Secure PCS
5.43K subscribers
5.65K photos
114 videos
1.14K files
4.05K links
Destination Always Demands Patience♥️

"Your journey from an aspirant to a Officer starts here. Dedicated guidance for UPPSC & State Exams by Secure Pcs."
Download Telegram
जिसने भारत पाक युद्ध देखा होगा उसके लिए आसान है ये
👍4🤷‍♀1
एक भी एग्जाम बच के नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि यहां के एडमिन ने भी चैनल में S 400 लगा दिए हैं जो डिटेक्ट करके सभी प्रश्न को निपटा दे रहा है।

बने रहिए हमारे साथ 🎯♥️
【Join 📌
@UppscZone】
🔥4
चीन अब अंतरिक्ष में बनाएगा सुपर कंप्यूटर, सेटेलाइट लॉन्च।
#Prelims_Special #Current_affairs
【Join 🎯🌀
@UppscZone】
👍4
Secure PCS
अनुच्छेद 96:- जब अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को हटाने का संकल्प विचाराधीन हो तब उसका पीठासीन अधिकारी न होना। 96 (1) लोकसभा की किसी बैठक में, जब अध्यक्ष को उसके पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन है तब अध्यक्ष, या जब उपाध्यक्ष को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन…
अनुच्छेद 97:-

सभापति व उपसभापति तथा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के वेतन व भत्ते।




राज्य सभा के सभापति और उपसभापति को तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को, ऐसे वेतन और भत्तों का जो संसद‌, विधि द्वारा, नियत करे और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे वेतन और भत्तों का, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, संदाय किया जाएगा।

अनुच्छेद 98:-

संसद का सचिवालय।


98 (1) संसद‌ के प्रत्येक सदन का पृथक् सचिवीय कर्मचारिवृंद होगा;

परन्तु इस खंड की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह संसद‌ के दोनों सदनों के लिए सम्मिलित पदों के सृजन को निवारित करती है।
(2) संसद‌, विधि द्वारा, संसद‌ के प्रत्येक सदन के सचिवीय कर्मचारिवृंद में भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन कर सकेगी।

(3) जब तक संसद‌ खंड (2) के अधीन उपबंध नहीं करती है तब तक राष्ट्रपति, यथास्थिति, लोकसभा अध्यक्ष या राज्य सभा के सभापति से परामर्श करने के पश्चात्‌ लोकसभा के या राज्य सभा के सचिवीय कर्मचारिवृंद में भर्ती के और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा और इस प्रकार बनाए गए नियम उक्त खंड के अधीन बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए प्रभावी होंगे।

अनुच्छेद 99:-

सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान।


संसद‌ के प्रत्येक सदन का प्रत्येक सदस्य अपना स्थान ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति या उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त व्यक्ति के समक्ष, तीसरी अनुसूची के इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूप के अनुसार, शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा।

अनुच्छेद 100:-

सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुवे भी सदनों के कार्य करने की शक्ति व गणपूर्ति।



100 (1)इस संविधान में यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक सदन की बैठक में या सदनों की संयुक्त बैठक में सभी प्रश्नों का अवधारण, अध्यक्ष को अथवा सभापति या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति को छोड़कर, उपस्थिति और मत देने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा।
सभापति या अध्यक्ष , अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति प्रथमतः मत नहीं देगा, किन्तु मत बराबर होने की दशा में उसका निर्णायक मत होगा और वह उसका प्रयोग करेगा।
(2) संसद के किसी सदन की सदस्यता में कोई रिक्ति होने पर भी, उस सदन को कार्य करने की शक्ति होगी और यदि बाद में यह पता चलता है कि कोई व्यक्ति, जो ऐसा करने का हकदार नहीं था, कार्यवाहियों में उपस्थित रहा है या उसने मत दिया है या अन्यथा भाग लिया है तो भी संसद‌ की कोई कार्यवाही विधिमान्य होगी।
(3) जब तक संसद‌ विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक संसद‌ के प्रत्येक सदन का अधिवेशन गठित करने के लिए गणपूर्ति सदन के सदस्यों की कुल संख्‍या का दसवां भाग होगी।
(4) यदि सदन के अधिवेशन में किसी समय गणपूर्ति नहीं है तो सभापति या अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य होगा कि वह सदन को स्थगित कर दे या अधिवेशन को तब तक के लिए निलंबित कर दे जब तक गणपूर्ति नहीं हो जाती है।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍1
Secure PCS
अनुच्छेद 97:- सभापति व उपसभापति तथा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के वेतन व भत्ते। राज्य सभा के सभापति और उपसभापति को तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को, ऐसे वेतन और भत्तों का जो संसद‌, विधि द्वारा, नियत करे और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता…
अनुच्छेद 101:-

स्थानों का रिक्त होना।



101(1) कोई व्यक्ति संसद‌ के दोनों सदनों का सदस्य नहीं होगा और जो व्यक्ति दोनों सदनों का सदस्य चुन लिया जाता है उसके एक या दूसरे सदन के स्थान को रिक्त करने के लिए संसद‌ विधि द्वारा उपबंध करेगी।
(2) कोई व्यक्ति संसद‌ और किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन, दोनों का सदस्य नहीं होगा और यदि कोई व्यक्ति संसद‌ और [किसी राज्य] के विधान-मंडल के किसी सदन, दोनों का सदस्य चुन लिया जाता है तो ऐसी अवधि की समाप्ति के पश्चात्‌ जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए नियमों में विनिर्दिष्ट की जाए, संसद‌ में ऐसे व्यक्ति का स्थान रिक्त हो जाएगा यदि उसने राज्य के विधान-मंडल में अपने स्थान को पहले ही नहीं त्याग दिया है।

(3) यदि संसद‌ के किसी सदन का सदस्य --
(क) [अनुच्छेद 102 के खंड (1) या खंड(2)] में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हो जाता है, या
[(ख) यथास्थिति, सभापति या अध्यक्ष को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपने स्थान का त्याग कर देता है और उसका त्यागपत्र, यथास्थिति, सभापति या अध्यक्ष द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है, तो ऐसा होने पर उसका स्थान रिक्त हो जाएगा : ]
[परन्तु उपखंड (ख) में निर्दिष्ट त्यागपत्र की दशा में, यदि प्राप्त जानकारी से या अन्यथा और ऐसी जांच करने के पश्चात्‌, जो वह ठीक समझे, यथास्थिति, सभापति या अध्यक्ष का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा त्यागपत्र स्वैच्छिक या असली नहीं है तो वह ऐसे त्यागपत्र को स्वीकर नहीं करेगा।]

(4) यदि संसद‌ के किसी सदन का कोई सदस्य साठ दिन की अवधि तक सदन की अनुज्ञा के बिना उसके सभी अधिवेशनों से अनुपस्थित रहता है तो सदन उसके स्थान को रिक्त घोषित कर सकेगा :
परन्तु साठ दिन की उक्त अवधि की संगणना करने में किसी ऐसी अवधि को हिसाब में नहीं लिया जाएगा जिसके दौरान सदन सत्रावसित या निरंतर चार से अधिक दिनों के लिए स्थगित रहता है।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
Secure PCS
अनुच्छेद 101:- स्थानों का रिक्त होना। 101(1) कोई व्यक्ति संसद‌ के दोनों सदनों का सदस्य नहीं होगा और जो व्यक्ति दोनों सदनों का सदस्य चुन लिया जाता है उसके एक या दूसरे सदन के स्थान को रिक्त करने के लिए संसद‌ विधि द्वारा उपबंध करेगी। (2) कोई व्यक्ति संसद‌…
अनुच्छेद 102:-

सदस्यता के लिए निरहर्ताएँ।



102(1) कोई व्यक्ति संसद‌ के किसी सदन का सदस्य चुने जाने के लिए और सदस्य होने के लिए निरर्हित होगा --
(क) यदि वह भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन, ऐसे पद को छोड़कर, जिसको धारण करने वाले का निरर्हित न होना संसद‌ ने विधि द्वारा घोषित किया है, कोई लाभ का पद धारण करता है;
(ख) यदि वह विकृतचित्त है और सक्षम न्यायालय की ऐसी घोषणा विद्यमान है;
(ग) यदि वह अनुन्मोचित दिवालिया है;
(घ) यदि वह भारत का नागरिक नहीं है या उसने किसी विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से आर्जित कर ली है या वह किसी विदेशी राज्य के प्रति निष्ठा या अनुषक्ति को अभिस्वीकार किए हुए है;
(ङ) यदि वह संसद‌ द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस प्रकार निरर्हित कर दिया जाता है।
[स्पष्टीकरण--इस खंड के प्रयोजनों के लिए,] कोई व्यक्ति केवल उस कारण भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन लाभ का पद धारण करने वाला नहीं समझा जाएगा कि वह संघ का या ऐसे राज्य का मंत्री है।
[(2) कोई व्यक्ति संसद‌ के किसी सदन का सदस्य होने के लिए निरर्हित होगा यदि वह दसवीं अनुसूची के अधीन इस प्रकार निरर्हित हो जाता है।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍1
Secure PCS
अनुच्छेद 102:- सदस्यता के लिए निरहर्ताएँ। 102(1) कोई व्यक्ति संसद‌ के किसी सदन का सदस्य चुने जाने के लिए और सदस्य होने के लिए निरर्हित होगा -- (क) यदि वह भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन, ऐसे पद को छोड़कर, जिसको धारण करने वाले का निरर्हित न…
अनुच्छेद 103:-

सदस्यों की निरहर्ता से सम्बंधित प्रश्नों पर विनिश्चय।



103(1) यदि यह प्रश्न उठता है कि संसद‌ के किसी सदन का कोई सदस्य अनुच्छेद 102 के खंड (1) में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हो गया है या नहीं तो वह प्रश्न राष्ट्रपति को विनिश्चय के लिए निर्देशित किया जाएगा और उसका विनिश्चय अंतिम होगा।
(2) ऐसे किसी प्रश्न पर विनिश्चय करने के पहले राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग की राय लेगा और ऐसी राय के अनुसार कार्य करेगा।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍1
Secure PCS
अनुच्छेद 103:- सदस्यों की निरहर्ता से सम्बंधित प्रश्नों पर विनिश्चय। 103(1) यदि यह प्रश्न उठता है कि संसद‌ के किसी सदन का कोई सदस्य अनुच्छेद 102 के खंड (1) में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हो गया है या नहीं तो वह प्रश्न राष्ट्रपति को विनिश्चय के लिए निर्देशित…
अनुच्छेद 104:-

अनुच्छेद 99 के अधीन शपथ या प्रतिज्ञान से पहले या अर्हित होने पर या निरर्हित किये जाने पर बैठने या मत देने पर जुर्माना।




यदि संसद‌ के किसी सदन में कोई व्यक्ति अनुच्छेद 99 की अपेक्षाओं का अनुपालन करने से पहले, या वह जानते हुए कि मैं उसकी सदस्यता के लिए अर्हित नहीं हूं या निरर्हित कर दिया गया हूं या संसद‌ द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों द्वारा ऐसा करने से प्रतिषिद्ध कर दिया गया हूं, सदस्य के रूप में बैठता है या मत देता है तो वह प्रत्येक दिन के लिए, जब वह इस प्रकार बैठता है या मत देता है, पांच सौ रुपए के जुर्माना का भागी होगा जो संघ
को देय ऋण के रूप में वसूल की जाएगी।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍2
👍3
पोस्ट अच्छी लगे तो लाइक कर दिया कीजिए आप लोग बेकार लगे तो डिसलाइक भी कर सकते हैं डिसलाइक का ऑप्शन ऑन है😇

Share & join @UppscZone
👍4🔥1
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में, अनुच्छेद 99 के तहत शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित न होते हुए या निरर्हित किये जाने पर संसद के किसी भी सदन के सदस्य के रूप में बैठने और मतदान करने पर शास्ति का प्रावधान है ?

【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
14%
अनुच्छेद 101
14%
अनुच्छेद 102
29%
अनुच्छेद 103
43%
अनुच्छेद 104
0%
इनमें से कोई नहीं।
👍1
भारतीय संविधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(1) अनुच्छेद 21 के अनुसार, किसी नागरिक को, उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं ।

(II) अनुच्छेद 28 (1) के अनुसार, राज्य-निधि से पूर्णतः पोषित किसी शिक्षा संस्था में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी।
भारत के संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्त्तव्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? |

(A) 51-क (ग) –
भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे ।

(B) 51-क (घ) – देश की रक्षा करे और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करे । |

(C) 51-क (छ) – वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे ।

(D) 51-क (झ) – सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे।
अनुच्छेद 51 क

【Join 📌
@UppscZone】
👍2
किसानों की आय बढ़ाने और फसल की बर्बादी को कम करने के उद्देश्य से किसने एक नई सौर निर्जलीकरण तकनीक (Solar Dehydration Technology) विकसित की है ?

【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
37%
IIT कानपुर
41%
IIT मद्रास
19%
IIT बेंगलुरु
4%
IIT मुंबई‌‌
👍2