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🎲 Quiz 'Today Current Affairs Practice Question [Date: 13/11/2025] https://t.me/SecurePcs'
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राहुल वी.एस. बने भारत के 91 वें शतरंज ग्रैंडमास्टर। छठी आसियान व्यक्तिगत शतरंज चैंपियनशिप जीतकर 91वें ग्रैंडमास्टर बन गए।
चेस ग्रैंड मास्टर
★22 वीं महिला ग्रैंड मास्टर - दिव्या देशमुख
★23 वीं महिला ग्रैंड मास्टर- प्रियंका नुटक्की कोनेरु
हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली के बाद वैशाली भारत की तीसरी महिला ग्रैंडमास्टर बनी हैं।
👉84 वें ग्रेड मास्टर वैशाली रमेश बाबू
स्थान - तमिलनाडु
👉85 वें ग्रैंड मास्टर श्याम निखिल पी.
स्थान - तमिलनाडु
👉86 वें ग्रैंड मास्टर Indian श्रीहरि एलआर
स्थान - तमिलनाडु
👉87 वें ग्रैंड मास्टर हरिकृष्णन ए रा
स्थान - तमिलनाडु
👉88 वें ग्रैंड मास्टर दिव्या देशमुख
स्थान - महाराष्ट्र
👉89 वें ग्रैंड मास्टर भारतीय रोहित कृष्णा एस
स्थान - तमिलनाडु
👉90 वें ग्रैंड मास्टर इलमपर्थी ए आर
स्थान - तमिलनाडु
👉91 वें ग्रैंड मास्टर राहुल वी. एस.
स्थान - तमिलनाडु
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★22 वीं महिला ग्रैंड मास्टर - दिव्या देशमुख
★23 वीं महिला ग्रैंड मास्टर- प्रियंका नुटक्की कोनेरु
हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली के बाद वैशाली भारत की तीसरी महिला ग्रैंडमास्टर बनी हैं।
👉84 वें ग्रेड मास्टर वैशाली रमेश बाबू
स्थान - तमिलनाडु
👉85 वें ग्रैंड मास्टर श्याम निखिल पी.
स्थान - तमिलनाडु
👉86 वें ग्रैंड मास्टर Indian श्रीहरि एलआर
स्थान - तमिलनाडु
👉87 वें ग्रैंड मास्टर हरिकृष्णन ए रा
स्थान - तमिलनाडु
👉88 वें ग्रैंड मास्टर दिव्या देशमुख
स्थान - महाराष्ट्र
👉89 वें ग्रैंड मास्टर भारतीय रोहित कृष्णा एस
स्थान - तमिलनाडु
👉90 वें ग्रैंड मास्टर इलमपर्थी ए आर
स्थान - तमिलनाडु
👉91 वें ग्रैंड मास्टर राहुल वी. एस.
स्थान - तमिलनाडु
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चेस ग्रैंड मास्टर ★22 वीं महिला ग्रैंड मास्टर - दिव्या देशमुख ★23 वीं महिला ग्रैंड मास्टर- प्रियंका नुटक्की कोनेरु हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली के बाद वैशाली भारत की तीसरी महिला ग्रैंडमास्टर बनी हैं। 👉84 वें ग्रेड मास्टर वैशाली रमेश बाबू स्थान - तमिलनाडु …
कुछ प्रसिद्ध शतरंज ग्रैंडमास्टर्स और उनकी उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:
मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen): 5 बार के विश्व शतरंज चैंपियन (World Chess Champion), 5 बार के वर्ल्ड रैपिड चैंपियन और 8 बार के वर्ल्ड ब्लिट्ज़ चैंपियन (नॉर्वे)।
गैरी कास्पारोव (Garry Kasparov): 1985 से 2000 तक विश्व चैंपियन रहे (सोवियत संघ/रूस)।
विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand): 2007 से 2013 तक 4 बार के क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन रहे (भारत)।
डिंग लिरेन (Ding Liren): 2023 के क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन (चीन)।
गुकेश डी (Gukesh D): 2024 के क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन (भारत)।
मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen): 5 बार के विश्व शतरंज चैंपियन (World Chess Champion), 5 बार के वर्ल्ड रैपिड चैंपियन और 8 बार के वर्ल्ड ब्लिट्ज़ चैंपियन (नॉर्वे)।
गैरी कास्पारोव (Garry Kasparov): 1985 से 2000 तक विश्व चैंपियन रहे (सोवियत संघ/रूस)।
विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand): 2007 से 2013 तक 4 बार के क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन रहे (भारत)।
डिंग लिरेन (Ding Liren): 2023 के क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन (चीन)।
गुकेश डी (Gukesh D): 2024 के क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन (भारत)।
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जलवायु जोखिम सूचकांक (Climate Risk Index) 2026 रिपोर्ट।
जारीकर्ता संस्था: जर्मन वॉच (Germanwatch), जो जर्मनी की एक संस्था है।
उद्देश्य: चरम मौसम की घटनाओं से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची तैयार करना और नुकसान का आकलन करना।
इस रिपोर्ट के विश्लेषण में वर्ष 1995 से 2024 तक के आँकड़े शामिल किए गए हैं।
संदर्भ: यह रिपोर्ट ब्राज़ील में चल रहे कॉप 30 (COP 30) सम्मेलन का एक अंश है।
रिपोर्ट की गणना के आधार
सूचकांक की गणना चरम मौसम की घटनाओं के मानवीय प्रभावों और आर्थिक प्रभावों के आधार पर की गई है।
शामिल घटनाएँ (तीव्र शुरुआत वाली):
बाढ़
तूफान
अत्यधिक तापमान (Temperature Rise)
जंगल की आग/वनाग्नि
हिमनद झीलों के फटने से आई बाढ़ (Glacial Lake Outburst Floods)
अशामिल घटनाएँ (धीमी गति वाली):
औसत तापमान में वृद्धि
समुद्र तल में वृद्धि (Sea-Level Rise)
महासागर अम्लीकरण (Ocean Acidification)
हिमनदों का पिघलना
शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रभावित देश
रैंक (1995-2024): शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रभावित देश (घटते क्रम में) हैं:
डोमिनिका,
म्यांमार,
होंडुरास,
लीबिया,
हैती,
ग्रेनाडा,
फिलीपींस,
निकारागुआ,
भारत, और
द बहामास।
वैश्विक दक्षिण: शीर्ष 10 में केवल ग्लोबल साउथ (विकासशील) राष्ट्र मौजूद हैं।
भारत की स्थिति (1995-2024)
★भारत 9वें स्थान पर है।
★2024 में भारत 15वीं रैंक पर था।
सर्वाधिक प्रभावित लोग: सर्वाधिक प्रभावित लोगों की संख्या के मामले में भारत, बांग्लादेश और फिलीपींस के बाद तीसरे स्थान पर है।
आंकड़े (1995-2024):
घटनाएँ: लगभग 430 चरम मौसमी घटनाएँ।
प्रभावित लोग: 1 अरब से अधिक लोग प्रभावित हुए।
आर्थिक नुकसान: लगभग 170 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।
मौतें: 8,000 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।
निरंतर खतरा श्रेणी (Continuous Threats): भारत को फिलीपींस, निकारागुआ और हैती के साथ इस श्रेणी में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि ये देश लगातार चरम मौसमी घटनाओं से प्रभावित होते रहेंगे (एक आपदा से उबरने से पहले ही दूसरी आपदा का आ जाना)
वैश्विक आंकड़े (1995-2024)
कुल घटनाएँ: वैश्विक स्तर पर लगभग 9,700 चरम मौसमी घटनाएँ दर्ज की गईं।
मौतें: 83 लाख 20 हज़ार से अधिक मौतें हुईं।
आर्थिक नुकसान: लगभग 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।
रिपोर्ट के निष्कर्ष (समाधान)
जलवायु वित्त: हानि और क्षति (Loss and Damage) के लिए वैश्विक वित्त (Climate Finance) को तत्काल बढ़ाना चाहिए।
उत्सर्जन कटौती: ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन तुरंत घटाना चाहिए।
अनुकूलन समर्थन: विकासशील देशों को अनुकूलन (Adaptation) के लिए दीर्घकालिक समर्थन (Long-term Support) चाहिए.
#Current #Fact #report
जारीकर्ता संस्था: जर्मन वॉच (Germanwatch), जो जर्मनी की एक संस्था है।
उद्देश्य: चरम मौसम की घटनाओं से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची तैयार करना और नुकसान का आकलन करना।
इस रिपोर्ट के विश्लेषण में वर्ष 1995 से 2024 तक के आँकड़े शामिल किए गए हैं।
संदर्भ: यह रिपोर्ट ब्राज़ील में चल रहे कॉप 30 (COP 30) सम्मेलन का एक अंश है।
रिपोर्ट की गणना के आधार
सूचकांक की गणना चरम मौसम की घटनाओं के मानवीय प्रभावों और आर्थिक प्रभावों के आधार पर की गई है।
शामिल घटनाएँ (तीव्र शुरुआत वाली):
बाढ़
तूफान
अत्यधिक तापमान (Temperature Rise)
जंगल की आग/वनाग्नि
हिमनद झीलों के फटने से आई बाढ़ (Glacial Lake Outburst Floods)
अशामिल घटनाएँ (धीमी गति वाली):
औसत तापमान में वृद्धि
समुद्र तल में वृद्धि (Sea-Level Rise)
महासागर अम्लीकरण (Ocean Acidification)
हिमनदों का पिघलना
शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रभावित देश
रैंक (1995-2024): शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रभावित देश (घटते क्रम में) हैं:
डोमिनिका,
म्यांमार,
होंडुरास,
लीबिया,
हैती,
ग्रेनाडा,
फिलीपींस,
निकारागुआ,
भारत, और
द बहामास।
वैश्विक दक्षिण: शीर्ष 10 में केवल ग्लोबल साउथ (विकासशील) राष्ट्र मौजूद हैं।
भारत की स्थिति (1995-2024)
★भारत 9वें स्थान पर है।
★2024 में भारत 15वीं रैंक पर था।
सर्वाधिक प्रभावित लोग: सर्वाधिक प्रभावित लोगों की संख्या के मामले में भारत, बांग्लादेश और फिलीपींस के बाद तीसरे स्थान पर है।
आंकड़े (1995-2024):
घटनाएँ: लगभग 430 चरम मौसमी घटनाएँ।
प्रभावित लोग: 1 अरब से अधिक लोग प्रभावित हुए।
आर्थिक नुकसान: लगभग 170 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।
मौतें: 8,000 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।
निरंतर खतरा श्रेणी (Continuous Threats): भारत को फिलीपींस, निकारागुआ और हैती के साथ इस श्रेणी में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि ये देश लगातार चरम मौसमी घटनाओं से प्रभावित होते रहेंगे (एक आपदा से उबरने से पहले ही दूसरी आपदा का आ जाना)
वैश्विक आंकड़े (1995-2024)
कुल घटनाएँ: वैश्विक स्तर पर लगभग 9,700 चरम मौसमी घटनाएँ दर्ज की गईं।
मौतें: 83 लाख 20 हज़ार से अधिक मौतें हुईं।
आर्थिक नुकसान: लगभग 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।
रिपोर्ट के निष्कर्ष (समाधान)
जलवायु वित्त: हानि और क्षति (Loss and Damage) के लिए वैश्विक वित्त (Climate Finance) को तत्काल बढ़ाना चाहिए।
उत्सर्जन कटौती: ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन तुरंत घटाना चाहिए।
अनुकूलन समर्थन: विकासशील देशों को अनुकूलन (Adaptation) के लिए दीर्घकालिक समर्थन (Long-term Support) चाहिए.
#Current #Fact #report
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कल हस्तलिखित करेंट अफेयर्स की pdf दी जाएगी। Join 📌 @SecurePcs
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Handwritten Current Affairs Note. November (Part-1)
आपका समर्थन इस पहल को जीवित रखने और आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
इसलिए अधिक से अधिक लोग को इस मंच से जोड़ें जिससे यह पहल निरंतर चलती रहे।
धन्यवाद 💐
Team Secure Pcs
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इसलिए अधिक से अधिक लोग को इस मंच से जोड़ें जिससे यह पहल निरंतर चलती रहे।
धन्यवाद 💐
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एकीकृत 70वीं संयुक्त मुख्य (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों की अमूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दी गई हैं।
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भारत सरकार टेलीग्राम की जांच कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इसका इस्तेमाल जबरन वसूली, जुआ, शेयर बाजार में धोखाधड़ी और परीक्षा पत्रों को लीक करने जैसी अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
टेलीग्राम के लक्षण ठीक नहीं लग रहा है
आप लोग Secure Pcs के ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल से जुड़ जाइए।
बस जुड़े रहिए जुड़े रहना जरूरी है आगे की गतिविधियों को संचालित करने में।
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आप जिस भी मंच से जुड़े हुए हैं वहां इसे जरूर शेयर कीजिए जिससे अधिकतम लोगों का अधिकतम कल्याण हो सकें।
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कुछ लोग UPSI का एग्जाम दिसम्बर में करवा रहे हैं
कुछ लोग जनवरी में।
दिसम्बर मान के पढ़ाई लिखाई कीजिए जिससे अच्छी तैयारी हो जाय।
बाकी एग्जाम जनवरी में होने की सम्भावना है 15 के बाद।
कुछ लोग जनवरी में।
दिसम्बर मान के पढ़ाई लिखाई कीजिए जिससे अच्छी तैयारी हो जाय।
बाकी एग्जाम जनवरी में होने की सम्भावना है 15 के बाद।
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कुछ लोग UPSI का एग्जाम दिसम्बर में करवा रहे हैं कुछ लोग जनवरी में। दिसम्बर मान के पढ़ाई लिखाई कीजिए जिससे अच्छी तैयारी हो जाय। बाकी एग्जाम जनवरी में होने की सम्भावना है 15 के बाद।
सूचना का स्रोत: गुप्तचर विभाग के प्रमुख चित्रगुप्त खबरी😄
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3 हजार सदस्य पूर्ण हो जाने के बाद एग्जाम ओरिएंटेड टॉपिक वाइज मंथली करेंट अफेयर्स हस्तलिखित नोट दी जाएगी।
अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ना शुरू कीजिए आप लोग।
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धन्यवाद 💐
अधिक से अधिक संख्या में लोगों को जोड़ना शुरू कीजिए आप लोग।
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धन्यवाद 💐
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प्रवर्तन कांस्टेबल रिजल्ट OUT
Physical exam - Feb मे ।।
👉477 पदों के सापेक्ष 6060 लोगो को पास किया गया है।
👉दौड़ / शारीरिक दक्षता परीक्षा फरवरी में प्रस्तावित है ।
Physical exam - Feb मे ।।
👉477 पदों के सापेक्ष 6060 लोगो को पास किया गया है।
👉दौड़ / शारीरिक दक्षता परीक्षा फरवरी में प्रस्तावित है ।
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(1)बाल साहित्य पुरस्कार 2025,हिन्दी भाषा के “एक बटे बारा” (लघु कथाएँ) के लिए सुशील शुक्ला को दिया जाएगा। (2)पुरस्कार स्वरूप बॉक्स में एक उत्कीर्ण ताम्र पट्टिका और 50,000/- रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
(1)बाल साहित्य पुरस्कार 2025,हिन्दी भाषा के “एक बटे बारा” (लघु कथाएँ) के लिए सुशील शुक्ला को दिया जाएगा। (2)पुरस्कार स्वरूप बॉक्स में एक उत्कीर्ण ताम्र पट्टिका और 50,000/- रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
Anonymous Quiz
2%
केवल 1
10%
केवल 2
85%
1 और 2 दोनों
3%
न तो 1 न ही 2
❤2👍2😍1
भारत ने पहला स्वदेशी क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप विकसित किया
नवंबर 2025 में, भारत ने गतिशील चुंबकीय क्षेत्र इमेजिंग के लिए अपना पहला स्वदेशी क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप (QDM) विकसित किया है - जो क्वांटम सेंसिंग में एक प्रमुख मील का पत्थर है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के तहत आईआईटी बॉम्बे में पी-क्वेस्ट समूह द्वारा हासिल की गई इस सफलता की घोषणा उभरते विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी 2025) के दौरान की गई।
प्रमुख बिंदु
क्वांटम प्रौद्योगिकी आधार : क्यूडीएम, हीरे में नाइट्रोजन-रिक्ति (एनवी) केंद्रों का उपयोग करता है - परमाणु-पैमाने के दोष जो कमरे के तापमान पर क्वांटम सुसंगतता को संरक्षित करते हैं और चुंबकीय, विद्युत और थर्मल विविधताओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।
ओडीएमआर-आधारित चुंबकीय इमेजिंग: यह उपकरण ऑप्टिकली डिटेक्टेड मैग्नेटिक रेजोनेंस (ओडीएमआर) के माध्यम से स्थानीय चुंबकीय क्षेत्रों के ऑप्टिकल रीडआउट को सक्षम बनाता है, जिससे ऑप्टिकल माइक्रोस्कोप के समान वाइडफील्ड विज़ुअलाइज़ेशन के साथ 3डी नैनोस्केल चुंबकीय क्षेत्र इमेजिंग की अनुमति मिलती है।
कई क्षेत्रों में सफलता : क्यूडीएम प्रौद्योगिकी के तंत्रिका विज्ञान, पदार्थ विज्ञान, अर्धचालक निदान और चिप्स के गैर-विनाशकारी मूल्यांकन में आशाजनक अनुप्रयोग हैं, जहां यह 3डी में दबे हुए विद्युत प्रवाह पथों और बहुपरत संरचनाओं का मानचित्रण कर सकता है।
पारंपरिक उपकरणों पर लाभ : 3D चिप आर्किटेक्चर और क्रायोजेनिक प्रोसेसर की बढ़ती जटिलता के साथ, पारंपरिक डायग्नोस्टिक उपकरण सतह के नीचे की चुंबकीय गतिविधि को पकड़ने में कठिनाई महसूस करते हैं। QDM माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एकीकृत सर्किट और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए एक परिवर्तनकारी, उच्च-रिज़ॉल्यूशन समाधान प्रदान करता है।
एआई के साथ भविष्य का एकीकरण: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के साथ संरेखित, टीम चिप विश्लेषण, जैविक इमेजिंग और भूवैज्ञानिक चुंबकत्व अध्ययन में अनुप्रयोगों के लिए एआई और मशीन लर्निंग-आधारित कम्प्यूटेशनल इमेजिंग के साथ क्यूडीएम प्लेटफॉर्म को एकीकृत करने की योजना बना रही है।
#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
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भारत ने टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की
12 नवंबर 2025 को जारी डब्ल्यूएचओ ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में 2015 और 2024 के बीच तपेदिक (टीबी) की घटनाओं में 21% की कमी दर्ज की गई है, जो वैश्विक गिरावट दर से लगभग दोगुनी है।
प्रमुख बिंदु
टीबी की घटनाओं में तीव्र गिरावट: भारत में टीबी की घटनाओं में 2015 से 2024 तक 21% की गिरावट आई है, जो वैश्विक औसत कमी दर से बेहतर है।
बेहतर उपचार कवरेज: उपचार कवरेज 2015 में 53% से बढ़कर 2024 में 92% से अधिक हो गया, अनुमानित 27 लाख मामलों में से 26.18 लाख रोगियों का निदान किया गया और उन्हें उपचार दिया गया।
"लापता मामलों" में कमी: विस्तारित निगरानी और रिपोर्टिंग के कारण, टीबी के असूचित मामलों की संख्या 2015 में 15 लाख से नाटकीय रूप से घटकर 2024 में 1 लाख से भी कम हो गई।
एमडीआर-टीबी का बोझ स्थिर: भारत ने बहु-औषधि प्रतिरोधी टीबी मामलों में स्थिरता बनाए रखी है, जबकि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचार की सफलता 90% तक बढ़ गई है, जो वैश्विक औसत 88% से अधिक है।
टीबी मृत्यु दर में कमी: मृत्यु दर 28 प्रति लाख (2015) से घटकर 21 प्रति लाख (2024) हो गई, जिसे 2015 से सरकारी वित्त पोषण में लगभग दस गुना वृद्धि से समर्थन मिला।
टीबी मुक्त भारत के तहत राष्ट्रव्यापी जांच: 2022 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम में 19 करोड़ से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की जांच की गई है, जिससे प्रारंभिक पहचान को काफी मजबूती मिली है।
नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना: एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरणों की तैनाती, विस्तारित एनएएटी परीक्षण और डिजिटल उपकरणों से 24.5 लाख टीबी रोगियों के निदान में सहायता मिली है, जिनमें 8.61 लाख लक्षणहीन मामले शामिल हैं।
सबसे बड़ा टीबी लैब नेटवर्क: भारत में अब 9,391 तीव्र आणविक परीक्षण सुविधाएं और 107 कल्चर एवं डीएसटी प्रयोगशालाएं संचालित हैं, साथ ही 500 से अधिक एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे इकाइयां (1,500 और स्थापित की जा रही हैं) भी हैं।
सामुदायिक स्तर पर देखभाल को मजबूत करना: 1.78 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से, निदान और उपचार सेवाओं को विकेन्द्रीकृत किया जा रहा है और समुदायों के करीब ले जाया जा रहा है।
उन्नत पोषण सहायता: निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत, मासिक डीबीटी सहायता 500 रुपये से दोगुनी होकर 1,000 रुपये प्रति मरीज हो गई है, तथा 2018 से अब तक 1.37 करोड़ लाभार्थियों को 4,406 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।
#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
12 नवंबर 2025 को जारी डब्ल्यूएचओ ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में 2015 और 2024 के बीच तपेदिक (टीबी) की घटनाओं में 21% की कमी दर्ज की गई है, जो वैश्विक गिरावट दर से लगभग दोगुनी है।
प्रमुख बिंदु
टीबी की घटनाओं में तीव्र गिरावट: भारत में टीबी की घटनाओं में 2015 से 2024 तक 21% की गिरावट आई है, जो वैश्विक औसत कमी दर से बेहतर है।
बेहतर उपचार कवरेज: उपचार कवरेज 2015 में 53% से बढ़कर 2024 में 92% से अधिक हो गया, अनुमानित 27 लाख मामलों में से 26.18 लाख रोगियों का निदान किया गया और उन्हें उपचार दिया गया।
"लापता मामलों" में कमी: विस्तारित निगरानी और रिपोर्टिंग के कारण, टीबी के असूचित मामलों की संख्या 2015 में 15 लाख से नाटकीय रूप से घटकर 2024 में 1 लाख से भी कम हो गई।
एमडीआर-टीबी का बोझ स्थिर: भारत ने बहु-औषधि प्रतिरोधी टीबी मामलों में स्थिरता बनाए रखी है, जबकि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचार की सफलता 90% तक बढ़ गई है, जो वैश्विक औसत 88% से अधिक है।
टीबी मृत्यु दर में कमी: मृत्यु दर 28 प्रति लाख (2015) से घटकर 21 प्रति लाख (2024) हो गई, जिसे 2015 से सरकारी वित्त पोषण में लगभग दस गुना वृद्धि से समर्थन मिला।
टीबी मुक्त भारत के तहत राष्ट्रव्यापी जांच: 2022 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम में 19 करोड़ से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की जांच की गई है, जिससे प्रारंभिक पहचान को काफी मजबूती मिली है।
नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना: एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरणों की तैनाती, विस्तारित एनएएटी परीक्षण और डिजिटल उपकरणों से 24.5 लाख टीबी रोगियों के निदान में सहायता मिली है, जिनमें 8.61 लाख लक्षणहीन मामले शामिल हैं।
सबसे बड़ा टीबी लैब नेटवर्क: भारत में अब 9,391 तीव्र आणविक परीक्षण सुविधाएं और 107 कल्चर एवं डीएसटी प्रयोगशालाएं संचालित हैं, साथ ही 500 से अधिक एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे इकाइयां (1,500 और स्थापित की जा रही हैं) भी हैं।
सामुदायिक स्तर पर देखभाल को मजबूत करना: 1.78 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से, निदान और उपचार सेवाओं को विकेन्द्रीकृत किया जा रहा है और समुदायों के करीब ले जाया जा रहा है।
उन्नत पोषण सहायता: निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत, मासिक डीबीटी सहायता 500 रुपये से दोगुनी होकर 1,000 रुपये प्रति मरीज हो गई है, तथा 2018 से अब तक 1.37 करोड़ लाभार्थियों को 4,406 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।
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प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching )
हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) की घटनाओं में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक समुद्री जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) क्या है?
प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) एक पर्यावरणीय घटना है जिसमें प्रवाल (coral) अपने रंग को खो देते हैं और सफेद या पीले दिखाई देने लगते हैं।
इसका मुख्य कारण उनके साथ रहने वाले सहजीवी शैवाल (zooxanthellae) का अपवाह या मर जाना होता है।
ये शैवाल कोरल को रंग और ऊर्जा (photosynthesis के माध्यम से) प्रदान करते हैं।
जब शैवाल चले जाते हैं, तो कोरल का रंग फीका पड़ जाता है और वे जीवित रहने के लिए संघर्ष करने लगते हैं।
प्रवाल का प्राकृतिक वास
#CurrentAffairs #Current_affairs #Prelims_Special #DailyCurrentAffairs #SecurePcs
हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) की घटनाओं में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक समुद्री जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) क्या है?
प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) एक पर्यावरणीय घटना है जिसमें प्रवाल (coral) अपने रंग को खो देते हैं और सफेद या पीले दिखाई देने लगते हैं।
इसका मुख्य कारण उनके साथ रहने वाले सहजीवी शैवाल (zooxanthellae) का अपवाह या मर जाना होता है।
ये शैवाल कोरल को रंग और ऊर्जा (photosynthesis के माध्यम से) प्रदान करते हैं।
जब शैवाल चले जाते हैं, तो कोरल का रंग फीका पड़ जाता है और वे जीवित रहने के लिए संघर्ष करने लगते हैं।
प्रवाल का प्राकृतिक वास
अक्षांश: 30°N से 30°S के बीचवैश्विक वितरण
जल: स्वच्छ, उथला, प्रकाश युक्त
तापमान: 16–32°C
गहराई: 50 मीटर से कम
अधिकतम प्रवाल भित्तियाँ: ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस
कोरल ट्रायंगल: विश्व का सबसे समृद्ध समुद्री जैव विविधता क्षेत्र
सदस्य: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, पापुआ न्यू गिनी, तिमोर लेस्ते, सोलोमन द्वीप
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