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लोक लेखा समिति के संदर्भ में असत्य कथन है?
गलत कौन लोग कर रहे हैं सुबह ही भेजा था पढ़ते नहीं हैं आप लोग लगता है फिलहाल पोस्ट को टैग करके भेजा हूं जिससे कोई कन्फ्यूजन हो तो पोस्ट पढ़ के सही उत्तर टिक करें आप लोग, लेकिन आप लोग तो BPSC के शब्दों में नॉन सीरियस कैंडिटेड निकलें।
😢5🤷♀3
📍सवैधानिक सभा के महत्वपूर्ण कार्य
★राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता का सत्यापन - मई 1949 .
★राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया - 22 जुलाई 1947
★राष्ट्रीय गान को अपनाया - 24 जनवरी 1950
★राष्ट्रीय गीत को अपनाया - 24 जनवरी 1950
★डॉ राजेंद्र प्रसाद को पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना - 24 जनवरी 1950
★संविधान सभा की अंतिम बैठक - 24 जनवरी 1950
#imp
★राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता का सत्यापन - मई 1949 .
★राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया - 22 जुलाई 1947
★राष्ट्रीय गान को अपनाया - 24 जनवरी 1950
★राष्ट्रीय गीत को अपनाया - 24 जनवरी 1950
★डॉ राजेंद्र प्रसाद को पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना - 24 जनवरी 1950
★संविधान सभा की अंतिम बैठक - 24 जनवरी 1950
#imp
👍10❤4
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही नहीं है?
Anonymous Quiz
51%
तद्भव संस्कृत शब्द होते हैं।
6%
तद्भव संस्कृत व प्राकृत से उत्पन्न शब्द होते हैं।
17%
प्रत्येक तद्भव का तत्सम होता है लेकिन प्रत्येक तत्सम का तद्भव नहीं होता है।
25%
उपर्युक्त सभी सही हैं।
😁5🙊2👌1
Secure PCS
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही नहीं है?
गलत करने वाले को नवरत्न तेल कढ़ाई में गर्म करके तला जाएगा
😁7🤣5
🎯तत्सम अर्द्ध तत्सम तद्भव
📍नृत्य नच्च नाच
📍अक्षर अच्छर आखर
📍सत्य सच्च सच
📍अग्नि अगिन आग
📍आज्ञा अग्यां आन
📍वत्स बच्छ बच्चा
📍नृत्य नच्च नाच
📍अक्षर अच्छर आखर
📍सत्य सच्च सच
📍अग्नि अगिन आग
📍आज्ञा अग्यां आन
📍वत्स बच्छ बच्चा
🔥8❤1
Secure PCS
🎯तत्सम अर्द्ध तत्सम तद्भव 📍नृत्य नच्च नाच 📍अक्षर अच्छर आखर 📍सत्य सच्च सच 📍अग्नि अगिन आग 📍आज्ञा अग्यां आन 📍वत्स बच्छ बच्चा
अर्द्ध-तत्सम उन संस्कृत शब्दों को कहते हैं जो प्राकृत-भाषा बोलनेवालों के उच्चारण से बिगड़ते बिगड़ते कुछ और ही रूप के हो गये हैं, जैसे, बच्छ, अग्यां, मुँह, बंस, इत्यादि।
https://t.me/SecurePcs
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❤3🙏3👍2🔥1
निम्नलिखित में से उन संदर्भों की पहचान करें जिसमें राज्यसभा और लोकसभा की शक्तियां बराबर है?
(1) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का निर्वाचन
(2) संविधान संशोधन (3) राष्ट्रीय आपात की समाप्ति का प्रस्ताव (4) उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव
(1) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का निर्वाचन
(2) संविधान संशोधन (3) राष्ट्रीय आपात की समाप्ति का प्रस्ताव (4) उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव
Anonymous Quiz
27%
केवल 1, 2 और 3
38%
केवल 1 और 2
28%
केवल 2 और 3
6%
केवल 1 और 3
👍3❤2
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निम्नलिखित में से उन संदर्भों की पहचान करें जिसमें राज्यसभा और लोकसभा की शक्तियां बराबर है?
(1) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का निर्वाचन
(2) संविधान संशोधन (3) राष्ट्रीय आपात की समाप्ति का प्रस्ताव (4) उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव
(1) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का निर्वाचन
(2) संविधान संशोधन (3) राष्ट्रीय आपात की समाप्ति का प्रस्ताव (4) उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव
★उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव: केवल राज्यसभा में लाया जाता है।
★राष्ट्रीय आपात की समाप्ति का प्रस्ताव: केवल लोकसभा में लाया जाता है।
★राष्ट्रीय आपात की समाप्ति का प्रस्ताव: केवल लोकसभा में लाया जाता है।
👍4
राज्यपाल के अनुच्छेद याद करने की ट्रिक
Trick- राजा का नाक योगा से साफ
राजा 153 राज्यपाल
का - 154 कार्यपालिका
ना - 155 नियुक्ति
क - 156 कार्यकाल
योगा - 157 योग्यता
से - 158 सेवा शर्तें
साफ - 159 शपथ
अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान शक्तियां
Trick- राजा का नाक योगा से साफ
राजा 153 राज्यपाल
का - 154 कार्यपालिका
ना - 155 नियुक्ति
क - 156 कार्यकाल
योगा - 157 योग्यता
से - 158 सेवा शर्तें
साफ - 159 शपथ
अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान शक्तियां
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सही है?
(1)प्रत्येक राज्य का राज्यपाल,उच्चन्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा (2)महाधिवक्ता,राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे
(1)प्रत्येक राज्य का राज्यपाल,उच्चन्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा (2)महाधिवक्ता,राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे
Anonymous Quiz
44%
केवल 1
11%
केवल 2
44%
1 और 2 दोनों
1%
न तो 1 न ही 2
👍2👌2
Secure PCS
सही है?
(1)प्रत्येक राज्य का राज्यपाल,उच्चन्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा (2)महाधिवक्ता,राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे
(1)प्रत्येक राज्य का राज्यपाल,उच्चन्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा (2)महाधिवक्ता,राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे
अनुच्छेद 165. राज्य का महाधिवक्ता:
(1) प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा ।
(2) महाधिवक्ता का यह कत्र्तव्य होगा कि वह उस राज्य की सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य कत्र्तव्यों का पालन करे जो राज्यपाल उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदान किये गये हों ।
(3) महाधिवक्ता, राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राज्यपाल अवधारित करे ।
स्रोत:राजभवन उत्तर प्रदेश वेबसाइट।
(1) प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा ।
(2) महाधिवक्ता का यह कत्र्तव्य होगा कि वह उस राज्य की सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य कत्र्तव्यों का पालन करे जो राज्यपाल उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदान किये गये हों ।
(3) महाधिवक्ता, राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राज्यपाल अवधारित करे ।
स्रोत:राजभवन उत्तर प्रदेश वेबसाइट।
👍4
अनुच्छेद 192. सदस्यों की निरर्हताओं से सम्बन्धित प्रश्नों पर विनिश्चय:
(1) यदि यह प्रश्न उठता है कि किसी राज्य के विधान-मण्डल के किसी सदन का कोई सदस्य अनुच्छेद 191 के खण्ड (1) में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हो गया है या नहीं तो वह प्रश्न राज्यपाल को विनिश्चय के लिए निर्देशित किया जाएगा और उसका विनिश्चिय अन्तिम होगा ।
(2) ऐसी किसी प्रश्न पर विनिश्चय करने से पहले राज्यपाल निर्वाचन आयोग की राय लेगा और ऐसी राय के अनुसार कार्य करेगा ।
(1) यदि यह प्रश्न उठता है कि किसी राज्य के विधान-मण्डल के किसी सदन का कोई सदस्य अनुच्छेद 191 के खण्ड (1) में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हो गया है या नहीं तो वह प्रश्न राज्यपाल को विनिश्चय के लिए निर्देशित किया जाएगा और उसका विनिश्चिय अन्तिम होगा ।
(2) ऐसी किसी प्रश्न पर विनिश्चय करने से पहले राज्यपाल निर्वाचन आयोग की राय लेगा और ऐसी राय के अनुसार कार्य करेगा ।
👍3
अनुच्छेद 233. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति:
(1) किसी राज्य में जिला न्यायाधीश नियुक्त होने वाले व्यक्तियों की नियुक्ति तथा जिला न्यायाधीश की पदस्थापना और प्रोन्नति उस राज्य का राज्यपाल ऐसे राज्य के सम्बन्ध में अधिकारिता का प्रयोग करने वाले उच्च न्यायालय से परामर्श करके करेगा ।
(2) वह व्यक्ति, जो ंसंघ की या राज्य की सेवा में पहले से ही नहीं है, जिला न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए केवल तभी पात्र होगा जब वह कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता या प्लीडर रहा है और उसकी नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालय ने सिफारिश की है ।
(1) किसी राज्य में जिला न्यायाधीश नियुक्त होने वाले व्यक्तियों की नियुक्ति तथा जिला न्यायाधीश की पदस्थापना और प्रोन्नति उस राज्य का राज्यपाल ऐसे राज्य के सम्बन्ध में अधिकारिता का प्रयोग करने वाले उच्च न्यायालय से परामर्श करके करेगा ।
(2) वह व्यक्ति, जो ंसंघ की या राज्य की सेवा में पहले से ही नहीं है, जिला न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए केवल तभी पात्र होगा जब वह कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता या प्लीडर रहा है और उसकी नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालय ने सिफारिश की है ।
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भारत के राष्ट्रपति के पद का निर्वाचन लड़ने के लिए किसी अभ्यर्थी की क्या-क्या योग्यताएं आवश्यक हैं?
उ० अनुच्छेद 58 के अंतर्गत एक अभ्यर्थी को राष्ट्रपति के पद का निर्वाचन लड़ने के लिए निम्नलिखित आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए :-
भारत का नागरिक होना चाहिए।
पैंतीस (35) वर्ष की आयु पूर्ण होनी चाहिए।
लोक सभा का सदस्य होने के लिए अर्हित होना चाहिए।
भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन या किसी भी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन, उक्त किसी भी सरकार के नियंत्रणाधीन किसी भी लाभ का पदधारी नहीं होना चाहिए।
तथापि, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति का पदधारी या किसी भी राज्य के राज्यपाल का पदधारी या केन्द्र या राज्य मंत्री का पदधारी अभ्यर्थी हो सकता है, एवं निर्वाचन लड़ने का पात्र होगा।
उ० अनुच्छेद 58 के अंतर्गत एक अभ्यर्थी को राष्ट्रपति के पद का निर्वाचन लड़ने के लिए निम्नलिखित आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए :-
भारत का नागरिक होना चाहिए।
पैंतीस (35) वर्ष की आयु पूर्ण होनी चाहिए।
लोक सभा का सदस्य होने के लिए अर्हित होना चाहिए।
भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन या किसी भी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन, उक्त किसी भी सरकार के नियंत्रणाधीन किसी भी लाभ का पदधारी नहीं होना चाहिए।
तथापि, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति का पदधारी या किसी भी राज्य के राज्यपाल का पदधारी या केन्द्र या राज्य मंत्री का पदधारी अभ्यर्थी हो सकता है, एवं निर्वाचन लड़ने का पात्र होगा।
👍3
नागोया प्रोटोकॉल :
आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच और उनके उपयोग से प्राप्त लाभों के उचित एवं न्यायसंगत बँटवारे पर नागोया प्रोटोकॉल को जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के सम्मेलन द्वारा 29 अक्टूबर 2010 को नागोया, जापान में अपनी दसवीं बैठक में अपनाया गया था। इसके अनुच्छेद 32 के अनुसार, इस प्रोटोकॉल पर 2 फ़रवरी 2011 से 1 फ़रवरी 2012 तक न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सम्मेलन के पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षर किए जा सकते थे। यह प्रोटोकॉल 12 अक्टूबर 2014 को लागू हुआ।
#Environment
आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच और उनके उपयोग से प्राप्त लाभों के उचित एवं न्यायसंगत बँटवारे पर नागोया प्रोटोकॉल को जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के सम्मेलन द्वारा 29 अक्टूबर 2010 को नागोया, जापान में अपनी दसवीं बैठक में अपनाया गया था। इसके अनुच्छेद 32 के अनुसार, इस प्रोटोकॉल पर 2 फ़रवरी 2011 से 1 फ़रवरी 2012 तक न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सम्मेलन के पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षर किए जा सकते थे। यह प्रोटोकॉल 12 अक्टूबर 2014 को लागू हुआ।
#Environment
👍4
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर निम्नलिखित पर्यावरणीय मुद्दों में से किस पर ध्यान देने के लिए हस्ताक्षर किए गए थे?
Anonymous Quiz
16%
क्षोभमण्डलीय ओजोन प्रदूषण
63%
समतापमण्डल में ओजोन का अवक्षय
20%
ग्लोबल वार्मिंग
1%
अम्ल वर्षा
👍2❤1
ओज़ोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, पृथ्वी की ओज़ोन परत को नष्ट करने वाले रसायनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके उसकी रक्षा करने के लिए एक वैश्विक समझौता है। इस चरणबद्ध योजना में ओज़ोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों का उत्पादन और उपभोग दोनों शामिल हैं। इस ऐतिहासिक समझौते पर 1987 में हस्ताक्षर किए गए थे और यह 1989 में लागू हुआ।
प्रोटोकॉल के पक्षकार समझौते के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्णय लेने हेतु वर्ष में एक बार मिलते हैं। इनमें प्रोटोकॉल में समायोजन या संशोधन शामिल है, जो इसके निर्माण के बाद से छह बार किया जा चुका है। सबसे हालिया संशोधन, किगाली संशोधन, ने 2016 में हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम करने का आह्वान किया। इन HFC का उपयोग मूल मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल द्वारा हटाए गए ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों के एक समूह के प्रतिस्थापन के रूप में किया गया था। हालाँकि ये ओज़ोन परत को नष्ट नहीं करते, लेकिन इन्हें शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों के रूप में जाना जाता है और इस प्रकार, ये जलवायु परिवर्तन में योगदान करते हैं।
Source:https://ozone.unep.org/treaties/montreal-protocol
प्रोटोकॉल के पक्षकार समझौते के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्णय लेने हेतु वर्ष में एक बार मिलते हैं। इनमें प्रोटोकॉल में समायोजन या संशोधन शामिल है, जो इसके निर्माण के बाद से छह बार किया जा चुका है। सबसे हालिया संशोधन, किगाली संशोधन, ने 2016 में हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम करने का आह्वान किया। इन HFC का उपयोग मूल मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल द्वारा हटाए गए ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों के एक समूह के प्रतिस्थापन के रूप में किया गया था। हालाँकि ये ओज़ोन परत को नष्ट नहीं करते, लेकिन इन्हें शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों के रूप में जाना जाता है और इस प्रकार, ये जलवायु परिवर्तन में योगदान करते हैं।
Source:https://ozone.unep.org/treaties/montreal-protocol
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पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, रियो डी जेनेरो, ब्राज़ील, 3-14 जून 1992
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास सम्मेलन (UNCED), जिसे 'पृथ्वी शिखर सम्मेलन' के नाम से भी जाना जाता है, 3-14 जून 1992 को ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित किया गया था। 1972 में स्टॉकहोम, स्वीडन में हुए पहले मानव पर्यावरण सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में 179 देशों के राजनीतिक नेताओं, राजनयिकों, वैज्ञानिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने पर्यावरण पर मानवीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने के एक व्यापक प्रयास के लिए एक मंच प्रदान किया।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास सम्मेलन (UNCED), जिसे 'पृथ्वी शिखर सम्मेलन' के नाम से भी जाना जाता है, 3-14 जून 1992 को ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित किया गया था। 1972 में स्टॉकहोम, स्वीडन में हुए पहले मानव पर्यावरण सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में 179 देशों के राजनीतिक नेताओं, राजनयिकों, वैज्ञानिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने पर्यावरण पर मानवीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने के एक व्यापक प्रयास के लिए एक मंच प्रदान किया।
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❤3👍1
जनवरी 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन किसे मलेरिया मुक्त देश प्रमाणित किया गया है?
Anonymous Quiz
42%
जॉर्जिया
30%
युगांडा
16%
रवांडा
12%
मोल्दोवा
👍5❤2