नाट्यशास्त्र प्रदर्शन कलाओं पर एक संस्कृत ग्रंथ है। मूलग्रंथ ऋषि भरत मुनि को समर्पित है, और इसका पहला पूर्ण संकलन 200 ईसा पूर्व और 200 सीई के बीच है, लेकिन अनुमान 500 ईसा पूर्व और 500 सीई के बीच भिन्न होता है।
नाट्यशास्त्र
नाट्यशास्त्र, पूर्ण भरत नाट्यशास्त्र में, शास्त्रीय संस्कृत रंगमंच के सभी पहलुओं से संबंधित नाटकीय कलाओं पर एक विस्तृत ग्रंथ और पुस्तिका है।
ऐसा माना जाता है कि इसे पौराणिक ब्राह्मण ऋषि और पुजारी भरत (200 ईसा पूर्व-200 ईस्वी) द्वारा लिखा गया था।
इसके कई अध्यायों में नृत्य, संगीत, राजनीति और सामान्य सौंदर्यशास्त्र सहित नाटक की शास्त्रीय भारतीय अवधारणा में सन्निहित सभी विविध कलाओं का विस्तृत उपचार है।
इसे पांचवें वेद के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसे ऋग्वेद से शब्द, सामवेद से संगीत, यजुर्वेद से इशारों और अथर्ववेद से भावनाओं को लेकर विकसित किया गया है।
भरत मुनि
भरत मुनि एक प्राचीन भारतीय नाटककार और संगीतविद् थे, जिन्होंने नाट्य शास्त्र, प्राचीन भारतीय नाट्यशास्त्र और इतिहासलेखन, विशेष रूप से संस्कृत थिएटर पर एक सैद्धांतिक ग्रंथ लिखा था।
»भरत को भारतीय नाट्य कला रूपों का जनक माना जाता है।
»वह 200 ईसा पूर्व और 200 सीई के बीच की तारीख है, लेकिन अनुमान 500 ईसा पूर्व और 500 सीई के बीच भिन्न होता है।
»भरत मुनि द्वारा नाट्य शास्त्र और नंदिकेश्वर द्वारा "अभिनय दर्पण" को भरतनाट्यम का मूल स्रोत माना जाता है
#Current_affairs #Prelims2025 #MCQ
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नाट्यशास्त्र
नाट्यशास्त्र, पूर्ण भरत नाट्यशास्त्र में, शास्त्रीय संस्कृत रंगमंच के सभी पहलुओं से संबंधित नाटकीय कलाओं पर एक विस्तृत ग्रंथ और पुस्तिका है।
ऐसा माना जाता है कि इसे पौराणिक ब्राह्मण ऋषि और पुजारी भरत (200 ईसा पूर्व-200 ईस्वी) द्वारा लिखा गया था।
इसके कई अध्यायों में नृत्य, संगीत, राजनीति और सामान्य सौंदर्यशास्त्र सहित नाटक की शास्त्रीय भारतीय अवधारणा में सन्निहित सभी विविध कलाओं का विस्तृत उपचार है।
इसे पांचवें वेद के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसे ऋग्वेद से शब्द, सामवेद से संगीत, यजुर्वेद से इशारों और अथर्ववेद से भावनाओं को लेकर विकसित किया गया है।
भरत मुनि
भरत मुनि एक प्राचीन भारतीय नाटककार और संगीतविद् थे, जिन्होंने नाट्य शास्त्र, प्राचीन भारतीय नाट्यशास्त्र और इतिहासलेखन, विशेष रूप से संस्कृत थिएटर पर एक सैद्धांतिक ग्रंथ लिखा था।
»भरत को भारतीय नाट्य कला रूपों का जनक माना जाता है।
»वह 200 ईसा पूर्व और 200 सीई के बीच की तारीख है, लेकिन अनुमान 500 ईसा पूर्व और 500 सीई के बीच भिन्न होता है।
»भरत मुनि द्वारा नाट्य शास्त्र और नंदिकेश्वर द्वारा "अभिनय दर्पण" को भरतनाट्यम का मूल स्रोत माना जाता है
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UNESCO का पूरा नाम है United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन)। यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जिसकी स्थापना 16 नवंबर 1945 को हुई थी।
उद्देश्य:
UNESCO का मुख्य उद्देश्य विश्व में:
शिक्षा को बढ़ावा देना
वैज्ञानिक सहयोग को प्रोत्साहित करना
संस्कृति और विरासत की रक्षा करना
स्वतंत्रता, शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना है
मुख्य कार्य:
शिक्षा में सहयोग – जैसे 'शिक्षा सबके लिए' (Education for All) अभियान।
सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण – जैसे विश्व धरोहर स्थलों (World Heritage Sites) की सूची बनाना और उनकी सुरक्षा करना।
वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग – जल, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण आदि के क्षेत्र में।
स्वतंत्र मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देना।
मुख्यालय:
UNESCO का मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है।
भारत और UNESCO:
भारत 1946 से UNESCO का सदस्य है।
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उद्देश्य:
UNESCO का मुख्य उद्देश्य विश्व में:
शिक्षा को बढ़ावा देना
वैज्ञानिक सहयोग को प्रोत्साहित करना
संस्कृति और विरासत की रक्षा करना
स्वतंत्रता, शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना है
मुख्य कार्य:
शिक्षा में सहयोग – जैसे 'शिक्षा सबके लिए' (Education for All) अभियान।
सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण – जैसे विश्व धरोहर स्थलों (World Heritage Sites) की सूची बनाना और उनकी सुरक्षा करना।
वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग – जल, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण आदि के क्षेत्र में।
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UNESCO का मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है।
भारत और UNESCO:
भारत 1946 से UNESCO का सदस्य है।
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#ROARO
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विश्व विरासत दिवस, 2025 : 18 अप्रैल
विषय : 'आपदा एवं संघर्ष से खतरे में धरोहर।'
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रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) NTPC (नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी) परीक्षा 9 जून 2025 से प्रारंभ होगी।
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★पहली दुग्ध सहकारी समिति:
1917 में इलाहाबाद के कटरा में स्थापित की गई।
★पहला दुग्ध संघ:
1938 में लखनऊ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की स्थापना।
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1917 में इलाहाबाद के कटरा में स्थापित की गई।
★पहला दुग्ध संघ:
1938 में लखनऊ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की स्थापना।
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मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना
(1) पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार की पत्नी को प्रसव हेतु रु॰ 6000/- एक मुश्त देय |
पात्रता की शर्ते – सभी पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार की पत्नी को अधिकतम दो प्रसवों तक ही देय होगा | पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को हित लाभ के रूप में उसकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से तीन माहों के वेतन के समतुल्य धनराशि देय होगी |
आवेदन की प्रक्रिया – श्रमिक द्वारा अपना आवेदन जन सुविधा केंद्र/ श्रम विभाग मे बायो मेट्रिक कराते हुये एक वर्ष के अंदर करना होगा |
(2) पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार को पुत्र होने पर रु॰ 20000/- तथा पुत्री होने पर रु॰ 25000/- देय
पात्रता की शर्ते – शिशु हितलाभ के अंतर्गत प्रथम दो संतानों तक हितलाभ देय |
आवेदन की प्रक्रिया – श्रमिक द्वारा अपना आवेदन जन सुविधा केंद्र / श्रम विभाग मे एक वर्ष के अंदर करना होगा |
(3) पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार को पहली बालिका को अथवा दूसरी बालिका होने पर उसे भी रु ॰ 25000/- से रु॰ 50000/- तक सावधि जमा के रूप मे देय |
पात्रता की शर्ते – पहली बालिका को अथवा दूसरी बालिका होने पर दूसरी को भी उक्त हितलाभ के रूप मे सावधि जमा करायी जाती है जो बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर देय होगी |
आवेदन की प्रक्रिया – निर्माण श्रमिक एक वर्ष तक बोर्ड का सदस्य रहने के पश्चात जन सुविधा /श्रम विभाग मे आवेदन कर सकते है |
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(1) पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार की पत्नी को प्रसव हेतु रु॰ 6000/- एक मुश्त देय |
पात्रता की शर्ते – सभी पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार की पत्नी को अधिकतम दो प्रसवों तक ही देय होगा | पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को हित लाभ के रूप में उसकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से तीन माहों के वेतन के समतुल्य धनराशि देय होगी |
आवेदन की प्रक्रिया – श्रमिक द्वारा अपना आवेदन जन सुविधा केंद्र/ श्रम विभाग मे बायो मेट्रिक कराते हुये एक वर्ष के अंदर करना होगा |
(2) पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार को पुत्र होने पर रु॰ 20000/- तथा पुत्री होने पर रु॰ 25000/- देय
पात्रता की शर्ते – शिशु हितलाभ के अंतर्गत प्रथम दो संतानों तक हितलाभ देय |
आवेदन की प्रक्रिया – श्रमिक द्वारा अपना आवेदन जन सुविधा केंद्र / श्रम विभाग मे एक वर्ष के अंदर करना होगा |
(3) पंजीकृत महिला श्रमिक या पुरुष कर्मकार को पहली बालिका को अथवा दूसरी बालिका होने पर उसे भी रु ॰ 25000/- से रु॰ 50000/- तक सावधि जमा के रूप मे देय |
पात्रता की शर्ते – पहली बालिका को अथवा दूसरी बालिका होने पर दूसरी को भी उक्त हितलाभ के रूप मे सावधि जमा करायी जाती है जो बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर देय होगी |
आवेदन की प्रक्रिया – निर्माण श्रमिक एक वर्ष तक बोर्ड का सदस्य रहने के पश्चात जन सुविधा /श्रम विभाग मे आवेदन कर सकते है |
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कन्या विवाह सहायता योजना
पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पुत्री की शादी हेतु रु. 55000/- से 65000/- तक तथा अंर्तजातीय विवाह होने पर रु. 61000/- की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।
पात्रता की शर्तें:- पंजीकृत श्रमिक का 100 दिन पूर्व का पंजीयन होना चाहिए तथा पुत्री की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना चाहिए। सामूहिक विवाह में वर तथा वधू को रु. 5000/प्रति की दर से विवाह की पोशाक हेतु ।
आवेदन की प्रक्रिया- श्रमिक द्वारा अपना आवेदन पत्र एक वर्ष के अन्दर जन सुविधा केंद्र / श्रम विभाग में जमा करना होगा।
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पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पुत्री की शादी हेतु रु. 55000/- से 65000/- तक तथा अंर्तजातीय विवाह होने पर रु. 61000/- की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।
पात्रता की शर्तें:- पंजीकृत श्रमिक का 100 दिन पूर्व का पंजीयन होना चाहिए तथा पुत्री की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना चाहिए। सामूहिक विवाह में वर तथा वधू को रु. 5000/प्रति की दर से विवाह की पोशाक हेतु ।
आवेदन की प्रक्रिया- श्रमिक द्वारा अपना आवेदन पत्र एक वर्ष के अन्दर जन सुविधा केंद्र / श्रम विभाग में जमा करना होगा।
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🎲 Quiz '🎯Ro/Aro सामान्य हिंदी विशेषण एवं विशेष्य शब्द ' 【Join 📌 @UppscZone】 🖊 20 questions · ⏱ 30 sec
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन।
सॉल्व करके बताइए कैसा है फिर ये सीरीज कंटिन्यू करेंगे।
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नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के संदर्भ में सही उत्तर चुने:
1) इसमें केवल साहीवाल, गिर, थापरकर और गंगातीरी प्रजाति की दुधारू गाएं ही शामिल हैं। 2) लाभार्थी के पास गोपालन का कम से कम 1 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
1) इसमें केवल साहीवाल, गिर, थापरकर और गंगातीरी प्रजाति की दुधारू गाएं ही शामिल हैं। 2) लाभार्थी के पास गोपालन का कम से कम 1 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
Anonymous Quiz
35%
केवल 1
15%
केवल 2
46%
1 और 2 दोनों।
4%
न तो 1 न ही 2।
👍1
सितंबर‚ 2023 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के संबंध में विकल्प में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) यह योजना राज्य में मवेशियों की नस्ल में सुधार एवं दूध उत्पादन बढ़ाने हेतु नंद बाबा मिशन के एक हिस्से के रूप में शुरू की गई है।
(b) इस योजना के पहले चरण में सरकार 50 दुधारू गायों की 40 इकाइयां स्थापित करने वाले लाभार्थियों को सब्सिडी प्रदान करेगी।
(c) यह योजना प्रदेश के 10 मंडल मुख्यालयों में लागू की जाएगी।
(d) इस योजनान्तर्गत साहीवाल‚ गिर‚ थारपारकर और गंगातीरी नस्ल की दुधारू गायें शामिल हैं।
(a) यह योजना राज्य में मवेशियों की नस्ल में सुधार एवं दूध उत्पादन बढ़ाने हेतु नंद बाबा मिशन के एक हिस्से के रूप में शुरू की गई है।
(b) इस योजना के पहले चरण में सरकार 50 दुधारू गायों की 40 इकाइयां स्थापित करने वाले लाभार्थियों को सब्सिडी प्रदान करेगी।
(c) यह योजना प्रदेश के 10 मंडल मुख्यालयों में लागू की जाएगी।
(d) इस योजनान्तर्गत साहीवाल‚ गिर‚ थारपारकर और गंगातीरी नस्ल की दुधारू गायें शामिल हैं।
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#Yojana
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर, 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी।
★इस योजना में बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार सस्ते ब्याज दर पर लोन देती है।
★यह योजना लोहार, सुनार, मिट्टी के बर्तन (कुम्हार), बढ़ईगीरी और मूर्तिकला जैसे विभिन्न व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों तथा शिल्पकारों के उत्थान के लिये बनाई गई है।
★इसके माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने एवं उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था व वैश्विक मूल्य श्रृंखला से एकीकृत करना है।
★यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।
★सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है।
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पी.एम. विश्वकर्मा योजना(PM Vishwakarma Yojana):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर, 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी।
★इस योजना में बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार सस्ते ब्याज दर पर लोन देती है।
★यह योजना लोहार, सुनार, मिट्टी के बर्तन (कुम्हार), बढ़ईगीरी और मूर्तिकला जैसे विभिन्न व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों तथा शिल्पकारों के उत्थान के लिये बनाई गई है।
★इसके माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने एवं उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था व वैश्विक मूल्य श्रृंखला से एकीकृत करना है।
★यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।
★सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है।
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👍3❤1
🎯 पी.एम. विश्वकर्मा योजना(PM Vishwakarma Yojana) के बारे में कौन सा कथन सही नहीं है?
Anonymous Quiz
10%
इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर, 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर की थी।
29%
यह योजना में वित्त पोषण का 60% व्यय केंद्र सरकार और 40% व्यय राज्य सरकार द्वारा वहां किया जाएगा।
6%
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है।
55%
उपरोक्त सभी कथन सही हैं।
👍2
प्रश्न:1.लखनऊ के बाद अब किस जिले में डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस शुरू करने का निर्णय लिया गया है?
प्रश्न:2.डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश का दूसरा जिला कौन सा है?
प्रश्न:2.डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश का दूसरा जिला कौन सा है?
Anonymous Quiz
13%
अयोध्या
72%
प्रयागराज
13%
कानपुर
3%
आगरा
0%
उपरोक्त में से कोई नहीं।
👍3