46वां आसियान शिखर सम्मेलन मलेशिया में शुरू हुआ, जिसमें म्यांमार के संकट और अमेरिकी टैरिफ मुद्दों पर चर्चा की गई। नेता टैरिफ के आर्थिक प्रभावों (10-49%) और ट्रम्प के 90-दिवसीय निलंबन के बाद हाल के कूटनीतिक प्रयासों पर विचार-विमर्श करेंगे।
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🎯प्रोजेक्ट अलंकार
इसके बारे में: इसे 1 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लॉन्च किया गया था।
इसका लक्ष्य 2,441 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में 35 बुनियादी ढांचे और सुविधा मानदंडों का 100% अनुपालन सुनिश्चित करना है।
इसका प्राथमिक लक्ष्य राज्य भर के विद्यार्थियों के लिए अधिक अनुकूल, समावेशी और आधुनिक शिक्षण वातावरण तैयार करना है।
प्रोजेक्ट अलंकार की मुख्य विशेषताएं:
नवनिर्मित कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं और स्मार्ट कक्षाओं सहित भौतिक बुनियादी ढांचे का उन्नयन ।
स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान , विशेष रूप से लड़कियों की स्वच्छता सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना।
योजना के अंतर्गत विशिष्ट विद्यालयों का विकास:
मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक) और मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक) भी विकसित किए जा रहे हैं।
इन स्कूलों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर प्रयोगशालाएं आदि सहित अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।
प्रत्येक अभ्युदय स्कूल में 450 विद्यार्थियों की क्षमता है, तथा विकास के लिए 1.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
7 जिलों में 141 संस्कृत विद्यालयों का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण , उनके पुनरुद्धार के लिए 14.94 करोड़ रुपये की समर्पित निधि।
वित्तपोषण और कार्यान्वयन:
प्रोजेक्ट अलंकार के वित्तपोषण स्रोतों में राज्य सरकार, समग्र शिक्षा अभियान , ग्राम पंचायतें , शहरी स्थानीय निकाय , कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योगदान और स्वैच्छिक दान शामिल हैं।
कार्यान्वयन की कड़ी निगरानी जिला मजिस्ट्रेटों की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समितियों द्वारा की जाती है तथा राज्य शिक्षा निदेशक इसकी देखरेख करते हैं।
प्रभाव और परिणाम:
वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) 2024 के अनुसार , 2022-23 और 2024-25 के बीच सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन में 23% की वृद्धि होगी ।
प्राथमिक विद्यालय में उपस्थिति (कक्षा 1-5) 2010 से 2024 तक 11.5% बढ़ी , जबकि उच्च प्राथमिक उपस्थिति (कक्षा 6-8) 2018 और 2024 के बीच 9.6% बढ़ी - जो देश में सबसे अधिक है ।
स्कूल पुस्तकालयों के उपयोग में 55.2% की वृद्धि हुई तथा बालिकाओं की शौचालय सुविधाओं तक पहुंच में 54.4% सुधार हुआ, जो बेहतर स्वच्छता और शिक्षण सहायता को दर्शाता है ।
#UP_SPECIAL #Prelims_Special
इसके बारे में: इसे 1 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लॉन्च किया गया था।
इसका लक्ष्य 2,441 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में 35 बुनियादी ढांचे और सुविधा मानदंडों का 100% अनुपालन सुनिश्चित करना है।
इसका प्राथमिक लक्ष्य राज्य भर के विद्यार्थियों के लिए अधिक अनुकूल, समावेशी और आधुनिक शिक्षण वातावरण तैयार करना है।
प्रोजेक्ट अलंकार की मुख्य विशेषताएं:
नवनिर्मित कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं और स्मार्ट कक्षाओं सहित भौतिक बुनियादी ढांचे का उन्नयन ।
स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान , विशेष रूप से लड़कियों की स्वच्छता सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना।
योजना के अंतर्गत विशिष्ट विद्यालयों का विकास:
मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक) और मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक) भी विकसित किए जा रहे हैं।
इन स्कूलों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर प्रयोगशालाएं आदि सहित अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।
प्रत्येक अभ्युदय स्कूल में 450 विद्यार्थियों की क्षमता है, तथा विकास के लिए 1.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
7 जिलों में 141 संस्कृत विद्यालयों का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण , उनके पुनरुद्धार के लिए 14.94 करोड़ रुपये की समर्पित निधि।
वित्तपोषण और कार्यान्वयन:
प्रोजेक्ट अलंकार के वित्तपोषण स्रोतों में राज्य सरकार, समग्र शिक्षा अभियान , ग्राम पंचायतें , शहरी स्थानीय निकाय , कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योगदान और स्वैच्छिक दान शामिल हैं।
कार्यान्वयन की कड़ी निगरानी जिला मजिस्ट्रेटों की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समितियों द्वारा की जाती है तथा राज्य शिक्षा निदेशक इसकी देखरेख करते हैं।
प्रभाव और परिणाम:
वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) 2024 के अनुसार , 2022-23 और 2024-25 के बीच सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन में 23% की वृद्धि होगी ।
प्राथमिक विद्यालय में उपस्थिति (कक्षा 1-5) 2010 से 2024 तक 11.5% बढ़ी , जबकि उच्च प्राथमिक उपस्थिति (कक्षा 6-8) 2018 और 2024 के बीच 9.6% बढ़ी - जो देश में सबसे अधिक है ।
स्कूल पुस्तकालयों के उपयोग में 55.2% की वृद्धि हुई तथा बालिकाओं की शौचालय सुविधाओं तक पहुंच में 54.4% सुधार हुआ, जो बेहतर स्वच्छता और शिक्षण सहायता को दर्शाता है ।
#UP_SPECIAL #Prelims_Special
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समग्र शिक्षा अभियान
समग्र शिक्षा के बारे में: केंद्रीय बजट 2018-19 में प्रस्तुत , समग्र शिक्षा एक व्यापक कार्यक्रम है जो समान शिक्षण परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्री-नर्सरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा को कवर करता है।
प्रमुख विशेषताऐं:
योजनाओं का एकीकरण: इसमें पहले की तीन योजनाएं सम्मिलित हैं:
सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए): सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा पर केंद्रित।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए): इसका उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा है।
शिक्षक शिक्षा (टी.ई.): शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान केन्द्रित।
क्षेत्र-व्यापी विकास दृष्टिकोण: यह खंडित परियोजना-आधारित उद्देश्यों के बजाय सभी स्तरों (राज्य, जिला और उप-जिला) पर कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करता है।
सतत विकास लक्ष्यों के साथ संरेखण: लैंगिक असमानताओं को समाप्त करते हुए और कमजोर समूहों के लिए पहुंच सुनिश्चित करते हुए मुफ्त, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ( एसडीजी 4.1) सुनिश्चित करना (एसडीजी 4.5) ।
कार्यान्वयन: यह एक केन्द्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) है जिसका कार्यान्वयन राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर एकल राज्य कार्यान्वयन सोसायटी (एसआईएस) के माध्यम से किया जाता है।
एसआईएस एक राज्य-पंजीकृत निकाय है जो सीएसएस और विकास कार्यक्रमों को क्रियान्वित करता है।
समग्र शिक्षा के बारे में: केंद्रीय बजट 2018-19 में प्रस्तुत , समग्र शिक्षा एक व्यापक कार्यक्रम है जो समान शिक्षण परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्री-नर्सरी से कक्षा 12 तक की शिक्षा को कवर करता है।
प्रमुख विशेषताऐं:
योजनाओं का एकीकरण: इसमें पहले की तीन योजनाएं सम्मिलित हैं:
सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए): सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा पर केंद्रित।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए): इसका उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा है।
शिक्षक शिक्षा (टी.ई.): शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान केन्द्रित।
क्षेत्र-व्यापी विकास दृष्टिकोण: यह खंडित परियोजना-आधारित उद्देश्यों के बजाय सभी स्तरों (राज्य, जिला और उप-जिला) पर कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करता है।
सतत विकास लक्ष्यों के साथ संरेखण: लैंगिक असमानताओं को समाप्त करते हुए और कमजोर समूहों के लिए पहुंच सुनिश्चित करते हुए मुफ्त, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ( एसडीजी 4.1) सुनिश्चित करना (एसडीजी 4.5) ।
कार्यान्वयन: यह एक केन्द्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) है जिसका कार्यान्वयन राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर एकल राज्य कार्यान्वयन सोसायटी (एसआईएस) के माध्यम से किया जाता है।
एसआईएस एक राज्य-पंजीकृत निकाय है जो सीएसएस और विकास कार्यक्रमों को क्रियान्वित करता है।
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Secure PCS
शास्त्रीय भाषाएं #IMP 【Join 📌 @UppscZone】
भारत की कुल 11 शास्त्रीय भाषाएँ और उनके मान्यता वर्ष
1.तमिल – 2004
2.संस्कृत – 2005
3.कन्नड़ – 2008
4.तेलुगु – 2008
5.मलयालम – 2013
6. ओड़िया – 2014
7.मराठी – 2024
8.बंगाली – 2024
9.असमिया – 2024
10.पाली – 2024
11प्राकृत – 2024
शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त करने के लिए आवश्यक मानदंड
1.प्राचीनता: भाषा के प्रारंभिक ग्रंथों का इतिहास कम से कम 1500–2000 वर्ष पुराना होना चाहिए।
2.समृद्ध साहित्य: प्राचीन साहित्य का एक भाग होना चाहिए जिसे पीढ़ियों द्वारा मूल्यवान विरासत माना गया हो।
3.मौलिकता: साहित्यिक परंपरा में मौलिकता हो और यह किसी अन्य भाषा समुदाय से उधार न ली गई हो।
2024 में यह मानदंड बदला गया और अब "ज्ञान ग्रंथ" की परिभाषा में यह शामिल किया गया है:"ज्ञान ग्रंथ (विशेष रूप से कविता, पुरालेखीय और शिलालेखीय साक्ष्य के साथ गद्य ग्रंथ)"
यानी अब इसमें केवल मौलिक साहित्य ही नहीं, बल्कि कविता, गद्य ग्रंथ, पुरालेख और शिलालेखीय साक्ष्य भी शामिल माने जाते हैं।
4.अलग पहचान: शास्त्रीय भाषा और साहित्य का आधुनिक भाषा और साहित्य से भिन्न होना आवश्यक है।
2024 में शास्त्रीय दर्जा प्राप्त नई 5 भाषाएँ: मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया, बंगाली
#imp #Prelims_Special #UPPCS #RoAro #history
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निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही सुमेलित नहीं है -
Anonymous Quiz
43%
पटकाई बूम पहाड़ी - पश्चिमी भारत
19%
बालाघाट पहाड़ी - मध्य भारत
22%
जवादी श्रेणी - पूर्वी तट
15%
जास्कर श्रेणी - उत्तर भारत
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निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही सुमेलित नहीं है -
Anonymous Quiz
15%
नाथुला दर्रा - सिक्किम
18%
रोहतांग दर्रा - हिमाचल प्रदेश
12%
लिपुलेख दर्रा - उत्तराखंड
56%
पालघाट दर्रा - महाराष्ट्र
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Forwarded from Secure PCS
📌पश्चिमी घाट के दर्रे उत्तर से दक्षिण क्रम में
थाल घाट- नासिक और मुंबई के बीच
भोर घाट -मुंबई और पुणे के बीच
पालघाट- कोयंबटूर और कोचीन के बीच
शेनकोटा -तिरुवनंतपुरम एवं मदुरई
#revision #geography
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थाल घाट- नासिक और मुंबई के बीच
भोर घाट -मुंबई और पुणे के बीच
पालघाट- कोयंबटूर और कोचीन के बीच
शेनकोटा -तिरुवनंतपुरम एवं मदुरई
#revision #geography
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Secure PCS
📌पश्चिमी घाट के दर्रे उत्तर से दक्षिण क्रम में थाल घाट- नासिक और मुंबई के बीच भोर घाट -मुंबई और पुणे के बीच पालघाट- कोयंबटूर और कोचीन के बीच शेनकोटा -तिरुवनंतपुरम एवं मदुरई #revision #geography Join 📌 @UppscZone
थालघाट और भोरघाट में confusion होता है??
🎯आइए फिर इस समस्या का समाधान करते हैं ☺️👇
"मुन्ना का थैला, मम्मी पापा ने भरा"
मु - मुंबई
न्ना - नासिक
थैला - थाल घाट
मम्मी - मुंबई
पापा - पुणे
भरा - भोरघाट
#Tricks
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मजा आया कि नहीं😅
🎯आइए फिर इस समस्या का समाधान करते हैं ☺️👇
"मुन्ना का थैला, मम्मी पापा ने भरा"
मु - मुंबई
न्ना - नासिक
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मम्मी - मुंबई
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16 मई 2025 को नई दिल्ली में संस्कृत के प्रसिद्ध विद्वान जगतगुरु रामभद्राचार्य को 58वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार 2023 के लिए दिया गया है और यह साहित्य के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान को सम्मानित करता है। जगतगुरु रामभद्राचार्य के साथ-साथ प्रसिद्ध उर्दू कवि और गीतकार गुलज़ार को भी इस वर्ष यह सम्मान मिला है। गुलज़ार स्वास्थ्य कारणों से समारोह में उपस्थित नहीं हो सके।
★यह पुरस्कार भारतीय साहित्य की सबसे प्रतिष्ठित पहचान है।
★यह साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है।
★यह पुरस्कार हर साल दिया जाता है और इस साल यह दो लोगों को मिला है।
#Awards
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ज्ञानपीठ पुरस्कार के बारे में:
★यह पुरस्कार भारतीय साहित्य की सबसे प्रतिष्ठित पहचान है।
★यह साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है।
★यह पुरस्कार हर साल दिया जाता है और इस साल यह दो लोगों को मिला है।
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Secure PCS
एक मजेदार फैक्ट बताता हूं आप आग को ट्राई कीजिए पहल टेलीग्राम के किसी पोस्ट पर डबल क्लिक करके पर लाइक हो जाता है और ये👍 रिएक्शन आता है अब डबल क्लिक करने पर ये ♥️ रिएक्शन आएगा डबल क्लिक करके ट्राई करके देखिए
अगर आप डबल क्लिक पर आने वाले ♥️ रिएक्शन से परेशान हैं तो टेलीग्राम सेटिंग में जाके उसे आप अपने अनुसार बदल सकते हैं कि डबल क्लिक पर कौन सा रिएक्शन आयेगा। उपर्युक्त स्क्रीनशॉट से सहायता ले सकते हैं आप लोग।
इतिहास भूगोल के ज्ञान के साथ तकनीकी ज्ञान में भी रखे आपको आगे आपका अपना परिवार @UppscZone
धन्यवाद 💐
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चैनल के लिंक को शेयर भी करते रहा कीजिए जिससे 100,200 ग्राम मोटीवेशन हमे भी मिलता रहे
लिंक 👉 @UppscZone
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📮 29 मई
🎯संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
International Day of UN Peacekeepers
थीम 2025 : "शांतिरक्षा का भविष्य"
इस दिन को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने प्रस्ताव 57/129 में अपनाया था।
पहला संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन 29 मई 1948 को स्थापित किया गया था
संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार दो संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को दिया गया है: ब्राजील की नौसेना अधिकारी कमांडर कार्ला मोंटेइरो डी कास्त्रो अराउजो और भारतीय सेना की मेजर सुमन गवानी
🎯विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस भी 29 मई को मनाया जाता है
थीम 2025- "आपका पाचन स्वास्थ्य: पोषण से समृद्ध"
🇺🇳 संयुक्त राष्ट्र (यूएन)
★स्थापना - 24 अक्टूबर 1945
★मुख्यालय - न्यूयॉर्क, यूएसए
★एस.जी. - एंटोनियो गुटेरेस (पुर्तगाल)
★डिप्टी एस.जी. - अमीना जे मोहम्मद (नाइजीरिया)
★एमसी - 193
#days #un #RoAro #Prelims_Special #Current_affairs
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International Day of UN Peacekeepers
थीम 2025 : "शांतिरक्षा का भविष्य"
इस दिन को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने प्रस्ताव 57/129 में अपनाया था।
पहला संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन 29 मई 1948 को स्थापित किया गया था
संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार दो संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को दिया गया है: ब्राजील की नौसेना अधिकारी कमांडर कार्ला मोंटेइरो डी कास्त्रो अराउजो और भारतीय सेना की मेजर सुमन गवानी
🎯विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस भी 29 मई को मनाया जाता है
थीम 2025- "आपका पाचन स्वास्थ्य: पोषण से समृद्ध"
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★मुख्यालय - न्यूयॉर्क, यूएसए
★एस.जी. - एंटोनियो गुटेरेस (पुर्तगाल)
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★एमसी - 193
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Forwarded from The Secure Pcs (.)
कल हिंदी में विलोम और करेंट अफेयर्स में फरवरी महीने का करेंट अफेयर्स रहेगा
टॉपिक :★ National / राष्ट्रीय परिदृश्य
समय रात्रि 9 बजे से 💐🎯
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PM ई-ड्राइव योजना
चर्चा में क्यों?
📍सतत् स्वच्छ शहरी गतिशीलता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में, भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसें प्रमुख शहरों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली और अहमदाबाद में तैनात करेगा।
PM ई-ड्राइव योजना क्या है?
परिचय: PM ई-ड्राइव एक प्रमुख योजना है जिसे कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया है, जिसका परिव्यय 10,900 करोड़ रुपए है जो अक्तूबर 2024 से मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने में तेज़ी लाना, सुदृढ़ EV चार्जिंग बुनियादी अवसंरचना का निर्माण करना
पात्रता: केवल उन्नत बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहन ही प्रोत्साहन हेतु पात्र हैं।
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चर्चा में क्यों?
📍सतत् स्वच्छ शहरी गतिशीलता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में, भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसें प्रमुख शहरों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली और अहमदाबाद में तैनात करेगा।
PM ई-ड्राइव योजना क्या है?
परिचय: PM ई-ड्राइव एक प्रमुख योजना है जिसे कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया है, जिसका परिव्यय 10,900 करोड़ रुपए है जो अक्तूबर 2024 से मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने में तेज़ी लाना, सुदृढ़ EV चार्जिंग बुनियादी अवसंरचना का निर्माण करना
पात्रता: केवल उन्नत बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहन ही प्रोत्साहन हेतु पात्र हैं।
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कुंभकोणम वेत्रिलाई
📍कुंभकोणम वेत्रिलाई (या पान के पत्ते) को हाल ही में भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेत (GI) टैग दिया गया है, जो इसकी क्षेत्रीय विशेषता और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देता है।
कुंभकोणम वेत्रिलाई के बारे में
📍यह मुख्य रूप से तंजावुर के उपजाऊ कावेरी नदी बेसिन के कुंभकोणम क्षेत्र में उगाया जाता है, जिससे इसमें से एक खास स्वाद और खुशबू आती है।
📍विशेषताएं: यह पत्ते गहरे से हल्के हरे रंग के, हृदय के आकार के होते हैं और इनका स्वाद तीखा होता है.
📍पान के पत्ते पाचन में मदद करते हैं और इनमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं।
📍इनमें चेविकोल नामक एक एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन रोधी) तत्व पाया जाता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है। यह डायबिटीज जैसी बीमारियों में आम होता है।
#GI_tag #gk
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📍कुंभकोणम वेत्रिलाई (या पान के पत्ते) को हाल ही में भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेत (GI) टैग दिया गया है, जो इसकी क्षेत्रीय विशेषता और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देता है।
📍अप्रैल 2025 तक उत्तर प्रदेश के पास सबसे ज्यादा GI टैग वाले उत्पाद हैं, उसके बाद तमिलनाडु का स्थान आता है।
कुंभकोणम वेत्रिलाई के बारे में
📍यह मुख्य रूप से तंजावुर के उपजाऊ कावेरी नदी बेसिन के कुंभकोणम क्षेत्र में उगाया जाता है, जिससे इसमें से एक खास स्वाद और खुशबू आती है।
📍विशेषताएं: यह पत्ते गहरे से हल्के हरे रंग के, हृदय के आकार के होते हैं और इनका स्वाद तीखा होता है.
📍पान के पत्ते पाचन में मदद करते हैं और इनमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं।
📍इनमें चेविकोल नामक एक एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन रोधी) तत्व पाया जाता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है। यह डायबिटीज जैसी बीमारियों में आम होता है।
#GI_tag #gk
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परिश्रम करने की उम्र में
यदि आराम करोगे तो
आराम करने की उम्र में
परिश्रम करना पड़ेगा ।।
शुभ रात्रि सभी को ✨
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भारत ने ई-हंसा की योजना का अनावरण कियाः स्वदेशी हरित विमानन में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम
भारत ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ई-हंसा (E-HANSA) - अगली पीढ़ी का दो-सीटर इलेक्ट्रिक ट्रेनर विमान - के विकास की घोषणा की है।
यह घोषणा केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने शीर्ष विज्ञान अधिकारियों के साथ की
#Prelims_Special #Current_affairs #science
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भारत ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ई-हंसा (E-HANSA) - अगली पीढ़ी का दो-सीटर इलेक्ट्रिक ट्रेनर विमान - के विकास की घोषणा की है।
यह घोषणा केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने शीर्ष विज्ञान अधिकारियों के साथ की
#Prelims_Special #Current_affairs #science
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📍असम का नागशंकर मंदिर कछुआ संरक्षण के लिए आधुनिक मंदिर बना
📍पूर्वोत्तर असम के बिश्वनाथ जिले में स्थित नागशंकर मंदिर को कछुओं के संरक्षण के लिए आदर्श मंदिर का दर्जा दिया गया है। यह सम्मान 23 मई, 2025 को विश्व कछुआ दिवस पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान दिया गया।
इसमें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम राज्य चिड़ियाघर, नागशंकर मंदिर समिति, चायदुर कॉलेज, और संरक्षण से जुड़ी संस्थाएं जैसे टर्टल सर्वाइवल अलायंस (TSA) फाउंडेशन इंडिया, आरण्यक तथा हेल्प अर्थ शामिल थे।
#Current_affairs
#Prelims_Special #RoAro #UPPCS
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📍पूर्वोत्तर असम के बिश्वनाथ जिले में स्थित नागशंकर मंदिर को कछुओं के संरक्षण के लिए आदर्श मंदिर का दर्जा दिया गया है। यह सम्मान 23 मई, 2025 को विश्व कछुआ दिवस पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान दिया गया।
इसमें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम राज्य चिड़ियाघर, नागशंकर मंदिर समिति, चायदुर कॉलेज, और संरक्षण से जुड़ी संस्थाएं जैसे टर्टल सर्वाइवल अलायंस (TSA) फाउंडेशन इंडिया, आरण्यक तथा हेल्प अर्थ शामिल थे।
#Current_affairs
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