Secure PCS
सिंधु_घाटी_सभ्यता_Indus_Valley_Civilization,_इतिहास,_चरण_Phases.pdf
आप लोग के द्वारा दिया गया रिएक्शन ही इस #Revision श्रृंखला का पेट्रोल/डीजल है अगर आप लोग के द्वारा रिएक्शन मिलता रहा तो यह श्रृंखला आगे बढ़ती रहेगी।
धन्यवाद 🌹
Team Secure Pcs
धन्यवाद 🌹
Team Secure Pcs
❤16👍2
UPPCS Pre 2026 के लिए रणनीति।
सबसे पहले कम से कम 5 साल के आयोग द्वारा कराए गए सभी एग्जाम के प्रश्न पत्र अच्छे से सॉल्व कीजिए।
इसके बाद सामान्य अध्ययन के जो मैटेरियल आपके पास है उसको अपने समयानुसार टाइम टेबल बनाकर पढ़ना शुरू कीजिए कि इस हफ्ते मुझे ये पढ़ना है अगले हफ्ते मुझे ये पढ़ना है।
GS पढ़ने के साथ साथ प्रैक्टिस के लिए घटनाचक्र लगाइए इससे हरेक टॉपिक अच्छे से तैयार होता रहेगा और एक अलग ही कॉन्फिडेंस आएगा अधिकांश लोग यही करते हैं।
अब एक सवाल है कि अधिकांश लोग यही करते हैं तो लोग फेल क्यों हो जाते हैं।
फेल पास डिसाइड करता है करेंट अफेयर्स इसलिए नहीं की बिना इसके सलेक्शन नही होगा बल्कि इसलिए कि लोग डेली करेंट अफेयर्स पढ़ते नहीं हैं और एक्जाम के 30 दिन पहले मार्केट में कम्पाइलेशन आता है और पूरी भीड़ उसे ही जम के पढ़ना शुरू करती है और करेंट अफेयर्स तैयार कर लेती है लेकिन वह इस करेंट के चक्कर में यह भूल जाती है कि जिस GS को पिछले कई महीने से तैयार किया था वह आंखों से ओझल हो गया। और फिर एक्जाम में दो विकल्प में कन्फ्यूजन होता है और फिर चलता है 50– 50 का खेल जो कि रिस्की होता है।
इसलिए अंत समय में दिक्कत ना हो इसलिए इस चैनल पर जो करेंट अफेयर्स भेजा जा रहा है उसका अध्ययन करते रहिए और नोट भी बनाईए खुद के बनाए नोट कितना महत्वपूर्ण हैं यह नोट बनाने के बाद रिवीजन टाइम पता चलेगा।
प्रश्न;Secure Pcs के करेंट अफेयर्स में ऐसा क्या है कि हमें पढ़ना चाहिए?
उत्तर: Secure Pcs नियमित करेंट अफेयर्स प्रेषित करने के साथ साथ विभिन्न आयोगों द्वारा हाल ही में आयोजित परीक्षा में पूछे गए करेंट अफेयर के प्रश्नों को भी सॉल्व करवाता है जिससे एक आईडिया भी लगता रहे कि एग्जाम में करेंट के इस टॉपिक से कैसा प्रश्न बन सकता है। और करेंट अफेयर्स पर मजबूत पकड़ बनती रहे।
अगर आप इस मंच से जुड़े रहें हैं तो आपने इस बात का अनुभव स्वयं किया होगा।
जो लोग बार बार प्री में फेल हो जा रहे हैं वह लोग भी यही रणनीति फॉलो करें
अमूमन क्या होता है सबको लगता है ये तो तैयार है ये तो मुझे आता है और पढ़ते नहीं हैं और एक्जाम में सब तुक्का लगाना पड़ता है। इसलिए खूब पढ़िए रिवीजन जरूर करिए नहीं तो सब बेकार है।
धन्यवाद 💐♥️
Team Secure Pcs
मैं यह मानता हूं कि आपने इतिहास भूगोल... थोड़ा बहुत पढ़ा है,सबसे पहले कम से कम 5 साल के आयोग द्वारा कराए गए सभी एग्जाम के प्रश्न पत्र अच्छे से सॉल्व कीजिए।
इसके बाद सामान्य अध्ययन के जो मैटेरियल आपके पास है उसको अपने समयानुसार टाइम टेबल बनाकर पढ़ना शुरू कीजिए कि इस हफ्ते मुझे ये पढ़ना है अगले हफ्ते मुझे ये पढ़ना है।
GS पढ़ने के साथ साथ प्रैक्टिस के लिए घटनाचक्र लगाइए इससे हरेक टॉपिक अच्छे से तैयार होता रहेगा और एक अलग ही कॉन्फिडेंस आएगा अधिकांश लोग यही करते हैं।
अब एक सवाल है कि अधिकांश लोग यही करते हैं तो लोग फेल क्यों हो जाते हैं।
फेल पास डिसाइड करता है करेंट अफेयर्स इसलिए नहीं की बिना इसके सलेक्शन नही होगा बल्कि इसलिए कि लोग डेली करेंट अफेयर्स पढ़ते नहीं हैं और एक्जाम के 30 दिन पहले मार्केट में कम्पाइलेशन आता है और पूरी भीड़ उसे ही जम के पढ़ना शुरू करती है और करेंट अफेयर्स तैयार कर लेती है लेकिन वह इस करेंट के चक्कर में यह भूल जाती है कि जिस GS को पिछले कई महीने से तैयार किया था वह आंखों से ओझल हो गया। और फिर एक्जाम में दो विकल्प में कन्फ्यूजन होता है और फिर चलता है 50– 50 का खेल जो कि रिस्की होता है।
इसलिए अंत समय में दिक्कत ना हो इसलिए इस चैनल पर जो करेंट अफेयर्स भेजा जा रहा है उसका अध्ययन करते रहिए और नोट भी बनाईए खुद के बनाए नोट कितना महत्वपूर्ण हैं यह नोट बनाने के बाद रिवीजन टाइम पता चलेगा।
प्रश्न;Secure Pcs के करेंट अफेयर्स में ऐसा क्या है कि हमें पढ़ना चाहिए?
उत्तर: Secure Pcs नियमित करेंट अफेयर्स प्रेषित करने के साथ साथ विभिन्न आयोगों द्वारा हाल ही में आयोजित परीक्षा में पूछे गए करेंट अफेयर के प्रश्नों को भी सॉल्व करवाता है जिससे एक आईडिया भी लगता रहे कि एग्जाम में करेंट के इस टॉपिक से कैसा प्रश्न बन सकता है। और करेंट अफेयर्स पर मजबूत पकड़ बनती रहे।
अगर आप इस मंच से जुड़े रहें हैं तो आपने इस बात का अनुभव स्वयं किया होगा।
जो लोग बार बार प्री में फेल हो जा रहे हैं वह लोग भी यही रणनीति फॉलो करें
अमूमन क्या होता है सबको लगता है ये तो तैयार है ये तो मुझे आता है और पढ़ते नहीं हैं और एक्जाम में सब तुक्का लगाना पड़ता है। इसलिए खूब पढ़िए रिवीजन जरूर करिए नहीं तो सब बेकार है।
एक बात गांठ बांध लीजिए कि आप फेल इसलिए नहीं हो रहे हैं कि सामने वाला बहुत पढ़ रहा है आप फेल इसलिए हो रहे हैं क्योंकि आप नहीं पढ़ रहे हैं।
धन्यवाद 💐♥️
Team Secure Pcs
❤18
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती शासनादेश जारी
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा होगी भर्ती प्रक्रिया
लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के आधार पर होगी भर्ती
परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड कराएगा जो 100 अंकों की होगी एवं आयु सीमा 18 से 30 वर्ष होगी, दसवीं पास अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन
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उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा होगी भर्ती प्रक्रिया
लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के आधार पर होगी भर्ती
परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड कराएगा जो 100 अंकों की होगी एवं आयु सीमा 18 से 30 वर्ष होगी, दसवीं पास अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन
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UPPCS Pre 2026 के लिए रणनीति। मैं यह मानता हूं कि आपने इतिहास भूगोल... थोड़ा बहुत पढ़ा है, सबसे पहले कम से कम 5 साल के आयोग द्वारा कराए गए सभी एग्जाम के प्रश्न पत्र अच्छे से सॉल्व कीजिए। इसके बाद सामान्य अध्ययन के जो मैटेरियल आपके पास है उसको अपने समयानुसार…
दोस्त दुश्मन सबके यहां शेयर कीजिए।
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सामिया सुलुहु हसन बनीं तंजानिया की पहली महिला राष्ट्रपति
दार एस सलाम्, आइएएनएसः तंजानिया के मौजूदा राष्ट्रपति सत्तारूढ़ चामा चा मापिन्दुजी पार्टी की। सामिया सुलुहु हसन ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्हें 97.66 प्रतिशत वोट हासिल हुए। चुनाव को यह घोषणा की। हसन ने 16 विपक्षी उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की, जिससे देश के राजनीतिक परिदृश्य में उनकी पार्टी का प्रभुत्व और मजबूत हो गया। आयोग ने शनिवार सामिया सुलुहु हसन ।
हसन देश की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया व तत्कालीन राष्ट्रपति जान मैगुफुली की मृत्यु के बाद मार्च 2021 में पहली बार राष्ट्रपति पद संभाला था।
#current_affairs #Fact #current
दार एस सलाम्, आइएएनएसः तंजानिया के मौजूदा राष्ट्रपति सत्तारूढ़ चामा चा मापिन्दुजी पार्टी की। सामिया सुलुहु हसन ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्हें 97.66 प्रतिशत वोट हासिल हुए। चुनाव को यह घोषणा की। हसन ने 16 विपक्षी उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की, जिससे देश के राजनीतिक परिदृश्य में उनकी पार्टी का प्रभुत्व और मजबूत हो गया। आयोग ने शनिवार सामिया सुलुहु हसन ।
हसन देश की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया व तत्कालीन राष्ट्रपति जान मैगुफुली की मृत्यु के बाद मार्च 2021 में पहली बार राष्ट्रपति पद संभाला था।
#current_affairs #Fact #current
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सामिया सुलुहु हसन बनीं तंजानिया की पहली महिला राष्ट्रपति दार एस सलाम्, आइएएनएसः तंजानिया के मौजूदा राष्ट्रपति सत्तारूढ़ चामा चा मापिन्दुजी पार्टी की। सामिया सुलुहु हसन ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्हें 97.66 प्रतिशत वोट हासिल हुए। चुनाव को यह घोषणा…
आगे जो एक्जाम होगा उसमें ये कहीं न कहीं जरूर पूछा जाएगा।✔️
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पानी के भीतर से दुश्मन पर प्रहार करेगी परमाणु पनडुब्बी 'खाबरवोस्क'
दुनिया की खतरनाक पनडुब्बी
📍अमेरिका
वर्जिनिया श्रेणी की पनडुब्बी एसएसएन-774 क्लास परमाणु ऊर्जा और क्रूज मिसाइल से लैस पनडुब्बी है। गहराई में 240 मी. इसकी मारक क्षमता है। कुल क्षमता 4.3 अरब डॉलर है।
📍चीन
टाइप 094 पनडुब्बी परमाणु ऊर्जा और बैलिस्टिक मिसाइल से लैस है। इसकी गति 56 किलोमीटर प्रतिघंटा है। 400 मीटर की गहराई से मार कर सकती है।
📍जापान
आधुनिक हथियारों से लैस टैगेई श्रेणी की पनडुब्बी 29एसएस 30 मीटर गहराई तक मार करने में सक्षम है। 47 करोड़ डॉलर से तैयार होती है। 37 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है इसकी।
📍ईरान
फतेह श्रीणी की पनडुब्बी आधुनिक मिसाइलों से लैस है। पानी के भीतर 200 मीटर नीचे से मार कर कर सकती है। 35 दिन तक पानी में रहते हुए 6700 किलोमीटर चल सकती है।
📍इजरायल
डॉल्फिन श्रेणी की पनडुब्बी पर 1500 किलोमीटर मार करने वाली क्रूज मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। 200 किलोग्राम के न्यूक्लियर वॉरहेड से हमला संभव है।
'खाबरवोस्क' रूस की पनडुब्बी है परीक्षा में आए तो गलत नहीं करना है
#current #Fact #current_affairs
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भारत
अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बी परमाणु ऊर्जा बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है।
11 अरब डॉलर से इसका निर्माण होता है।
450 मीटर गहराई से मार संभव।
गति 28 किमी प्रतिघंटा है।
अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बी परमाणु ऊर्जा बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है।
11 अरब डॉलर से इसका निर्माण होता है।
450 मीटर गहराई से मार संभव।
गति 28 किमी प्रतिघंटा है।
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जम्मू-कश्मीर में चार वर्ष बाद ‘दरबार मूव’ परंपरा फिर से शुरू
जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक द्विवार्षिक ‘दरबार मूव’ (Darbar Move) परंपरा चार वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू हो गई है। स्टडी फॉर सिविल सर्विसेज
‘दरबार मूव’ की शुरुआत 147 वर्ष पूर्व डोगरा महाराजा द्वारा रणनीतिक और जलवायु कारणों से की गई थी। इसे वर्ष 2021 में समाप्त कर दिया गया था ताकि प्रतिवर्ष लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत हो सके।
#Festivals #current #Fact
जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक द्विवार्षिक ‘दरबार मूव’ (Darbar Move) परंपरा चार वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू हो गई है। स्टडी फॉर सिविल सर्विसेज
‘दरबार मूव’ की शुरुआत 147 वर्ष पूर्व डोगरा महाराजा द्वारा रणनीतिक और जलवायु कारणों से की गई थी। इसे वर्ष 2021 में समाप्त कर दिया गया था ताकि प्रतिवर्ष लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत हो सके।
#Festivals #current #Fact
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सरकार ने आधार और PAN कार्ड को लिंक करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर तय कर दी है
◆ लिंकिंग पूरी नहीं होने पर 1 जनवरी 2026 से PAN कार्ड को इनएक्टिव कर दिया जाएगा
◆ PAN कार्ड इनएक्टिव होने पर टैक्स रिटर्न फाइल करना, बैंक खाता खोलना या वित्तीय लेन-देन करने में मुश्किल होगी
◆ ये कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि पहचान-जालसाजी, फर्जी PAN बनाने और वित्तीय धोखाधड़ी से बचा जा सके
आधार पैन कार्ड लिंक करें : https://eportal.incometax.gov.in/iec/foservices/#/pre-login/bl-link-aadhaar
आधार पैन लिंक का स्टेटस जाने :
https://eportal.incometax.gov.in/iec/foservices/#/pre-login/link-aadhaar-status @SecurePcs
◆ लिंकिंग पूरी नहीं होने पर 1 जनवरी 2026 से PAN कार्ड को इनएक्टिव कर दिया जाएगा
◆ PAN कार्ड इनएक्टिव होने पर टैक्स रिटर्न फाइल करना, बैंक खाता खोलना या वित्तीय लेन-देन करने में मुश्किल होगी
◆ ये कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि पहचान-जालसाजी, फर्जी PAN बनाने और वित्तीय धोखाधड़ी से बचा जा सके
आधार पैन कार्ड लिंक करें : https://eportal.incometax.gov.in/iec/foservices/#/pre-login/bl-link-aadhaar
आधार पैन लिंक का स्टेटस जाने :
https://eportal.incometax.gov.in/iec/foservices/#/pre-login/link-aadhaar-status @SecurePcs
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आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ के कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई
भगदड़ या दबाव से कुचलने की घटना तब होती है, जब वास्तविक या अनुमानित खतरे या जगह की कमी के कारण अचानक भीड़ में उपस्थित लोग भागने लगते हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने भगदड़ की घटना को मानवजनित आपदा की श्रेणी में रखा है।
हालिया वर्षों में भारत में भगदड़ घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जैसे —
बेंगलुरु: RCB की IPL जीत के जश्न के दौरान;
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन: कुंभ मेले के लिए उमड़ी भीड़;
प्रयागराज: कुंभ मेले के दौरान भगदड़ की घटना आदि।
भारत में भगदड़ की घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं?
जवाबदेही और नियमों के पालन की कमी: कई बार आयोजन स्थलों पर उस जगह की क्षमता से ज़्यादा लोगों को अंदर आने दिया जाता है। कमजोर अवसंरचना (जैसे बैरिकेड्स की कमी) और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सुरक्षा नियमों का सही से पालन नहीं होता।
खराब नियोजन और समन्वय की कमी: स्थानीय प्रशासन, पुलिस और कार्यक्रम आयोजकों के बीच उचित सहयोग एवं समन्वय न होने से अव्यवस्था की स्थिति बनती है।
तकनीक का सीमित उपयोग: रीयल-टाइम निगरानी, भीड़ का घनत्व मापने वाले सिस्टम जैसी तकनीकों का बहुत कम उपयोग होता है।
अन्य कारण:
बढ़ती समृद्धि के साथ तीर्थयात्राओं में वृद्धि;
घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्र;
घबराहट और अफवाहों से अचानक भगदड़;
कम प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी;
राहत और बचाव कार्यों में देरी आदि।
👉आगे की राह
रीयल-टाइम निगरानी: NDMA के दिशा-निर्देशों के अनुसार CCTV, ड्रोन और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जानी चाहिए। साथ ही, किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सतर्क किया जाना चाहिए।
प्रवेश पर नियंत्रण: बड़े आयोजनों में ऑनलाइन पंजीकरण और पास सिस्टम के माध्यम से लोगों की संख्या सीमित रखी जानी चाहिए, ताकि भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सके।
जवाबदेही सुनिश्चित करना: सुरक्षा नियमों का पालन न करने या भीड़ प्रबंधन में लापरवाही के लिए आयोजकों और प्रशासन दोनों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
अवसंरचना में सुधार: चौड़े रास्तों, स्पष्ट निकास द्वारों और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में लोग सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें।
भगदड़ या दबाव से कुचलने की घटना तब होती है, जब वास्तविक या अनुमानित खतरे या जगह की कमी के कारण अचानक भीड़ में उपस्थित लोग भागने लगते हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने भगदड़ की घटना को मानवजनित आपदा की श्रेणी में रखा है।
हालिया वर्षों में भारत में भगदड़ घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जैसे —
बेंगलुरु: RCB की IPL जीत के जश्न के दौरान;
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन: कुंभ मेले के लिए उमड़ी भीड़;
प्रयागराज: कुंभ मेले के दौरान भगदड़ की घटना आदि।
भारत में भगदड़ की घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं?
जवाबदेही और नियमों के पालन की कमी: कई बार आयोजन स्थलों पर उस जगह की क्षमता से ज़्यादा लोगों को अंदर आने दिया जाता है। कमजोर अवसंरचना (जैसे बैरिकेड्स की कमी) और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सुरक्षा नियमों का सही से पालन नहीं होता।
खराब नियोजन और समन्वय की कमी: स्थानीय प्रशासन, पुलिस और कार्यक्रम आयोजकों के बीच उचित सहयोग एवं समन्वय न होने से अव्यवस्था की स्थिति बनती है।
तकनीक का सीमित उपयोग: रीयल-टाइम निगरानी, भीड़ का घनत्व मापने वाले सिस्टम जैसी तकनीकों का बहुत कम उपयोग होता है।
अन्य कारण:
बढ़ती समृद्धि के साथ तीर्थयात्राओं में वृद्धि;
घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्र;
घबराहट और अफवाहों से अचानक भगदड़;
कम प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी;
राहत और बचाव कार्यों में देरी आदि।
👉आगे की राह
रीयल-टाइम निगरानी: NDMA के दिशा-निर्देशों के अनुसार CCTV, ड्रोन और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जानी चाहिए। साथ ही, किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सतर्क किया जाना चाहिए।
प्रवेश पर नियंत्रण: बड़े आयोजनों में ऑनलाइन पंजीकरण और पास सिस्टम के माध्यम से लोगों की संख्या सीमित रखी जानी चाहिए, ताकि भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सके।
जवाबदेही सुनिश्चित करना: सुरक्षा नियमों का पालन न करने या भीड़ प्रबंधन में लापरवाही के लिए आयोजकों और प्रशासन दोनों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
अवसंरचना में सुधार: चौड़े रास्तों, स्पष्ट निकास द्वारों और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में लोग सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें।
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Secure PCS
आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ के कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई भगदड़ या दबाव से कुचलने की घटना तब होती है, जब वास्तविक या अनुमानित खतरे या जगह की कमी के कारण अचानक भीड़ में उपस्थित लोग भागने लगते हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण…
आंध्र प्रदेश के मंदिर में हुई भगदड़ भारत में बढ़ती भीड़-संबंधी आपदाओं को उजागर करती है, जो खराब योजना, अपर्याप्त सुरक्षा उपायों और कम प्रवर्तन के कारण होती हैं; रोकथाम के लिए वास्तविक समय पर निगरानी और सख्त नियमन आवश्यक हैं।
#Essay
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भीड़ प्रबंधन पर NDMA के दिशा-निर्देश
यातायात नियंत्रण: पंडालों और उत्सव स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, ताकि जाम एवं अव्यवस्था न हो।
स्पष्ट संकेत: प्रवेश और आपातकालीन निकास मार्गों के नक्शे प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि लोग आसानी से रास्ता पहचान सकें।
भीड़ नियंत्रण: बेरिकेड्स लगाकर लोगों की आवाजाही को पंक्तिबद्ध और क्रमबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
निगरानी व्यवस्था: CCTV कैमरे लगाए जाएं और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित हो सके।
स्थान प्रबंधन: अनधिकृत पार्किंग और अस्थायी दुकानें या ठेले, जो पैदल चलने वाले रास्तों को घेरते हैं, उन्हें हटाया जाए।
अन्य: चिकित्सीय तैयारी, जन जागरूकता, आगजनी से सुरक्षा की तैयारी की जाए आदि।
यातायात नियंत्रण: पंडालों और उत्सव स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, ताकि जाम एवं अव्यवस्था न हो।
स्पष्ट संकेत: प्रवेश और आपातकालीन निकास मार्गों के नक्शे प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि लोग आसानी से रास्ता पहचान सकें।
भीड़ नियंत्रण: बेरिकेड्स लगाकर लोगों की आवाजाही को पंक्तिबद्ध और क्रमबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
निगरानी व्यवस्था: CCTV कैमरे लगाए जाएं और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित हो सके।
स्थान प्रबंधन: अनधिकृत पार्किंग और अस्थायी दुकानें या ठेले, जो पैदल चलने वाले रास्तों को घेरते हैं, उन्हें हटाया जाए।
अन्य: चिकित्सीय तैयारी, जन जागरूकता, आगजनी से सुरक्षा की तैयारी की जाए आदि।
भीड़ प्रबंधन पर सवाल बन सकता है इसलिए इसके सभी पहलू को अच्छे से पढ़ लीजिए ✔️
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भारतीय सर्वेक्षण विभाग (SoI) एक ‘राष्ट्रीय भू-स्थानिक प्लेटफॉर्म’ विकसित कर रहा है
यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति, 2022 के विज़न को लागू करने में मदद करेगा।
भारतीय सर्वेक्षण विभाग भू-स्थानिक डेटा के लिए प्रमुख नोडल एजेंसी है।
भू-स्थानिक डेटा (Geospatial Data) वह समय-आधारित जानकारी होती है, जो पृथ्वी की सतह के किसी विशेष स्थान से जुड़ी होती है।
राष्ट्रीय भू-स्थानिक प्लेटफॉर्म (NGP) के बारे में
उद्देश्य: यह भू-स्थानिक डेटासेट्स के मानकीकरण, साझाकरण और प्रबंधन के लिए एक मजबूत व मापनीय प्रणाली के रूप में काम करेगा।
यह वेब सेवाओं, एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सटीक एवं प्रामाणिक स्थानिक डेटा तक आसान व निर्बाध पहुंच प्रदान करेगा।
समावेशी और सतत विकास के लिए भू-स्थानिक डेटा का उपयोग
कृषि: परिशुद्ध कृषि, मृदा स्वास्थ्य के मानचित्रण और सिंचाई प्रबंधन को बेहतर बनाने में।
लॉजिस्टिक्स और परिवहन: एकीकृत अवसंरचना योजना को सक्षम बनाने में। उदाहरण के लिए- पी.एम. गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान।
शहरी नियोजन एवं अवसंरचना: हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले स्थलाकृतिक सर्वेक्षण (5–10 सेमी की सटीकता) एवं प्रमुख शहरों के लिए नेशनल डिजिटल ट्विन के विकास के माध्यम से शहरी डिजाइन में सुधार करने में।
उदाहरण के लिए- अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत/ AMRUT) शहरों के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) पर आधारित मास्टर प्लान।
अन्य: उच्च गुणवत्ता वाले स्थानिक डेटा और जानकारी के माध्यम से पर्यावरण की बेहतर निगरानी व सुरक्षा करने में; आपदा प्रबंधन, आदि।
#CurrentAffairs #Current #Fact
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राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति, 2022
यह नीति राष्ट्रीय और राज्य स्तरों पर भू-स्थानिक अवसंरचना, सेवाओं एवं प्लेटफॉर्म्स के विकास के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तय करती है।
इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर भू-स्थानिक डेटा संवर्धन और विकास समिति (GDPDC) बनाने का प्रावधान किया गया है।
इसके तहत ऑपरेशन द्रोणगिरि शुरू किया गया है —
यह एक प्रायोगिक पहल है, जिसका उद्देश्य भू-स्थानिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को प्रदर्शित करना है।
भू-स्थानिक क्षेत्रक को बढ़ावा देने के लिए अन्य प्रमुख पहलें:
राष्ट्रीय भू-स्थानिक मिशन;
राष्ट्रीय भू-स्थानिक डेटा रिपॉजिटरी आदि।
यह नीति राष्ट्रीय और राज्य स्तरों पर भू-स्थानिक अवसंरचना, सेवाओं एवं प्लेटफॉर्म्स के विकास के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तय करती है।
इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर भू-स्थानिक डेटा संवर्धन और विकास समिति (GDPDC) बनाने का प्रावधान किया गया है।
इसके तहत ऑपरेशन द्रोणगिरि शुरू किया गया है —
यह एक प्रायोगिक पहल है, जिसका उद्देश्य भू-स्थानिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को प्रदर्शित करना है।
भू-स्थानिक क्षेत्रक को बढ़ावा देने के लिए अन्य प्रमुख पहलें:
राष्ट्रीय भू-स्थानिक मिशन;
राष्ट्रीय भू-स्थानिक डेटा रिपॉजिटरी आदि।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के बावजूद, भारत में सामूहिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएँ अक्सर होती रहती हैं। भारत में भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए आवश्यक संस्थागत, तकनीकी और अवसंरचनात्मक सुधारों की विवेचना करें। ( 250 शब्द)
उपर्युक्त आर्टिकल पढ़ के इसका उत्तर लिखिए आप लोग
उपर्युक्त आर्टिकल पढ़ के इसका उत्तर लिखिए आप लोग
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