निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:-
1⃣. भारतीय संविधान में मंत्रियों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री।
2⃣. प्रधान मंत्री सहित संघ सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या, लोक सभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
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निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:- 1⃣. भारतीय संविधान में मंत्रियों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री। 2⃣. प्रधान मंत्री सहित संघ सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या, लोक…
व्याख्या-
अनुच्छेद 74 में सिर्फ़ मंत्रिपरिषद का ज़िक्र है, मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, और उपमंत्री होते हैं, अतः हमारा संविधान मंत्रियों को चार श्रेणियों, अर्थात कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री मे वर्गीकृत नहीं करता है। इसलिए कथन 1 सही नहीं हैं।
अनुच्छेद 74 में मंत्रिपरिषद के गठन के बारे में उल्लेख किया गया है जबकि अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति, उनके कार्यकाल, ज़िम्मेदारी, शपथ, योग्यता और मंत्रियों के वेतन एवं भत्ते से संबंधित है।
अनुच्छेद 74 (राष्ट्रपति की सहायता और उसे सलाह देने के लिये मंत्रिपरिषद):
मंत्रियों द्वारा राष्ट्रपति को दी गई सलाह की किसी भी अदालत में जाँच नहीं की जाएगी।
राष्ट्रपति को पुनर्विचार करने के लिये मंत्रिपरिषद की आवश्यकता हो सकती है और राष्ट्रपति पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करेगा।
अनुच्छेद 75 (मंत्रियों के रूप में अन्य प्रावधान):
प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाएगी।
मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिये।
यह प्रावधान वर्ष 2003 के 91वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था।
मंत्रियों के लिये यह ज़रूरी है कि वे संसद के सदस्य हों, यदि संबंधित व्यक्ति संसद की सदस्यता के बिना मंत्री बनता है तो उसे छः महीने के भीतर संसद का सदस्य होना पड़ेगा, ऐसा न हो पाने की स्थिति में उसे अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।
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अनुच्छेद 74 में सिर्फ़ मंत्रिपरिषद का ज़िक्र है, मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, और उपमंत्री होते हैं, अतः हमारा संविधान मंत्रियों को चार श्रेणियों, अर्थात कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री मे वर्गीकृत नहीं करता है। इसलिए कथन 1 सही नहीं हैं।
अनुच्छेद 74 में मंत्रिपरिषद के गठन के बारे में उल्लेख किया गया है जबकि अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति, उनके कार्यकाल, ज़िम्मेदारी, शपथ, योग्यता और मंत्रियों के वेतन एवं भत्ते से संबंधित है।
अनुच्छेद 74 (राष्ट्रपति की सहायता और उसे सलाह देने के लिये मंत्रिपरिषद):
मंत्रियों द्वारा राष्ट्रपति को दी गई सलाह की किसी भी अदालत में जाँच नहीं की जाएगी।
राष्ट्रपति को पुनर्विचार करने के लिये मंत्रिपरिषद की आवश्यकता हो सकती है और राष्ट्रपति पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करेगा।
अनुच्छेद 75 (मंत्रियों के रूप में अन्य प्रावधान):
प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाएगी।
मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिये।
यह प्रावधान वर्ष 2003 के 91वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था।
मंत्रियों के लिये यह ज़रूरी है कि वे संसद के सदस्य हों, यदि संबंधित व्यक्ति संसद की सदस्यता के बिना मंत्री बनता है तो उसे छः महीने के भीतर संसद का सदस्य होना पड़ेगा, ऐसा न हो पाने की स्थिति में उसे अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।
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🔆 विश्व ओजोन दिवस
📌विश्व ओजोन दिवस 2024 की थीम:-
'मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल: जलवायु कार्यवाही को आगे बढ़ाना' है।
16 सितंबर, 1987 को संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में ओजोन छिद्र से उत्पन्न चिंता के निवारण के लिए कनाडा के मांट्रियल शहर में दुनिया के 33 देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, 'मांट्रियल प्रोटोकॉल' कहा जाता है।
इसके बाद 19 दिसंबर, 1994 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 16 सितंबर को ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया।
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#currentaffairs
❤1
प्रस्तावना (preamble):-
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📍हम भारत के लोग ,भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न ,समाजवादी ,पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य बनाने के लिए ,तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय ,विचार, अभिव्यक्ति विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता ,प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए, दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी संवत 2006 विक्रमी)को एतदद्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
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प्रस्तावना (preamble):- 📍हम भारत के लोग ,भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न ,समाजवादी ,पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य बनाने के लिए ,तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय ,विचार, अभिव्यक्ति विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता …
प्रस्तावना के 4 तत्व-
1⃣हम भारत के लोग ।
2⃣भारत राज्य का राजनीतिक स्वरूप।
3⃣नागरिकों की इच्छाओं का प्रकृटीकरण करता- न्याय, स्वतंत्रता, समता।
4⃣संविधान के अंगीकरण की तिथि 26 नवंबर 1949
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प्रस्तावना को लेकर कुछ तथ्य -
📍सर्वप्रथम प्रस्तावना USA के संविधान में जोड़ी गई।
📍भारतीय संविधान की प्रस्तावना का आधार उद्देश्य प्रस्ताव( नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तावित)
📍प्रस्तावना में व्यक्ति पहले देश बाद में।
भारत शब्द 2 बार आया।
संविधान सभा एक बार लिखा गया।
संविधान शब्द 1 बार लिखा गया।
📍पहले लोग फिर नागरिक ,फिर व्यक्ति( क्रम में)
📍मूल प्रस्तावना में 3 शब्द नहीं थे- समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता (42वें संविधान संशोधन 1976 में जोड़ा गया)
📍संविधान को अंगीकृत करने की तिथि केवल प्रस्तावना में ही लिखी हुई है।
(26 नवंबर 1949)
📍संविधान सभा ने उद्देशिका को प्रारूप संविधान के द्वितीय वचन के अंतिम दिन 17 अक्टूबर 1949 को स्वीकार किया।
📍भारत शासन अधिनियम 1919 में उद्देशिका का उल्लेख था, किंतु भारत शासन अधिनियम 1935 में उद्देशिका का उल्लेख नहीं किया गया।
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निम्न लिखित कथनों पर विचार करें:
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1. संविधान में संशोधन करने वाले विधेयक के लिए भारत के राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक है।
2. जब कोई संविधान संशोधन विधेयक भारत के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो भारत के राष्ट्रपति के लिए उस पर अपनी सहमति देना अनिवार्य होता है।
3. संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा दोनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिए तथा इसमें संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है।
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उपर्युक्त में से कौन से कथन सत्य हैं?
Anonymous Quiz
42%
1, 2 और 3
33%
केवल 2 और 3
17%
केवल 1 और 3
8%
केवल 1 और 2
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उपर्युक्त में से कौन से कथन सत्य हैं?
अनुच्छेद 368 के तहत निर्धारित संविधान के संशोधन की प्रक्रिया इस प्रकार है-
👇
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संविधान में संशोधन की प्रक्रिया केवल संसद के किसी भी सदन में एक विधेयक पेश करके शुरू की जा सकती है, न कि राज्य विधानसभाओं में।
विधेयक को या तो एक मंत्री या एक निजी सदस्य द्वारा पेश किया जा सकता है और इसके लिये राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है।
विधेयक को प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिये अर्थात् सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और सदन के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से।
प्रत्येक सदन को अलग से विधेयक पारित करना होगा। दोनों सदनों के बीच असहमति के मामले में संयुक्त बैठक आयोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
यदि बिल संविधान के संघीय प्रावधानों में संशोधन करना चाहता है, तो इसे आधे राज्यों की विधायिकाओं द्वारा साधारण बहुमत से भी अनुमोदित किया जाना चाहिये।
संसद के दोनों सदनों द्वारा विधिवत पारित होने और राज्य विधानसभाओं द्वारा अनुमोदित होने के बाद जहाँ आवश्यक हो, विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति के लिये प्रस्तुत किया जाता है
राष्ट्रपति को विधेयक पर अपनी स्वीकृति देनी आवश्यक है। वह न तो विधेयक पर अपनी सहमति रोक सकता है और न ही विधेयक को पुनर्विचार के लिये संसद को लौटा सकता है।
राष्ट्रपति की सहमति के बाद बिल एक अधिनियम (यानी एक संवैधानिक संशोधन अधिनियम) बन जाता है और अधिनियम की शर्तों के अनुसार संविधान में संशोधन किया जाता है।
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👍1
ज्वालामुखी द्वारा निर्मित स्थालाकृति
शीट एवं सिल ,फैकोलिथ ,लैकोलिथ ,लैपोलिथ ,डाइक
बैथोलिथ ,सिडर, शंकु ,क्रेटर ,काल्डेरा ll
#Impfacts #prelims
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शीट एवं सिल ,फैकोलिथ ,लैकोलिथ ,लैपोलिथ ,डाइक
बैथोलिथ ,सिडर, शंकु ,क्रेटर ,काल्डेरा ll
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🔳 भारत में होने वाली वर्षा का क्षेत्रीय नाम
◾️आम वर्षा - केरल
◾️काफी वर्षा - कर्नाटक
◾️मावट वर्षा - राजस्थान
◾️चाय वर्षा - असम
◾️काल बैसाखी - पश्चिम बंगाल
◾️चेरी ब्लासम - कर्नाटक
◾️फूलों वाली वर्षा - केरल
#Impfacts #prelims
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उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण संस्थाओं का गठन
◾️उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण - 2005
◾️उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन -1993
◾️उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का गठन - 1994
◾️राज्य मानव अधिकार आयोग का गठन - 2002
◾️राज्य सूचना आयोग का गठन - 2005
◾️राज्य महिला आयोग का गठन - 2004
◾️राज्य सुरक्षा आयोग का गठन - 2013
#Impfacts #prelims
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🎲 Quiz 'विषय : प्राचीन भारतीय इतिहास (Day-1)'
टॉपिक :- 1. पाषाण काल 2. सिंधु घाटी की सभ्यता
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🎲 Quiz '【विषय : प्राचीन भारतीय इतिहास (Day-2)】 '
【टॉपिक :- 1. वैदिक सभ्यता 2. बौद्ध, जैन, शैव, भागवत धर्म 】
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टॉपिक :- 1. छठी शताब्दी ई.पू. राजनीतिक दशा 2. यूनानी आक्रमण by @Anant148
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🎲 Quiz 'प्राचीन भारत का इतिहास क्विज संख्या 4'
टॉपिक–गुप्त काल और गुप्तोत्तर का
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