Secure PCS
5.33K subscribers
5.56K photos
111 videos
1.08K files
4.01K links
Destination Always Demands Patience♥️

"Your journey from an aspirant to a Officer starts here. Dedicated guidance for UPPSC & State Exams by Secure Pcs."
Download Telegram
भारत में पंचवर्षीय योजना।

#IMP

【Join 📌
@UppscZone】

पढ़ लीजिए दो तीन बार एग्जाम में एक दो प्रश्न मिल ही जाता है।
👍2
🎯कश्मीर या पंजाब हिमालय-

यह पर्वतमाला दो नदियों सिंधु और सतलुज के बीच स्थित है।


🎯कुमाऊँ हिमालय-

सतलुज और काली नदी के बीच स्थित क्षेत्र।


🎯नेपाल हिमालय-

वह क्षेत्र जो काली नदी और तीस्ता नदी के बीच है।


🎯असम हिमालय-

यह तीस्ता नदी से शुरू होकर ब्रह्मपुत्र नदी पर समाप्त होती है।


#IMP #Geography #Prelims

【Join 📌
@UppscZone】
🔥6
Secure PCS
अनुच्छेद 73:- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार। 73(1) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार-- (क) जिन विषयों के संबंध में संसद को विधि बनाने की शक्ति है उन तक, और (ख) किसी संधि या करार के आधार पर भारत सरकार द्वारा…
अनुच्छेद 74:-

राष्ट्रपति को सहायता व सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद।



74 [(1) राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा:]*
[परंतु राष्ट्रपति मंत्रि-परिषद से ऐसी सलाह पर साधारणतया या अन्यथा पुनर्विचार करने की अपेक्षा कर सकेगा और राष्ट्रपति ऐसे पुनर्विचार के पश्चात्‌ दी गई सलाह के अनुसार कार्य करेगा।]**
(2) इस प्रश्न की किसी न्यायालय में जांच नहीं की जाएगी कि क्या मंत्रियों ने राष्ट्रपति को कोई सलाह दी, और यदि दी तो क्या दी।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
🔥3
Secure PCS
अनुच्छेद 74:- राष्ट्रपति को सहायता व सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद। 74 [(1) राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा:]* [परंतु…
अनुच्छेद 75:-

मंत्रियों के बारे में अन्य उपबन्ध।



75(1) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा।

[(1क) मंत्रि-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्‍या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्‍या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। (91 वां संविधान संशोधन 2003)

(1ख) किसी राजनीतिक दल का संसद के किसी सदन का कोई सदस्य, जो दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के अधीन उस सदन का सदस्य होने के लिए निरर्हित है, अपनी निरर्हता की तारीख से प्रारंभ होने वाली और उस तारीख तक जिसको ऐसे सदस्य के रूप में उसकी पदावधि समाप्त होगी या जहाँ वह ऐसी अवधि की समाप्ति के पूर्व ससंद के किसी सदन के लिए निर्वाचन लड़ता है, उस तारीख तक जिसको वह निर्वाचित घोषित किया जाता है, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, की अवधि के दौरान, खंड (1) के अधीन मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए भी निरर्हित होगा।]*

(2) मंत्री, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे।
(3) मंत्रि-परिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी।
(4) किसी मंत्री द्वारा अपना पद ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूपों के अनुसार उसको पद की और गोपनीयता की शपथ दिलाएगा।
(5) कोई मंत्री, जो निरंतर छह मास की किसी अवधि तक संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।

(6) मंत्रियों के वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो संसद‌, विधि द्वारा, समय-समय पर अवधारित करे और जब तक संसद‌ इस प्रकार अवधारित नहीं करती है तब तक ऐसे होंगे जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।

👆यह अनुच्छेद इंपॉर्टेंट हैं यहां से प्रश्न बनते हैं।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
🔥3👍1
Secure PCS
अनुच्छेद 75:- मंत्रियों के बारे में अन्य उपबन्ध। 75(1) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा। [(1क) मंत्रि-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्‍या लोकसभा के सदस्यों…
अनुच्छेद 76:-

भारत का महान्यायवादी।



76(1) राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी नियुक्त करेगा।
(2) महान्यायवादी का यह कर्तव्य होगा कि वह भारत सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो राष्ट्रपति उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदान किए गए हों।

(3) महान्यायवादी को अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र में सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार होगा।
(4) महान्यायवादी, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे।

अनुच्छेद 77:-

भारत सरकार के कार्य का संचालन।



77(1) भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से की हुई कही जाएगी।
(2) राष्ट्रपति के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों और अन्य लिखतों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया जाएगा जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाने वाले नियमों* में विनिर्दिष्ट की जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश या लिखत की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह राष्ट्रपति द्वारा किया गया या निष्पादित आदेश या लिखित नहीं है।
(3) राष्ट्रपति, भारत सरकार का कार्य अधिक सुविधापूर्वक किए जाने के लिए और मंत्रियों में उक्त कार्य के आबंटन के लिए नियम बनाएगा।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍3
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में अटॉर्नी जनरल के कार्यकाल का प्रावधान है?

【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
53%
अनुच्छेद- 76
40%
अनुच्छेद- 148
2%
अनुच्छेद- 124
5%
अनुच्छेद- 143‌‌
👍4
निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन विधान संश मंत्री-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक की संख्या को प्रतिबंधित करता है ?

@UppscZone
Anonymous Quiz
11%
86 वाँ संशोधन
17%
52 वाँ संशोधन
67%
91 वाँ संशोधन
6%
73 वाँ संशोधन
0%
इनमें से कोई नहीं।
❤2
Share & join 👉 @UppscZone
“लगाव”


'लगाव 'बहुत विस्तृत शब्द है सफलता के लिए इसका सही दिशा में लगना बहुत जरूरी है क्योंकि लगाव एक समय से किसी एक व्यक्ति या वस्तु से होता और यदि यह लगाव अपने लक्ष्य के प्रति हो तो लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त किया जा सकता है। और अगर यही लगाव किसी नशे (गुटका ,तंबाकू, शराब....) से हो जाय तो फिर यही सिद्धांत यहां भी लागू होता है। इसलिए जरूरी है कि हमारा लगाव हमारी वर्तमान की जरूरतों और भविष्य के लक्ष्यों को दृष्टिगत होना चाहिए जिससे की हम एक सकारात्मक भविष्य का निर्माण कर सकें।
शुभ रात्रि 🥀🌃

【Join 📌 @UppscZone】

           
❤7👌1
Secure PCS via @QuizBot
🎲 Quiz 'Ro/Aro सामान्य हिंदी विलोम शब्द –5' ★ऐसे और भी टॉपिक वाइज क्विज के लिए हमसे जुड़िए 【Join 📌 @UppscZone】 🖊 30 questions · ⏱ 30 sec
🎲 Quiz 'Ro/Aro सामान्य हिंदी विलोम शब्द –6'
★ऐसे और भी टॉपिक वाइज क्विज के लिए हमसे जुड़िए 【Join 📌 @UppscZone】
🖊 31 questions · ⏱ 30 sec
❤2
Secure PCS
अनुच्छेद 76:- भारत का महान्यायवादी। 76(1) राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी नियुक्त करेगा। (2) महान्यायवादी का यह कर्तव्य होगा कि वह भारत सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और…
अनुच्छेद 78:-

राष्ट्रपति को जानकारी देने आदि के विषय में प्रधानमंत्री के कर्तव्य।


78 प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य होगा कि वह --

(क) संघ के कार्यकलाप के प्रशासन संबंधी और विधान विषयक प्रस्थापनाओं संबंधी मंत्रि-परिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे;
(ख) संघ के कार्यकलाप के प्रशासन संबंधी और विधान विषयक प्रस्थापनाओं संबंधी जो जानकारी राष्ट्रपति माँगें , वह दे; और
(ग) किसी विषय को जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर दिया है किन्तु मंत्रि-परिषद ने विचार नहीं किया है, राष्ट्रपति द्वारा अपेक्षा किए जाने पर परिषद के समक्ष विचार के लिए रखे।

अनुच्छेद 79:-

संसद का गठन।


संघ के लिए एक संसद‌ होगी जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी जिनके नाम राज्य सभा और लोकसभा होंगे।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
Secure PCS
अनुच्छेद 78:- राष्ट्रपति को जानकारी देने आदि के विषय में प्रधानमंत्री के कर्तव्य। 78 प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य होगा कि वह -- (क) संघ के कार्यकलाप के प्रशासन संबंधी और विधान विषयक प्रस्थापनाओं संबंधी मंत्रि-परिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे;…
अनुच्छेद 80:-

राज्य सभा की संरचना।



80(1) [राज्य सभा] –
(क) राष्ट्रपति द्वारा खंड (3) के उपबंधों के अनुसार नामनिर्देशित किए जाने वाले बारह सदस्यों, और
(ख) राज्यों के [और संघ राज्यक्षेत्रों के] दो सौ अड़तीस से अनधिक प्रतिनिधियों, से मिलकर बनेगी।
(2) राज्यसभा में राज्यों के और [संघ राज्यक्षेत्रों के] प्रतिनिधियों द्वारा भरे जाने वाले स्थानों का आबंटन
चौथी अनुसूची में इस निमित्त अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार होगा।
(3) राष्ट्रपति द्वारा खंड (1) के उपखंड (क) के अधीन नामनिर्देशित किए जाने वाले सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे जिन्हें निम्नलिखित विषयों के संबंध में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव है, अर्थात्‌ : --
साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा।
(4) राज्य सभा में प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों का निर्वाचन उस राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाएगा।
(5) राज्य सभा में [संघ राज्यक्षेत्रों] के प्रतिनिधि ऐसी रीति से चुने जाएँगे जो संसद‌ विधि द्वारा विहित करे।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
🔥1
Secure PCS
अनुच्छेद 80:- राज्य सभा की संरचना। 80(1) [राज्य सभा] – (क) राष्ट्रपति द्वारा खंड (3) के उपबंधों के अनुसार नामनिर्देशित किए जाने वाले बारह सदस्यों, और (ख) राज्यों के [और संघ राज्यक्षेत्रों के] दो सौ अड़तीस से अनधिक प्रतिनिधियों, से मिलकर बनेगी। (2) राज्यसभा…
अनुच्छेद 81:-

लोक सभा की संरचना।



[81(1) [अनुच्छेद 331 के उपबंधों के अधीन रहते हुए ] लोकसभा--
(क) राज्यों में प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए [पाँच सौ तीस] से अनधिक सदस्यों, और
(ख) संघ राज्यक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिए ऐसी रीति से, जो संसद‌ विधि द्वारा उपबंधित करे, चुने हुए [बीस] से अधिक [सदस्यों], से मिलकर बनेगी।
(2) खंड (1) के उपखंड (क) के प्रयोजनों के लिए,--
(क) प्रत्येक राज्य को लोकसभा में स्थानों का आबंटन ऐसी रीति से किया जाएगा कि स्थानों की संख्‍या से उस राज्य की जनसंख्‍या का अनुपात सभी राज्यों के लिए यथासाध्य एक ही हो, और
(ख) प्रत्येक राज्य को प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में ऐसी रीति से विभाजित किया जाएगा कि प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र की जनसंख्‍या का उसको आबंटित स्थानों की संख्‍या से अनुपात समस्त राज्य में यथासाध्य एक ही हो :
[परन्तु इस खंड के उपखंड (क) के उपबंध किसी राज्य को लोकसभा में स्थानों के आबंटन के प्रयोजन के लिए तब तक लागू नहीं होंगे जब तक उस राज्य की जनसंख्‍या साठ लाख से अधिक नहीं हो जाती है।]
(3) इस अनुच्छेद में, ''जनसंख्‍या'' पद से ऐसी अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना में अभिनिश्चित की गई जनसंख्‍या अभिप्रेत है जिसके सुसंगत आँकड़े प्रकाशित हो गए हैं;]
[परन्तु इस खंड में अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना के प्रति, जिसके सुसंगत से आँकड़े प्रकाशित हो गए हैं, निर्देश का, जब तक सन [2026] के पश्चात्‌ की गई पहली जनगणना के सुसंगत आँकड़े प्रकाशित नहीं हो जाते हैं।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍1
Secure PCS
अनुच्छेद 81:- लोक सभा की संरचना। [81(1) [अनुच्छेद 331 के उपबंधों के अधीन रहते हुए ] लोकसभा-- (क) राज्यों में प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए [पाँच सौ तीस] से अनधिक सदस्यों, और (ख) संघ राज्यक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने…
अनुच्छेद 82:-

प्रत्येक जनगणना के पश्चात पुनः समायोजन।



82. प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर राज्यों को लोकसभा में स्थानों के आबंटन और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजन का ऐसे प्राधिकारी द्वारा और ऐसी रीति से पुनः समायोजन किया जाएगा जो संसद‌ विधि द्वारा अवधारित करे :

परन्तु ऐसे पुनः समायोजन से लोकसभा में प्रतिनिधित्व पर तब तक कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा जब तक उस समय विद्यमान लोकसभा का विघटन नहीं हो जाता है;
[परन्तु यह और कि ऐसा पुनः समायोजन उस तारीख से प्रभावी होगा जो राष्ट्रपति आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट करे और ऐसे पुनः समायोजन के प्रभावी होने तक लोकसभा के लिए कोई निर्वाचन उन प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों के आधार पर हो सकेगा जो ऐसे पुनः समायोजन के पहले विद्यमान हैं :

परन्तु यह और भी कि जब तक सन्‌ [2026] के पश्चात्‌ की गई पहली जनगणना के सुसंगत आँकड़े प्रकाशित नहीं हो जाते हैं तब तक इस अनुच्छेद के [अधीन ,--
राज्यों को लोकसभा में 1971 की जनगणना के आधार पर पुनः समायोजित स्थानों के आबंटन का;

और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजन का, जो [2001] की जनगणना के आधार पर पुनः समायोजित किए जाएँ, पुनः समायोजन आवश्यक नहीं होगा।]

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍1
Secure PCS
अनुच्छेद 82:- प्रत्येक जनगणना के पश्चात पुनः समायोजन। 82. प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर राज्यों को लोकसभा में स्थानों के आबंटन और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजन का ऐसे प्राधिकारी द्वारा और ऐसी रीति से पुनः समायोजन किया जाएगा…
अनुच्छेद 83:-

संसद के सदनों की अवधि।



83(1) राज्य सभा का विघटन नहीं होगा, किन्तु उसके सदस्यों में से यथासंभव निकटतम एक-तिहाई सदस्य, संसद‌ द्वारा विधि द्वारा इस निमित्त किए गए उपबंधों के अनुसार, प्रत्येक द्वितीय वर्ष की समाप्ति पर यथासंभव शीघ्र निवृत्त हो जाएँगे।
(2) लोकसभा, यदि पहले ही विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से 1[पाँच वर्ष] तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं और [पाँच वर्ष]* की उक्त अवधि की समाप्ति का परिणाम लोकसभा का विघटन होगा;
परन्तु उक्त अवधि को, जब आपात की उद्‌घोषणा प्रवर्तन में है तब, संसद‌ विधि द्वारा, ऐसी अवधि के लिए बढ़ा सकेगी, जो एक बार में एक वर्ष से अधिक नहीं होगी और उद्‌घोषणा के प्रवर्तन में न रह जाने के पश्चात्‌ उसका विस्तार किसी भी दशा में छह मास की अवधि से अधिक नहीं होगा।

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】
👍2
Secure PCS
अनुच्छेद आए दिन किस प्रकार के प्रयोग होते रहते हैं इसका उदाहरण अभी हाल ही में राष्ट्रपति जी द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट से पूछे गए सवाल में देख सकते हैं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुच्छेद 143(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट से पूछे गए 14 प्रश्न।
Secure PCS
Photo
🔰राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुच्छेद 143(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट से पूछे गए 14 प्रश्न:-

1. भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के अंतर्गत किसी विधेयक को राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किए जाने पर राज्यपाल के समक्ष कौन-कौन से संवैधानिक विकल्प उपलब्ध हैं?



2. क्या राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत प्रस्तुत किए गए विधेयक पर निर्णय लेते समय मंत्रिपरिषद द्वारा दी गई सलाह से बंधे होते हैं?

3. क्या भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल द्वारा किया गया संवैधानिक विवेकाधिकार का प्रयोग न्यायिक समीक्षा के अधीन है?


4. क्या भारत के संविधान का अनुच्छेद 361, अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल द्वारा किए गए कार्यों की न्यायिक समीक्षा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है?



5. जब संविधान में कोई समय-सीमा या कार्यवाही की विधि निर्धारित नहीं है, तो क्या न्यायालय द्वारा आदेश देकर राज्यपाल के अनुच्छेद 200 के अंतर्गत अधिकारों के प्रयोग के लिए समय-सीमा और प्रक्रिया निर्धारित की जा सकती है?


6. क्या भारत के संविधान के अनुच्छेद 201 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा किया गया संवैधानिक विवेकाधिकार का प्रयोग न्यायिक समीक्षा के अधीन है?

7.
जब संविधान में राष्ट्रपति के विवेकाधिकार के प्रयोग के लिए कोई समय-सीमा या प्रक्रिया निर्धारित नहीं है, तो क्या न्यायालय द्वारा आदेश देकर समय-सीमा और प्रक्रिया निर्धारित की जा सकती है?



8. भारत के संविधान की व्यवस्था को देखते हुए, जब राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए सुरक्षित रखते हैं या अन्यथा, तब क्या राष्ट्रपति को अनुच्छेद 143 के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट से राय लेना आवश्यक है?



9. क्या अनुच्छेद 200 और 201 के अंतर्गत राज्यपाल और राष्ट्रपति के निर्णय, विधेयक के कानून बनने से पूर्व की अवस्था में, न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं? क्या विधेयक के कानून बनने से पहले उसके विषय-वस्तु पर न्यायालय द्वारा निर्णय किया जा सकता है?


10. क्या राष्ट्रपति/राज्यपाल द्वारा किए गए संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग या आदेश, भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत किसी भी प्रकार से प्रतिस्थापित (substitute) किया जा सकता है?



11. क्या राज्य विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून, राज्यपाल की अनुच्छेद 200 के अंतर्गत स्वीकृति प्राप्त किए बिना “लागू कानून” (law in force) माना जा सकता है?



12. क्या भारत के संविधान के अनुच्छेद 145(3) की प्रक्रिया को देखते हुए, क्या किसी भी पीठ को यह निर्णय लेना अनिवार्य नहीं है कि क्या मामला संविधान की व्याख्या से संबंधित कोई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है और यदि हां, तो उसे कम से कम पाँच न्यायाधीशों की पीठ को संदर्भित किया जाना चाहिए?


13. क्या भारत के संविधान का अनुच्छेद 142 केवल प्रक्रिया संबंधी कानून तक सीमित है, या यह मौजूदा प्रक्रियात्मक/वस्तुगत संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत दिशा-निर्देश या आदेश देने की शक्ति प्रदान करता है?


14. क्या भारत का संविधान, केंद्र और राज्यों के बीच विवादों को सुलझाने हेतु केवल अनुच्छेद 131 के तहत दायर वाद के अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट को किसी अन्य अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) में निर्णय करने से रोकता है?


#IMP

#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
【Join 📌
@UppscZone】