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UPPCS प्री 2026 परीक्षा को ध्यान में रखते हुए आप लोग के लिए वार्षिक करेंट अफेयर्स MCQ का कंपाइलेशन उपलब्ध करवाया जाएगा।

Team Secure Pcs
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करेंट अफेयर का यह संकलन 3300 से अधिक लोगों तक पहुंचा और 70 से अधिक लोगों ने इसे फॉरवर्ड किया💐🥳
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Forwarded from Secure PCS
पूर्वी तट पर स्थित प्रमुख पहाड़िया (उत्तर से दक्षिण क्रम में)

📍M महेंद्र गिरी ओडिशा में
📍N नल्लामालाई आंध्र प्रदेश
📍V वेलीकोंडा आंध्र प्रदेश

📍P पालकोंडा  आंध्र प्रदेश
📍N नगारी  आंध्र प्रदेश

📍J जवादी तमिलनाडु
📍S शेवराय तमिलनाडु

📍P पंचमलाई  तमिलनाडु
📍S सिरुमलाई  तमिलनाडु

🎯याद करने की ट्रिक

MNV PN JS PS
मनवा पानी जैसा पिस गया।


(इसको तीन बार पढ़िए याद हो जाएगा ये।)

👉मनवा (MNV) पानी (PN) जैसा (JS) पिस (PS) गया।
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निम्नलिखित में से पूर्वी घाट पर्वत की सबसे दक्षिणी पहाड़ी है?
Anonymous Quiz
7%
जावड़ी पहाड़ियाँ
20%
पलकोंडा पहाड़ियाँ
26%
नल्लमाला पहाड़ियाँ
47%
शेवरॉय पहाड़ियाँ‌‌
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, जिसकी ग्लोबल मछली उत्पादन में लगभग 8% हिस्सेदारी है।
India is the second largest fish producing country with around 8% share in global fish production.

अंतर्देशीय मत्स्य पालन (Inland fisheries) - नदियों और झीलों जैसे मीठे पानी के निकायों में मछली पकड़ना ( fishing in freshwater bodies like rivers and lakes) उदा . तालाबों और नहरों में

समुद्री मत्स्य पालन (Marine fisheries) - महासागरों और समुद्रों जैसे खारे पानी के निकायों से मछली पकड़ना - उदा -खुले समुद्र में


भारत अंतर्देशीय मत्स्य पालन , समुद्री मत्स्य पालन की तुलना में अधिक है

अंतर्देशीय मत्स्य पालन - 175 लाख टन

समुद्री मत्स्य पालन - 44 लाख टन


Source - PIB
#current #Fact #Imp #current_affairs
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, जिसकी ग्लोबल मछली उत्पादन में लगभग 8% हिस्सेदारी है। India is the second largest fish producing country with around 8% share in global fish production. अंतर्देशीय मत्स्य पालन (Inland fisheries) - नदियों…
भारत में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए, अंतर्देशीय मत्स्य पालन (Inland Fisheries) के महत्व और समुद्री मत्स्य पालन (Marine Fisheries) की तुलना में इसके उच्च योगदान के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
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भारत में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए, अंतर्देशीय मत्स्य पालन (Inland Fisheries) के महत्व और समुद्री मत्स्य पालन (Marine Fisheries) की तुलना में इसके उच्च योगदान के कारणों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:

🇮🇳 भारत में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, जिसकी वैश्विक मछली उत्पादन में लगभग 8% की हिस्सेदारी है। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, साथ ही लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करता है।

अंतर्देशीय मत्स्य पालन का महत्व और उच्च योगदान
प्रस्तुत आँकड़ों (PIB) के अनुसार, भारत में अंतर्देशीय मत्स्य पालन (175 लाख टन), समुद्री मत्स्य पालन (44 लाख टन) की तुलना में चार गुना से अधिक है, जो इसके प्रभुत्व को दर्शाता है।

उच्च योगदान के कारण और महत्व:
विशाल मीठे पानी के संसाधन: भारत में नदियों, झीलों, तालाबों, जलाशयों और नहरों का एक विशाल नेटवर्क है। जलाशय आधारित मत्स्य पालन और तालाबों/टैंकों में मछली पालन (Aquaculture) के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हैं।

नियंत्रित और सघन पालन: अंतर्देशीय मत्स्य पालन मुख्य रूप से कृत्रिम जल निकायों (जैसे तालाब, टैंक) में होता है, जहाँ मछली पालन एक नियंत्रित और सघन प्रक्रिया है। इसमें वैज्ञानिक तकनीकों (जैसे उन्नत बीज, पूरक आहार) का उपयोग कर प्रति इकाई क्षेत्र उत्पादकता (Productivity) को बढ़ाया जा सकता है।

समुद्री संसाधनों पर दबाव में कमी: बढ़ती वैश्विक मांग के कारण समुद्री संसाधनों पर अत्यधिक दबाव है, जिससे मछली के स्टॉक में कमी आ रही है। इसकी तुलना में, अंतर्देशीय जल कृषि (Aquaculture) निरंतर और विश्वसनीय उत्पादन सुनिश्चित करती है।
ग्रामीण आजीविका और पहुंच: अंतर्देशीय मत्स्य पालन ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों छोटे और सीमांत किसानों तथा मछुआरों को स्थानीय स्तर पर रोज़गार और आय का स्रोत प्रदान करता है, जिससे गरीबी उन्मूलन में मदद मिलती है।

सरकारी पहल: 'नीली क्रांति' (Blue Revolution) जैसी सरकारी योजनाओं ने अंतर्देशीय जल कृषि के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिससे इसका उत्पादन तेजी से बढ़ा है।
अंतर्देशीय मत्स्य पालन की यह वृद्धि भारत को एक स्थायी और विश्वसनीय खाद्य स्रोत प्रदान करने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
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भारत की अवनी लेखरा ने दुबई में 2025 पैरा शूटिंग विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता

शूटिंग में भारत की अवनी लेखरा ने अल ऐन, दुबई में आयोजित 2025 पैरा शूटिंग विश्व कप की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

उन्होंने स्वीडन की एना बेसनन को पछाड़ते हुए खिताब अपने नाम किया।

Important ✔️
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भारत अमेरिका में 10 वर्षीय रक्षा करार।
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रमुख रक्षा भागीदारी के लिए 10 वर्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए


यह फ्रेमवर्क मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित 12वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान हस्ताक्षरित किया गया। इसका उद्देश्य रक्षा सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एकीकृत विज़न और नीतिगत दिशा प्रदान करना है।
इससे पहले, 2005-15 और 2015-25 की अवधि के लिए भी इसी तरह के फ्रेमवर्क्स पर हस्ताक्षर किए गए थे।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के बारे में
संस्थागत और मूलभूत फ्रेमवर्क
शीर्ष वार्ता: 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता।
बुनियादी समझौते:
लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA): इस पर 2016 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह परस्पर लॉजिस्टिक्स सहायता को सक्षम बनाने पर केंद्रित है।
कम्युनिकेशंस कंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (COMCASA): इस पर 2018 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह भारत को सुरक्षित संचार उपकरण प्राप्त करने की अनुमति देता है।
औद्योगिक सुरक्षा समझौता (ISA): इस पर 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे।
बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA): इस पर 2020 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह भू-स्थानिक जानकारी के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है।
रणनीतिक और नीतिगत स्तंभ
स्थिति: अमेरिका ने 2016 में भारत को प्रमुख रक्षा भागीदार (MDP) के रूप में नामित किया था।
व्यापार सुविधा: अमेरिका ने 2018 में भारत को स्ट्रैटेजिक ट्रेड ऑथॉराइज़ेशन (STA) टियर-1 का दर्जा दिया था।
रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी
व्यापार की मात्रा: दोनों देशों के बीच रक्षा खरीद 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
भारत की रक्षा उत्पाद सूची में अमेरिकी मूल के महत्वपूर्ण रक्षा उत्पाद शामिल हैं, जैसे- C-130J, C-17 एवं P-8I विमान, और अपाचे, चिनूक व सीहॉक हेलीकॉप्टर।
प्रौद्योगिकी को बढ़ावा: प्रौद्योगिकी और सह-उत्पादन में तेजी लाने के लिए रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप (2023) तैयार किया गया है।
नवाचार इकोसिस्टम: स्टार्ट-अप्स और उद्योग को जोड़ने के लिए इंडस एक्स (डिफेन्स एक्सेलरेशन इकोसिस्टम) की शुरुआत की गई है।
नई पहलों की घोषणा: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उद्योग की भागीदारी और स्वायत्त प्रणालियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्वायत्त प्रणाली उद्योग गठबंधन (ASIA) पहल आरंभ की गई है।
परिचालन अंतर-संचालनीयता
द्विपक्षीय अभ्यास: युद्ध अभ्यास (थल सेना), वज्र प्रहार (विशेष बल), कोप इंडिया (वायु सेना) आदि।
बहुपक्षीय अभ्यास: मालाबार (भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं का अभ्यास)।
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#ISRO successfully launched CMS-03 onboard its LVM3-M5 (GSLV-MkIII) heavy-lift rocket from श्रीहरिकोटा
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#ISRO successfully launched CMS-03 onboard its LVM3-M5 (GSLV-MkIII) heavy-lift rocket from श्रीहरिकोटा
उद्देश्य: CMS-03 मिशन द्वारा भारत और आसपास के समुद्री इलाकों में बेहतर मल्टी-बैंड संचार सेवाएं देना है।
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अभिलाषाएँ.. अनंत हैं, यथार्थ सीमित है. और मन इन्हीं दोनों के बीच सबसे बड़ा संघर्ष करता है...

Good Night Everyone ♥️🧿🌌
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📍 52runs :- 5+2=7 Thala for a reason 😁🙈🏏
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उसे गुमाँ है कि मेरी उड़ान कुछ कम है
मुझे यक़ीं है कि ये आसमान कुछ कम है


महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 : विजेता... भारत 💐🔥🇮🇳
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केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव के कारण भारत के अर्ध-संघीय ढांचे के समक्ष चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं


GST परिषद और नीति आयोग जैसी संस्थाएं वार्ता के लिए मंच प्रदान करती हैं,। ये संस्थाएं भारत की लोकतांत्रिक सफलता के मूल सिद्धांत "स्वशासन और साझा शासन" को मजबूत करते हैं।

भारत का संवैधानिक ढांचा: शक्ति संतुलन
संघीय विशेषताएं:
लिखित संविधान: भारत का संविधान एक लिखित दस्तावेज है, जिसमें संशोधन की स्पष्ट प्रक्रिया दी गई है।
द्वि-स्तरीय शासन व्यवस्था: शासन प्रणाली दो स्तरों पर संचालित होती है- केंद्र और राज्य स्तर।
द्विसदनीय व्यवस्था: राज्य सभा राज्यों के हितों और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। यह लोक सभा में संभावित बहुमतवाद (majoritarianism) को नियंत्रित करने का भी काम करती है। इसका अर्थ है कि जब लोक सभा में किसी दल का व्यापक बहुमत होता है, तब भी लोक सभा में बहुमत द्वारा पारित कानून की राज्य सभा में भी जांच-परख की जाती है।  
शक्तियों का विभाजन: संविधान की अनुसूची VII के अंतर्गत तीन सूचियों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन किया गया है।
एकात्मक विशेषताएं
सशक्त केंद्र: शक्तियों का विभाजन केंद्र सरकार के पक्ष में अधिक है। उदाहरण के लिए- समवर्ती सूची में शामिल विषयों पर संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को प्राथमिकता दी जाती है।

एकल संविधान और नागरिकता: पूरे देश में सभी नागरिकों पर एक समान कानून और अधिकार लागू होते हैं।

राज्यों पर संसद का प्राधिकार: अनुच्छेद 3 संसद को राज्यों की सहमति के बिना राज्यों के नाम, क्षेत्र और सीमाओं को बदलने का अधिकार देता है।

अन्य: इसमें एकीकृत न्यायपालिका, अखिल भारतीय सेवाएं, आपातकालीन शक्तियां, अंतर्राष्ट्रीय संधियों से संबंधित बाध्यताओं को पूरा करने हेतु संसद द्वारा कानून बनाने का अधिकार, आदि शामिल हैं।

संघीय ढांचे के समक्ष मौजूदा दौर की चुनौतियां

राजकोषीय केंद्रीकरण: उदाहरण के लिए- GST के लागू होने से राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित हुई है।

प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्रीकरण: उदाहरण के लिए- कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान आपदा प्रबंधन अधिनियम का उपयोग करके 'राज्यों से न्यूनतम परामर्श' के साथ राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया गया।

अन्य: इसमें राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए विधेयक को रोक कर रखना, केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिश पर कर एवं राजस्व का हस्तांतरण करना, आदि शामिल हैं। 

निष्कर्ष
नीति आयोग जैसे संस्थान, “टीम इंडिया” की भावना को दर्शाते हुए केंद्र और राज्यों को राष्ट्र निर्माण के समान भागीदार के रूप में जोड़ते हैं। ऐसे संस्थान एक ऐसा सार्थक संतुलन विकसित कर सकते हैं, जो एकता और क्षेत्रीय स्वायत्तता, दोनों के बीच सामंजस्य स्थापित करे तथा उभरती विकासात्मक चुनौतियों का समाधान खोजने में सहायक बने।

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