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उत्तर प्रदेश का पहला फुटवियर पार्क कानपुर में रमईपुर क्षेत्र में 131.69 एकड़ क्षेत्रफल में स्थापित किया जा रहा है। इससे युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेंगे।
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RO ARO के लिए PYQ क्विज करेंगे आप लोग
अधिक से अधिक लोग भाग लें तो क्विज करवा दिया जाएगा।🌀
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साथियों आप लोग को पता ही है कि इस चैनल के माध्यम से परीक्षा की दृष्टि से गुणवत्तापूर्ण कंटेंट निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है जिससे जो भी साथी किसी PAid ग्रुप से नहीं जुड़ पाते हैं उन्हें कोई खास दिक्कत ना हो। गुणवत्ता पूर्ण पहल से हर कोई लाभान्वित हो इसके लिए आप लोग से एक छोटी सी गुजारिश है कि आप लोग इस चैनल को और लोगों तक शेयर कीजिए
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वर्तनी की दृष्टि से कौन सा शब्द शुद्ध है-
Anonymous Quiz
49%
वाल्मीकि
29%
वाल्मिकी
10%
वाल्मीकी
12%
वल्मीकि
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निम्नलिखित में से वर्तनी की दृष्टि से कौन सा शब्द शुद्ध है-
Anonymous Quiz
5%
अनेकों
14%
अतिथी
79%
ऊर्जा
2%
नीती
👍3
निम्नलिखित में कौन सा शब्द अशुद्ध है-
Anonymous Quiz
14%
अंतर्धान
57%
अनाधिकार
14%
उज्ज्वल
16%
प्रज्वलित
👍3
वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द है-
Anonymous Quiz
10%
पूज्यनीय
15%
तत्कालिक
60%
प्रामाणिक
15%
पैत्रिक
👍3
भारत में पंचवर्षीय योजना।
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पढ़ लीजिए दो तीन बार एग्जाम में एक दो प्रश्न मिल ही जाता है।
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🎯कश्मीर या पंजाब हिमालय-
🎯कुमाऊँ हिमालय-
🎯नेपाल हिमालय-
🎯असम हिमालय-
#IMP #Geography #Prelims
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यह पर्वतमाला दो नदियों सिंधु और सतलुज के बीच स्थित है।
🎯कुमाऊँ हिमालय-
सतलुज और काली नदी के बीच स्थित क्षेत्र।
🎯नेपाल हिमालय-
वह क्षेत्र जो काली नदी और तीस्ता नदी के बीच है।
🎯असम हिमालय-
यह तीस्ता नदी से शुरू होकर ब्रह्मपुत्र नदी पर समाप्त होती है।
#IMP #Geography #Prelims
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अनुच्छेद 73:- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार। 73(1) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार-- (क) जिन विषयों के संबंध में संसद को विधि बनाने की शक्ति है उन तक, और (ख) किसी संधि या करार के आधार पर भारत सरकार द्वारा…
अनुच्छेद 74:-
74 [(1) राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा:]*
[परंतु राष्ट्रपति मंत्रि-परिषद से ऐसी सलाह पर साधारणतया या अन्यथा पुनर्विचार करने की अपेक्षा कर सकेगा और राष्ट्रपति ऐसे पुनर्विचार के पश्चात् दी गई सलाह के अनुसार कार्य करेगा।]**
(2) इस प्रश्न की किसी न्यायालय में जांच नहीं की जाएगी कि क्या मंत्रियों ने राष्ट्रपति को कोई सलाह दी, और यदि दी तो क्या दी।
#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
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राष्ट्रपति को सहायता व सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद।
74 [(1) राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा:]*
[परंतु राष्ट्रपति मंत्रि-परिषद से ऐसी सलाह पर साधारणतया या अन्यथा पुनर्विचार करने की अपेक्षा कर सकेगा और राष्ट्रपति ऐसे पुनर्विचार के पश्चात् दी गई सलाह के अनुसार कार्य करेगा।]**
(2) इस प्रश्न की किसी न्यायालय में जांच नहीं की जाएगी कि क्या मंत्रियों ने राष्ट्रपति को कोई सलाह दी, और यदि दी तो क्या दी।
#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
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अनुच्छेद 74:- राष्ट्रपति को सहायता व सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद। 74 [(1) राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रि-परिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा:]* [परंतु…
अनुच्छेद 75:-
75(1) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा।
[(1क) मंत्रि-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। (91 वां संविधान संशोधन 2003)
(1ख) किसी राजनीतिक दल का संसद के किसी सदन का कोई सदस्य, जो दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के अधीन उस सदन का सदस्य होने के लिए निरर्हित है, अपनी निरर्हता की तारीख से प्रारंभ होने वाली और उस तारीख तक जिसको ऐसे सदस्य के रूप में उसकी पदावधि समाप्त होगी या जहाँ वह ऐसी अवधि की समाप्ति के पूर्व ससंद के किसी सदन के लिए निर्वाचन लड़ता है, उस तारीख तक जिसको वह निर्वाचित घोषित किया जाता है, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, की अवधि के दौरान, खंड (1) के अधीन मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए भी निरर्हित होगा।]*
(2) मंत्री, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे।
(3) मंत्रि-परिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी।
(4) किसी मंत्री द्वारा अपना पद ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूपों के अनुसार उसको पद की और गोपनीयता की शपथ दिलाएगा।
(5) कोई मंत्री, जो निरंतर छह मास की किसी अवधि तक संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।
(6) मंत्रियों के वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो संसद, विधि द्वारा, समय-समय पर अवधारित करे और जब तक संसद इस प्रकार अवधारित नहीं करती है तब तक ऐसे होंगे जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।
👆यह अनुच्छेद इंपॉर्टेंट हैं यहां से प्रश्न बनते हैं।
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मंत्रियों के बारे में अन्य उपबन्ध।
75(1) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा।
[(1क) मंत्रि-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। (91 वां संविधान संशोधन 2003)
(1ख) किसी राजनीतिक दल का संसद के किसी सदन का कोई सदस्य, जो दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के अधीन उस सदन का सदस्य होने के लिए निरर्हित है, अपनी निरर्हता की तारीख से प्रारंभ होने वाली और उस तारीख तक जिसको ऐसे सदस्य के रूप में उसकी पदावधि समाप्त होगी या जहाँ वह ऐसी अवधि की समाप्ति के पूर्व ससंद के किसी सदन के लिए निर्वाचन लड़ता है, उस तारीख तक जिसको वह निर्वाचित घोषित किया जाता है, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, की अवधि के दौरान, खंड (1) के अधीन मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए भी निरर्हित होगा।]*
(2) मंत्री, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे।
(3) मंत्रि-परिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी।
(4) किसी मंत्री द्वारा अपना पद ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूपों के अनुसार उसको पद की और गोपनीयता की शपथ दिलाएगा।
(5) कोई मंत्री, जो निरंतर छह मास की किसी अवधि तक संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।
(6) मंत्रियों के वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो संसद, विधि द्वारा, समय-समय पर अवधारित करे और जब तक संसद इस प्रकार अवधारित नहीं करती है तब तक ऐसे होंगे जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।
👆यह अनुच्छेद इंपॉर्टेंट हैं यहां से प्रश्न बनते हैं।
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अनुच्छेद 75:- मंत्रियों के बारे में अन्य उपबन्ध। 75(1) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा। [(1क) मंत्रि-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों…
अनुच्छेद 76:-
76(1) राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी नियुक्त करेगा।
(2) महान्यायवादी का यह कर्तव्य होगा कि वह भारत सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो राष्ट्रपति उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदान किए गए हों।
(3) महान्यायवादी को अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र में सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार होगा।
(4) महान्यायवादी, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे।
अनुच्छेद 77:-
77(1) भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से की हुई कही जाएगी।
(2) राष्ट्रपति के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों और अन्य लिखतों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया जाएगा जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाने वाले नियमों* में विनिर्दिष्ट की जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश या लिखत की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह राष्ट्रपति द्वारा किया गया या निष्पादित आदेश या लिखित नहीं है।
(3) राष्ट्रपति, भारत सरकार का कार्य अधिक सुविधापूर्वक किए जाने के लिए और मंत्रियों में उक्त कार्य के आबंटन के लिए नियम बनाएगा।
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भारत का महान्यायवादी।
76(1) राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी नियुक्त करेगा।
(2) महान्यायवादी का यह कर्तव्य होगा कि वह भारत सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करे जो राष्ट्रपति उसको समय-समय पर निर्देशित करे या सौंपे और उन कृत्यों का निर्वहन करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदान किए गए हों।
(3) महान्यायवादी को अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र में सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार होगा।
(4) महान्यायवादी, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राष्ट्रपति अवधारित करे।
अनुच्छेद 77:-
भारत सरकार के कार्य का संचालन।
77(1) भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से की हुई कही जाएगी।
(2) राष्ट्रपति के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों और अन्य लिखतों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया जाएगा जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाने वाले नियमों* में विनिर्दिष्ट की जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश या लिखत की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह राष्ट्रपति द्वारा किया गया या निष्पादित आदेश या लिखित नहीं है।
(3) राष्ट्रपति, भारत सरकार का कार्य अधिक सुविधापूर्वक किए जाने के लिए और मंत्रियों में उक्त कार्य के आबंटन के लिए नियम बनाएगा।
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अनुच्छेद 75:- मंत्रियों के बारे में अन्य उपबन्ध। 75(1) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा। [(1क) मंत्रि-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों…
ऐसे प्रश्न बनते हैं अगर आप भेजे गए आर्टिकल को बस पूरा पढ़ते रहें तो ऐसे सवाल चुटकियों में सॉल्व होते जाएंगे 👍
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निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन विधान संश मंत्री-परिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक की संख्या को प्रतिबंधित करता है ?
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Anonymous Quiz
11%
86 वाँ संशोधन
17%
52 वाँ संशोधन
67%
91 वाँ संशोधन
6%
73 वाँ संशोधन
0%
इनमें से कोई नहीं।
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“लगाव”
'लगाव 'बहुत विस्तृत शब्द है सफलता के लिए इसका सही दिशा में लगना बहुत जरूरी है क्योंकि लगाव एक समय से किसी एक व्यक्ति या वस्तु से होता और यदि यह लगाव अपने लक्ष्य के प्रति हो तो लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त किया जा सकता है। और अगर यही लगाव किसी नशे (गुटका ,तंबाकू, शराब....) से हो जाय तो फिर यही सिद्धांत यहां भी लागू होता है। इसलिए जरूरी है कि हमारा लगाव हमारी वर्तमान की जरूरतों और भविष्य के लक्ष्यों को दृष्टिगत होना चाहिए जिससे की हम एक सकारात्मक भविष्य का निर्माण कर सकें।
शुभ रात्रि 🥀🌃
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🎲 Quiz 'Ro/Aro सामान्य हिंदी विलोम शब्द –5' ★ऐसे और भी टॉपिक वाइज क्विज के लिए हमसे जुड़िए 【Join 📌 @UppscZone】 🖊 30 questions · ⏱ 30 sec
🎲 Quiz 'Ro/Aro सामान्य हिंदी विलोम शब्द –6'
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