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कूट
यह प्रावधान कि "यदि कोई मुख्यमंत्री (या मंत्री) 6 महीने के भीतर राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं निर्वाचित होता है, तो उसे अपना पद छोड़ना होगा" संविधान के अनुच्छेद 164(4) में स्पष्ट रूप से लिखा गया है।
इसके अलावा, इस व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट ने एस.आर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य (2001) और एस.पी. आनंद बनाम एच.डी. देवेगौड़ा (1996) जैसे मामलों में विस्तार से स्पष्ट किया था। एम. करुणानिधि बनाम भारत संघ (1979) का मामला मुख्य रूप से इस बात से संबंधित था कि क्या मुख्यमंत्री एक 'लोक सेवक' (Public Servant) है या नहीं।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 8(3) के तहत, यदि किसी व्यक्ति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है और 2 वर्ष या उससे अधिक के कारावास की सजा दी जाती है, तो वह सजा की तारीख से ही चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य (Disqualified) हो जाता है।
चूंकि वह चुनाव लड़ने के योग्य ही नहीं रहता, इसलिए उसे मुख्यमंत्री या मंत्री पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। बी.आर. कपूर बनाम तमिलनाडु राज्य (2001) मामले (जयललिता केस) में सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया था कि जो व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य है, उसे राज्यपाल 6 महीने के लिए भी मुख्यमंत्री नियुक्त नहीं कर सकते।
इसके अलावा, इस व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट ने एस.आर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य (2001) और एस.पी. आनंद बनाम एच.डी. देवेगौड़ा (1996) जैसे मामलों में विस्तार से स्पष्ट किया था। एम. करुणानिधि बनाम भारत संघ (1979) का मामला मुख्य रूप से इस बात से संबंधित था कि क्या मुख्यमंत्री एक 'लोक सेवक' (Public Servant) है या नहीं।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 8(3) के तहत, यदि किसी व्यक्ति को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है और 2 वर्ष या उससे अधिक के कारावास की सजा दी जाती है, तो वह सजा की तारीख से ही चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य (Disqualified) हो जाता है।
चूंकि वह चुनाव लड़ने के योग्य ही नहीं रहता, इसलिए उसे मुख्यमंत्री या मंत्री पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। बी.आर. कपूर बनाम तमिलनाडु राज्य (2001) मामले (जयललिता केस) में सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया था कि जो व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य है, उसे राज्यपाल 6 महीने के लिए भी मुख्यमंत्री नियुक्त नहीं कर सकते।
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सपनों की ऊँचाई तय
करने का अधिकार सबको है,
लेकिन उन्हें सच करने की
कीमत चुकाने का साहस
बहुत कम लोगों में होता है।🥀🥀
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लेकिन उन्हें सच करने की
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शुभ रात्रि भावी अधिकारियों 🙏❤️
#पर्यावरणदिवस
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निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Anonymous Quiz
4%
विनायक दामोदर सावरकर ने लंदन में 'अभिनव भारत' की स्थापना की थी।
20%
भगत सिंह एवं बटुकेश्वर दत्त ने अप्रैल 1929 को केन्द्रीय विधान सभा में बम फेंका था।
13%
23/12/1912 को भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड हार्डिंग के जुलूस पर बम फेंकने की योजना आजाद ने बनाई थी
60%
उपर्युक्त सभी
3%
इनमें से कोई नहीं
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निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
अभिनव भारत सोसाइटी' (Abhinav Bharat Society) की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर (वी. डी. सावरकर) और उनके भाई गणेश दामोदर सावरकर ने वर्ष 1904 में नासिक (महाराष्ट्र, भारत) में की थी, न कि लंदन में। (शुरुआत में इसकी स्थापना 1899 में 'मित्र मेला' के रूप में हुई थी)। इसलिए यह कथन गलत है।
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल, 1929 को दिल्ली में ब्रिटिश भारत की 'केन्द्रीय विधान सभा' (Central Legislative Assembly) में बम फेंका था। उनका उद्देश्य किसी को मारना नहीं, बल्कि 'बहरों को सुनाना' और पब्लिक सेफ्टी बिल व ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल का विरोध करना था।
23 दिसम्बर, 1912 को दिल्ली के चांदनी चौक में भारत के वायसराय/गवर्नर जनरल लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने (दिल्ली-लाहौर षड्यंत्र केस) की मुख्य योजना रास बिहारी बोस और शचीन्द्र नाथ सान्याल ने बनाई थी, न कि चन्द्रशेखर आजाद ने। इस घटना में वसंत कुमार बिस्वास ने बम फेंका था।
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल, 1929 को दिल्ली में ब्रिटिश भारत की 'केन्द्रीय विधान सभा' (Central Legislative Assembly) में बम फेंका था। उनका उद्देश्य किसी को मारना नहीं, बल्कि 'बहरों को सुनाना' और पब्लिक सेफ्टी बिल व ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल का विरोध करना था।
23 दिसम्बर, 1912 को दिल्ली के चांदनी चौक में भारत के वायसराय/गवर्नर जनरल लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने (दिल्ली-लाहौर षड्यंत्र केस) की मुख्य योजना रास बिहारी बोस और शचीन्द्र नाथ सान्याल ने बनाई थी, न कि चन्द्रशेखर आजाद ने। इस घटना में वसंत कुमार बिस्वास ने बम फेंका था।
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(I) लोकसभा अध्यक्ष
(II) लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष
(III) राज्यसभा का नेता प्रतिपक्ष (IV) राज्यसभा का उपसभापति उपयुक्त पदाधिकारियों का सही समूह खोजिए, जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की नियुक्ति के लिए गठित समिति के सदस्य होते हैं।
(II) लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष
(III) राज्यसभा का नेता प्रतिपक्ष (IV) राज्यसभा का उपसभापति उपयुक्त पदाधिकारियों का सही समूह खोजिए, जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की नियुक्ति के लिए गठित समिति के सदस्य होते हैं।
Anonymous Quiz
13%
केवल (I), (II) तथा (III)
12%
केवल (II) तथा (III)
55%
(I), (II), (III) तथा (IV) सभी
20%
केवल (I) तथा (II)
❤3
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(I) लोकसभा अध्यक्ष
(II) लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष
(III) राज्यसभा का नेता प्रतिपक्ष (IV) राज्यसभा का उपसभापति उपयुक्त पदाधिकारियों का सही समूह खोजिए, जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की नियुक्ति के लिए गठित समिति के सदस्य होते हैं।
(II) लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष
(III) राज्यसभा का नेता प्रतिपक्ष (IV) राज्यसभा का उपसभापति उपयुक्त पदाधिकारियों का सही समूह खोजिए, जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की नियुक्ति के लिए गठित समिति के सदस्य होते हैं।
★ आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गठित एक छह सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
★ समिति में प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति, संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के नेता एवं केन्द्रीय गृहमंत्री शामिल होते हैं।
★ मूल अधिनियम में अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष (इनमें से जो भी पहले हो) था, जिसे वर्ष 2019 में संशोधित करके 3 वर्ष कर दिया गया।
★ मूल अधिनियम NHRC के सदस्यों को पांच साल की अवधि के लिए पुनर्नियुक्ति की अनुमति देता है। हालांकि वर्ष 2019 में किए गए संशोधन के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए पांच साल की सीमा को हटा दिया गया है।
★ समिति में प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति, संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के नेता एवं केन्द्रीय गृहमंत्री शामिल होते हैं।
★ मूल अधिनियम में अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष (इनमें से जो भी पहले हो) था, जिसे वर्ष 2019 में संशोधित करके 3 वर्ष कर दिया गया।
★ मूल अधिनियम NHRC के सदस्यों को पांच साल की अवधि के लिए पुनर्नियुक्ति की अनुमति देता है। हालांकि वर्ष 2019 में किए गए संशोधन के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए पांच साल की सीमा को हटा दिया गया है।
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026
Theme: "जलवायु कार्रवाई"
यह अभियान पृथ्वी द्वारा दिए जा रहे आपातकालीन संकेतों (जैसे बढ़ते तापमान और पिघलते ग्लेशियर) और उनके समाधान के लिए हमारी तत्काल प्रतिक्रिया पर केंद्रित है।
मेजबान देश: अज़रबैजान
#CurrentAffairs
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यह अभियान पृथ्वी द्वारा दिए जा रहे आपातकालीन संकेतों (जैसे बढ़ते तापमान और पिघलते ग्लेशियर) और उनके समाधान के लिए हमारी तत्काल प्रतिक्रिया पर केंद्रित है।
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संविधान विशेषज्ञ, लोकसभा के पूर्व महासचिव और पद्मभूषण से सम्मानित डॉक्टर सुभाष कश्यप का निधन।
डॉ. सुभाष कश्यप को वर्ष 2015 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान सार्वजनिक मामलों (Public Affairs) और संविधान के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रदान किया गया था।
मुख्य पद: वे 1984 से 1990 तक भारत की 7वीं, 8वीं और 9वीं लोकसभा के महासचिव रहे थे।
विशेषज्ञता: वे भारतीय संविधान, संसदीय मामलों और संवैधानिक कानूनों के प्रख्यात विशेषज्ञ और लेखक थे।
निधन: लंबी बीमारी के बाद 4 जून 2026 को दिल्ली में 97 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
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डॉ. सुभाष कश्यप को वर्ष 2015 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान सार्वजनिक मामलों (Public Affairs) और संविधान के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रदान किया गया था।
मुख्य पद: वे 1984 से 1990 तक भारत की 7वीं, 8वीं और 9वीं लोकसभा के महासचिव रहे थे।
विशेषज्ञता: वे भारतीय संविधान, संसदीय मामलों और संवैधानिक कानूनों के प्रख्यात विशेषज्ञ और लेखक थे।
निधन: लंबी बीमारी के बाद 4 जून 2026 को दिल्ली में 97 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
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सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals - SDGs) वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए 17 उद्देश्यों का एक संग्रह है। इन्हें 2015 में संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा अपनाया गया था और 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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UPSSSC LOWER PCS PAID BATCH TEST SCHEDULE.pdf
2 MB
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भारत का 100 वां रामसर स्थल घोषित👇
■ जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य【बलिया] उत्तरप्रदेश✔️
■ अन्य नाम-सुरहाताल
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■ अन्य नाम-सुरहाताल
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026
1. मूल तथ्य
तिथि: 5 जून 2026
आयोजक संस्था: United Nations Environment Programme (UNEP)
प्रथम आयोजन: 1973
स्थापना का आधार: 1972 का United Nations Conference on the Human Environment (स्टॉकहोम सम्मेलन)
2. 2026 की थीम (Theme)
"Inspired by Nature. For Climate. For Our Future."
(प्रकृति से प्रेरित – जलवायु और हमारे भविष्य के लिए)
साथ ही वैश्विक अभियान का प्रमुख संदेश: #NowForClimate
3. मेज़बान देश (Host Country)
Azerbaijan( अज़रबैजान)
मेज़बान शहर
Baku ( बाकू)
4. 2026 का मुख्य फोकस
जलवायु परिवर्तन (Climate Change)
पारिस्थितिकी तंत्र का क्षरण (Ecosystem Degradation)
प्रकृति-आधारित समाधान (Nature-based Solutions)
जलवायु अनुकूलन एवं लचीलापन (Climate Resilience)
1. मूल तथ्य
तिथि: 5 जून 2026
आयोजक संस्था: United Nations Environment Programme (UNEP)
प्रथम आयोजन: 1973
स्थापना का आधार: 1972 का United Nations Conference on the Human Environment (स्टॉकहोम सम्मेलन)
2. 2026 की थीम (Theme)
"Inspired by Nature. For Climate. For Our Future."
(प्रकृति से प्रेरित – जलवायु और हमारे भविष्य के लिए)
साथ ही वैश्विक अभियान का प्रमुख संदेश: #NowForClimate
3. मेज़बान देश (Host Country)
Azerbaijan( अज़रबैजान)
मेज़बान शहर
Baku ( बाकू)
4. 2026 का मुख्य फोकस
जलवायु परिवर्तन (Climate Change)
पारिस्थितिकी तंत्र का क्षरण (Ecosystem Degradation)
प्रकृति-आधारित समाधान (Nature-based Solutions)
जलवायु अनुकूलन एवं लचीलापन (Climate Resilience)
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