निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?★Secure Pcs
(1)मलेशिया UPI का उपयोग करने वाला 9th देश बना। (2)इटली में भी UPI व्यवस्था 2024 से लागू है।
(1)मलेशिया UPI का उपयोग करने वाला 9th देश बना। (2)इटली में भी UPI व्यवस्था 2024 से लागू है।
Anonymous Quiz
27%
केवल 1
3%
केवल 2
67%
1 और 2 दोनों
3%
इनमें से कोई नहीं।
❤3
Secure PCS via @QuizBot
Secure PCS via @QuizBot
🎲 Quiz 'General Study PYQ Quiz Day 4 (Both Language) by https://t.me/SecurePcs' Join US 👉 @SecurePcs 🖊 10 questions · ⏱ 30 sec
🎲 Quiz 'General Study PYQ Quiz Day 5 (Both Language) by https://t.me/SecurePcs'
Join US 👉 @SecurePcs
🖊 10 questions · ⏱ 30 sec
Join US 👉 @SecurePcs
🖊 10 questions · ⏱ 30 sec
❤3
मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, ज़िम्मेदारी भी है।
मतदान अवश्य करें।
Your Vote, Your Power!
बिहार विधानसभा चुनाव प्रथम चरण
मतदान अवश्य करें।
Your Vote, Your Power!
बिहार विधानसभा चुनाव प्रथम चरण
❤5👍3
Forwarded from Secure PCS (@UppscZone)
राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के बारे में :
यह क्या है?
राज्य सभा संसद का उच्च सदन है , जो राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है ।
यह एक स्थायी निकाय है और सेवानिवृत्त सदस्यों के स्थान भरने के लिए समय-समय पर चुनाव आयोजित किये जाते हैं .
अवधि और सदस्यता:
कुल सदस्य संख्या: 250 (अधिकतम), वर्तमान में 245 सदस्य ।
233 निर्वाचित सदस्य (राज्य और केंद्र शासित प्रदेश)
राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 12 सदस्य (साहित्य, कला, विज्ञान या सामाजिक सेवा के विशेषज्ञ)
कार्यकाल: प्रत्येक सदस्य 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा करता है ।
सेवानिवृत्ति: एक तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं ।
चुनाव प्रक्रिया:
अप्रत्यक्ष चुनाव :
एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से संचालित किया जाता है ।
राज्य के विधायक राज्यों से प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
यूटी इलेक्टोरल कॉलेज केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू और कश्मीर) से सदस्यों का चुनाव करते हैं।
उप-चुनाव:
यह चुनाव तब आयोजित किया जाता है जब कार्यकाल समाप्त होने से पहले कोई सीट रिक्त हो जाती है।
निर्वाचित सदस्य अपने पूर्ववर्ती के शेष कार्यकाल तक ही कार्य करता है।
योग्यताएं ( अनुच्छेद 84 ):
राज्य सभा की सदस्यता के लिए पात्र होने के लिए, किसी व्यक्ति को:
भारत का नागरिक हो ।
कम से कम 30 वर्ष की आयु हो ।
पद की शपथ लें और उस पर हस्ताक्षर करें (तीसरी अनुसूची के अनुसार)।
कानून द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताएं पूरी करें।
अयोग्यताएं:
किसी व्यक्ति को अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि:
वे सरकार के अधीन लाभ के पद पर हैं।
उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ या दिवालिया घोषित कर दिया जाता है ।
वे भारत के नागरिक नहीं हैं या उन्होंने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली है।
वे दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के अंतर्गत अयोग्य ठहराये जाते हैं।
#Current_affairs
#Prelims_Special
https://t.me/SecurePcs
यह क्या है?
राज्य सभा संसद का उच्च सदन है , जो राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है ।
यह एक स्थायी निकाय है और सेवानिवृत्त सदस्यों के स्थान भरने के लिए समय-समय पर चुनाव आयोजित किये जाते हैं .
अवधि और सदस्यता:
कुल सदस्य संख्या: 250 (अधिकतम), वर्तमान में 245 सदस्य ।
233 निर्वाचित सदस्य (राज्य और केंद्र शासित प्रदेश)
राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 12 सदस्य (साहित्य, कला, विज्ञान या सामाजिक सेवा के विशेषज्ञ)
कार्यकाल: प्रत्येक सदस्य 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा करता है ।
सेवानिवृत्ति: एक तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं ।
चुनाव प्रक्रिया:
अप्रत्यक्ष चुनाव :
एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से संचालित किया जाता है ।
राज्य के विधायक राज्यों से प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
यूटी इलेक्टोरल कॉलेज केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू और कश्मीर) से सदस्यों का चुनाव करते हैं।
उप-चुनाव:
यह चुनाव तब आयोजित किया जाता है जब कार्यकाल समाप्त होने से पहले कोई सीट रिक्त हो जाती है।
निर्वाचित सदस्य अपने पूर्ववर्ती के शेष कार्यकाल तक ही कार्य करता है।
योग्यताएं ( अनुच्छेद 84 ):
राज्य सभा की सदस्यता के लिए पात्र होने के लिए, किसी व्यक्ति को:
भारत का नागरिक हो ।
कम से कम 30 वर्ष की आयु हो ।
पद की शपथ लें और उस पर हस्ताक्षर करें (तीसरी अनुसूची के अनुसार)।
कानून द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताएं पूरी करें।
अयोग्यताएं:
किसी व्यक्ति को अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि:
वे सरकार के अधीन लाभ के पद पर हैं।
उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ या दिवालिया घोषित कर दिया जाता है ।
वे भारत के नागरिक नहीं हैं या उन्होंने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली है।
वे दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के अंतर्गत अयोग्य ठहराये जाते हैं।
#Current_affairs
#Prelims_Special
https://t.me/SecurePcs
❤8🙊1
कमरे में बस तुम रहो, तुम्हारे ख्वाब रहे, खिड़की से आती रोशनी, और पढ़ने के लिए किताब रहे..!!♥️
शुभ प्रभात आप सभी को ♥️🌱
शुभ प्रभात आप सभी को ♥️🌱
❤13👍5🙏1🫡1
छत्तीसगढ़ रेल दुर्घटना ने भारत में रेल सुरक्षा की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया
हालांकि भारत में भीषण रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 की 135 से कम होकर 2024-25 में 31 रह गई, फिर भी कई कारणों जैसे रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने, टक्कर होने जैसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
भीषण रेल दुर्घटनाएं वे होती हैं, जिनके गंभीर परिणाम होते हैं। इनमें गंभीर रूप से घायल होना, जान-माल की हानि, रेल यातायात में व्यवधान और रेलवे संपत्ति को नुकसान शामिल हैं।
भारत में रेल दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण
पटरी से उतरना: ट्रैक में खामियां और खराब रख-रखाव (बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस रेल दुर्घटना 2022)।
सिग्नलिंग संबंधी त्रुटियां: उदाहरण के लिए- कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना (2024)।
परिचालन संबंधी गलतियां: रेलवे कर्मी द्वारा दोषपूर्ण सिग्नलिंग और स्विचिंग त्रुटियां (ओडिशा में कोरोमंडल एक्सप्रेस दुर्घटना, 2023)।
अन्य: लेवल-क्रॉसिंग की घटनाएं, मौसम संबंधी कारक, लोको पायलट की थकान सहित मानवीय त्रुटियां, आगजनी संबंधी दुर्घटनाएं आदि।
रेलवे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम
👉राष्ट्रीय रेल सुरक्षा कोष (RRSK): इसे महत्वपूर्ण सुरक्षा परिसंपत्तियों को बदलने/ नवीनीकृत करने/ उन्नयन करने के लिए 2017-18 में शुरू किया गया था।
👉रेलवे सुरक्षा आयोग: यह आयोग नागर विमानन मंत्रालय के अधीन है। यह मुख्य रूप से निरीक्षण, जांच और सलाह संबंधी कार्यों को संपन्न करता है। साथ ही, रेल यात्रा और ट्रेन परिचालन की सुरक्षा से संबंधित मामलों को भी देखता है।
👉इलेक्ट्रिक/ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणालियां: इसमें मानवीय चूक के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पॉइंट्स और सिग्नलों का केंद्रीकृत संचालन शामिल है।
👉कवच (KAVACH): यह अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है।
👉अन्य: GPS आधारित कोहरा सुरक्षा उपकरण (FSD); अल्ट्रासोनिक दोष पहचान (USFD), आदि।
स्पष्ट है कि रेलवे ने अपनी सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रौद्योगिकियों को अपनाने में अच्छी प्रगति की है। फिर भी, मानवीय त्रुटियों से बचने के लिए मानव कौशल विकास और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ इन प्रौद्योगिकियों में सामंजस्य स्थापित करने की भी आवश्यकता है।
#Current #Fact #CurrentAffairs #MainsCurrentAffairs
❤8
अमूल और इफको को विश्व की शीर्ष दो सहकारी समितियों का दर्जा मिला
यह रैंकिंग वर्ल्ड कोऑपरेटिव मॉनिटर 2025 में दी गई है। इसे इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (ICA) जारी करता है।
भारत में सहकारी संस्थाएं
परिभाषा: यह व्यक्तियों का एक स्वायत्त संघ है। इसके सदस्य अपनी साझा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वेच्छा से एकजुट होते हैं तथा संयुक्त स्वामित्व के तहत एवं लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करते हैं।
उत्पत्ति: इसकी शुरुआत सहकारी ऋण समितियां अधिनियम, 1904 के द्वारा हुई है।
संवैधानिक मान्यता: 'सहकारी समितियां' सातवीं अनुसूची के तहत राज्य सूची का विषय है।
97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 के जरिए नागरिकों को सहकारी समितियां बनाने का मूल अधिकार प्रदान किया गया है। इसके अलावा, इन्हें राज्य की नीति के निदेशक तत्व में अनुच्छेद 43B के अंतर्गत शामिल किया गया है।
कानूनी फ्रेमवर्क: एक से अधिक राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत सहकारी समितियां बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 द्वारा शासित होती हैं।
इस अधिनियम को 2023 में संशोधित किया गया था।
यद्यपि, एक ही राज्य में कार्य करने वाली सहकारी समितियां संबंधित राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश के अधिनियमों द्वारा शासित होती हैं।
स्थिति: भारत में दुनिया की एक-चौथाई से अधिक यानी 8.44 लाख से अधिक सहकारी समितियां कार्यरत हैं।
सहकारी समितियों के मामले में शीर्ष राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, और कर्नाटक।
📍भारत में सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए संचालित पहलें
1963 में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की स्थापना।
1982 में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD/ नाबार्ड) का गठन।
2021 में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की स्थापना।
राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025.
#Current #Fact #CurrentAffairs
यह रैंकिंग वर्ल्ड कोऑपरेटिव मॉनिटर 2025 में दी गई है। इसे इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (ICA) जारी करता है।
भारत में सहकारी संस्थाएं
परिभाषा: यह व्यक्तियों का एक स्वायत्त संघ है। इसके सदस्य अपनी साझा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वेच्छा से एकजुट होते हैं तथा संयुक्त स्वामित्व के तहत एवं लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करते हैं।
उत्पत्ति: इसकी शुरुआत सहकारी ऋण समितियां अधिनियम, 1904 के द्वारा हुई है।
संवैधानिक मान्यता: 'सहकारी समितियां' सातवीं अनुसूची के तहत राज्य सूची का विषय है।
97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 के जरिए नागरिकों को सहकारी समितियां बनाने का मूल अधिकार प्रदान किया गया है। इसके अलावा, इन्हें राज्य की नीति के निदेशक तत्व में अनुच्छेद 43B के अंतर्गत शामिल किया गया है।
कानूनी फ्रेमवर्क: एक से अधिक राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत सहकारी समितियां बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 द्वारा शासित होती हैं।
इस अधिनियम को 2023 में संशोधित किया गया था।
यद्यपि, एक ही राज्य में कार्य करने वाली सहकारी समितियां संबंधित राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश के अधिनियमों द्वारा शासित होती हैं।
स्थिति: भारत में दुनिया की एक-चौथाई से अधिक यानी 8.44 लाख से अधिक सहकारी समितियां कार्यरत हैं।
सहकारी समितियों के मामले में शीर्ष राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, और कर्नाटक।
📍भारत में सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए संचालित पहलें
1963 में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की स्थापना।
1982 में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD/ नाबार्ड) का गठन।
2021 में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की स्थापना।
राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025.
#Current #Fact #CurrentAffairs
❤8
📍गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड या अमूल (AMUL) (मुख्यालय: आणंद, गुजरात)
👉यह एक प्रकार की सहकारी विपणन समिति है। इसकी स्थापना 1946 में त्रिभुवनदास पटेल ने की थी।
👉यह 33 जिलों को कवर करती है।
👉इसमें 3.6 मिलियन दुग्ध उत्पादक सदस्य शामिल हैं।
📍इफको (IFFCO) या इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (मुख्यालय: नई दिल्ली)
👉इसे 1967 में बहु-राज्य सहकारी समिति के रूप में स्थापित किया गया था।
#Fact #Gk
👉यह एक प्रकार की सहकारी विपणन समिति है। इसकी स्थापना 1946 में त्रिभुवनदास पटेल ने की थी।
👉यह 33 जिलों को कवर करती है।
👉इसमें 3.6 मिलियन दुग्ध उत्पादक सदस्य शामिल हैं।
📍इफको (IFFCO) या इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (मुख्यालय: नई दिल्ली)
👉इसे 1967 में बहु-राज्य सहकारी समिति के रूप में स्थापित किया गया था।
#Fact #Gk
❤7
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में शीर्ष 100 में 7 भारतीय संस्थान शामिल हुए
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत के विश्वविद्यालयों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 2016 में इसमें 24 विश्वविद्यालय शामिल थे, जो 2026 में बढ़कर 294 हो गए हैं। इस सूची में भारत चीन (395 संस्थान) के बाद दूसरे स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
शीर्ष पर: एशिया के शीर्ष 100 संस्थानों में पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु और दिल्ली विश्वविद्यालय शामिल हुए।
इस वर्ष रैंकिंग में IIT-दिल्ली को 59वां स्थान मिला। IIT-दिल्ली को लगातार पांचवें वर्ष सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्थान घोषित किया गया।
प्रभुत्व: ‘पेपर पर फैकल्टी' (Papers per Faculty) सूचकांक में भारत अग्रणी रहा। इसमें भारत के 5 विश्वविद्यालय एशिया के शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों में और 28 विश्वविद्यालय शीर्ष 50 में शामिल हुए।
हांगकांग विश्वविद्यालय शीर्ष स्थान पर रहा। उसके बाद पेकिंग विश्वविद्यालय (चीन) दूसरे स्थान पर रहा।
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के बारे में
कवरेज: इसमें कुल 1,529 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया था।
11 संकेतक: इनमें शैक्षणिक और नियोक्ता प्रतिष्ठा, संकाय-छात्र अनुपात, अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क, प्रति शोध-पत्र साइटेशन, पेपर पर फैकल्टी, कर्मियों की योग्यता (PhD), और अंतर्राष्ट्रीय संकाय, छात्रों एवं एक्सचेंज प्रतिभागियों की हिस्सेदारी आदि शामिल हैं।
भारत में उच्चतर शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग के लिए घरेलू फ्रेमवर्क्स
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF): इसे शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग ने 2015 में लॉन्च किया था।
अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE): इसकी शुरुआत 2010-11 में की गई थी। यह शिक्षक, छात्र नामांकन, प्रोग्राम, परीक्षा परिणाम, शिक्षा वित्त तथा अवसंरचना जैसे कई मापदंडों को कवर करता है।
#Current #Fact #CurrentAffairs #MainsCurrentAffairs
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत के विश्वविद्यालयों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 2016 में इसमें 24 विश्वविद्यालय शामिल थे, जो 2026 में बढ़कर 294 हो गए हैं। इस सूची में भारत चीन (395 संस्थान) के बाद दूसरे स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
शीर्ष पर: एशिया के शीर्ष 100 संस्थानों में पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु और दिल्ली विश्वविद्यालय शामिल हुए।
इस वर्ष रैंकिंग में IIT-दिल्ली को 59वां स्थान मिला। IIT-दिल्ली को लगातार पांचवें वर्ष सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्थान घोषित किया गया।
प्रभुत्व: ‘पेपर पर फैकल्टी' (Papers per Faculty) सूचकांक में भारत अग्रणी रहा। इसमें भारत के 5 विश्वविद्यालय एशिया के शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों में और 28 विश्वविद्यालय शीर्ष 50 में शामिल हुए।
हांगकांग विश्वविद्यालय शीर्ष स्थान पर रहा। उसके बाद पेकिंग विश्वविद्यालय (चीन) दूसरे स्थान पर रहा।
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के बारे में
कवरेज: इसमें कुल 1,529 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया था।
11 संकेतक: इनमें शैक्षणिक और नियोक्ता प्रतिष्ठा, संकाय-छात्र अनुपात, अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क, प्रति शोध-पत्र साइटेशन, पेपर पर फैकल्टी, कर्मियों की योग्यता (PhD), और अंतर्राष्ट्रीय संकाय, छात्रों एवं एक्सचेंज प्रतिभागियों की हिस्सेदारी आदि शामिल हैं।
भारत में उच्चतर शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग के लिए घरेलू फ्रेमवर्क्स
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF): इसे शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग ने 2015 में लॉन्च किया था।
अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE): इसकी शुरुआत 2010-11 में की गई थी। यह शिक्षक, छात्र नामांकन, प्रोग्राम, परीक्षा परिणाम, शिक्षा वित्त तथा अवसंरचना जैसे कई मापदंडों को कवर करता है।
#Current #Fact #CurrentAffairs #MainsCurrentAffairs
❤6
वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक फेलोशिप
वैभव (VAIBHAV) के बारे में
मंत्रालय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग।
शुभारंभ: 2023 में शुरू किया गया था।
उद्देश्य: प्रवासी भारतीय वैज्ञानिकों और भारत के उच्चतर शिक्षण संस्थानों (HEIs), विश्वविद्यालयों तथा सार्वजनिक रूप से वित्त-पोषित वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।
योजना: वैभव अध्येता भारत में कार्य करने के लिए अपनी पसंद का कोई भी संस्थान चुन सकते हैं और वहां प्रत्येक वर्ष अधिकतम 2 महीने तक, कुल 3 वर्षों तक कार्य कर सकते हैं।
#Current #Fact #CurrentAffairs
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने दुनिया भर के वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (VAIshwik BHArtiya Vaigyanik: VAIBHAV) अध्येताओं (Fellows) के साथ वार्ता की।
वैभव (VAIBHAV) के बारे में
मंत्रालय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग।
शुभारंभ: 2023 में शुरू किया गया था।
उद्देश्य: प्रवासी भारतीय वैज्ञानिकों और भारत के उच्चतर शिक्षण संस्थानों (HEIs), विश्वविद्यालयों तथा सार्वजनिक रूप से वित्त-पोषित वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।
योजना: वैभव अध्येता भारत में कार्य करने के लिए अपनी पसंद का कोई भी संस्थान चुन सकते हैं और वहां प्रत्येक वर्ष अधिकतम 2 महीने तक, कुल 3 वर्षों तक कार्य कर सकते हैं।
#Current #Fact #CurrentAffairs
❤7
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (NCLAT)
ज्ञातव्य है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने व्हाट्सएप को विज्ञापन उद्देश्यों के लिए उसके प्लेटफॉर्म पर एकत्र किए गए उपयोगकर्ता डेटा को पांच साल की अवधि के लिए मेटा की अन्य कंपनियों के साथ साझा करने से प्रतिबंधित कर दिया था।
NCLAT के बारे में
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 410 के तहत गठित।
अधिकार क्षेत्र: यह निम्नलिखित द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ अपीलों की सुनवाई करता है -
राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT);
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) की धारा 202 व धारा 211 के तहत भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड;
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 410 के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI);
कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण।
#Current #Fact #CurrentAffairs
हाल ही में, NCLAT ने व्हाट्सएप-मेटा डेटा साझाकरण पर लगे पांच वर्षों के प्रतिबंध को हटा दिया है, लेकिन जुर्माने को बरकरार रखा है।
ज्ञातव्य है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने व्हाट्सएप को विज्ञापन उद्देश्यों के लिए उसके प्लेटफॉर्म पर एकत्र किए गए उपयोगकर्ता डेटा को पांच साल की अवधि के लिए मेटा की अन्य कंपनियों के साथ साझा करने से प्रतिबंधित कर दिया था।
NCLAT के बारे में
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 410 के तहत गठित।
अधिकार क्षेत्र: यह निम्नलिखित द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ अपीलों की सुनवाई करता है -
राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT);
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) की धारा 202 व धारा 211 के तहत भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड;
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 410 के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI);
कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण।
#Current #Fact #CurrentAffairs
❤5
उमंगोट नदी
उमंगोट नदी मेघालय में प्रवाहित होती है। यह अपने हरे-नीले क्रिस्टल-जैसे साफ़ पानी के लिए विख्यात है। हालांकि, इसका पानी मटमैला होता जा रहा है। इसे दावकी नदी के नाम से भी जाना जाता है।
उमंगोट नदी के बारे में
उद्गम: शिलांग चोटी के पूर्वी भाग से उद्गम।
प्रवाह: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक छोटे से कस्बे दावकी से होकर दक्षिण की ओर तथा अंततः बांग्लादेश में प्रवेश करती है।
दावकी भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट अवस्थित है।
बांग्लादेश के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करती है।
मुख्य विशेषताएं: री पनार (जयंतिया हिल्स) और हिमा खैरिम (खासी हिल्स) के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है।
#Current #Fact #Geography #river
उमंगोट नदी मेघालय में प्रवाहित होती है। यह अपने हरे-नीले क्रिस्टल-जैसे साफ़ पानी के लिए विख्यात है। हालांकि, इसका पानी मटमैला होता जा रहा है। इसे दावकी नदी के नाम से भी जाना जाता है।
उमंगोट नदी के बारे में
उद्गम: शिलांग चोटी के पूर्वी भाग से उद्गम।
प्रवाह: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक छोटे से कस्बे दावकी से होकर दक्षिण की ओर तथा अंततः बांग्लादेश में प्रवेश करती है।
दावकी भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट अवस्थित है।
बांग्लादेश के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करती है।
मुख्य विशेषताएं: री पनार (जयंतिया हिल्स) और हिमा खैरिम (खासी हिल्स) के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है।
#Current #Fact #Geography #river
❤5
क्वांटम ग्रेविटी
ब्लैक होल मॉर्सल्स काल्पनिक सूक्ष्म ब्लैक होल्स हैं। ये अपने मूल ब्लैक होल्स की तुलना में बहुत छोटे होते हैं। इनका द्रव्यमान क्षुद्रग्रहों के बराबर होता है, इसलिए ये बहुत अधिक गर्म होते हैं।
क्वांटम ग्रेविटी के बारे में
यह सैद्धांतिक भौतिकी का एक क्षेत्र है। इसका उद्देश्य गुरुत्वाकर्षण को क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों के अनुसार समझाना है।
इस प्रकार, यह भौतिकी के दो सिद्धांतों को एकीकृत करने का प्रयास करता है। प्रथम- क्वांटम यांत्रिकी तथा दूसरा- गुरुत्वाकर्षण।
क्वांटम यांत्रिकी: सूक्ष्म पैमाने पर कणों के व्यवहार का अध्ययन करती है।
गुरुत्वाकर्षण: बड़े पैमाने के लिए है, और आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत पर आधारित है।
महत्त्व: यह ब्लैक होल्स के भीतर की भौतिकी, क्वांटम एंटेंगलमेंट, संघनित पदार्थ भौतिकी आदि को समझने में सहायक होगी।
#Current #Fact
एक अध्ययन में यह प्रस्तावित किया गया है कि ब्लैक होल 'मॉर्सल्स' क्वांटम ग्रेविटी के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं।
ब्लैक होल मॉर्सल्स काल्पनिक सूक्ष्म ब्लैक होल्स हैं। ये अपने मूल ब्लैक होल्स की तुलना में बहुत छोटे होते हैं। इनका द्रव्यमान क्षुद्रग्रहों के बराबर होता है, इसलिए ये बहुत अधिक गर्म होते हैं।
क्वांटम ग्रेविटी के बारे में
यह सैद्धांतिक भौतिकी का एक क्षेत्र है। इसका उद्देश्य गुरुत्वाकर्षण को क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों के अनुसार समझाना है।
इस प्रकार, यह भौतिकी के दो सिद्धांतों को एकीकृत करने का प्रयास करता है। प्रथम- क्वांटम यांत्रिकी तथा दूसरा- गुरुत्वाकर्षण।
क्वांटम यांत्रिकी: सूक्ष्म पैमाने पर कणों के व्यवहार का अध्ययन करती है।
गुरुत्वाकर्षण: बड़े पैमाने के लिए है, और आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत पर आधारित है।
महत्त्व: यह ब्लैक होल्स के भीतर की भौतिकी, क्वांटम एंटेंगलमेंट, संघनित पदार्थ भौतिकी आदि को समझने में सहायक होगी।
#Current #Fact
❤4
एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS)
ADAS के बारे में
यह समन्वित तकनीकों का एक अंतर्निहित समूह (built-in suite) है। यह ड्राइवर को अपने वाहन अधिक सुरक्षित रूप से चलाने और मानवीय त्रुटियों से बचने में मदद करता है।
इसमें पैदल यात्रियों की अवस्थिति को समझने और लेन डिपार्चर चेतावनी जैसी जानकारी देने के लिए लिडार, रडार एवं कैमरे जैसे उपकरण लगाए जाते हैं। ये उपकरण एक साथ कार्य करते हैं।
इसमें कई प्रकार की सुविधाएं जैसे- एडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, स्वचालित इमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट, पार्किंग सहायता, यातायात संकेत पहचान आदि शामिल हैं।
#Current #Fact
केंद्र सरकार स्कूल बसों सहित ट्रकों और बसों के सभी नए मॉडल्स में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।
ADAS के बारे में
यह समन्वित तकनीकों का एक अंतर्निहित समूह (built-in suite) है। यह ड्राइवर को अपने वाहन अधिक सुरक्षित रूप से चलाने और मानवीय त्रुटियों से बचने में मदद करता है।
इसमें पैदल यात्रियों की अवस्थिति को समझने और लेन डिपार्चर चेतावनी जैसी जानकारी देने के लिए लिडार, रडार एवं कैमरे जैसे उपकरण लगाए जाते हैं। ये उपकरण एक साथ कार्य करते हैं।
इसमें कई प्रकार की सुविधाएं जैसे- एडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, स्वचालित इमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट, पार्किंग सहायता, यातायात संकेत पहचान आदि शामिल हैं।
#Current #Fact
❤4
📍जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर
उम्र- 34 साल
जन्म- युगांडा
कैंडीडेट- डेमोक्रेटिक पार्टी
★पिछले 100 वर्षों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर
★न्यूयॉर्क सिटी के पहले भारतीय - अमेरिकी मुस्लिम मेयर हैं
★राजनीति में आने से पहले एक रैपर भी रह चुके हैं
★प्रसिद्ध फिल्ममेकर मीरा नायर के बेटे हैं ममदानी
★2018 में ही बने थे अमेरिकी नागरिक
★अयोध्या राम मंदिर के ख़िलाफ़ किया था प्रदर्शन !
#Current #Fact #imp
उम्र- 34 साल
जन्म- युगांडा
कैंडीडेट- डेमोक्रेटिक पार्टी
★पिछले 100 वर्षों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर
★न्यूयॉर्क सिटी के पहले भारतीय - अमेरिकी मुस्लिम मेयर हैं
★राजनीति में आने से पहले एक रैपर भी रह चुके हैं
★प्रसिद्ध फिल्ममेकर मीरा नायर के बेटे हैं ममदानी
★2018 में ही बने थे अमेरिकी नागरिक
★अयोध्या राम मंदिर के ख़िलाफ़ किया था प्रदर्शन !
#Current #Fact #imp
❤7👍3🤯3🔥1