Secure PCS pinned «**डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं बहुत जोर पर है, आप सभी लोग अपने घर माता पिता जो भी अभिभावक है उनसे इसके विषय में बताए अगर इस तरह की फोन कॉल्स आती है कि आपका बेटा /बेटी फलाना कांड में पकड़ा गया है तत्काल इतने अमाउंट दे या आपको कोई फेक क्लिप दिखाकर ब्लैकमेल करने की…»
पाल वंश:
✅ गोपाल द्वारा स्थापित।
हर्ष की मृत्यु के बाद और पालों के उदय तक बंगाल का इतिहास स्पष्ट नहीं है।
✅ इस समय के दौरान, पश्चिम बंगाल को गौड़ा और पूर्वी बंगाल को वंगा के रूप में जाना जाता था।
✅ बंगाल आन्तरिक अव्यवस्था के अधीन था, जिसे मत्स्यन्याय कहा गया है।
✅ मत्स्यन्याय को समाप्त करने के लिए एक क्रांति में लोगों द्वारा गोपाला को राजा चुना गया था।
✅ गोपाल के बाद लगभग 780 ई. में धर्मपाल शासक बना। उसने अपने साम्राज्य का विस्तार किया।
तिब्बती इतिहासकारों के अनुसार, पाल शासक बौद्ध शिक्षा और धर्म के महान संरक्षक थे।
धर्मपाल ने विक्रमशिला में प्रसिद्ध बौद्ध मठ की स्थापना की। यह नालंदा के नाम से प्रसिद्ध हुआ
पाल राजाओं ने हिंदू धर्म को भी संरक्षण दिया।
पाल वंश के दक्षिण पूर्व एशिया और चीन के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संपर्क और सांस्कृतिक संबंध थे।
दक्षिण पूर्व एशिया और चीन के साथ व्यापार बहुत लाभदायक था और इससे पाल साम्राज्य की समृद्धि में काफी वृद्धि हुई।
✅ पाल महायान बौद्ध धर्म के महान संरक्षक थे। बौद्ध दार्शनिक हरिभद्र धर्मपाल के आध्यात्मिक गुरु थे।
विभिन्न महाविहार, स्तूप, चैत्य, मंदिर और किलों का निर्माण किया गया।
भारत में लघु चित्रकला के शुरुआती उदाहरण पूर्वी भारत के पाल शासकों के तहत बौद्ध धर्म पर धार्मिक ग्रंथों के चित्रण के रूप में मौजूद हैं।
कांस्य ढलाई पाल मूर्तियों की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी।
#art_culture #history
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✅ गोपाल द्वारा स्थापित।
हर्ष की मृत्यु के बाद और पालों के उदय तक बंगाल का इतिहास स्पष्ट नहीं है।
✅ इस समय के दौरान, पश्चिम बंगाल को गौड़ा और पूर्वी बंगाल को वंगा के रूप में जाना जाता था।
✅ बंगाल आन्तरिक अव्यवस्था के अधीन था, जिसे मत्स्यन्याय कहा गया है।
✅ मत्स्यन्याय को समाप्त करने के लिए एक क्रांति में लोगों द्वारा गोपाला को राजा चुना गया था।
✅ गोपाल के बाद लगभग 780 ई. में धर्मपाल शासक बना। उसने अपने साम्राज्य का विस्तार किया।
तिब्बती इतिहासकारों के अनुसार, पाल शासक बौद्ध शिक्षा और धर्म के महान संरक्षक थे।
धर्मपाल ने विक्रमशिला में प्रसिद्ध बौद्ध मठ की स्थापना की। यह नालंदा के नाम से प्रसिद्ध हुआ
पाल राजाओं ने हिंदू धर्म को भी संरक्षण दिया।
पाल वंश के दक्षिण पूर्व एशिया और चीन के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संपर्क और सांस्कृतिक संबंध थे।
दक्षिण पूर्व एशिया और चीन के साथ व्यापार बहुत लाभदायक था और इससे पाल साम्राज्य की समृद्धि में काफी वृद्धि हुई।
✅ पाल महायान बौद्ध धर्म के महान संरक्षक थे। बौद्ध दार्शनिक हरिभद्र धर्मपाल के आध्यात्मिक गुरु थे।
विभिन्न महाविहार, स्तूप, चैत्य, मंदिर और किलों का निर्माण किया गया।
भारत में लघु चित्रकला के शुरुआती उदाहरण पूर्वी भारत के पाल शासकों के तहत बौद्ध धर्म पर धार्मिक ग्रंथों के चित्रण के रूप में मौजूद हैं।
कांस्य ढलाई पाल मूर्तियों की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी।
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🔆 आत्म-सम्मान आंदोलन: सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव की एक शताब्दी
✅यह लेख भारत के तमिलनाडु में एक अग्रणी सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन, आत्म-सम्मान आंदोलन की शताब्दी का स्मरण कराता है। ईवी रामासामी (पेरियार) द्वारा स्थापित इस आंदोलन का उद्देश्य व्यक्तियों और समुदायों को सशक्त बनाना, पदानुक्रमिक संरचनाओं को चुनौती देना और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना था।
📍 प्रमुख योगदान
✅ सामाजिक सुधार: आत्म-सम्मान विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिला अधिकार जैसे क्रांतिकारी सामाजिक सुधारों की वकालत की गई।
✅ राजनीतिक प्रतिनिधित्व: गैर-ब्राह्मण समुदायों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✅ सांस्कृतिक और सामाजिक न्याय: सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक समानता और तर्कवाद का समर्थन किया।
सांस्कृतिक समरूपता का प्रतिरोध: सांस्कृतिक समरूपता और विभाजनकारी विचारधाराओं की बढ़ती प्रवृत्ति का विरोध किया गया।
📍चुनौतियाँ और अवसर
बदलते समय के अनुरूप ढलना: आंदोलन को अपने सिद्धांतों को उभरते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य के अनुरूप ढालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
✅समकालीन मुद्दों को संबोधित करना: लिंग परिवर्तनशीलता, LGBTQIA+ अधिकार और डिजिटल मीडिया के प्रभाव जैसे मुद्दों को संबोधित करना चाहिए।
✅ युवा पीढ़ी के साथ जुड़ना: युवा पीढ़ी के साथ जुड़ने की आवश्यकता है जो इसके इतिहास और आदर्शों से अपरिचित हो सकते हैं।
सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई जारी रखना: अपने मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए और सामाजिक न्याय और समानता की वकालत करना जारी रखना चाहिए।
📍संभावित प्रारंभिक प्रश्न:
✅ आत्मसम्मान आंदोलन का संस्थापक किसे माना जाता है?
(ए) सीएन अन्नादुरई
(बी) ईवी रामासामी (पेरियार)
(सी) के. कामराज
(घ) एम. करुणानिधि
📍संभावित मेन्स प्रश्न:
तमिलनाडु के इतिहास में आत्म-सम्मान आंदोलन के महत्व पर चर्चा करें। इसके प्रमुख योगदान क्या हैं और इसने क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित किया है?
#gs1 #prelims #History
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✅यह लेख भारत के तमिलनाडु में एक अग्रणी सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन, आत्म-सम्मान आंदोलन की शताब्दी का स्मरण कराता है। ईवी रामासामी (पेरियार) द्वारा स्थापित इस आंदोलन का उद्देश्य व्यक्तियों और समुदायों को सशक्त बनाना, पदानुक्रमिक संरचनाओं को चुनौती देना और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना था।
📍 प्रमुख योगदान
✅ सामाजिक सुधार: आत्म-सम्मान विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिला अधिकार जैसे क्रांतिकारी सामाजिक सुधारों की वकालत की गई।
✅ राजनीतिक प्रतिनिधित्व: गैर-ब्राह्मण समुदायों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✅ सांस्कृतिक और सामाजिक न्याय: सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक समानता और तर्कवाद का समर्थन किया।
सांस्कृतिक समरूपता का प्रतिरोध: सांस्कृतिक समरूपता और विभाजनकारी विचारधाराओं की बढ़ती प्रवृत्ति का विरोध किया गया।
📍चुनौतियाँ और अवसर
बदलते समय के अनुरूप ढलना: आंदोलन को अपने सिद्धांतों को उभरते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य के अनुरूप ढालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
✅समकालीन मुद्दों को संबोधित करना: लिंग परिवर्तनशीलता, LGBTQIA+ अधिकार और डिजिटल मीडिया के प्रभाव जैसे मुद्दों को संबोधित करना चाहिए।
✅ युवा पीढ़ी के साथ जुड़ना: युवा पीढ़ी के साथ जुड़ने की आवश्यकता है जो इसके इतिहास और आदर्शों से अपरिचित हो सकते हैं।
सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई जारी रखना: अपने मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए और सामाजिक न्याय और समानता की वकालत करना जारी रखना चाहिए।
📍संभावित प्रारंभिक प्रश्न:
✅ आत्मसम्मान आंदोलन का संस्थापक किसे माना जाता है?
(ए) सीएन अन्नादुरई
(बी) ईवी रामासामी (पेरियार)
(सी) के. कामराज
(घ) एम. करुणानिधि
📍संभावित मेन्स प्रश्न:
तमिलनाडु के इतिहास में आत्म-सम्मान आंदोलन के महत्व पर चर्चा करें। इसके प्रमुख योगदान क्या हैं और इसने क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित किया है?
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🔆हड़प्पा सभ्यता
हड़प्पा सभ्यता पहली बार 20 सितंबर, 1924 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तत्कालीन महानिदेशक जॉन मार्शल द्वारा द इलस्ट्रेटेड लंदन न्यूज में एक लेख के प्रकाशन के साथ प्रकाश में आई थी।
यह सभ्यता, जिसे सिंधु घाटी सभ्यता के रूप में भी जाना जाता है, अपनी उन्नत नगर नियोजन, जल संचयन, धातु विज्ञान और मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए प्रसिद्ध है।
एएसआई के दो पुरातत्वविदों दया राम साहनी और राखल दास बनर्जी ने क्रमशः हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जो अब पाकिस्तान में हैं।
महत्वपूर्ण स्थलों में मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, गंवरीवाला, राखीगढ़ी और धोलावीरा शामिल हैं।
हड़प्पा सभ्यता की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में विकसित सिंधु लिपि, मानकीकृत माप, पकी हुई ईंटों का निर्माण और उत्कृष्ट लैपिडरी कला शामिल थीं।
इतिहासकार विन्सेंट स्मिथ ने उल्लेख किया कि इस सभ्यता की खोज ने दक्षिण एशिया में बसे हुए जीवन की प्राचीनता को 3,000 वर्ष से अधिक पीछे धकेल दिया।
#gs1 #art_and_culture
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हड़प्पा सभ्यता पहली बार 20 सितंबर, 1924 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तत्कालीन महानिदेशक जॉन मार्शल द्वारा द इलस्ट्रेटेड लंदन न्यूज में एक लेख के प्रकाशन के साथ प्रकाश में आई थी।
यह सभ्यता, जिसे सिंधु घाटी सभ्यता के रूप में भी जाना जाता है, अपनी उन्नत नगर नियोजन, जल संचयन, धातु विज्ञान और मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए प्रसिद्ध है।
एएसआई के दो पुरातत्वविदों दया राम साहनी और राखल दास बनर्जी ने क्रमशः हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जो अब पाकिस्तान में हैं।
महत्वपूर्ण स्थलों में मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, गंवरीवाला, राखीगढ़ी और धोलावीरा शामिल हैं।
हड़प्पा सभ्यता की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में विकसित सिंधु लिपि, मानकीकृत माप, पकी हुई ईंटों का निर्माण और उत्कृष्ट लैपिडरी कला शामिल थीं।
इतिहासकार विन्सेंट स्मिथ ने उल्लेख किया कि इस सभ्यता की खोज ने दक्षिण एशिया में बसे हुए जीवन की प्राचीनता को 3,000 वर्ष से अधिक पीछे धकेल दिया।
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📌प्रकाश का प्रकीर्णन के कारण घटने वाली घटनाएं -
* आकाश का नीला दिखाई देना
*समुद्र के पानी का नीला दिखाई देना
*सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देना
📌 प्रकाश का व्यतिकरण के कारण घटने वाली घटनाएं -
*जल की सतह पर या सड़क पर फैले हुए *मिट्टी के तेल की परतों का रंगीन दिखाई देना
*साबुन के बुलबुलों का रंगीन दिखाई देना
#science
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* आकाश का नीला दिखाई देना
*समुद्र के पानी का नीला दिखाई देना
*सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देना
📌 प्रकाश का व्यतिकरण के कारण घटने वाली घटनाएं -
*जल की सतह पर या सड़क पर फैले हुए *मिट्टी के तेल की परतों का रंगीन दिखाई देना
*साबुन के बुलबुलों का रंगीन दिखाई देना
#science
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भारत सरकार ने दो प्रमुख अंतरिक्ष मिशनों को मंजूरी दी:
शुक्र ऑर्बिटर मिशन (Venus Orbiter Mission - VOM), जिसका उद्देश्य शुक्र के वायुमंडल, सतह, और सूर्य के साथ उसकी पारस्परिक क्रियाओं का अध्ययन करना है। यह मिशन 2028 में लॉन्च किया जाएगा और इसका कुल बजट 1236 करोड़ रुपये है।
चंद्रयान-4 मिशन, जो चंद्रमा की सतह से नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर वापस लाएगा। यह मिशन 2104.06 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
#science_and_technology #mission
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शुक्र ऑर्बिटर मिशन (Venus Orbiter Mission - VOM), जिसका उद्देश्य शुक्र के वायुमंडल, सतह, और सूर्य के साथ उसकी पारस्परिक क्रियाओं का अध्ययन करना है। यह मिशन 2028 में लॉन्च किया जाएगा और इसका कुल बजट 1236 करोड़ रुपये है।
चंद्रयान-4 मिशन, जो चंद्रमा की सतह से नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर वापस लाएगा। यह मिशन 2104.06 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
#science_and_technology #mission
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अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास CISF की लेडी कमांडो मॉर्निंग वॉक करने के लिए गई हुई थी.
पीछे से बाइक पर दो लोग सवार होकर आए और उन्होंने लेडी कमांडो की चेन स्नेचिंग करने की कोशिश की, तभी लेडी कमांडो सुप्रिया नायक ने जोर की पटखनी दी और चोर सन्न रह पड़ गया.
लेडी कमांडो सुप्रिया नायक की जोर की पटखनी से स्नैचर की एक-एक हड्डियां सन्न पड़ गईं और वो कुछ देर तक वहीं पड़ा रह गया. स्नैचर के सिर पर हल्की चोट आई और वो घायल हो गया।
महिला सुरक्षा के सारे उपाय भ्रम हैं , मिथ्या हैं , जिस दिन आप आत्मरक्षा में समर्थ होंगी, कोई भी आपसे दुराचार करने में भय खाएगा।
अगर कोशिश करता भी है तो सुप्रिया नायक की तरह उठा के पटक दो , उसकी आने वाली 7 क्या 70 पीढ़ियाँ याद रखेंगी 🙏
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पीछे से बाइक पर दो लोग सवार होकर आए और उन्होंने लेडी कमांडो की चेन स्नेचिंग करने की कोशिश की, तभी लेडी कमांडो सुप्रिया नायक ने जोर की पटखनी दी और चोर सन्न रह पड़ गया.
लेडी कमांडो सुप्रिया नायक की जोर की पटखनी से स्नैचर की एक-एक हड्डियां सन्न पड़ गईं और वो कुछ देर तक वहीं पड़ा रह गया. स्नैचर के सिर पर हल्की चोट आई और वो घायल हो गया।
महिला सुरक्षा के सारे उपाय भ्रम हैं , मिथ्या हैं , जिस दिन आप आत्मरक्षा में समर्थ होंगी, कोई भी आपसे दुराचार करने में भय खाएगा।
अगर कोशिश करता भी है तो सुप्रिया नायक की तरह उठा के पटक दो , उसकी आने वाली 7 क्या 70 पीढ़ियाँ याद रखेंगी 🙏
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“नियंत्रक–महालेखापरीक्षक भारतीय संविधान के तहत सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी होगा।”
उक्त कथन किसका है?
उक्त कथन किसका है?
Anonymous Quiz
47%
डॉ भीमराव अंबेडकर
37%
पंडित जवाहरलाल नेहरू
5%
महात्मा गांधी
11%
सरदार वल्लभभाई पटेल
नियंत्रक–महालेखा परीक्षक राष्ट्रपति को कितने प्रकार के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है?
Anonymous Quiz
18%
5
47%
3
29%
2
6%
7
किस अनुच्छेद के तहत भारत के नियंत्रक – महालेखा परीक्षक के कर्तव्य एवं शक्तियों को निर्धारित किया गया है?
Anonymous Quiz
29%
अनुच्छेद 149
29%
अनुच्छेद 152
12%
अनुच्छेद 151
29%
अनुच्छेद 148
भारत के अटॉर्नी जनरल विधि सलाहकार हैं?
Anonymous Quiz
44%
भारत के राष्ट्रपति के
13%
प्रधानमंत्री के
6%
लोकसभा के
38%
भारत सरकार के
👍1
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
1) महान्यायवादी के पद के लिए राष्ट्रपति किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करेगा जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अर्ह हो। 2) महान्यायवादी इतना ही पारिश्रमिक प्राप्त करेगा, जो संसद अवधारित करें।
1) महान्यायवादी के पद के लिए राष्ट्रपति किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करेगा जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अर्ह हो। 2) महान्यायवादी इतना ही पारिश्रमिक प्राप्त करेगा, जो संसद अवधारित करें।
Anonymous Quiz
7%
केवल 1
20%
केवल 2
73%
1 और 2 दोनों
0%
ना ही 1 और ना ही 2
प्रश्न:
हाल ही में, केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर 2024 को कई भारतीय भाषाओं को "शास्त्रीय भाषा" का दर्जा प्रदान किया है। निम्नलिखित में से किन भाषाओं के समूह को यह दर्जा दिया गया है?
हाल ही में, केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर 2024 को कई भारतीय भाषाओं को "शास्त्रीय भाषा" का दर्जा प्रदान किया है। निम्नलिखित में से किन भाषाओं के समूह को यह दर्जा दिया गया है?
Anonymous Quiz
15%
A) कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, गुजराती, कश्मीरी
69%
B) मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया, बांग्ला
15%
C) संस्कृत, तमिल, उर्दू, पंजाबी, ओड़िया
0%
D) हिंदी, राजस्थानी, सिंधी, डोगरी, कोंकणी
👍1🤓1
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पदावधि क्या है?
(a) पाँच वर्ष (b) राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (c) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो (d) पाँच वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो Join 📌 @UppscZone
(a) पाँच वर्ष (b) राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (c) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो (d) पाँच वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो Join 📌 @UppscZone
Anonymous Quiz
33%
A
7%
B
53%
C
7%
D