🔆 माउंट एरेबस
एक अजीब घटना में, अंटार्कटिका का दूसरा सबसे बड़ा ज्वालामुखी, माउंट एरेबस, सोने की धूल उगल रहा है, जिससे वैज्ञानिक पूरी तरह हैरान हैं।
📍 माउंट एरेबस
✅ स्थान: यह रॉस द्वीप, अंटार्कटिका पर स्थित है।
इसकी खोज 1841 में ब्रिटिश खोजकर्ता सर जेम्स क्लार्क रॉस ने की थी, जिन्होंने इसका नाम अपने जहाज एरेबस के नाम पर रखा था।
यह एक शंक्वाकार आकार और कठोर लावा, टेफ़्रा और ज्वालामुखीय राख की परतों वाला एक स्ट्रैटोज्वालामुखी है।
यह झील कम से कम 1972 से सक्रिय है और पृथ्वी पर केवल कुछ लंबे समय तक रहने वाली लावा झीलों में से एक है।
यह लगातार मथता रहता है और कभी-कभी स्ट्रॉम्बोलियन विस्फोटों में पिघली हुई चट्टान के बम उगलता रहता है।
#prelims
#mapping
#geography
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एक अजीब घटना में, अंटार्कटिका का दूसरा सबसे बड़ा ज्वालामुखी, माउंट एरेबस, सोने की धूल उगल रहा है, जिससे वैज्ञानिक पूरी तरह हैरान हैं।
📍 माउंट एरेबस
यह विश्व का सबसे दक्षिणी सक्रिय ज्वालामुखी है।
✅ स्थान: यह रॉस द्वीप, अंटार्कटिका पर स्थित है।
इसकी खोज 1841 में ब्रिटिश खोजकर्ता सर जेम्स क्लार्क रॉस ने की थी, जिन्होंने इसका नाम अपने जहाज एरेबस के नाम पर रखा था।
यह एक शंक्वाकार आकार और कठोर लावा, टेफ़्रा और ज्वालामुखीय राख की परतों वाला एक स्ट्रैटोज्वालामुखी है।
माउंट एरेबस अपनी लगातार बनी रहने वाली लावा झील के लिए जाना जाता है।
यह झील कम से कम 1972 से सक्रिय है और पृथ्वी पर केवल कुछ लंबे समय तक रहने वाली लावा झीलों में से एक है।
यह लगातार मथता रहता है और कभी-कभी स्ट्रॉम्बोलियन विस्फोटों में पिघली हुई चट्टान के बम उगलता रहता है।
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🔆मेट्टूर बांध :
✅यह तमिलनाडु के सेलम जिले के मेट्टूर में कावेरी नदी के पार स्थित है
✅इसे 1934 में खोला गया था
✅यह अपने स्वयं के जलग्रहण क्षेत्र, काबिनी बांध और कर्नाटक में स्थित कृष्ण राजा सागर बांध से जल प्रवाह प्राप्त करता है
✅इससे स्टेनली जलाशय का निर्माण होता है जिसका नाम लेफ्टिनेंट कर्नल सर जॉर्ज फ्रेडरिक स्टेनली के नाम पर रखा गया है, जो 1934 में मद्रास के गवर्नर थे
✅ एलिस पार्क नामक एक पार्क बांध के आधार पर स्थित है
✅यह बांध तमिलनाडु के 12 से अधिक जिलों को सिंचाई और पीने का पानी प्रदान करता है और इसलिए इसे तमिलनाडु की जीवन और आजीविका देने वाली संपत्ति के रूप में सम्मानित किया जाता है
✅इस बांध में एक जलविद्युत परियोजना भी है
✅कर्नाटक में कावेरी पर बांधों के निर्माण के कारण, इस बांध को कम वर्षा वाले मौसम में अधिक पानी नहीं मिलता है, जिससे तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी नदी जल विवाद उत्पन्न होता है।
#Dam
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✅यह तमिलनाडु के सेलम जिले के मेट्टूर में कावेरी नदी के पार स्थित है
✅इसे 1934 में खोला गया था
✅यह अपने स्वयं के जलग्रहण क्षेत्र, काबिनी बांध और कर्नाटक में स्थित कृष्ण राजा सागर बांध से जल प्रवाह प्राप्त करता है
✅इससे स्टेनली जलाशय का निर्माण होता है जिसका नाम लेफ्टिनेंट कर्नल सर जॉर्ज फ्रेडरिक स्टेनली के नाम पर रखा गया है, जो 1934 में मद्रास के गवर्नर थे
✅ एलिस पार्क नामक एक पार्क बांध के आधार पर स्थित है
✅यह बांध तमिलनाडु के 12 से अधिक जिलों को सिंचाई और पीने का पानी प्रदान करता है और इसलिए इसे तमिलनाडु की जीवन और आजीविका देने वाली संपत्ति के रूप में सम्मानित किया जाता है
✅इस बांध में एक जलविद्युत परियोजना भी है
✅कर्नाटक में कावेरी पर बांधों के निर्माण के कारण, इस बांध को कम वर्षा वाले मौसम में अधिक पानी नहीं मिलता है, जिससे तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी नदी जल विवाद उत्पन्न होता है।
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🔸 फिलाडेल्फिया कॉरिडोर :
✅इज़राइल और हमास के बीच युद्ध विराम वार्ता में इज़राइल ने फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर नियंत्रण को एक शर्त रखा था।
यह भूमि की 14 किलोमीटर लंबी पट्टी है जो गाजा और मिस्र के बीच सीमा क्षेत्र की संपूर्णता का प्रतिनिधित्व करती है।
यह गाजा को इजरायल द्वारा नियंत्रित नहीं की जाने वाली बाहरी दुनिया से जोड़ने वाला एकमात्र संपर्क मार्ग था।
✅ यह कॉरिडोर मूल रूप से 1979 के इज़राइल-मिस्र शांति संधि के तहत 100 मीटर चौड़े बफर ज़ोन के रूप में स्थापित किया गया था।
2005 में गाजा से इजरायली बस्तियों और सैनिकों की वापसी के बाद इसे एक विसैन्यीकृत सीमा क्षेत्र के रूप में नामित किया गया था और यह भूमध्य सागर से लेकर इजरायल के साथ केरेम शालोम क्रॉसिंग तक फैला हुआ है।
#Places_in_news
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✅इज़राइल और हमास के बीच युद्ध विराम वार्ता में इज़राइल ने फिलाडेल्फिया कॉरिडोर पर नियंत्रण को एक शर्त रखा था।
यह भूमि की 14 किलोमीटर लंबी पट्टी है जो गाजा और मिस्र के बीच सीमा क्षेत्र की संपूर्णता का प्रतिनिधित्व करती है।
यह गाजा को इजरायल द्वारा नियंत्रित नहीं की जाने वाली बाहरी दुनिया से जोड़ने वाला एकमात्र संपर्क मार्ग था।
✅ यह कॉरिडोर मूल रूप से 1979 के इज़राइल-मिस्र शांति संधि के तहत 100 मीटर चौड़े बफर ज़ोन के रूप में स्थापित किया गया था।
2005 में गाजा से इजरायली बस्तियों और सैनिकों की वापसी के बाद इसे एक विसैन्यीकृत सीमा क्षेत्र के रूप में नामित किया गया था और यह भूमध्य सागर से लेकर इजरायल के साथ केरेम शालोम क्रॉसिंग तक फैला हुआ है।
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कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र, भारत के तमिलनाडु के तिरुनेलवेली ज़िले के कुडनकुलम में है. यह देश का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है. यह चेन्नई से करीब 280 किलोमीटर दूर है. इस संयंत्र का निर्माण साल 2002 में शुरू हुआ था और 13 जुलाई, 2013 को यह चालू हुआ था.
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भारत का संघीय न्यायालय एक न्यायिक निकाय था, जिसकी स्थापना 1937 में भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत भारत में की गई थी, जिसमें मूल, अपीलीय और सलाहकार क्षेत्राधिकार था।
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गहन सघन मनमोहक वन तरु मुझको आज बुलाते हैं
किन्तु किए जो वादे मैंने, याद मुझे आ जाते हैं
अभी कहाँ आराम बदा यह मूक निमंत्रण छलना है
अरे, अभी तो मीलों मुझको,मीलों मुझको चलना है।🎯
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किन्तु किए जो वादे मैंने, याद मुझे आ जाते हैं
अभी कहाँ आराम बदा यह मूक निमंत्रण छलना है
अरे, अभी तो मीलों मुझको,मीलों मुझको चलना है।🎯
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🔸 मारबर्ग वायरस
🔸हाल ही में मारबर्ग वायरस के कारण रवांडा में छह लोगों की मौत हो गई,यह मारबर्ग वायरस के कारण होता है l
🔸यह एक आनुवंशिक रूप से अद्वितीय जूनोटिक RNA वायरस है l
🔸मारबर्ग और इबोला दोनों ही फिलोविरिडे परिवार (फिलोवायरस) के सदस्य हैं।
🔸यह वायरस चमगादड़ों से मनुष्यों में फैल सकता है
मारबर्ग रोग के लिए अभी कोई उपचार या टीका नहीं है ,इस रोग में मृत्यु दर लगभग 50% है।
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🔸हाल ही में मारबर्ग वायरस के कारण रवांडा में छह लोगों की मौत हो गई,यह मारबर्ग वायरस के कारण होता है l
🔸यह एक आनुवंशिक रूप से अद्वितीय जूनोटिक RNA वायरस है l
🔸मारबर्ग और इबोला दोनों ही फिलोविरिडे परिवार (फिलोवायरस) के सदस्य हैं।
🔸यह वायरस चमगादड़ों से मनुष्यों में फैल सकता है
मारबर्ग रोग के लिए अभी कोई उपचार या टीका नहीं है ,इस रोग में मृत्यु दर लगभग 50% है।
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Anonymous Quiz
11%
सिक्किम
63%
मेघालय
26%
मणिपुर
0%
असम
Secure PCS
📍 Explanation :
हाल ही में आई खबरों के अनुसार, ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारतीय सशस्त्र बलों की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए नौकरी में आरक्षण की घोषणा करने वाली पहली निजी कंपनी बन गई है।
✅ इस घोषणा के मुख्य बिंदु:
◾️कंपनी: ब्रह्मोस एयरोस्पेस, भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उद्यम।
◾️आरक्षण विवरण: ब्रह्मोस ने कहा है कि वह अपनी तकनीकी और प्रशासनिक रिक्तियों का एक हिस्सा अग्निवीरों के लिए आरक्षित रखेगा।
◾️महत्व: इस कदम को सैन्य सेवा के बाद अग्निवीरों को नागरिक नौकरियों में एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
#prelims #currentaffairs #upPSC #UPSC #defence
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हाल ही में आई खबरों के अनुसार, ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारतीय सशस्त्र बलों की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए नौकरी में आरक्षण की घोषणा करने वाली पहली निजी कंपनी बन गई है।
✅ इस घोषणा के मुख्य बिंदु:
◾️कंपनी: ब्रह्मोस एयरोस्पेस, भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उद्यम।
◾️आरक्षण विवरण: ब्रह्मोस ने कहा है कि वह अपनी तकनीकी और प्रशासनिक रिक्तियों का एक हिस्सा अग्निवीरों के लिए आरक्षित रखेगा।
◾️महत्व: इस कदम को सैन्य सेवा के बाद अग्निवीरों को नागरिक नौकरियों में एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
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Anonymous Quiz
11%
भारत
11%
जापान
72%
स्विटजरलैंड
6%
सिंगापुर
Secure PCS
📍 Explanation :
नवीनतम विश्व प्रतिभा रैंकिंग के अनुसार, स्विट्जरलैंड ने सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, तथा विश्व स्तर पर सबसे अधिक प्रतिभा-प्रतिस्पर्धी देश के रूप में अपना स्थान बनाए रखा है।
✅रैंकिंग के बारे में मुख्य बातें:
◾️शीर्ष 3: स्विट्जरलैंड (प्रथम), सिंगापुर (दूसरा), लक्जमबर्ग (तीसरा)।
◾️स्रोत: यह रैंकिंग इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
◾️भारत 40.47 के प्रतिभा स्कोर के साथ विश्व स्तर पर 58वें स्थान पर है।
#prelims #currentaffairs #PSC #UPSC #rank #index
नवीनतम विश्व प्रतिभा रैंकिंग के अनुसार, स्विट्जरलैंड ने सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, तथा विश्व स्तर पर सबसे अधिक प्रतिभा-प्रतिस्पर्धी देश के रूप में अपना स्थान बनाए रखा है।
✅रैंकिंग के बारे में मुख्य बातें:
◾️शीर्ष 3: स्विट्जरलैंड (प्रथम), सिंगापुर (दूसरा), लक्जमबर्ग (तीसरा)।
◾️स्रोत: यह रैंकिंग इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
◾️भारत 40.47 के प्रतिभा स्कोर के साथ विश्व स्तर पर 58वें स्थान पर है।
#prelims #currentaffairs #PSC #UPSC #rank #index
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एशियाई खेल
• 20 वां एशियाई खेल (2026) - जापान
• 21 वां एशियाई खेल (2030) - कतर
• 22 वां एशियाई खेल (2034) - सऊदी अरब
#currentaffairs
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• 20 वां एशियाई खेल (2026) - जापान
• 21 वां एशियाई खेल (2030) - कतर
• 22 वां एशियाई खेल (2034) - सऊदी अरब
#currentaffairs
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Anonymous Quiz
19%
3 अक्टूबर
29%
1 अक्टूबर
19%
30 सितंबर
33%
28 सितंबर
Secure PCS
📍 व्याख्या :
यह दिवस लुई पाश्चर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 28 सितंबर को भी मनाया जाता है।
लुई पाश्चर एक फ्रांसीसी रसायनज्ञ और सूक्ष्म जीवविज्ञानी थे। उन्होंने पहला रेबीज टीका विकसित किया था।
✍️इस वर्ष 18वां विश्व रेबीज दिवस मनाया जा रहा है।
✍️इस वर्ष विश्व रेबीज दिवस का विषय है "रेबीज सीमाओं को तोड़ना"।
#prelims #currentaffairs #PSC #UPSC #days
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यह दिवस लुई पाश्चर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 28 सितंबर को भी मनाया जाता है।
लुई पाश्चर एक फ्रांसीसी रसायनज्ञ और सूक्ष्म जीवविज्ञानी थे। उन्होंने पहला रेबीज टीका विकसित किया था।
✍️इस वर्ष 18वां विश्व रेबीज दिवस मनाया जा रहा है।
✍️इस वर्ष विश्व रेबीज दिवस का विषय है "रेबीज सीमाओं को तोड़ना"।
#prelims #currentaffairs #PSC #UPSC #days
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सितंबर 2024 के महत्वपूर्ण दिन:
02 सितंबर: विश्व नारियल दिवस
05 सितंबर: शिक्षक दिवस (भारत)
08 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
10 सितंबर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (WSPD)
14 सितंबर: राष्ट्रीय हिंदी दिवस
15 सितंबर: इंजीनियर्स दिवस (भारत)
15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस
16 सितंबर: विश्व ओजोन दिवस
18 सितंबर: विश्व बांस दिवस
21 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (संयुक्त राष्ट्र)
21 सितंबर: विश्व अल्ज़ाइमर दिवस
22 सितंबर: विश्व गैंडा दिवस
23 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस
25 सितंबर: विश्व फार्मासिस्ट दिवस
27 सितंबर: विश्व पर्यटन दिवस
28 सितंबर: विश्व रेबीज दिवस
28 सितंबर: सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस
29 सितंबर: विश्व हृदय दिवस
30 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस
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02 सितंबर: विश्व नारियल दिवस
05 सितंबर: शिक्षक दिवस (भारत)
08 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
10 सितंबर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (WSPD)
14 सितंबर: राष्ट्रीय हिंदी दिवस
15 सितंबर: इंजीनियर्स दिवस (भारत)
15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस
16 सितंबर: विश्व ओजोन दिवस
18 सितंबर: विश्व बांस दिवस
21 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (संयुक्त राष्ट्र)
21 सितंबर: विश्व अल्ज़ाइमर दिवस
22 सितंबर: विश्व गैंडा दिवस
23 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस
25 सितंबर: विश्व फार्मासिस्ट दिवस
27 सितंबर: विश्व पर्यटन दिवस
28 सितंबर: विश्व रेबीज दिवस
28 सितंबर: सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस
29 सितंबर: विश्व हृदय दिवस
30 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस
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यूपी के कुछ महत्वपूर्ण मेलें
👉👉देवा शरीफ मेला
इसमें सबसे पहला नाम देवा शरीफ मेले का है। यह मेला हर साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में दस दिनों के लिए बाराबंकी जिले के देवा कस्बे में सूफी संत हाजी वारिस अली की दरगाह पर लगता है। इस मेले में जानवरों का बड़ा बाजार भी लगता है और इस मेले को गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी माना जाता है क्योंकि इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग हिस्सा लेते हैं।
नौचंदी मेला
इस श्रृंखला में एक और नाम है नौचंदी मेला। नौचंदी मेला मेरठ जिले में स्थित नौचंदी देवी मंदिर के पास लगता है और हर साल यह मेला होली के बाद दूसरे रविवार को शुरू होता है। इस मेले में पशु मेला भी लगता है।
खिचड़ी मेला
इस श्रृंखला में एक और नाम है खिचड़ी मेला। यह मेला मकर संक्रांति के दौरान गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित किया जाता है।
सरधना ईसाई मेला
इसी कड़ी में मेरठ में एक और मेला आयोजित होता है जिसे सरधना महोत्सव कहते हैं। इसे सरधना ईसाई मेला भी कहते हैं। यह सरधना में बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ ग्रेस नामक चर्च में आयोजित होता है। यह मेला मदर मैरी के सम्मान में नवंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाता है। इस मेले में बड़ी संख्या में ईसाई श्रद्धालु आते हैं।
#prelims #art_culture #PSC #UPPSC
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👉👉देवा शरीफ मेला
इसमें सबसे पहला नाम देवा शरीफ मेले का है। यह मेला हर साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में दस दिनों के लिए बाराबंकी जिले के देवा कस्बे में सूफी संत हाजी वारिस अली की दरगाह पर लगता है। इस मेले में जानवरों का बड़ा बाजार भी लगता है और इस मेले को गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी माना जाता है क्योंकि इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग हिस्सा लेते हैं।
नौचंदी मेला
इस श्रृंखला में एक और नाम है नौचंदी मेला। नौचंदी मेला मेरठ जिले में स्थित नौचंदी देवी मंदिर के पास लगता है और हर साल यह मेला होली के बाद दूसरे रविवार को शुरू होता है। इस मेले में पशु मेला भी लगता है।
खिचड़ी मेला
इस श्रृंखला में एक और नाम है खिचड़ी मेला। यह मेला मकर संक्रांति के दौरान गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित किया जाता है।
सरधना ईसाई मेला
इसी कड़ी में मेरठ में एक और मेला आयोजित होता है जिसे सरधना महोत्सव कहते हैं। इसे सरधना ईसाई मेला भी कहते हैं। यह सरधना में बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ ग्रेस नामक चर्च में आयोजित होता है। यह मेला मदर मैरी के सम्मान में नवंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाता है। इस मेले में बड़ी संख्या में ईसाई श्रद्धालु आते हैं।
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सोलह महाजनपद एवम उनकी राजधानी
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० 16 महाजनपद का उल्लेख बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय में मिलता है, जो सुत्त पिटक का एक भाग है।
महाजनपद राजधानी
अंग चंपा
मगध राजगृह या गिरिव्रज
कोशल श्रावस्ती
काशी वाराणसी
वज्जि वैशाली
मल्ल कुशीनारा
चेदि शुक्तिमति
कुरु इंद्रप्रस्थ
पांचाल अहिच्छत्र और काम्पिल्य
वत्स कौशाम्बी
मत्स्य विराटनगर
शूरसेन मथुरा
अश्मक पैठन
अवंती उज्जैन
गांधार तक्षशिला
कम्बोज हाटक
महाजनपद
महाजनपद शब्द का तात्पर्य बड़े जनपदों से है जो वैदिक युग के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में मौजूद राजनीतिक इकाइयाँ थीं।
छठी शताब्दी ईसा पूर्व में पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार देश के प्रमुख राजनीतिक केंद्र बन गए। इन क्षेत्रों के कुछ प्रादेशिक राज्यों ने लौह उत्पादन केंद्रों तक पहुंच प्राप्त की और उनका उपयोग लोहे के हथियार और उपकरण बनाने के लिए किया। इन हथियारों की मदद से उन्होंने धीरे-धीरे अपने क्षेत्र का विस्तार किया। ऐसे राज्यों को महाजनपद के रूप में जाना जाने लगा।
अधिकांश महाजनपदों की स्थापना कई जनपदों को मिलाकर की गई थी। ऐसा ही एक उदाहरण कोसल है जिसमें शाक्य और काशी के जनपद शामिल थे।
महाजनपद ज्यादातर विंध्य के उत्तर में स्थित थे और पूर्व में बिहार से लेकर उत्तर-पश्चिम सीमा तक फैले हुए थे।
#prelims
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भाग-- 1
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•राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भारत में एक वैधानिक निकाय है, जिसे मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत स्थापित किया गया है।
इस प्रकार, यह एक संवैधानिक निकाय नहीं है।
•यह देश में मानवाधिकारों के प्रहरी के रूप में कार्य करता है।
•इसे भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त और अंतर्राष्ट्रीय अनुबंधों में निहित जीवन, स्वतंत्रता, समानता और व्यक्ति की गरिमा से संबंधित अधिकारों की रक्षा करने का कार्य सौंपा गया है।
•राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में है।
•आयोग भारत के अन्य स्थानों में भी कार्यालय स्थापित कर सकता है।
० राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के उद्देश्य
•उन संस्थागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना जिनके माध्यम से मानवाधिकारों के मुद्दों को अधिक केंद्रित तरीके से संबोधित किया जा सकता है।
•सरकार से स्वतंत्र होकर ज्यादतियों के आरोपों की जांच करना, ताकि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जा सके।
•इस दिशा में पहले से किए गए प्रयासों का पूरक बनना तथा उन्हें और मजबूत करना।
०राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की संरचना
•आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय है जिसमें निम्नलिखित पूर्णकालिक सदस्य होते हैं:
•एक अध्यक्ष, और 5 अन्य सदस्य।
इन पूर्णकालिक सदस्यों के अतिरिक्त, आयोग में निम्नलिखित 7 पदेन सदस्य भी हैं:
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष,
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष,
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष,
राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष,
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष,
बाल अधिकार संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष, और
दिव्यांगजनों के लिए मुख्य आयुक्त।
०NHRC के सदस्यों की नियुक्ति
• NHRC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा छह सदस्यीय समिति की सिफारिशों पर की जाती है, इस समिति में शामिल हैं:
प्रधान मंत्री (समिति के प्रमुख के रूप में),
लोकसभा अध्यक्ष,
राज्य सभा के उपसभापति,
लोकसभा में विपक्ष के नेता,
राज्य सभा में विपक्ष के नेता, और
केंद्रीय गृह मंत्री।
०NHRC के सदस्यों का कार्यकाल
•NHRC के अध्यक्ष और सदस्य 3 वर्ष की अवधि के लिए या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, पद पर रहते हैं।
•अध्यक्ष और अन्य सदस्य NHRC में पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र हैं।
•अपने कार्यकाल के बाद, अध्यक्ष और सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद के लिए पात्र नहीं होते हैं।
०NHRC के सदस्यों के वेतन और सेवा शर्तें
अध्यक्ष या सदस्य के वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाती हैं, परन्तु उनकी नियुक्ति के पश्चात् उनमें अलाभकारी परिवर्तन नहीं किए जा सकते।
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असम के आठ उत्पादों को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग मिला है:
1⃣बोडो जौ ग्वारन
2⃣मैबरा जौ बिडवी
3⃣बोडो जौ गिशी
4⃣असम बिहू ढोल
5⃣जापी
6⃣सार्थेबारी धातु शिल्प
7⃣असम अशरिकांडी टेराकोटा शिल्प
8⃣असम पानी मटेका शिल्प।
#GI_TAG
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