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🎲 Quiz 'Today Current Affairs Practice Question [Date: 7/11/2025] https://t.me/SecurePcs'
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🖊 15 questions · ⏱ 30 sec
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किस राज्य ने हाल ही में 'कारखाना (संशोधन) विधेयक, 2024' लागू किया है ?★Secure Pcs
A उत्तर प्रदेश B पश्चिम बंगाल C. महाराष्ट्र D. बिहार
A उत्तर प्रदेश B पश्चिम बंगाल C. महाराष्ट्र D. बिहार
Anonymous Quiz
35%
A
24%
B
35%
C
5%
D
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हरित हाइड्रोजन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH 2025) का आयोजन कहाँ किया जाएगा?★Secure Pcs
A. जयपुर B. नई दिल्ली C. कोलकाता D. लखनऊ
A. जयपुर B. नई दिल्ली C. कोलकाता D. लखनऊ
Anonymous Quiz
9%
A
73%
B
14%
C
4%
D
❤3👍1
★फिलीपींस में तूफान कालमेगी
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने 6 नवंबर को आपातकाल की घोषणा कर दी, क्योंकि इस वर्ष देश में आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा में कालमेगी तूफान के कारण मध्य प्रांतों में कम से कम 114 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग लापता हो गए। स्टडी फॉर सिविल सर्विसेज
फिलीपींस की राजधानी – मनीला
मुद्रा - Philippine peso
#Current #Fact
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने 6 नवंबर को आपातकाल की घोषणा कर दी, क्योंकि इस वर्ष देश में आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा में कालमेगी तूफान के कारण मध्य प्रांतों में कम से कम 114 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग लापता हो गए। स्टडी फॉर सिविल सर्विसेज
फिलीपींस की राजधानी – मनीला
मुद्रा - Philippine peso
#Current #Fact
❤9
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भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने पहली बार गिद्धों पर “संकटग्रस्त प्रजातियों का अखिल भारतीय आकलन और निगरानी रिपोर्ट” जारी की
इस देशव्यापी प्रथम सर्वेक्षण में चार अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered) गिद्ध प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये प्रजातियां हैं- श्वेत पुट्ठे वाले गिद्ध, भारतीय गिद्ध, पतली चोंच वाले गिद्ध और लाल सिर वाले गिद्ध। इस आकलन में प्रजनन करने वाले वयस्क गिद्धों की संख्या का अनुमान लगाया गया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
👉भौगोलिक दायरा: सर्वेक्षण में 17 राज्यों के 216 स्थलों पर गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
👉रेंज क्षेत्र में कमी: देशभर में ऐसे लगभग 70% स्थलों पर गिद्धों के घोंसले नहीं पाए गए हैं, जहां पहले इनकी उपस्थिति होती थी।
👉संरक्षित क्षेत्रों (PAs) पर निर्भरता: सभी दर्ज किए गए घोंसलों में से 54% संरक्षित क्षेत्रों में पाए गए हैं।
प्रजाति-विशिष्ट निष्कर्ष:
👉भारतीय गिद्ध (Gyps indicus/ जिप्स इंडिकस): यह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और राजस्थान में पाया जाता है। इनकी सबसे बड़ी आबादी मुकुंदरा हिल्स में पाई जाती है। यह ज्यादातर सुरक्षित चट्टानी स्थलों पर रहता है।
👉श्वेत पुट्ठे वाला गिद्ध (Gyps bengalensis/ जिप्स बंगालेंसिस): हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में पाया जाता है।
👉पतली चोंच वाला गिद्ध (Gyps tenuirostris/ जिप्स टेनुइरोस्ट्रिस): मुख्य रूप से असम के ऊपरी भाग में प्रजनन करता है।
👉लाल सिर वाला गिद्ध (Sarcogyps calvus/ सरकोजिप्स कैल्वस): यह मध्य प्रदेश में पाया गया जाता है। यह सघन व मानव हस्तक्षेप से मुक्त जंगलों में रहता है। इसकी आबादी अत्यंत कम और बिखरी हुई है।
गिद्ध
📍परिचय: गिद्ध बड़े आकार के मांसभक्षी पक्षी हैं। ये भोजन के लिए मुख्य रूप से मृत जीवों पर निर्भर रहते हैं। ये अधिकतर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। भारत में इनकी 9 प्रजातियां मिलती हैं।
महत्त्व: गिद्ध पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करते हैं, क्योंकि वे मृत जानवरों के शव खाकर दुर्गंन्ध एवं बीमारियों को फैलने से रोकते हैं।
👉संरक्षण स्थिति: गिद्धों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल किया गया है।
👉मुख्य खतरे: पर्यावास नष्ट होना, भोजन की कमी, डाइक्लोफेनेक जैसी दवाओं से विषाक्तता, बिजली के तारों से करंट लगना आदि।
📍संरक्षण उपाय:
👉डाइक्लोफेनेक, केटोप्रोफेन और एसिक्लोफेनाक जैसी दवाओं पर प्रतिबंध; गिद्ध संरक्षण कार्य योजना (2020–25) का कार्यान्वयन आदि।
#Current #Fact #imp
इस देशव्यापी प्रथम सर्वेक्षण में चार अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered) गिद्ध प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये प्रजातियां हैं- श्वेत पुट्ठे वाले गिद्ध, भारतीय गिद्ध, पतली चोंच वाले गिद्ध और लाल सिर वाले गिद्ध। इस आकलन में प्रजनन करने वाले वयस्क गिद्धों की संख्या का अनुमान लगाया गया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
👉भौगोलिक दायरा: सर्वेक्षण में 17 राज्यों के 216 स्थलों पर गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
👉रेंज क्षेत्र में कमी: देशभर में ऐसे लगभग 70% स्थलों पर गिद्धों के घोंसले नहीं पाए गए हैं, जहां पहले इनकी उपस्थिति होती थी।
👉संरक्षित क्षेत्रों (PAs) पर निर्भरता: सभी दर्ज किए गए घोंसलों में से 54% संरक्षित क्षेत्रों में पाए गए हैं।
प्रजाति-विशिष्ट निष्कर्ष:
👉भारतीय गिद्ध (Gyps indicus/ जिप्स इंडिकस): यह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और राजस्थान में पाया जाता है। इनकी सबसे बड़ी आबादी मुकुंदरा हिल्स में पाई जाती है। यह ज्यादातर सुरक्षित चट्टानी स्थलों पर रहता है।
👉श्वेत पुट्ठे वाला गिद्ध (Gyps bengalensis/ जिप्स बंगालेंसिस): हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में पाया जाता है।
👉पतली चोंच वाला गिद्ध (Gyps tenuirostris/ जिप्स टेनुइरोस्ट्रिस): मुख्य रूप से असम के ऊपरी भाग में प्रजनन करता है।
👉लाल सिर वाला गिद्ध (Sarcogyps calvus/ सरकोजिप्स कैल्वस): यह मध्य प्रदेश में पाया गया जाता है। यह सघन व मानव हस्तक्षेप से मुक्त जंगलों में रहता है। इसकी आबादी अत्यंत कम और बिखरी हुई है।
गिद्ध
📍परिचय: गिद्ध बड़े आकार के मांसभक्षी पक्षी हैं। ये भोजन के लिए मुख्य रूप से मृत जीवों पर निर्भर रहते हैं। ये अधिकतर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। भारत में इनकी 9 प्रजातियां मिलती हैं।
महत्त्व: गिद्ध पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करते हैं, क्योंकि वे मृत जानवरों के शव खाकर दुर्गंन्ध एवं बीमारियों को फैलने से रोकते हैं।
👉संरक्षण स्थिति: गिद्धों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल किया गया है।
👉मुख्य खतरे: पर्यावास नष्ट होना, भोजन की कमी, डाइक्लोफेनेक जैसी दवाओं से विषाक्तता, बिजली के तारों से करंट लगना आदि।
📍संरक्षण उपाय:
👉डाइक्लोफेनेक, केटोप्रोफेन और एसिक्लोफेनाक जैसी दवाओं पर प्रतिबंध; गिद्ध संरक्षण कार्य योजना (2020–25) का कार्यान्वयन आदि।
#Current #Fact #imp
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पेरू (राजधानी: लीमा)
भारत और पेरू के बीच व्यापार समझौते की 9वें दौर की वार्ता पेरू में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
भौगोलिक अवस्थिति:
यह पश्चिमी दक्षिण अमेरिका में स्थित है।
उत्तर में इक्वाडोर व कोलंबिया; पूर्व में ब्राजील; दक्षिण-पूर्व में बोलीविया तथा दक्षिण में चिली से लगती है।
सीमावर्ती जल निकाय: इसके पश्चिम में प्रशांत महासागर स्थित है।
भौगोलिक विशेषताएं:
पेरू तीन लंबवत क्षेत्रों में विभाजित है: कोस्टा (तटीय मैदान), सिएरा (एंडीज उच्चभूमि) और अमेज़ोनिया (सेल्वा क्षेत्र)।
सबसे ऊंची चोटी: माउंट हुआसकरन (6,768 मीटर)।
टिटिकाका झील: इसका प्रसार बोलीविया में भी है। यह विश्व की सबसे ऊंची नौगम्य झील है (12,500 फीट)।
अर्थव्यवस्था (भारतीय उद्योग परिसंघ के अनुसार)
पेरू लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई क्षेत्र में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है।
भारत पेरू के सोने और तांबे का एक प्रमुख आयातक है।
पेरू कई क्षेत्रीय समूहों से भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। यह SICA (मध्य अमेरिकी एकीकरण प्रणाली) का एक पर्यवेक्षक, मर्कोसुर का एक एसोसिएट सदस्य, और पैसिफ़िक एलायंस का एक पूर्ण सदस्य है।
❤5
वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 पर FAC की सिफारिशें
मुख्य सिफारिशें
दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण: जिस वन क्षेत्र में उल्लंघन हुआ है, उसी के बराबर क्षेत्रफल पर दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण किया जाना चाहिए।
दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण, उस कानूनी रूप से अनिवार्य प्रतिपूरक वनीकरण के अतिरिक्त होता है, जो किसी वन भूमि के गैर-वन उपयोग के कारण उस पर लागू होता है।
दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण और दंडात्मक NPV उपायों के बीच तालमेल स्थापित करना।
NPV (निवल वर्तमान मूल्य) का अर्थ है, वन क्षेत्र से मिलने वाली पर्यावरणीय सेवाओं का आर्थिक मूल्य, जिसे गैर-वन प्रयोजन के लिए वन भूमि के उपयोग के बदले चुकाया जाता है।
#Current #Fact
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (FAC) ने वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधानों में तर्कसंगतता और एकरूपता लाने की सिफारिश की है।
मुख्य सिफारिशें
दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण: जिस वन क्षेत्र में उल्लंघन हुआ है, उसी के बराबर क्षेत्रफल पर दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण किया जाना चाहिए।
दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण, उस कानूनी रूप से अनिवार्य प्रतिपूरक वनीकरण के अतिरिक्त होता है, जो किसी वन भूमि के गैर-वन उपयोग के कारण उस पर लागू होता है।
दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण और दंडात्मक NPV उपायों के बीच तालमेल स्थापित करना।
NPV (निवल वर्तमान मूल्य) का अर्थ है, वन क्षेत्र से मिलने वाली पर्यावरणीय सेवाओं का आर्थिक मूल्य, जिसे गैर-वन प्रयोजन के लिए वन भूमि के उपयोग के बदले चुकाया जाता है।
#Current #Fact
❤5
प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने PMKVY के 178 प्रशिक्षण भागीदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के बारे में
यह कौशल प्रमाणन के लिए एक प्रमुख योजना है। इसे भारतीय युवाओं को बेहतर आजीविका प्राप्त करने हेतु उद्योग-संबंधी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करने के लिए शुरू किया गया है।
मंत्रालय: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय।
आरंभ: 2015 में शुरू हुई थी।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में, इसका चौथा चरण यानी प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना 4.0 (PMKVY 4.0) लागू है।
घटक: इसमें अल्पकालिक प्रशिक्षण {राष्ट्रीय कौशल पात्रता फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप कोर्सेज़}, विशेष परियोजनाएं, और पूर्व अधिगम की मान्यता शामिल हैं।
भौगोलिक कवरेज: योजना के तहत आकांक्षी, पिछड़े, सीमावर्ती, जनजातीय और वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाता है
#Current #Fact #currentaffairs
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने PMKVY के 178 प्रशिक्षण भागीदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के बारे में
यह कौशल प्रमाणन के लिए एक प्रमुख योजना है। इसे भारतीय युवाओं को बेहतर आजीविका प्राप्त करने हेतु उद्योग-संबंधी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करने के लिए शुरू किया गया है।
मंत्रालय: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय।
आरंभ: 2015 में शुरू हुई थी।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में, इसका चौथा चरण यानी प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना 4.0 (PMKVY 4.0) लागू है।
घटक: इसमें अल्पकालिक प्रशिक्षण {राष्ट्रीय कौशल पात्रता फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप कोर्सेज़}, विशेष परियोजनाएं, और पूर्व अधिगम की मान्यता शामिल हैं।
भौगोलिक कवरेज: योजना के तहत आकांक्षी, पिछड़े, सीमावर्ती, जनजातीय और वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाता है
#Current #Fact #currentaffairs
❤4
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के बारे में
प्रकृति: संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय।
नियुक्ति: राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर एवं मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करता है।
अवधि: 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)।
पद से हटाना: राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। इसे पद से केवल उसी रीति से और उन्ही आधारों पर हटाया जा सकता है, जिस रीति से तथा जिन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
वेतन व सेवा की शर्तें: CAG का वेतन और सेवा शर्तें संसद द्वारा तय किए जाते हैं। साथ ही, उसकी नियुक्ति के बाद इन शर्तों में उसके अहित के लिए कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
व्यय: प्रशासनिक लागत, वेतन, भत्ते और पेंशन भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं।
#Current #Fact
हाल ही में, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अधिक केंद्रीकरण के लिए दो नए विशेष संवर्गों (cadres) के सृजन को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसमें केंद्रीय राजस्व लेखा परीक्षा (CRA) संवर्ग और केंद्रीय व्यय लेखा परीक्षा (CEA) शामिल हैं।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के बारे में
प्रकृति: संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय।
नियुक्ति: राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर एवं मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करता है।
अवधि: 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)।
पद से हटाना: राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। इसे पद से केवल उसी रीति से और उन्ही आधारों पर हटाया जा सकता है, जिस रीति से तथा जिन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
वेतन व सेवा की शर्तें: CAG का वेतन और सेवा शर्तें संसद द्वारा तय किए जाते हैं। साथ ही, उसकी नियुक्ति के बाद इन शर्तों में उसके अहित के लिए कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
व्यय: प्रशासनिक लागत, वेतन, भत्ते और पेंशन भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं।
#Current #Fact
❤3
स्टेट ऑफ द क्लाइमेट अपडेट फॉर COP-30
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने “स्टेट ऑफ द क्लाइमेट अपडेट फॉर COP-30” रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
वर्ष 2025 अब तक दर्ज दूसरा या तीसरा सबसे गर्म वर्ष रहने की संभावना है।
वर्ष 2025 सहित पिछले 11 वर्ष मानव इतिहास के सबसे गर्म 11 वर्ष रहे हैं।
यह दर्शाता है कि दुनिया पेरिस समझौते के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर नहीं है।
वर्ष 2015 से 2025 तक का समय पिछले 176 वर्षों में सबसे गर्म 11 सालों की अवधि रही।
कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄) और नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) की वायुमंडलीय सांद्रता 2024 में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी और 2025 में भी बढ़ रही है।
नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार हो रहा है और जलवायु कार्रवाई योजनाएं अब विज्ञान आधारित जलवायु सेवाओं पर अधिक निर्भर होती जा रही हैं।
#Current #Fact
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने “स्टेट ऑफ द क्लाइमेट अपडेट फॉर COP-30” रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
वर्ष 2025 अब तक दर्ज दूसरा या तीसरा सबसे गर्म वर्ष रहने की संभावना है।
वर्ष 2025 सहित पिछले 11 वर्ष मानव इतिहास के सबसे गर्म 11 वर्ष रहे हैं।
यह दर्शाता है कि दुनिया पेरिस समझौते के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर नहीं है।
वर्ष 2015 से 2025 तक का समय पिछले 176 वर्षों में सबसे गर्म 11 सालों की अवधि रही।
कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄) और नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) की वायुमंडलीय सांद्रता 2024 में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी और 2025 में भी बढ़ रही है।
नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार हो रहा है और जलवायु कार्रवाई योजनाएं अब विज्ञान आधारित जलवायु सेवाओं पर अधिक निर्भर होती जा रही हैं।
#Current #Fact
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अब्राहम अकॉर्ड्स
अब्राहम अकॉर्ड्स के बारे में
उद्देश्य: इजरायल और विविध तथाकथित उदारवादी अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाकर मध्य पूर्व में तनाव को कम करना, ताकि इजरायल के साथ इन देशों के औपचारिक राजनयिक, व्यापारिक व सुरक्षा संबंध सुनिश्चित हो सकें।
इस समझौते का नाम बाइबिल के अब्राहम के नाम पर रखा गया है, जिसे यहूदी और अरब दोनों ही अपना साझा पूर्वज एवं बंधुत्व का प्रतीक मानते हैं।
उत्पत्ति: अब्राहम समझौता पर सितंबर 2020 में इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने हस्ताक्षर किए थे। बाद में मोरक्को भी इस समझौते में शामिल हुआ।
#Current #Fact
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हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि की है कि कजाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा होगा।
अब्राहम अकॉर्ड्स के बारे में
उद्देश्य: इजरायल और विविध तथाकथित उदारवादी अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाकर मध्य पूर्व में तनाव को कम करना, ताकि इजरायल के साथ इन देशों के औपचारिक राजनयिक, व्यापारिक व सुरक्षा संबंध सुनिश्चित हो सकें।
इस समझौते का नाम बाइबिल के अब्राहम के नाम पर रखा गया है, जिसे यहूदी और अरब दोनों ही अपना साझा पूर्वज एवं बंधुत्व का प्रतीक मानते हैं।
उत्पत्ति: अब्राहम समझौता पर सितंबर 2020 में इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने हस्ताक्षर किए थे। बाद में मोरक्को भी इस समझौते में शामिल हुआ।
#Current #Fact
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❤7
बेहतरीन इंसान हमेशा सीखता है क्योंकि उसे पता है दुनिया में कोई भी चीज 100% नहीं होती।♥️✍️
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कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को IUCN द्वारा "GOOD" रैंक का दर्जा दिया गया
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने हाल ही में प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थलों की अपनी नवीनतम वैश्विक समीक्षा में कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को "GOOD" रैंक का दर्जा दिया है। यह यह रेटिंग प्राप्त करने वाला एकमात्र भारतीय उद्यान है, जबकि पश्चिमी घाट और सुंदरबन जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र गंभीर चिंताओं का सामना कर रहे हैं।
कंचनजंगा, जिसे आधिकारिक तौर पर कंचनजंगा बायोस्फीयर रिजर्व के रूप में जाना जाता है, भारत का पहला "मिश्रित" यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जिसे 2016 में प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक महत्व के संयोजन के लिए मान्यता दी गई थी।
1,784 वर्ग किलोमीटर में फैला यह स्थल निचली ऊँचाई पर धुंध भरे उपोष्णकटिबंधीय जंगलों से लेकर 8,586 मीटर ऊँचे माउंट कंचनजंगा के बर्फीले शिखर तक फैला है, जो दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची चोटी है।
#Current #Fact
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने हाल ही में प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थलों की अपनी नवीनतम वैश्विक समीक्षा में कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को "GOOD" रैंक का दर्जा दिया है। यह यह रेटिंग प्राप्त करने वाला एकमात्र भारतीय उद्यान है, जबकि पश्चिमी घाट और सुंदरबन जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र गंभीर चिंताओं का सामना कर रहे हैं।
कंचनजंगा, जिसे आधिकारिक तौर पर कंचनजंगा बायोस्फीयर रिजर्व के रूप में जाना जाता है, भारत का पहला "मिश्रित" यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जिसे 2016 में प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक महत्व के संयोजन के लिए मान्यता दी गई थी।
1,784 वर्ग किलोमीटर में फैला यह स्थल निचली ऊँचाई पर धुंध भरे उपोष्णकटिबंधीय जंगलों से लेकर 8,586 मीटर ऊँचे माउंट कंचनजंगा के बर्फीले शिखर तक फैला है, जो दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची चोटी है।
#Current #Fact
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“कृषि में डीप-टेक क्रांति को आकार देना” शीर्षक से एक रिपोर्ट किस संस्थान ने जारी की?★Secure Pcs
1.कृषि खाद्य संगठन 2.विश्व बैंक 3.विश्व आर्थिक मंच (WEF)
1.कृषि खाद्य संगठन 2.विश्व बैंक 3.विश्व आर्थिक मंच (WEF)
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42%
केवल 1 और 2
8%
केवल 2
20%
केवल 3
30%
उपर्युक्त सभी।
❤1👍1
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“कृषि में डीप-टेक क्रांति को आकार देना” शीर्षक से एक रिपोर्ट किस संस्थान ने जारी की?★Secure Pcs
1.कृषि खाद्य संगठन 2.विश्व बैंक 3.विश्व आर्थिक मंच (WEF)
1.कृषि खाद्य संगठन 2.विश्व बैंक 3.विश्व आर्थिक मंच (WEF)
विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने “कृषि में डीप-टेक क्रांति को आकार देना” शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की
यह रिपोर्ट WEF एआई फॉर एग्रीकल्चर इनिशिएटिव (AI4AI) ने जारी की है।
AI4AI कृषि प्रौद्योगिकी संबंधी समाधानों को आगे बढ़ाने और वैश्विक खाद्य प्रणालियों के रूपांतरण में तेजी लाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रक के भागीदारों को एक साथ लाता है।
कृषि क्षेत्रक में मुख्य चुनौतियां
कृषि क्षेत्रक के कार्यबल में गिरावट: इसके लिए जिम्मेदार कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं-
गाँव से शहरों की ओर प्रवास करना तथा वृद्ध होती किसान आबादी के कारण श्रम की उपलब्धता में कमी।
जलवायु परिवर्तन और चरम मौसमी घटनाएं:
यदि उत्सर्जन में कटौती नहीं की जाती है, तो वर्ष 2100 तक प्रमुख खाद्य फसलों से वैश्विक कैलोरी उत्पादन में 24% तक की कमी आ सकती है।
प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण:
ताजा जल का 70 प्रतिशत तक कृषि में उपयोग होता है। इसके अतिरिक्त, 71 प्रतिशत जलभृत (aquifers) रिक्त हो चुके हैं।
कुल मृदा में से एक-तिहाई मृदा निम्नीकृत हो चुकी है। साथ ही, 2050 तक 90 प्रतिशत उपरिमृदा (topsoil) का क्षरण होने की संभावना है।
रिपोर्ट में रेखांकित किए गए ‘कृषि में डीप टेक के प्रमुख उपयोग’ के मामले
इंटेलो लैब्स (Intello Labs) का AI और कंप्यूटर विज़न-आधारित समाधान ‘फ्रूटसॉर्ट’: यह एडवांस्ड कैमरों और मशीन लर्निंग का उपयोग करके ताजा उपज का तेजी से विश्लेषण करता है और दोषों की पहचान करता है।
प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): यह दक्षतापूर्ण फसल बीमा के लिए रिमोट सेंसिंग (उपग्रह इमेजरी) के साथ-साथ उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले ड्रोन्स और एक समर्पित मोबाइल ऐप का उपयोग करता है।
इंफोसिस का "5G.NATURAL" कार्यक्रम: यह विशेष रूप से फसल कटाई के लिए स्वचालित हार्वेस्टिंग मशीनों का एक ऐसा तंत्र बनाने पर केंद्रित है, जिसकी-
क्षमता में वृद्धि की जा सके,
जिसके घटकों को आसानी से असेम्बल किया जा सके तथा
जो बुद्धिमत्तापूर्ण रूप से कार्य कर सके।
URVARA/उर्वरा परियोजना: बूममित्रा ने कार्बन की निगरानी, रिपोर्टिंग और सत्यापन (MRV) के लिए वाइटल एग्रीकल्चर रीजेनेरेशन एंड एडेप्टेशन (URVARA/उर्वरा) परियोजना शुरू की है।
❤3👍2