सेमीक्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण सफल: ISRO
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 24 अप्रैल, 2025 को तमिलनाडु के महेन्द्रगिरी स्थित ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में अपने सेमीक्रायोजेनिक इंजन का शॉर्ट-ड्यूरेशन हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक किया।
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DRDO ने स्क्रैमजेट कम्बस्टर परीक्षण के साथ हाइपरसोनिक तकनीक में बड़ी उपलब्धि हासिल की
भारत ने हाइपरसोनिक हथियारों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अंतर्गत कार्यरत रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने 25 अप्रैल 2025 को सक्रिय शीतलित स्क्रामजेट सबस्केल कम्बस्टर (Active Cooled Scramjet Subscale Combustor) का एक लंबी अवधि का ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह परीक्षण हैदराबाद में हाल ही में स्थापित स्क्रामजेट कनेक्ट टेस्ट फैसिलिटी में आयोजित किया गया और यह 1,000 सेकंड से अधिक समय तक चला।
यह मील का पत्थर भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम में बड़ी प्रगति को दर्शाता है और वायु-श्वसन प्रणोदन तकनीकों में स्वदेशी क्षमताओं के बढ़ते स्तर को भी उजागर करता है।
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भारत ने हाइपरसोनिक हथियारों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अंतर्गत कार्यरत रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने 25 अप्रैल 2025 को सक्रिय शीतलित स्क्रामजेट सबस्केल कम्बस्टर (Active Cooled Scramjet Subscale Combustor) का एक लंबी अवधि का ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह परीक्षण हैदराबाद में हाल ही में स्थापित स्क्रामजेट कनेक्ट टेस्ट फैसिलिटी में आयोजित किया गया और यह 1,000 सेकंड से अधिक समय तक चला।
यह मील का पत्थर भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम में बड़ी प्रगति को दर्शाता है और वायु-श्वसन प्रणोदन तकनीकों में स्वदेशी क्षमताओं के बढ़ते स्तर को भी उजागर करता है।
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कल से यहां पूर्व की भांति करेंट अफेयर्स और सामान्य अध्ययन से जुड़ी परीक्षापयोगी जानकारी प्रेषित की जाएंगी।💐📚
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राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-I में वर्ष 2025 के लिये 4 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए।
#Current_affairs #Prelims2025
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#Current_affairs #Prelims2025
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अरुणाचल प्रदेश के 27 में से 16 जिलों को आधिकारिक तौर पर मलेरिया मुक्त घोषित किया गया है।
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इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ के कस्तूरीरंगन1940-2025)
का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया
इसरो के पूर्व अध्यक्ष और भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख वास्तुकार डॉ. के. कस्तूरीरंगन का 25 अप्रैल को बेंगलुरु में उनके आवास पर निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। इसरो के अध्यक्ष के रूप में डॉ. कस्तूरीरंगन ने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो भारत का सबसे विश्वसनीय उपग्रह प्रक्षेपक बन गया। 27 अगस्त, 2003 को पद छोड़ने से पहले उन्होंने नौ साल से अधिक समय तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
डॉ. कस्तूरीरंगन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कर्नाटक ज्ञान आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और वे बेंगलुरु में राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान के निदेशक भी रहे, जहाँ उन्होंने शोध और शिक्षा का समर्थन किया। वे 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
वह संयुक्त राष्ट्र अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा केंद्र (यूएन-सीएसएसटीई) के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, आईआईटी चेन्नई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की गवर्निंग काउंसिल और नेशनल एयरोस्पेस की रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं। प्रयोगशाला। उन्होंने इंजीनियरिंग में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, एयरोस्पेस में श्री हरि ओम आश्रम डॉ विक्रम साराभाई प्रेरिट पुरस्कार, खगोल विज्ञान में एमपी बिरला मेमोरियल अवार्ड, एप्लाइड साइंस में श्री एम.एम. , शांतिनिकेतन, डॉ एमएन अंतरिक्ष के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहा जन्म शताब्दी पदक। उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों पत्रिकाओं में 200 से अधिक पत्र प्रकाशित किए हैं और 6 पुस्तकों का संपादन किया है।
#Current_affairs #Prelims2025
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का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया
इसरो के पूर्व अध्यक्ष और भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख वास्तुकार डॉ. के. कस्तूरीरंगन का 25 अप्रैल को बेंगलुरु में उनके आवास पर निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। इसरो के अध्यक्ष के रूप में डॉ. कस्तूरीरंगन ने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो भारत का सबसे विश्वसनीय उपग्रह प्रक्षेपक बन गया। 27 अगस्त, 2003 को पद छोड़ने से पहले उन्होंने नौ साल से अधिक समय तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
डॉ. कस्तूरीरंगन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कर्नाटक ज्ञान आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और वे बेंगलुरु में राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान के निदेशक भी रहे, जहाँ उन्होंने शोध और शिक्षा का समर्थन किया। वे 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
वह संयुक्त राष्ट्र अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा केंद्र (यूएन-सीएसएसटीई) के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, आईआईटी चेन्नई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की गवर्निंग काउंसिल और नेशनल एयरोस्पेस की रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं। प्रयोगशाला। उन्होंने इंजीनियरिंग में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, एयरोस्पेस में श्री हरि ओम आश्रम डॉ विक्रम साराभाई प्रेरिट पुरस्कार, खगोल विज्ञान में एमपी बिरला मेमोरियल अवार्ड, एप्लाइड साइंस में श्री एम.एम. , शांतिनिकेतन, डॉ एमएन अंतरिक्ष के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहा जन्म शताब्दी पदक। उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों पत्रिकाओं में 200 से अधिक पत्र प्रकाशित किए हैं और 6 पुस्तकों का संपादन किया है।
#Current_affairs #Prelims2025
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🎲 Quiz 'Ro/Aro सामान्य हिंदी विशेषण एवं विशेष्य शब्द ' 【Join 📌 @UppscZone】 🖊 15 questions · ⏱ 30 sec
🎲 Quiz 'Ro/Aro सामान्य हिंदी विशेषण एवं विशेष्य शब्द –3'
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🖊 30 questions · ⏱ 30 sec
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🖊 30 questions · ⏱ 30 sec
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★सरस्वती- भारती, वीणा, वीणापाणि, शारदा, महाश्वेता, गिरा, इला, निधात्री, विधात्री, वागीश, प्रज्ञा वागीश्वरी, वागेश्वरी, भाषा, कर्षिका, नियात्री, विमला, ईश्वरी, वाचा, संध्येश्वरी, ब्राह्मी, वाग्देवी
★ लक्ष्मी- पद्मा, श्री, रमा, कमला, तनया, भार्गवी, चंचला, श्रीरोद, इन्दिरा, समुद्रजा, लोकमाता, पद्मजा, क्षीरोदधितनया, विष्णुवल्लभ, क्षीरोद, हरिप्रिया, पद्मासन
★द्रोपदी- कृष्णा, याज्ञसेनी, सैरन्ध्री, द्रुपदसुता, पांचाली, मुक्तवेणी, वेदिजा, सत्यगंधा, पार्षती, त्रिहायणी
★पार्वती- भवानी, उमा, गौरी, सती, अंबा, शंकरी, शिवा, शिवानी, शर्वाणी, रुद्राणी, हिमसुहा, ईश्वरी, आर्या, अपर्णा, रुश्वणी, मैनादुलारी, मैनसुता, कात्यायिनी, गिरितनया, शैलसुत, अम्बिका, गिरिजा, शैलजा, दुर्गा
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★ लक्ष्मी- पद्मा, श्री, रमा, कमला, तनया, भार्गवी, चंचला, श्रीरोद, इन्दिरा, समुद्रजा, लोकमाता, पद्मजा, क्षीरोदधितनया, विष्णुवल्लभ, क्षीरोद, हरिप्रिया, पद्मासन
★द्रोपदी- कृष्णा, याज्ञसेनी, सैरन्ध्री, द्रुपदसुता, पांचाली, मुक्तवेणी, वेदिजा, सत्यगंधा, पार्षती, त्रिहायणी
★पार्वती- भवानी, उमा, गौरी, सती, अंबा, शंकरी, शिवा, शिवानी, शर्वाणी, रुद्राणी, हिमसुहा, ईश्वरी, आर्या, अपर्णा, रुश्वणी, मैनादुलारी, मैनसुता, कात्यायिनी, गिरितनया, शैलसुत, अम्बिका, गिरिजा, शैलजा, दुर्गा
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सर्वोच्च न्यायालय ने निम्न में से किस वाद के निर्णय में निजता के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार के तहत एक मौलिक अधिकार माना था?
Anonymous Quiz
8%
खड़क सिंह बनाम यूपी राज्य
58%
के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघवाद
23%
गोलकनाथ बनाम भारत संघ वाद
12%
मेनका गांधी बनाम भारत संघ वाद
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नागरिकता (भाग-2) से संबंधित अनुच्छेद
अनुच्छेद 5 -संविधान के प्रारंभ होने पर नागरिकता
अनुच्छेद 6 -पाकिस्तान से भारत आने वाले व्यक्ति की भारतीय नागरिकता
अनुच्छेद 7-पाकिस्तान जाने वाले व्यक्ति की भारतीय नागरिकता
अनुच्छेद 8- विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों के नागरिकता
अनुच्छेद 9- भारतीय नागरिकता की समाप्ति
अनुच्छेद 10 -नागरिकता का बना रहना
अनुच्छेद 11 -नागरिकता संबंधी विधि नियम एवं कानून
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अनुच्छेद 5 -संविधान के प्रारंभ होने पर नागरिकता
अनुच्छेद 6 -पाकिस्तान से भारत आने वाले व्यक्ति की भारतीय नागरिकता
अनुच्छेद 7-पाकिस्तान जाने वाले व्यक्ति की भारतीय नागरिकता
अनुच्छेद 8- विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों के नागरिकता
अनुच्छेद 9- भारतीय नागरिकता की समाप्ति
अनुच्छेद 10 -नागरिकता का बना रहना
अनुच्छेद 11 -नागरिकता संबंधी विधि नियम एवं कानून
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ध्यान रखें: पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश वापस किया जा रहा है इसलिए परीक्षा की दृष्टि से यह अनुच्छेद महत्वपूर्ण हो जाता है।💐
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@UppscZone'प्रागैतिहासिक काल' के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस काल के लिखित विवरण उपलब्ध नहीं है। 2. इस काल के बारे में जानकारी केवल पुरातात्विक स्रोतों से मिलती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. इस काल के लिखित विवरण उपलब्ध नहीं है। 2. इस काल के बारे में जानकारी केवल पुरातात्विक स्रोतों से मिलती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Anonymous Quiz
0%
केवल 1
19%
न तो 1, न ही 2
75%
1 और 2 दोनों
6%
केवल 2
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कथन (A): 'आद्य ऐतिहासिक काल' के संबंध में जानकारी खोतों पर ही निर्भर है। (R): 'आद्य ऐतिहासिक काल' में लेखक कला के प्रचलन के बाद भी लेख पड़े नहीं जा सके हैं।
कथन (A): 'आद्य ऐतिहासिक काल' के संबंध में जानकारी खोतों पर ही निर्भर है। (R): 'आद्य ऐतिहासिक काल' में लेखक कला के प्रचलन के बाद भी लेख पड़े नहीं जा सके हैं।
Anonymous Quiz
0%
A सत्य है, किंतु R असत्य है।
65%
A तथा R दोनों सही हैं और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) है।
35%
A तथा R दोनों सही हैं किंतु (R) (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
0%
A असत्य है, किंतु R सत्य है।
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@UppscZone
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पृथ्वी की उत्पत्ति लगभग 100 अरब वर्ष प्राचीन मानी जाती है। 2. प्रागैतिहासिक काल को वैज्ञानिक शब्दावली में प्लाइस्टोसीन (अभिनूतन युग) कहा गया है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पृथ्वी की उत्पत्ति लगभग 100 अरब वर्ष प्राचीन मानी जाती है। 2. प्रागैतिहासिक काल को वैज्ञानिक शब्दावली में प्लाइस्टोसीन (अभिनूतन युग) कहा गया है।
Anonymous Quiz
59%
1 और 2 दोनों
18%
केवल 2
12%
केवल 1
12%
न तो 1, न ही 2
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कथन (A): मानव सभ्यता के विकास में पाषाणों का बहुत महत्व रहा है।
कारण (R): सर्वप्रथम समस्त औजार, हथियार, आश्रय मानव ने पाषाणों से ही प्राप्त किए।
कारण (R): सर्वप्रथम समस्त औजार, हथियार, आश्रय मानव ने पाषाणों से ही प्राप्त किए।
Anonymous Quiz
26%
A तथा R दोनों सही हैं किंतु (R) (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं
74%
A तथा R दोनों सही हैं और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) है।
0%
A सत्य है, किंतु R असत्य है।
0%
A असत्य है, किंतु R सत्य है।
भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) नई दिल्ली के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) दिवस वेसाक 2025 के भव्य समारोह के दौरान वियतनाम में सारनाथ के पवित्र बुद्ध अवशेष की पहली बार प्रदर्शनी आयोजित करेगा।
पवित्र अवशेष को 30 अप्रैल, 2025 को सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार (मठ) से वाराणसी हवाई अड्डे तक पूजा-अर्चना के साथ औपचारिक रूप से दिल्ली लाया जाएगा। इस विहार में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेष रखे गए हैं। इसका निर्माण अंगारिका धर्मपाल ने करवाया था, जो महाबोधि सोसाइटी के संस्थापक थे और आज भी इसका रखरखाव और संचालन महाबोधि सोसाइटी द्वारा किया जाता है। : संस्कृति मंत्रालय
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पवित्र अवशेष को 30 अप्रैल, 2025 को सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार (मठ) से वाराणसी हवाई अड्डे तक पूजा-अर्चना के साथ औपचारिक रूप से दिल्ली लाया जाएगा। इस विहार में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेष रखे गए हैं। इसका निर्माण अंगारिका धर्मपाल ने करवाया था, जो महाबोधि सोसाइटी के संस्थापक थे और आज भी इसका रखरखाव और संचालन महाबोधि सोसाइटी द्वारा किया जाता है। : संस्कृति मंत्रालय
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अपने इस दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में सहभागी होंगे और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा लिखित पुस्तक ‘चुनौतियाँ मुझे पसंद हैं’ का विमोचन करेंगे।
#Books
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#Books
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गाजियाबाद नगर निगम ने देश के पहले प्रमाणित ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए स्थायी जल प्रबंधन में अग्रणी भूमिका निभाई
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
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आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
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निम्नलिखित में से किसने ‘चुनौतियाँ मुझे पसंद हैं’ पुस्तक की रचना की है?
Anonymous Quiz
21%
नरेंद्र मोदी जी।
8%
योगी आदित्यनाथ जी
8%
राहुल गांधी जी।
25%
जगदीप धनकड़ जी।
38%
उपरोक्त में से कोई नहीं।
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