981: पद्म भूषण
1990: पद्म विभूषण
1997: राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
1998: वीर सावरकर पुरस्कार
2000: सस्त्र रामानुजन पुरस्कार – शनमुघा कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान अकादमी, भारत
2013: वॉन ब्राउन पुरस्कार
📚एपीजे अब्दुल कलाम की पुस्तकें
📯आग के पंख: आत्मकथा
📯भारत 2020
📯प्रज्वलित मन
📯लक्ष्य 3 बिलियन
📯टर्निंग पॉइंट
📯आप खिलने के लिए पैदा हुए हैं
📯मेरी यात्रा
📯परिवर्तन के लिए एक घोषणापत्र
📯भारत का लाभ
📯पुनः प्रज्वलित
व्हीलर द्वीप का नाम बदलकर डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप कर दिया गया
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हाल ही में जारी नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) सर्वेक्षण के अनुसार, ग्रामीण परिवारों की औसत मासिक आय में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है?
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27%
25%
27%
10%
47%
57%
0%
33%
हाल ही में जारी वैश्विक जीएनआई (सकल राष्ट्रीय आय) रैंकिंग 2024 के अनुसार, सकल राष्ट्रीय आय में कौन सा देश शीर्ष देश है?
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13%
ब्रुनेई
27%
लक्समबर्ग
33%
बरमूडा
27%
सिंगापुर
👍3
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हाल ही में जारी वैश्विक जीएनआई (सकल राष्ट्रीय आय) रैंकिंग 2024 के अनुसार, सकल राष्ट्रीय आय में कौन सा देश शीर्ष देश है?
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बरमूडा 2024 में अपनी समृद्ध वित्तीय सेवाओं और पर्यटन क्षेत्रों के साथ सबसे धनी देश के रूप में रैंक करता है। द्वीप राष्ट्र अपने कर-अनुकूल वातावरण से लाभान्वित होता है, बहुराष्ट्रीय निगमों को आकर्षित करता है और अपनी प्रति व्यक्ति आय को बेजोड़ स्तर तक बढ़ाता है। प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (यूएसडी): $125,210।
#uppcs #prelims #currentaffairs #economics
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