1- 1997 में गंगा नदी डॉल्फिन संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था साथ ही 2009 में केंद्र सरकार ने गंगा नदी डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था
2- राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का गठन 2009 में हुआ था
2- राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का गठन 2009 में हुआ था
Anonymous Quiz
12%
1 सही है
78%
1,2 दोनो सही है
7%
2 सही है
3%
1,2 दोनो सही नहीं है
❤5🔥1
अपनी तरह के विशेष मोबाइल एप्लिकेशन “मेरी पंचायत” को एक्शन लाइन कैटेगरी: सांस्कृतिक विविधता और पहचान, भाषाई विविधता और स्थानीय कंटेंट के तहत प्रतिष्ठित वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी (डब्ल्यूएसआईएस) प्राइज 2025 चैंपियन पुरस्कार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
👍2
Secure PCS
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा.... स्वास्थ्य कारणों को बताया वजह
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सा सलाह का हवाला दिया है ।
अनुच्छेद - 67. उपराष्ट्रपति की पदावधि
उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगाः
परंतु-
(क) उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा;
(ख) उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बह्मत ने पारित किया है और जिससे लोक सभा सहमत है, किंतु इस खंड के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो;
(ग) उपराष्ट्रपति, अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी, तब तक पद धारण करता रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है ।
अनुच्छेद - 67. उपराष्ट्रपति की पदावधि
उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगाः
परंतु-
(क) उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा;
(ख) उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बह्मत ने पारित किया है और जिससे लोक सभा सहमत है, किंतु इस खंड के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो;
(ग) उपराष्ट्रपति, अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी, तब तक पद धारण करता रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है ।
👍3
Secure PCS
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सा सलाह का हवाला दिया है । अनुच्छेद - 67. उपराष्ट्रपति की पदावधि उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख…
अनुच्छेद 68:-
उपराष्ट्रपति की पद रिक्ति व आकस्मिक रिक्ति के बाद चुनाव व उसकी पदावधि।
68(1) उपराष्ट्रपति की पदावधि की समाप्ति से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, पदावधि की समाप्ति से पहले ही पूर्ण कर लिया जाएगा।
(2) उपराष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से हुई उसके पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, रिक्ति होने के पश्चात् यथाशीघ्र किया जाएगा और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति, अनुच्छेद 67 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपने पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हकदार होगा।
उपराष्ट्रपति की पद रिक्ति व आकस्मिक रिक्ति के बाद चुनाव व उसकी पदावधि।
68(1) उपराष्ट्रपति की पदावधि की समाप्ति से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, पदावधि की समाप्ति से पहले ही पूर्ण कर लिया जाएगा।
(2) उपराष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से हुई उसके पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, रिक्ति होने के पश्चात् यथाशीघ्र किया जाएगा और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति, अनुच्छेद 67 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपने पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हकदार होगा।
😍5👍1
📝 📍घटनाचक्र आई दृष्टि करेंट अफेयर्स Day 15
पृष्ठ संख्या: ‘201 से207'
नेगेटिव मार्किंग: 1/3
समय: रात्रि 9 :00 बजे।
https://t.me/SecurePcs
#Eye_drishti_quiz #current_affairs #Quiz
पृष्ठ संख्या: ‘201 से207'
नेगेटिव मार्किंग: 1/3
समय: रात्रि 9 :00 बजे।
https://t.me/SecurePcs
#Eye_drishti_quiz #current_affairs #Quiz
👍2
अनुच्छेद 63:-
भारत का उपराष्ट्रपति।
भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।
अनुच्छेद 64:-
उपराष्ट्रपति का राज्य सभा का पदेन सभापति होना।
उपराष्ट्रपति, राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा:
परंतु जिस किसी अवधि के दौरान उपराष्ट्रपति, अनुच्छेद 65 के अधीन राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य
सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और वह अनुच्छेद 97 के अधीन राज्य सभा के सभापति को संदेय वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होगा।
अनुच्छेद 65:-
राष्ट्रपति पद की आकस्मिक रिक्ति या अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति का कार्य करना।
#Articles_Series #Articles_in_News
भारत का उपराष्ट्रपति।
भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।
अनुच्छेद 64:-
उपराष्ट्रपति का राज्य सभा का पदेन सभापति होना।
उपराष्ट्रपति, राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा:
परंतु जिस किसी अवधि के दौरान उपराष्ट्रपति, अनुच्छेद 65 के अधीन राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य
सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और वह अनुच्छेद 97 के अधीन राज्य सभा के सभापति को संदेय वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होगा।
अनुच्छेद 65:-
राष्ट्रपति पद की आकस्मिक रिक्ति या अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति का कार्य करना।
65(1) राष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से उसके पद में हुई रिक्ति की दशा में उपराष्ट्रपति उस तारीख तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा जिस तारीख को ऐसी रिक्ति को भरने के लिए इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार निर्वाचित नया राष्ट्रपति अपना पद ग्रहण करता है।
(2) जब राष्ट्रपति अनुपस्थिति, बीमारी या अन्य किसी कारण से अपने कृत्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है तब उपराष्ट्रपति उस तारीख तक उसके कृत्यों का निर्वहन करेगा जिस तारीख को राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को फिर से संभालता है।
(3) उपराष्ट्रपति को उस अवधि के दौरान और उस अवधि के संबंध में, जब वह राष्ट्रपति के रूप में इस प्रकार कार्य कर रहा है या उसके कृत्यों का निर्वहन कर रहा है, राष्ट्रपति की सभी शक्तियाँ और उन्मुक्तियाँ होंगी तथा वह ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का जो संसद, विधि द्वारा, अवधारित करे, और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, हकदार होगा।
#Articles_Series #Articles_in_News
❤1👍1
अनुच्छेद 66:-
66(1) उपराष्ट्रपति का निर्वाचन [संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचकगण के सदस्यों]* द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा और ऐसे निर्वाचन में मतदान गुप्त होगा।
(2) उपराष्ट्रपति संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होगा और यदि संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का कोई सदस्य उपराष्ट्रपति निर्वाचित हो जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने उस सदन में अपना स्थान उपराष्ट्रपति के रूप में अपने पद ग्रहण की तारीख से रिक्त कर दिया है।
(3) कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने का पात्र तभी होगा जब वह--
(क) भारत का नागरिक है, (ख) पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, और
(ग) राज्य सभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए अर्हित है।
(4) कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन अथवा उक्त सरकारों में से किसी के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है, उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने का पात्र नहीं होगा।
स्पष्टीकरण--इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए, कोई व्यक्ति केवल इस कारण कोई लाभ का पद धारण करने वाला नहीं समझा जाएगा कि वह संघ का राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति या किसी राज्य का राज्यपाल** है अथवा संघ का या किसी राज्य का मंत्री है।
#Articles_in_News #Articles_Series
उपराष्ट्रपति का निर्वाचन व पात्रता।
66(1) उपराष्ट्रपति का निर्वाचन [संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचकगण के सदस्यों]* द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा और ऐसे निर्वाचन में मतदान गुप्त होगा।
(2) उपराष्ट्रपति संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होगा और यदि संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का कोई सदस्य उपराष्ट्रपति निर्वाचित हो जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने उस सदन में अपना स्थान उपराष्ट्रपति के रूप में अपने पद ग्रहण की तारीख से रिक्त कर दिया है।
(3) कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने का पात्र तभी होगा जब वह--
(क) भारत का नागरिक है, (ख) पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, और
(ग) राज्य सभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए अर्हित है।
(4) कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन अथवा उक्त सरकारों में से किसी के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है, उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने का पात्र नहीं होगा।
स्पष्टीकरण--इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए, कोई व्यक्ति केवल इस कारण कोई लाभ का पद धारण करने वाला नहीं समझा जाएगा कि वह संघ का राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति या किसी राज्य का राज्यपाल** है अथवा संघ का या किसी राज्य का मंत्री है।
#Articles_in_News #Articles_Series
👍2
अनुच्छेद 67:-
67(1) उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा: परंतु--
(क) उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा;
(ख) उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोकसभा सहमत है; किंतु इस खंड के प्रयोजन के लिए कई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो;
(ग) उपराष्ट्रपति, अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी, तब तक पद धारण करता रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है।
अनुच्छेद 68:-
68(1) उपराष्ट्रपति की पदावधि की समाप्ति से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, पदावधि की समाप्ति से पहले ही पूर्ण कर लिया जाएगा।
(2) उपराष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से हुई उसके पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, रिक्ति होने के पश्चात् यथाशीघ्र किया जाएगा और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति, अनुच्छेद 67 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपने पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हकदार होगा।
अनुच्छेद 69:-
प्रत्येक उपराष्ट्रपति अपना पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति अथवा उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष निम्नलिखित प्रारूप में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा, अर्थात्: --
ईश्वर की शपथ लेता हूँ
"मैं, अमुक ---------------------------------कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूँ, श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा तथा जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूँ उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूँगा।"
#Articles_Series #Articles_in_News
उपराष्ट्रपति की पदावधि व महाभियोग।
67(1) उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा: परंतु--
(क) उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा;
(ख) उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोकसभा सहमत है; किंतु इस खंड के प्रयोजन के लिए कई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो;
(ग) उपराष्ट्रपति, अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी, तब तक पद धारण करता रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है।
अनुच्छेद 68:-
उपराष्ट्रपति की पद रिक्ति व आकस्मिक रिक्ति के बाद चुनाव व उसकी पदावधि।
68(1) उपराष्ट्रपति की पदावधि की समाप्ति से हुई रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, पदावधि की समाप्ति से पहले ही पूर्ण कर लिया जाएगा।
(2) उपराष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से हुई उसके पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन, रिक्ति होने के पश्चात् यथाशीघ्र किया जाएगा और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति, अनुच्छेद 67 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपने पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष की पूरी अवधि तक पद धारण करने का हकदार होगा।
अनुच्छेद 69:-
उपराष्ट्रपति द्वारा शपथ व प्रतिज्ञान।
प्रत्येक उपराष्ट्रपति अपना पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति अथवा उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष निम्नलिखित प्रारूप में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा, अर्थात्: --
ईश्वर की शपथ लेता हूँ
"मैं, अमुक ---------------------------------कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूँ, श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा तथा जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूँ उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूँगा।"
#Articles_Series #Articles_in_News
👍1
अनुच्छेद 70:-
संसद, ऐसी किसी आकस्मिकता में जो इस अध्याय में उपबंधित नहीं है, राष्ट्रपति के कृत्यों के निर्वहन के लिए ऐसा उपबंध कर सकेगी जो वह ठीक समझे।
अनुच्छेद 71:-
71(1) राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से उत्पन्न या संसक्त सभी शंकाओं और विवादों की जांच और विनिश्चय उच्चतम न्यायालय द्वारा किया जाएगा और उसका विनिश्चय अंतिम होगा।
(2) यदि उच्चतम न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया जाता है तो उसके द्वारा, यथास्थिति, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के पद की शक्तियों के प्रयोग और कर्तव्यों के पालन में उच्चतम न्यायालय के विनिश्चय की तारीख को या उससे पहले किए गए कार्य उस घोषणा के कारण अधिमान्य नहीं होंगे।
(3) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या संसक्त किसी विषय का विनियमन संसद विधि द्वारा कर सकेगी।
(4) राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में किसी व्यक्ति के निर्वाचन को उसे निर्वाचित करने वाले निर्वाचकगण के सदस्यों में किसी भी कारण से विद्यमान किसी रिक्ति के आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।]*
#Articles_Series #Articles_in_News
अन्य आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन।
संसद, ऐसी किसी आकस्मिकता में जो इस अध्याय में उपबंधित नहीं है, राष्ट्रपति के कृत्यों के निर्वहन के लिए ऐसा उपबंध कर सकेगी जो वह ठीक समझे।
अनुच्छेद 71:-
राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से सम्बंधित विवादित विषय।
71(1) राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से उत्पन्न या संसक्त सभी शंकाओं और विवादों की जांच और विनिश्चय उच्चतम न्यायालय द्वारा किया जाएगा और उसका विनिश्चय अंतिम होगा।
(2) यदि उच्चतम न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया जाता है तो उसके द्वारा, यथास्थिति, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के पद की शक्तियों के प्रयोग और कर्तव्यों के पालन में उच्चतम न्यायालय के विनिश्चय की तारीख को या उससे पहले किए गए कार्य उस घोषणा के कारण अधिमान्य नहीं होंगे।
(3) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या संसक्त किसी विषय का विनियमन संसद विधि द्वारा कर सकेगी।
(4) राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में किसी व्यक्ति के निर्वाचन को उसे निर्वाचित करने वाले निर्वाचकगण के सदस्यों में किसी भी कारण से विद्यमान किसी रिक्ति के आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।]*
#Articles_Series #Articles_in_News
👍1
समय मिले तो एक बार पढ़ लीजिएगा
कहानी जैसा है सब।
ऐसे पढ़ेंगे तो दो चार फैक्ट याद रहेंगे लंबे समय तक।
नहीं तो कोडिंग बना के रट्टा तो लगाते ही होंगे आप लोग।
कहानी जैसा है सब।
ऐसे पढ़ेंगे तो दो चार फैक्ट याद रहेंगे लंबे समय तक।
नहीं तो कोडिंग बना के रट्टा तो लगाते ही होंगे आप लोग।
🙏5💯4❤2👍2
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(1)यदि उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है, तो 6 महीने में नया निर्वाचन होना अनिवार्य है(2)उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने के लिए पत्र राष्ट्रपति को संबोधित किया जाता है।
(1)यदि उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है, तो 6 महीने में नया निर्वाचन होना अनिवार्य है(2)उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने के लिए पत्र राष्ट्रपति को संबोधित किया जाता है।
Anonymous Quiz
9%
केवल 1
10%
केवल 2
70%
1 और 2 दोनों
10%
न तो 1 न ही 2
👍6😍1
हाल ही में यदि उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया गया है, तो संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत यह प्रक्रिया संचालित होती है?
Anonymous Quiz
1%
अनुच्छेद 62
18%
अनुच्छेद 66
69%
अनुच्छेद 67
12%
अनुच्छेद 69
👍4
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी के इस्तीफा के बाद कार्यवाहक उपराष्ट्रपति की भूमिका कौन निभाएगा?
Anonymous Quiz
10%
लोकसभा अध्यक्ष
4%
प्रधानमंत्री
31%
राष्ट्रपति द्वारा नामित व्यक्ति
56%
राज्यसभा के उपसभापति
👍7
उपराष्ट्रपति का निर्वाचन किस प्रकार की निर्वाचन प्रणाली से होता है?
Anonymous Quiz
1%
प्रत्यक्ष मतदान
93%
अप्रत्यक्ष मतदान, एकल संक्रमणीय मत द्वारा
3%
सामान्य बहुमत
3%
लोकसभा द्वारा नामांकन
👍4
उपराष्ट्रपति का निर्वाचन किस प्रकार के निर्वाचन मंडल द्वारा किया जाता है?
Anonymous Quiz
3%
केवल लोकसभा सदस्य
11%
केवल राज्यसभा सदस्य
84%
संसद के दोनों सदनों के सदस्य
2%
राष्ट्रपति द्वारा नामित कॉलेज
👍5😍1
इस चैनल की सबसे खास बात यह है कि यह मैटेरियल का भंडार उपलब्ध नहीं करवाता है। मैटेरियल आपके पास पर्याप्त हैं और आपका चयन किताबों से ही होगा।
हाल ही में कौन सा मुद्दा, कौन सा शब्द कौन सी संस्था, बाकी और भी.... चर्चा में रहा है, ऐसे मुद्दों पर यह चैनल विस्तृत जानकारी प्रदान कराता है जिससे कि परीक्षा में करेंट बेस कोई प्रश्न आए तो ओ आपके दायरे से बाहर ना जाने पाए।
इसलिए जब आपके पास किताबों के अध्ययन के बाद समय बचा करे तब आप इस चैनल को एक बार जरूर देख लिया करिए। बाकी अगर आपको लगता की कुछ बिंदु और जोड़े जा सकते थे तो आप भेज दिया करिए जोड़ दिया जाएगा उसे।
विश्वास आपका सहयोग हमारा🌹
https://t.me/SecurePcs
❤8