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अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है-

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13%
9 अक्टूबर को
31%
3 अक्टूबर को
50%
23 सितंबर को
6%
3 सितंबर को
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'वर्ल्ड स्किल 2024' प्रतियोगिता के बारे में सही विकल्प चुनिये-

1. यह फ्रांस के ल्योन शहर में आयोजित हुआ। 2. इसमे अश्विथा पुलिस ने भारत की ओर से 'बेस्ट ऑफ नेशन अवार्ड 'प्राप्त किया।
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17%
केवल 1
17%
केवल 2
58%
1 और 2 दोनों
8%
न तो 1 न तो 2
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अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विश्लेषण एजेंसी 'एम्बर' के अनुसार वर्ष 2023 में कौन सा देश विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया है?Join 📌 @UppscZone
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जापान
69%
भारत
23%
नॉर्वे
8%
चीन
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30 मई, 2024 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी 'वार्षिक रिपोर्ट 2023-24' के अनुसार वित्तीय वर्ष 20. 2024-25 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की अनुमानित वृद्धि दर क्या है?

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17%
6%
17%
5%
33%
8%
33%
7%
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हाल ही में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) द्वारा जारी अपनी नवीनतम इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाकर कितना कर दिया है?

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14%
6.6%
50%
7.2%
14%
5.6%
21%
7.4%
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APO की मार्कशीट व कटऑफ जारी
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विश्व मानक दिवस प्रत्येक वर्ष 14 अक्टूबर को मनाया जाता है

इसका उद्देश्य मानकों के महत्व को उजागर करना है।
यह दिवस मानक बनाने वाली संस्थाओं की भूमिका को भी उजागर करता है।

यह उपभोक्ताओं, व्यापारियों और उद्योगों को मानकों की उपयोगिता के बारे में जागरूक करता है।

विश्व मानक दिवस 2024 की थीम 'बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टि' रखी गई है।

इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1970 में हुई थी।
इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानकों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था। 
#day
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#award
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जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की तैयारी तेज, 6 साल बाद हटा राष्ट्रपति शासन

रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अधिसूचना जारी करते ही जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

#election
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जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की तैयारी तेज, 6 साल बाद हटा राष्ट्रपति शासन रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अधिसूचना जारी करते ही जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। …
राष्ट्रपति शासन का मतलब है कि राज्य सरकार का निलंबन हो जाए और केंद्र सरकार सीधे राज्य का शासन करे, इस दौरान राज्यपाल उस राज्य का संवैधानिक प्रमुख बन जाता है और केंद्र सरकार राज्य पर प्रश्न उठाने के लिए उसे नियुक्त करती है, राष्ट्रपति शासन के दौरान विधानसभा या तो भंग हो जाती है या सत्रावसान हो जाता है, जबकि उनका विघटन नहीं होता, ऐसी स्थिति में निर्वाचन आयोग को छह महीने के भीतर फिर से चुनाव कराने होते हैं,
किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा के बाद स्थानीय निकायों का विघटन होना ज़रूरी नहीं है, दरअसल स्थानीय निकाय जैसे नगर पालिकाएं और पंचायतें स्वतंत्र संवैधानिक निकाय हैं ,और उनका कामकाज सीधे राज्य सरकार से जुड़ा नहीं है, राष्ट्रपति शासन के दौरान केंद्र सरकार इन निकायों का प्रशासन अपने हाथ में ले सकती है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत, राष्ट्रपति किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा कर सकते हैं, अगर उन्हें लगता है कि राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के मुताबिक नहीं चल रहा, राष्ट्रपति या तो राज्यपाल की रिपोर्ट पर या बिना रिपोर्ट के भी ऐसा कर सकते हैं। राष्ट्रपति शासन की घोषणा को संसद द्वारा उसके लागू होने की तारीख से दो महीने के अंदर साधारण बहुमत से मंज़ूरी देनी होती है।

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किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा के निम्नलिखित में से कौन-से परिणामों का होना आवश्यक नहीं है?
1.राज्य विधानसभा का विघटन
2.राज्य के मंत्रिपरिषद् का हटाया जाना। 3.स्थानीय निकायों का विघटन।
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18%
(a) केवल 1 और 2
45%
(b) केवल 1 और 3
0%
(c) केवल 2 और 3
36%
(d) 1, 2 और 3
निम्न में से कौन से वें संशोधन अधिनियम में यह प्रावधान किया था कि "अनुच्छेद 356 को अंतिम और निर्णायक रूप से लागू करने में राष्ट्रपति की संतुष्टि, जिसे किसी भी आधार पर किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जाएगी"-
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0%
38वें संविधान संशोधन अधिनियम 1975
17%
40वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976
50%
42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976
33%
44वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978
निम्न में से किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को बहुत हद तक प्रतिबंधित कर दिया था -
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50%
एस.आर. बोम्मई मामला
0%
गोलकनाथ मामला
40%
केशवानंद भारती मामला
10%
सज्जन सिंह मामला
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निम्न में से कौन से वें संशोधन अधिनियम में यह प्रावधान किया था कि "अनुच्छेद 356 को अंतिम और निर्णायक रूप से लागू करने में राष्ट्रपति की संतुष्टि, जिसे किसी भी आधार पर किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जाएगी"-
न्यायिक समीक्षा का दायरा:
वर्ष 1975 के 38वें संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 356 को अंतिम और निर्णायक रूप से लागू करने में राष्ट्रपति की संतुष्टि, जिसे किसी भी आधार पर किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जाएगी।
लेकिन इस प्रावधान को बाद में 1978 के 44वें संशोधन अधिनियम द्वारा हटा दिया गया था, जिसका अर्थ था कि राष्ट्रपति की संतुष्टि न्यायिक समीक्षा से परे नहीं है।

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निम्न में से किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को बहुत हद तक प्रतिबंधित कर दिया था -
व्याख्या

एस.आर. बोम्मई मामला, 1994 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को बहुत हद तक प्रतिबंधित कर दिया। न्यायालय ने निर्णय सुनाया कि राष्ट्रपति शासन केवल संवैधानिक तंत्र के विघटन की स्थिति में ही लागू किया जाना चाहिये, न कि केवल कानून और व्यवस्था के मुद्दों के लिये।
इसने यह भी अभिनिर्धारित किया कि इस प्रकार के अध्यारोपण न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं, तथा यह सुनिश्चित किया गया कि अनुच्छेद 356 का प्रयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिये नहीं किया जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संवैधानिक तंत्र के असफल हो जाने का अर्थ है कि राज्य में प्रशासन का संचालन वास्तव में असंभव है, न कि कोई साधारण समस्या।


Note- हालांकि अनुच्छेद 356 का कई बार दुरुपयोग हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप राजनीतिक एजेंडा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की चिंताओं जैसे विभिन्न कारणों से निर्वाचित राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया था।

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निम्न कथनों पर विचार करें और नीचे दिए गए कूट से सही कथन का चयन करें -
1.अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं।
2. राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
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9%
केवल कथन 1 सही
9%
केवल कथन 2 सही
82%
कथन 1और 2 दोनों सही
0%
कोई नहीं
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निम्न कथनों पर विचार करें और नीचे दिए गए कूट से सही कथन का चयन करें -
1.अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं।
2. राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।
अनुच्छेद 358 और 359 मौलिक अधिकारों पर राष्ट्रीय आपातकाल के प्रभाव का वर्णन करते हैं। इन दो प्रावधानों को नीचे समझाया गया है:-

1अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकारों का निलंबन: अनुच्छेद 358 के अनुसार, जब राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की जाती है तो अनुच्छेद 19 के तहत सभी छह मौलिक अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं।

2.अन्य मौलिक अधिकारों का निलंबन: अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान आदेश द्वारा मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु किसी भी अदालत में जाने के अधिकार को निलंबित करने की शक्ति प्राप्त है।
हालाँकि यह ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार प्रभावित नहीं होते हैं।

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अनुच्छेद 352 में किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा आंतरिक अशांति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह शब्द का प्रयोग किया गया?
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0%
35 वा
20%
42 वा
50%
44 वा
20%
52 वा
10%
अनुत्तरित प्रश्न
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अनुच्छेद 352 में किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा आंतरिक अशांति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह शब्द का प्रयोग किया गया?
व्याख्या

अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, जब भारत या उसके एक हिस्से की सुरक्षा को युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से खतरा हो।
राष्ट्रपति युद्ध या सशस्त्र विद्रोह या बाह्य आक्रमण की वास्तविक घटना से पहले ही राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है।
जब 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की जाती है, तो इसे 'बाह्य आपातकाल' के रूप में जाना जाता है।
दूसरी ओर, जब 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर आपातकाल की घोषणा की जाती है, तो इसे 'आंतरिक आपातकाल' के रूप में जाना जाता है।

'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को 44वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। इस शब्द से पहले इसे ‘आंतरिक अशांति’ के रूप में जाना जाता था।

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