Secure PCS
5.39K subscribers
5.6K photos
113 videos
1.11K files
4.03K links
Destination Always Demands Patience♥️

"Your journey from an aspirant to a Officer starts here. Dedicated guidance for UPPSC & State Exams by Secure Pcs."
Download Telegram
जलवायु जोखिम सूचकांक (Climate Risk Index) 2026 रिपोर्ट।

जारीकर्ता संस्था: जर्मन वॉच (Germanwatch), जो जर्मनी की एक संस्था है।

उद्देश्य: चरम मौसम की घटनाओं से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची तैयार करना और नुकसान का आकलन करना।
इस रिपोर्ट के विश्लेषण में वर्ष 1995 से 2024 तक के आँकड़े शामिल किए गए हैं।
संदर्भ: यह रिपोर्ट ब्राज़ील में चल रहे कॉप 30 (COP 30) सम्मेलन का एक अंश है।

रिपोर्ट की गणना के आधार

सूचकांक की गणना चरम मौसम की घटनाओं के मानवीय प्रभावों और आर्थिक प्रभावों के आधार पर की गई है।
शामिल घटनाएँ (तीव्र शुरुआत वाली):
बाढ़
तूफान
अत्यधिक तापमान (Temperature Rise)
जंगल की आग/वनाग्नि
हिमनद झीलों के फटने से आई बाढ़ (Glacial Lake Outburst Floods)
अशामिल घटनाएँ (धीमी गति वाली):
औसत तापमान में वृद्धि
समुद्र तल में वृद्धि (Sea-Level Rise)
महासागर अम्लीकरण (Ocean Acidification)
हिमनदों का पिघलना

शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रभावित देश

रैंक (1995-2024): शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रभावित देश (घटते क्रम में) हैं:
डोमिनिका,
म्यांमार,
होंडुरास,
लीबिया,
हैती,
ग्रेनाडा,
फिलीपींस,
निकारागुआ,
भारत, और
द बहामास।

वैश्विक दक्षिण: शीर्ष 10 में केवल ग्लोबल साउथ (विकासशील) राष्ट्र मौजूद हैं।

भारत की स्थिति (1995-2024)

★भारत 9वें स्थान पर है।
★2024 में भारत 15वीं रैंक पर था।

सर्वाधिक प्रभावित लोग: सर्वाधिक प्रभावित लोगों की संख्या के मामले में भारत, बांग्लादेश और फिलीपींस के बाद तीसरे स्थान पर है।

आंकड़े (1995-2024):

घटनाएँ: लगभग 430 चरम मौसमी घटनाएँ।

प्रभावित लोग: 1 अरब से अधिक लोग प्रभावित हुए।

आर्थिक नुकसान: लगभग 170 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।

मौतें: 8,000 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।
निरंतर खतरा श्रेणी (Continuous Threats): भारत को फिलीपींस, निकारागुआ और हैती के साथ इस श्रेणी में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि ये देश लगातार चरम मौसमी घटनाओं से प्रभावित होते रहेंगे (एक आपदा से उबरने से पहले ही दूसरी आपदा का आ जाना)


वैश्विक आंकड़े (1995-2024)

कुल घटनाएँ: वैश्विक स्तर पर लगभग 9,700 चरम मौसमी घटनाएँ दर्ज की गईं।
मौतें: 83 लाख 20 हज़ार से अधिक मौतें हुईं।
आर्थिक नुकसान: लगभग 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।

रिपोर्ट के निष्कर्ष (समाधान)

जलवायु वित्त: हानि और क्षति (Loss and Damage) के लिए वैश्विक वित्त (Climate Finance) को तत्काल बढ़ाना चाहिए।

उत्सर्जन कटौती: ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन तुरंत घटाना चाहिए।

अनुकूलन समर्थन: विकासशील देशों को अनुकूलन (Adaptation) के लिए दीर्घकालिक समर्थन (Long-term Support) चाहिए.

#Current #Fact #report
👍7❤1⚡1
Secure PCS
कल हस्तलिखित करेंट अफेयर्स की pdf दी जाएगी। Join 📌 @SecurePcs
Secure Pcs Handwritten Current Affairs .pdf
8.3 MB
Handwritten Current Affairs Note. November (Part-1)

आपका समर्थन इस पहल को जीवित रखने और आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
इसलिए अधिक से अधिक लोग को इस मंच से जोड़ें जिससे यह पहल निरंतर चलती रहे।


धन्यवाद 💐
Team Secure Pcs
❤18👏3
Channel ko share karte rahiye
👍3❤1
एकीकृत 70वीं संयुक्त मुख्य (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों की अमूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दी गई हैं।
Join https://t.me/SecurePcs
❤3
Secure PCS pinned a file
Secure PCS
भारत सरकार टेलीग्राम की जांच कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इसका इस्तेमाल जबरन वसूली, जुआ, शेयर बाजार में धोखाधड़ी और परीक्षा पत्रों को लीक करने जैसी अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
टेलीग्राम के लक्षण ठीक नहीं लग रहा है

आप लोग Secure Pcs के ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल से जुड़ जाइए।
बस जुड़े रहिए जुड़े रहना जरूरी है आगे की गतिविधियों को संचालित करने में।

https://whatsapp.com/channel/0029VbBrSqX8PgsE7x5aLw0F
❤2👍1
Secure PCS
Secure Pcs Handwritten Current Affairs .pdf
आप जिस भी मंच से जुड़े हुए हैं वहां इसे जरूर शेयर कीजिए जिससे अधिकतम लोगों का अधिकतम कल्याण हो सकें।
❤1🥰1
कुछ लोग UPSI का एग्जाम दिसम्बर में करवा रहे हैं

कुछ लोग जनवरी में।
दिसम्बर मान के पढ़ाई लिखाई कीजिए जिससे अच्छी तैयारी हो जाय।

बाकी एग्जाम जनवरी में होने की सम्भावना है 15 के बाद।
❤4👍2
3 हजार सदस्य पूर्ण हो जाने के बाद एग्जाम ओरिएंटेड टॉपिक वाइज मंथली करेंट अफेयर्स हस्तलिखित नोट दी जाएगी।
अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ना शुरू कीजिए आप लोग।

Join 📌 @SecurePcs
धन्यवाद 💐
❤8🤣5👍2
प्रवर्तन कांस्टेबल रिजल्ट OUT

Physical exam - Feb मे‌ ।।

👉477 पदों के सापेक्ष 6060 लोगो को पास किया गया है।

👉दौड़ / शारीरिक दक्षता परीक्षा फरवरी में प्रस्तावित है ।
❤1👍1😍1😨1
Forwarded from Secure PCS (@SecurePcs)
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

(1)बाल साहित्य पुरस्कार 2025,हिन्दी भाषा के “एक बटे बारा” (लघु कथाएँ) के लिए सुशील शुक्ला को दिया जाएगा। (2)पुरस्कार स्वरूप बॉक्‍स में एक उत्कीर्ण ताम्र पट्टिका और 50,000/- रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
Anonymous Quiz
2%
केवल 1
10%
केवल 2
85%
1 और 2 दोनों
3%
न तो 1 न ही 2
❤2👍2😍1
भारत ने पहला स्वदेशी क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप विकसित किया


नवंबर 2025 में, भारत ने गतिशील चुंबकीय क्षेत्र इमेजिंग के लिए अपना पहला स्वदेशी क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप (QDM) विकसित किया है - जो क्वांटम सेंसिंग में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के तहत आईआईटी बॉम्बे में पी-क्वेस्ट समूह द्वारा हासिल की गई इस सफलता की घोषणा उभरते विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी 2025) के दौरान की गई।

प्रमुख बिंदु

क्वांटम प्रौद्योगिकी आधार : क्यूडीएम, हीरे में नाइट्रोजन-रिक्ति (एनवी) केंद्रों का उपयोग करता है - परमाणु-पैमाने के दोष जो कमरे के तापमान पर क्वांटम सुसंगतता को संरक्षित करते हैं और चुंबकीय, विद्युत और थर्मल विविधताओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।
ओडीएमआर-आधारित चुंबकीय इमेजिंग: यह उपकरण ऑप्टिकली डिटेक्टेड मैग्नेटिक रेजोनेंस (ओडीएमआर) के माध्यम से स्थानीय चुंबकीय क्षेत्रों के ऑप्टिकल रीडआउट को सक्षम बनाता है, जिससे ऑप्टिकल माइक्रोस्कोप के समान वाइडफील्ड विज़ुअलाइज़ेशन के साथ 3डी नैनोस्केल चुंबकीय क्षेत्र इमेजिंग की अनुमति मिलती है।
कई क्षेत्रों में सफलता : क्यूडीएम प्रौद्योगिकी के तंत्रिका विज्ञान, पदार्थ विज्ञान, अर्धचालक निदान और चिप्स के गैर-विनाशकारी मूल्यांकन में आशाजनक अनुप्रयोग हैं, जहां यह 3डी में दबे हुए विद्युत प्रवाह पथों और बहुपरत संरचनाओं का मानचित्रण कर सकता है।
पारंपरिक उपकरणों पर लाभ : 3D चिप आर्किटेक्चर और क्रायोजेनिक प्रोसेसर की बढ़ती जटिलता के साथ, पारंपरिक डायग्नोस्टिक उपकरण सतह के नीचे की चुंबकीय गतिविधि को पकड़ने में कठिनाई महसूस करते हैं। QDM माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एकीकृत सर्किट और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए एक परिवर्तनकारी, उच्च-रिज़ॉल्यूशन समाधान प्रदान करता है।
एआई के साथ भविष्य का एकीकरण: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के साथ संरेखित, टीम चिप विश्लेषण, जैविक इमेजिंग और भूवैज्ञानिक चुंबकत्व अध्ययन में अनुप्रयोगों के लिए एआई और मशीन लर्निंग-आधारित कम्प्यूटेशनल इमेजिंग के साथ क्यूडीएम प्लेटफॉर्म को एकीकृत करने की योजना बना रही है।


#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
❤3
भारत ने टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

12 नवंबर 2025 को जारी डब्ल्यूएचओ ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में 2015 और 2024 के बीच तपेदिक (टीबी) की घटनाओं में 21% की कमी दर्ज की गई है, जो वैश्विक गिरावट दर से लगभग दोगुनी है।

प्रमुख बिंदु

टीबी की घटनाओं में तीव्र गिरावट: भारत में टीबी की घटनाओं में 2015 से 2024 तक 21% की गिरावट आई है, जो वैश्विक औसत कमी दर से बेहतर है।

बेहतर उपचार कवरेज: उपचार कवरेज 2015 में 53% से बढ़कर 2024 में 92% से अधिक हो गया, अनुमानित 27 लाख मामलों में से 26.18 लाख रोगियों का निदान किया गया और उन्हें उपचार दिया गया।

"लापता मामलों" में कमी: विस्तारित निगरानी और रिपोर्टिंग के कारण, टीबी के असूचित मामलों की संख्या 2015 में 15 लाख से नाटकीय रूप से घटकर 2024 में 1 लाख से भी कम हो गई।

एमडीआर-टीबी का बोझ स्थिर: भारत ने बहु-औषधि प्रतिरोधी टीबी मामलों में स्थिरता बनाए रखी है, जबकि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचार की सफलता 90% तक बढ़ गई है, जो वैश्विक औसत 88% से अधिक है।

टीबी मृत्यु दर में कमी: मृत्यु दर 28 प्रति लाख (2015) से घटकर 21 प्रति लाख (2024) हो गई, जिसे 2015 से सरकारी वित्त पोषण में लगभग दस गुना वृद्धि से समर्थन मिला।

टीबी मुक्त भारत के तहत राष्ट्रव्यापी जांच: 2022 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम में 19 करोड़ से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की जांच की गई है, जिससे प्रारंभिक पहचान को काफी मजबूती मिली है।

नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना: एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरणों की तैनाती, विस्तारित एनएएटी परीक्षण और डिजिटल उपकरणों से 24.5 लाख टीबी रोगियों के निदान में सहायता मिली है, जिनमें 8.61 लाख लक्षणहीन मामले शामिल हैं।

सबसे बड़ा टीबी लैब नेटवर्क: भारत में अब 9,391 तीव्र आणविक परीक्षण सुविधाएं और 107 कल्चर एवं डीएसटी प्रयोगशालाएं संचालित हैं, साथ ही 500 से अधिक एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे इकाइयां (1,500 और स्थापित की जा रही हैं) भी हैं।

सामुदायिक स्तर पर देखभाल को मजबूत करना: 1.78 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से, निदान और उपचार सेवाओं को विकेन्द्रीकृत किया जा रहा है और समुदायों के करीब ले जाया जा रहा है।

उन्नत पोषण सहायता: निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत, मासिक डीबीटी सहायता 500 रुपये से दोगुनी होकर 1,000 रुपये प्रति मरीज हो गई है, तथा 2018 से अब तक 1.37 करोड़ लाभार्थियों को 4,406 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।
#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
❤1
प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching )

हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) की घटनाओं में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक समुद्री जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) क्या है?
प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) एक पर्यावरणीय घटना है जिसमें प्रवाल (coral) अपने रंग को खो देते हैं और सफेद या पीले दिखाई देने लगते हैं।
इसका मुख्य कारण उनके साथ रहने वाले सहजीवी शैवाल (zooxanthellae) का अपवाह या मर जाना होता है। 
ये शैवाल कोरल को रंग और ऊर्जा (photosynthesis के माध्यम से) प्रदान करते हैं।
जब शैवाल चले जाते हैं, तो कोरल का रंग फीका पड़ जाता है और वे जीवित रहने के लिए संघर्ष करने लगते हैं।

प्रवाल का प्राकृतिक वास

अक्षांश: 30°N से 30°S के बीच
जल: स्वच्छ, उथला, प्रकाश युक्त
तापमान: 16–32°C
गहराई: 50 मीटर से कम
वैश्विक वितरण

अधिकतम प्रवाल भित्तियाँ: ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस
कोरल ट्रायंगल: विश्व का सबसे समृद्ध समुद्री जैव विविधता क्षेत्र
सदस्य: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, पापुआ न्यू गिनी, तिमोर लेस्ते, सोलोमन द्वीप

#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
❤4
भारत में क्षय रोग का घटता बोझ: WHO रिपोर्ट 

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा ग्लोबल क्षय रोग रिपोर्ट 2025 जारी की गई।

ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025

यह वैश्विक, क्षेत्रीय और देश स्तर पर टीबी महामारी और इस रोग की रोकथाम, निदान और उपचार में हुई प्रगति का एक व्यापक और अद्यतन आकलन प्रस्तुत करती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयों से वार्षिक डेटा संग्रह दौरों में एकत्र किए गए आंकड़ों पर आधारित। 

शामिल देश : वर्ष 2025 में, दुनिया की 99% से अधिक आबादी और टीबी के मामलों वाले 184 देशों और क्षेत्रों (215 में से) ने डाटा रिपोर्ट किया।

मुख्य निष्कर्ष

भारत में क्षय रोग की वार्षिक घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
भारत में टीबी के नए मामलों की संख्या वर्ष 2015 से 2024 के बीच 21% प्रतिवर्ष की दर से घटी है, जो वैश्विक औसत गिरावट (12%) से लगभग दोगुनी है।
वर्ष 2015 में भारत में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 237 टीबी मरीज दर्ज किए गए थे, जो वर्ष 2024 तक घटकर 187 प्रति लाख रह गए।
यह कमी विश्व स्तर पर सबसे तेज़ गिरावटों में से एक है और भारत को टीबी बोझ वाले देशों की सूची में एक उदाहरणात्मक सफलता के रूप में स्थापित करती है।


मृत्यु दर में कमी

भारत की टीबी मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है :
वर्ष 2015 में यह प्रति लाख जनसंख्या पर 28 मृत्यु थी।
जो वर्ष 2024 में घटकर 21 प्रति लाख रह गई है।
यह आँकड़ा इस बात को दर्शाता है कि भारत ने न केवल नए संक्रमणों को रोका है बल्कि मृत्यु दर में भी सतत कमी हासिल की है।


मिसिंग केस में भारी कमी

वर्ष 2015 में भारत में लगभग 15 लाख मिसिंग केस थे, यानी ऐसे लोग जिन्हें टीबी थी लेकिन उन्हें रिपोर्ट या उपचार नहीं मिला।
वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर एक लाख से भी कम रह गई है। यह स्वास्थ्य प्रणाली की पहुँच और रिपोर्टिंग क्षमता में सुधार का संकेत है।

भारत की रणनीतिक पहलें

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस सफलता के पीछे भारत की नवोन्मेषी केस फाइंडिंग रणनीति, नई तकनीकों का तीव्र उपयोग, और सेवाओं का विकेंद्रीकरण जैसे कदम अहम रहे हैं।
वर्ष 2024 में 26.18 लाख मरीजों की पहचान की गई, जबकि कुल अनुमानित मामलों की संख्या लगभग 27 लाख थी।
इस प्रकार, भारत का उपचार कवरेज (Treatment Coverage) वर्ष 2015 के 53% से बढ़कर वर्ष 2024 में 92% तक पहुँच गया।

दवा-प्रतिरोधी टीबी (MDR-TB) पर नियंत्रण
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (MDR) टीबी के मामलों में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।
यह इस बात का संकेत है कि भारत में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम सही दिशा में कार्य कर रहा है, और उपचार प्रणाली प्रभावी है।

टीबी मुक्त भारत अभियान की सफलता
भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2024 में शुरू किया गया “टीबी मुक्त भारत अभियान” देशभर में व्यापक स्तर पर चलाया गया है।
अब तक 19 करोड़ से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है।
इनमें से 24.5 लाख टीबी मरीज पहचाने गए हैं, जिनमें 8.61 लाख बिना लक्षण वाले (asymptomatic) मरीज भी शामिल हैं।
इस अभियान के अंतर्गत उपचार सफलता दर 90% तक पहुँच चुकी है, जो वैश्विक औसत 88% से अधिक है।

निष्कर्ष

भारत की टीबी नियंत्रण यात्रा अब वैश्विक सफलता का उदाहरण बन चुकी है। तकनीकी नवाचार, सामुदायिक भागीदारी, और सशक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों के माध्यम से भारत ने यह दिखाया है कि टीबी जैसी पुरानी और घातक बीमारी को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

क्षय रोग (TB) के बारे में

क्षय रोग (टीबी) एक रोकथाम योग्य और आमतौर पर इलाज योग्य बीमारी है। 
हर साल 1 करोड़ से ज़्यादा लोग टीबी से बीमार पड़ते हैं और 10 लाख से ज़्यादा लोग इस बीमारी से मर जाते हैं।
यह दुनिया में किसी एक संक्रामक रोग से होने वाली मौत का सबसे बड़ा कारण है और दुनिया भर में मौत के शीर्ष 10 कारणों में से एक है। 
वर्ष 2030 तक वैश्विक टीबी महामारी को समाप्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सभी सदस्य देशों ने अपनाया है।


#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
❤5
रिफ्ट वैली फीवर 

हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पश्चिमी अफ्रीका के मॉरिटानिया और सेनेगल में रिफ्ट वैली फीवर (RVF) के प्रकोप की पुष्टि की है। 

रिफ्ट वैली फीवर के बारे में

यह फेनुइविरिडे (Phenuiviridae) कुल से संबंधित फ्लेबोवायरस के कारण होता है। यह मुख्यतः भेड़, बकरी, मवेशी एवं ऊँट जैसे जानवरों को प्रभावित करता है।
मनुष्य संक्रमित पशुओं के निकट संपर्क से या संक्रमित मच्छरों के काटने से संक्रमित हो जाते हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हुआ नहीं पाया गया है।
मच्छरों की कई प्रजातियाँ रिफ्ट वैली बुखार वायरस को संचारित कर सकती हैं तथा प्रमुख वाहक एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होता है।

रिफ्ट वैली बुखार की उत्पत्ति एवं इतिहास

इसका नाम केन्या की रिफ्ट वैली से लिया गया है जहाँ 1930 के दशक के प्रारंभ में इस रोग की पहली बार पहचान हुई थी। तब से यह संक्रमण उप-सहारा अफ्रीका में फैल गया है।
वर्ष 1977 में यह उत्तर की ओर मिस्र तक फैल गया और 2000 तक यह लाल सागर को पार कर सऊदी अरब व यमन तक पहुँच गया, जो अफ्रीकी महाद्वीप के बाहर इसकी पहली पुष्टि थी।

रिफ्ट वैली फीवर के लक्षण

लगभग 90% मामलों में इसके लक्षण हल्के व फ्लू जैसी बीमारी के रूप में सामने आता है जो संक्रमण के दो से छह दिन बाद शुरू होता है।
इसकी शुरुआत तेज बुखार, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और पीठ दर्द से होती है जिसमें कभी-कभी मतली, उल्टी व प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता भी होती है।
कुछ रोगियों में रोग गंभीर रूप ले लेता है जिससे आंखें, मस्तिष्क या यकृत प्रभावित होते हैं। 
वर्तमान में इसका कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार उपलब्ध नहीं है। चिकित्सा देखभाल मुख्यतः सहायक होती है।

#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
❤3
लेप्चा समुदाय के पारंपरिक वाद्ययंत्रों को मिला GI टैग

भारत सरकार ने सिक्किम के लेप्चा समुदाय के दो पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों —तुंगबुक (Tungbuk) और पुमटोंग पुलित (Pumtong Pulit) — को भौगोलिक संकेत (Geographical Indication – GI) टैग प्रदान किया है।

यह मान्यता लेप्चा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रमुख बिंदु:
घोषणा तिथि: 5 नवंबर 2025
पंजीकरण श्रेणी:
 वाद्ययंत्र (Musical Instruments Category)
GI पंजीकरण प्राधिकरण: भारत सरकार की भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री (Chennai)
सम्मान समारोह: नई दिल्ली में आयोजित प्रथम जनजातीय व्यापार सम्मेलन
आयोजन: संस्कृति मंत्रालय,जनजातीय कार्य मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
मुख्य अतिथि: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और जुएल ओराम


GI टैग का महत्व:
इन पारंपरिक वाद्ययंत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और कानूनी सुरक्षा प्राप्त हुई।
इससे इनका सांस्कृतिक पुनरुद्धार (Cultural Revival) होगा।
युवा पीढ़ी में परंपरागत संगीत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
कारीगरों की आजीविका को नई आर्थिक संभावनाएँ प्राप्त होंगी।
❤5👍1