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‌‌" नए भारत के चाणक्य, अमित शाह (राजनीतिक संकल्प और सत्ता) " नामक पुस्तक के लेखक: अनिल फिरोजिया

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शीर्षक: महाराष्ट्र शासन खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) महाराष्ट्र राज्य, मुंबई (फाइल संख्या: No. FDA/MS/Enf/SCN/___/2026)

प्राप्तकर्ता (To):
श्री अजय देवगन – अभिनेता / ब्रांड प्रचारक ("शिवशक्ति", जुहू, मुंबई)
श्री शाहरुख खान – अभिनेता / ब्रांड प्रचारक ("मन्नत", बांद्रा वेस्ट, मुंबई)
श्री टाइगर श्रॉफ – अभिनेता / ब्रांड प्रचारक (रुस्तमजी पैरामाउंट, खार वेस्ट, मुंबई)
विषय (Subject): खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) और उसके तहत बने नियमों के उल्लंघन में "विमल" (VIMAL) ब्रांड के पान मसाला / इलायची से संबंधित विज्ञापनों में भाग लेने और प्रचार करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice)।

मुख्य विवरण :

धारा 24 का उल्लेख: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 खाद्य पदार्थों से जुड़े विज्ञापनों पर प्रतिबंध और अनुचित व्यापार प्रथाओं की रोकथाम करती है। यह ऐसे किसी भी विज्ञापन को प्रतिबंधित करती है जो भ्रामक हो या अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता हो।
आरोप: इसमें कहा गया है कि 'विमल इलायची' से संबंधित विज्ञापन विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन लिंक पर प्रसारित और उपलब्ध
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कथन (A): नेफ्रॉन को वृक्क की कार्यात्मक एवं मूत्रोत्सर्जन की आधारभूत कोशिका/इकाई कहा जाता है।

कारण (R): नेफ्रॉन रक्त का परासरण एवं निस्यंदन करके पोषक तत्वों का पुनरावशोषण तथा अपशिष्टों का निष्कासन करता है।
Anonymous Quiz
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कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
12%
कथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
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कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
2%
कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
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UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा के लिए कम्प्लीट बैच का शंखनाद हो चुका है जुड़िए और अपनी प्रीलिम्स की यात्रा को आसान बनाइये।

रजिस्ट्रेशन प्रारंभ
बैच का शुभारंभ: 25 अगस्त से।

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सम्पूर्ण कार्यक्रम हिंदी माध्यम में टेलीग्राम पर संचालित होगा
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UPSSSC PET स्टैटिक GK

अनावश्यक विस्तार से बचते हुए केवल उन्हीं तथ्यों, तालिकाओं  और बिंदुओं को समाहित किया गया है, जहाँ से सीधे प्रश्न बनने की सर्वाधिक संभावना रहती है।

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शुभ रात्रि भाईयों बहनों🙏❤️
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राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority - NBA)

हाल ही में NGT के निर्देश पर NBA ने आक्रामक विदेशी प्रजातियों (Invasive Alien Species) पर एक विशेषज्ञ समिति गठित की है, जिसके कारण यह चर्चा में है।

1. परिचय एवं स्थापना

प्रकृति: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अधीन एक स्वायत्त वैधानिक निकाय (Autonomous Statutory Body)।
स्थापना: 1 अक्टूबर, 2003।
मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु।
वैधानिक आधार: जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act, 2002) के क्रियान्वयन के लिए गठित (1992 के UN Convention on Biological Diversity के अनुपालन में)।

2. मुख्य उद्देश्य

जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण करना।
जैविक संसाधनों का सतत एवं टिकाऊ उपयोग सुनिश्चित करना।
जैविक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के उपयोग से मिलने वाले लाभों का उचित एवं न्यायसंगत बंटवारा (Access and Benefit Sharing - ABS)।

3. त्रि-स्तरीय संस्थागत संरचना

राष्ट्रीय स्तर (NBA): समग्र नीति निर्माण, विदेशी संस्थाओं के लिए अनुमोदन और केंद्र सरकार को सलाह।
राज्य स्तर (28 राज्य जैव विविधता बोर्ड - SBBs): घरेलू नागरिकों एवं भारतीय कंपनियों द्वारा संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग का विनियमन।
स्थानीय स्तर (जैव विविधता प्रबंधन समितियां - BMCs): पंचायत एवं नगर पालिका स्तर पर कार्यरत ~2.76 लाख समितियां, जिनका मुख्य काम स्थानीय पारंपरिक ज्ञान और प्रजातियों का जन जैव विविधता रजिस्टर (PBR) तैयार करना है।

4. प्रमुख कार्य एवं शक्तियां

विदेशी पहुंच व पेटेंट (IPR) विनियमन: विदेशी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा भारतीय जैविक संसाधनों के उपयोग, अनुसंधान हस्तांतरण या पेटेंट (IPR) लेने से पहले NBA से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
विरासत स्थलों की अधिसूचना: राज्य सरकारों को धारा 37 के तहत जैव विविधता विरासत स्थल (Biodiversity Heritage Sites) अधिसूचित करने हेतु सलाह देना।
बायोपायरेसी (Biopiracy) पर रोक: भारतीय पारंपरिक ज्ञान के अवैध दोहन को रोकना और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना।

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काली गर्दन वाला सारस

हाल ही में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लद्दाख में आवारा कुत्तों के बंध्याकरण (sterilization) का अभियान चलाया है, ताकि संकटग्रस्त काली गर्दन वाले सारस और उनके चूजों को शिकार से बचाया जा सके।

1. परिचय एवं पहचान

वैज्ञानिक नाम: Grus nigricollis
स्थानीय नाम: लद्दाख में चा तुंग-तुंग (Cha Tung-Tung) और भूटान में थ्रुंग थ्रुंग कार्मो (Thrung Thrung Karmo)।
राज्य पक्षी: यह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का आधिकारिक राज्य पक्षी है।
शारीरिक विशेषताएं: शरीर का रंग धूसर-सफेद (ash-grey), पूरी गर्दन, पूंछ और पैर काले होते हैं। सिर के शीर्ष पर लाल रंग का नग्न भाग (red crown) और आंखों के पीछे एक छोटा सफेद धब्बा पाया जाता है।

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काली गर्दन वाला सारस हाल ही में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लद्दाख में आवारा कुत्तों के बंध्याकरण (sterilization) का अभियान चलाया है, ताकि संकटग्रस्त काली गर्दन वाले सारस और उनके चूजों को शिकार से…
2. आवास एवं वितरण

एकमात्र अल्पाइन सारस: दुनिया की 15 सारस प्रजातियों में यह एकमात्र ऐसी प्रजाति है जो विशेष रूप से अल्पाइन/उच्च-ऊंचाई (Alpine/High-altitude) वाले क्षेत्रों में पाई जाती है।
प्रजनन क्षेत्र (Breeding Grounds): 2,600 से 4,900 मीटर की ऊंचाई पर ट्रांस-हिमालयी और तिब्बती आर्द्रभूमि (लद्दाख का चांगथांग क्षेत्र)।
शीतकालीन प्रवास (Wintering Grounds): भूटान, दक्षिण-पश्चिम चीन और भारत में अरुणाचल प्रदेश की सांगती (Sangti) और जिमीथांग (Zimithang) घाटियां।
विस्तार देश: भारत, चीन, भूटान और नेपाल।

3. संरक्षण स्थिति (Conservation Status)

IUCN Red List: संकटापन्न के निकट (Near Threatened - NT)
CITES: परिशिष्ट I (Appendix I)
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची I (Schedule I)

4. प्रमुख व्यवहार एवं पारिस्थितिक महत्व

घोंसले का निर्माण: स्थलीय शिकारियों से सुरक्षा के लिए यह दलदली उथले पानी या मिट्टी के टीलों के बीच घोंसला बनाता है।
आहार: यह सर्वाहारी (Omnivorous) पक्षी है; यह पौधों की जड़ें, जलीय घास, जौ/गेहूं के दाने, कीड़े, केंचुए और छोटी मछलियां खाता है।
पारिस्थितिक सूचक: इसका वास क्षेत्र उच्च-हिमालयी आर्द्रभूमि और मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र के स्वस्थ होने का प्रमुख संकेतक माना जाता है।

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इंडोनेशियाई बेबिरुसा (Indonesian Babirusa)

ब्रिटेन के चेस्टर चिड़ियाघर (Chester Zoo) में 'राना' (Rana) नामक एक दुर्लभ बेबिरुसा के बच्चे का जन्म हुआ है। इंडोनेशिया में अफ्रीकी स्वाइन फीवर (African Swine Fever), आवास विनाश और शिकार के कारण जंगली आबादी में आ रही भारी गिरावट के बीच यह घटना चर्चा में आई है।

1. परिचय एवं नामकरण

प्रजाति: जीनस Babyrousa के अंतर्गत आने वाला यह दुनिया के सबसे प्राचीन और अनोखे जंगली सूअरों में से एक है।
उपनाम: इसे आमतौर पर 'पिग-डियर' (Pig-Deer) कहा जाता है। मलय भाषा में 'बेबी' (Babi) का अर्थ सूअर और 'रुसा' (Rusa) का अर्थ हिरण होता है।
ऐतिहासिक संदर्भ: यह एक प्राचीन वंशावली है, जिसे प्रागैतिहासिक इंडोनेशियाई गुफा चित्रों में भी चित्रित किया गया है।

2. भौगोलिक वितरण एवं आवास

स्थानिकता (Endemic): यह विशेष रूप से इंडोनेशिया के चार द्वीपों तक सीमित है—सुलावेसी (Sulawesi), तोगियान (Togian), सुला (Sula) और बुरू (Buru)।
आवास: उष्णकटिबंधीय वर्षावन, दलदल और नदी तटों के किनारे नम आर्द्रभूमि।

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इंडोनेशियाई बेबिरुसा (Indonesian Babirusa) ब्रिटेन के चेस्टर चिड़ियाघर (Chester Zoo) में 'राना' (Rana) नामक एक दुर्लभ बेबिरुसा के बच्चे का जन्म हुआ है। इंडोनेशिया में अफ्रीकी स्वाइन फीवर (African Swine Fever), आवास विनाश और शिकार के कारण जंगली आबादी में आ…
3. प्रमुख शारीरिक विशेषताएं एवं व्यवहार

विशिष्ट ऊपरी दांत (केवल नर में): नर बेबिरुसा के ऊपरी कैनाइन दांत (Tusks) ऊपर की ओर बढ़ते हुए थूथन (snout) की त्वचा को भेदकर बाहर निकलते हैं और माथे की ओर मुड़ जाते हैं।
शरीर की बनावट: इनका शरीर बैरल के आकार का और त्वचा धूसर-भूरे रंग की लगभग बाल-रहित (hairless) होती है। नवजात बच्चों के शरीर पर अन्य जंगली सूअरों की तरह धारियां (camouflage stripes) नहीं होती हैं।
प्रजनन चक्र: अन्य सूअरों के बड़े झुंड वाले बच्चों के विपरीत, मादा बेबिरुसा एक बार में केवल 1 या 2 बच्चों को जन्म देती है (गर्भधारण काल: 155–161 दिन)।
आहार एवं क्षमताएं: यह सर्वाहारी है। यह जड़ों, पत्तों और कीड़ों को खाता है। ऊंचे पत्तों तक पहुंचने के लिए यह पिछले दो पैरों पर खड़ा हो सकता है और 30 मील/घंटा की गति से दौड़ सकता है।

4. संरक्षण स्थिति

IUCN Red List: संवेदनशील (Vulnerable - VU)
प्रमुख खतरे: अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF), जंगलों की कटाई के कारण आवास का नुकसान और अवैध शिकार।
पारिस्थितिक महत्व: यह बीजों के प्रकीर्णन (seed dispersal) और वन पुनर्जनन में सहायता करता है, जिससे इसे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का प्रमुख संकेतक माना जाता है।

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इंडोनेशिया

राजधानी: जकार्ता (Jakarta) (नई निर्माणाधीन प्रशासनिक राजधानी: नुसंतारा - Nusantara)
मुद्रा (Currency): इंडोनेशियाई रुपिया (Indonesian Rupiah - IDR)
आधिकारिक भाषा: बहासा इंडोनेशिया (Bahasa Indonesia)

पड़ोसी देश:

स्थलीय सीमा साझा करने वाले देश:

मलेशिया (बोर्नियो द्वीप पर)
पापुआ न्यू गिनी (न्यू गिनी द्वीप पर)
पूर्वी तिमोर (तिमोर द्वीप पर)

समुद्री सीमा साझा करने वाले प्रमुख पड़ोसी देश:

भारत (अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के पास)
सिंगापुर
फिलीपींस
ऑस्ट्रेलिया
थाईलैंड
वियतनाम
पलाउ
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मून बेस प्रोग्राम (Moon Base Programme)

नेतृत्व एवं संदर्भ: नासा (NASA) द्वारा संचालित; भारत (ISRO) को इसमें शामिल होने का निमंत्रण मिला (आर्टेमिस समझौते / Artemis Accords के तहत)।

लक्ष्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) के पास पहली स्थायी मानव चौकी (Permanent Lunar Outpost) बनाना।

भविष्य का उद्देश्य: भविष्य के मानवयुक्त मंगल मिशनों (Mars Missions) के लिए परीक्षण स्थल (Stepping Stone) के रूप में कार्य करना।

प्रमुख तकनीकी बिंदु:

ISRU (In-Situ Resource Utilization): चंद्रमा की मिट्टी (रेगोलिथ) और बर्फ से वहीं पर ऑक्सीजन, पानी व रॉकेट ईंधन बनाना।

दक्षिणी ध्रुव ही क्यों?: निरंतर सौर ऊर्जा प्राप्ति (ऊंची चोटियों पर) और क्रेटर्स में जल-बर्फ (Water Ice) की प्रचुर उपलब्धता।

चरण (3 Phases):
Phase 1 (2026–2029): रोबोटिक अन्वेषण व सतह परीक्षण।
Phase 2 (2029–2032): पावर ग्रिड, संचार व बुनियादी ढांचा।
Phase 3 (2032+): स्थायी मानवयुक्त आउटपोस्ट का संचालन।

मुख्य चुनौतियाँ:
अत्यधिक तापमान (छायादार गड्ढों में −203°C तक)।
नुकीली व इलेक्ट्रोस्टैटिक चंद्र धूल (Abrasive Regolith) द्वारा उपकरणों का क्षरण।

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एआई पैलेटाइजिंग (AI Palletising)

संदर्भ: फ्यूचर मार्केट इनसाइट्स (FMI) की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक AI पैलेटाइजिंग और डीपैलेटाइजिंग बाजार 2026 से 2036 के बीच तेजी से बढ़ने का अनुमान है।

1. यह क्या है?

परिभाषा: यह उन्नत औद्योगिक स्वचालन (Industrial Automation) तकनीक है, जिसमें सामान को लकड़ी/प्लास्टिक के पैलेट्स पर क्रमबद्ध तरीके से रखने (Palletising) या उतारने (Depalletising) के लिए रोबोटिक आर्म्स, 3D कंप्यूटर विजन, मशीन लर्निंग और AI सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है।
पारंपरिक रोबोट से अंतर: पारंपरिक रोबोट केवल एक ही आकार के बॉक्स (Fixed programming) को उठा सकते हैं, जबकि AI सिस्टम अलग-अलग आकार, अनियमित वजन और मिश्रित पैकेजों (Mixed-SKU) को बिना मैनुअल री-प्रोग्रामिंग के स्वतः पहचानकर व्यवस्थित कर लेता है।

2. कार्यप्रणाली के 3 मुख्य चरण

3D कंप्यूटर विजन व निरीक्षण: हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे वास्तविक समय (Real-time) में पैकेज के आकार, दिशा और किसी टूट-फूट/क्षति की जांच करते हैं।
मशीन लर्निंग व पाथ गणना: एल्गोरिदम सुरक्षित ग्रिपिंग पॉइंट और सबसे स्थिर स्टैकिंग पैटर्न की गणना करता है।
अनुकूली रोबोटिक निष्पादन: मल्टी-एक्सिस रोबोटिक आर्म्स वास्तविक समय के फीडबैक के आधार पर अपनी गति और बल को स्वतः नियंत्रित करते हैं।

3. प्रमुख विशेषताएं एवं उपयोग

मिश्रित लोड हैंडलिंग: एक ही पैलेट पर विभिन्न आकारों और वजन वाली हजारों वस्तुओं को संभालना।
गुणवत्ता जांच: क्षतिग्रस्त बॉक्स को उठाने से पहले ही पहचानना ताकि पैलेट गिरने से बच सके।
प्रमुख क्षेत्र: ई-कॉमर्स व लॉजिस्टिक्स (3PL), एफएमसीजी (FMCG), खाद्य एवं पेय पदार्थ तथा फार्मास्यूटिकल्स।

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प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना 2026 शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशों में काम कर रहे भारतीय मूल के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को भारत वापस लाकर देश के प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों में योगदान देने का अवसर देना है।

योजना के मुख्य बिंदु

लॉन्चकर्ता: शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education)।
उद्देश्य: विदेशी संस्थानों में कार्यरत भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और प्रोफेशनल्स को स्वदेश लाना।
श्रेणियां: यंग रिसर्च फैलोशिप, सीनियर फैलोशिप और रिसर्च चेयर फैलोशिप।

प्रमुख कार्यक्षेत्र

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड कंप्यूटिंग
सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग
साइबर सिक्योरिटी
बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर
स्पेस और डिफेंस टेक्नोलॉजी

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डॉ. पद्मा गुरमेट को सोवा-रिगपा (Sowa-Rigpa) चिकित्सा पद्धति के संरक्षण और विकास में उनके विशेष योगदान के लिए वर्ष 2025 का यूटी लद्दाख राज्य पुरस्कार (UT Ladakh State Award 2025) प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें लेह में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा दिया गया। डॉ. पद्मा लेह स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिगपा की निदेशक हैं।

पुरस्कार और सम्मानित व्यक्ति की जानकारी

प्राप्तकर्ता: डॉ. पद्मा गुरमेट (निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिगपा, लेह)।
सम्मान: यूटी लद्दाख राज्य पुरस्कार 2025।
क्षेत्र: सोवा-रिगपा का संरक्षण, प्रचार और विकास।
प्रदानकर्ता: उपराज्यपाल (LG) वी.के. सक्सेना।

सोवा-रिगपा के बारे में मुख्य बातें

यह हिमालयी क्षेत्र की एक प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है।
इसे तिब्बती चिकित्सा प्रणाली (Tibetan System of Medicine) भी कहा जाता है।

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भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु की ARTPARK लैब और Google ने मिलकर 65 भारतीय भाषाओं और बोलियों के लिए 'श्रावणी/त्रावाणी' (Shravani/Travani) एआई मॉडल विकसित किया है। यह एक मल्टीलिंगुअल ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन मॉडल है, जो बोलने वाले की भाषा को खुद पहचानकर आवाज को टेक्स्ट में बदल सकता है।

मुख्य विशेषताएँ

भाषा समर्थन: 20 अनुसूचित और 45 क्षेत्रीय भाषाएँ (कुल 65)।
लिपि समर्थन: 10 अलग-अलग भारतीय लिपियाँ।
कार्यक्षमता: बोली गई भाषा की स्वतः पहचान (Automatic Language Detection) करके टेक्स्ट में अनुवाद।
संस्थान पृष्ठभूमि: भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की स्थापना वर्ष 1909 में हुई थी।

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वन हर्ब वन स्टैंडर्ड पहल
आयुष मंत्रालय (आयुष मंत्रालय) और भारतीय औषधोपचार आयोग (भारतीय फार्माकोपिया आयोग - आईपीसी) के बीच 'वन हर्ब वन स्टैंडर्ड' (एक जड़ी-बूटी एक मानक) के बीच 3 साल के लिए शुरुआत (एमओयू) की शुरुआत हुई है।सबसे पहले साल 2022 की शुरुआत हुई थी।। पहले चरण में 50 सिंगल हर्ब मोनोग्राफ तैयार किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सभी चिकित्सा पद्धतियों में औषधीय औषधीय के लिए एक वैज्ञानिक और गुणात्मक मानक तय करना है।

मुख्य बिंदु और विवरण

शुरुआत : साल 2022 में हुई थी।
एग्रीमेंट मीन्स : आयुष मंत्रालय और आईपीसी के बीच 3 साल का अंतर।
पहला चरण : 50 सिंगल हर्ब मोनोग्राफ (सिंगल हर्ब मोनोग्राफ) तैयार किए गए।
मुख्य उद्देश्य : औषधीय औषधीय गुणवत्ता के लिए एक समान मानक और मानक बनाना।

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Kimi K3 AI मॉडल

संदर्भ: चीनी AI स्टार्टअप मूनशॉट एआई (Moonshot AI) ने अपना नया मॉडल Kimi K3 पेश किया है, जो ट्रिलियन-पैरामीटर श्रेणी का सबसे बड़ा ओपन-सोर्स / ओपन-वेट (Open-weight) AI मॉडल है।
कंपनी: मूनशॉट एआई (बीजिंग स्थित AI स्टार्टअप, जिसे अलीबाबा व टेनसेंट का समर्थन प्राप्त है)।

1. यह क्या है?

यह एक मल्टीमॉडल, ओपन-वेट रीजनिंग लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) है, जो विशेष रूप से उन्नत सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, लंबी कोडिंग, दृश्य तर्क (visual reasoning) और जटिल तकनीकी कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
पैरामीटर का पैमाना: यह लगभग 2.8 ट्रिलियन (2.8T) कुल मापदंडों वाला मॉडल है।

2. मुख्य तकनीकी विशेषताएं

स्पार्स मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स (MoE): इसमें Stable LatentMoE आर्किटेक्चर है, जिसमें कुल 896 एक्सपर्ट्स हैं लेकिन प्रति टोकन केवल 16 एक्सपर्ट्स सक्रिय होते हैं, जिससे कम्प्यूटेशनल लागत कम और कार्यकुशलता अधिक रहती है।
1 मिलियन टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो: यह एक बार में पूरे कोड रिपॉजिटरी, बड़े कानूनी दस्तावेज़ों या किताबों को प्रोसेस कर सकता है।
नेक्स्ट-जेन अटेंशन तकनीक: इसमें डेटा प्रोसेसिंग की गति और मल्टी-स्टेप रीजनिंग को स्थिर रखने के लिए Kimi Delta Attention (KDA) और Attention Residuals (AttnRes) का उपयोग किया गया है।
ने native मल्टीमोडैलिटी: यह टेक्स्ट, इमेज और वीडियो को एक साथ प्रोसेस करने और विजुअल रीजनिंग (जैसे CAD, UI डिज़ाइन और 3D गेम डेवलपमेंट) में सक्षम है।


ओपन-वेट मॉडल (Open-Weight): इसके मॉडल वेट्स रिसर्चर्स और डेवलपर्स के लिए खुले तौर पर उपलब्ध हैं।
प्रमुख अनुप्रयोग: GPU कर्नेल ऑप्टिमाइजेशन, कंपाइलर निर्माण, माइक्रोचिप डिज़ाइन और ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट।

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