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इनमें से स्वर्ग का पर्यायवाची कौन-सा नहीं है?
(a) त्रिदशालय (b) त्रिदिव (c) गौ (d) नाक
(a) त्रिदशालय (b) त्रिदिव (c) गौ (d) नाक
Anonymous Quiz
23%
A
5%
B
45%
C
27%
D
'मुझे छोटी बच्ची के लिए कुछ नए कपड़े खरीदने हैं, वाक्य में कितने विशेषण शब्द हैं ?
(a) 3 (b) 2 (c) 5 (d) 4
(a) 3 (b) 2 (c) 5 (d) 4
Anonymous Quiz
18%
A
55%
B
23%
C
5%
D
इनमें से कौन-सा शब्द 'विशेषण' नहीं है?
(a) काला (b) तुम (c) शांत (d) आगामी
(a) काला (b) तुम (c) शांत (d) आगामी
Anonymous Quiz
8%
A
71%
B
13%
C
8%
D
'कण्ठ' का विशेषण होगा-
(a) कण्ठी (b) कण्ठक (c) काठी (d) कण्ठ्य
(a) कण्ठी (b) कण्ठक (c) काठी (d) कण्ठ्य
Anonymous Quiz
13%
A
29%
B
17%
C
42%
D
'लूट' धातु से निर्मित शब्दों में कौन-सा विशेषण है?
(a) लूटना (b) लुटाना (c) लुटेरा (d) लुटना
(a) लूटना (b) लुटाना (c) लुटेरा (d) लुटना
Anonymous Quiz
27%
A
14%
B
55%
C
5%
D
कुसुम का विशेषण है?
(a) कुसुमता (b) कुसुमति (c) कुसुमित (d) कुसुमलता
(a) कुसुमता (b) कुसुमति (c) कुसुमित (d) कुसुमलता
Anonymous Quiz
9%
A
14%
B
36%
C
41%
D
निम्नलिखित वाक्यों में एक में विशेषण का प्रयोग हुआ है-
(a) लड़का भजन गा रहा था। (b) मैंने उसको बुलाया। (c) वह सुन्दर लड़का आया। (d) उसने भजन नहीं सुनाया।
(a) लड़का भजन गा रहा था। (b) मैंने उसको बुलाया। (c) वह सुन्दर लड़का आया। (d) उसने भजन नहीं सुनाया।
Anonymous Quiz
0%
A
5%
B
84%
C
11%
D
निम्नलिखित वाक्यों में एक में विशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है-
(a) यह चांदी खोटी है। (b) लखनऊवा चिकन की विदेशों में माँग है। (c) जंगली जानवर आक्रामक होते हैं। (d) भगवान् कृपा करते हैं।
(a) यह चांदी खोटी है। (b) लखनऊवा चिकन की विदेशों में माँग है। (c) जंगली जानवर आक्रामक होते हैं। (d) भगवान् कृपा करते हैं।
Anonymous Quiz
11%
A
16%
B
37%
C
37%
D
ऋषि' संज्ञा शब्द से विशेषण शब्द क्या बनेगा?
(a) आर्ष (b) ऋषिकल्प (c) ऋषितुल्य (d) ऋषिवत्
(a) आर्ष (b) ऋषिकल्प (c) ऋषितुल्य (d) ऋषिवत्
Anonymous Quiz
33%
A
14%
B
38%
C
14%
D
इनमें कौन सा युग्म विशेषण नहीं है?
(a) छोटा-बड़ा (c) दो-तीन (b) हरा-पीला (d) राम-लक्ष्मण
(a) छोटा-बड़ा (c) दो-तीन (b) हरा-पीला (d) राम-लक्ष्मण
Anonymous Quiz
12%
A
16%
B
16%
C
56%
D
👍1
क्या आप जानते हैं?
रानीपुर टाइगर रिजर्व चित्रकूट में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश का चौथा बुंदेलखंड का पहला और भारत का 53वा टाइगर रिजर्व है।
ध्यान दीजिए अगर रानीपुर वन्य जीव विहार पूछा जाएगा तो ये बांदा में है
★रानीपुर टाइगर रिजर्व» चित्रकूट
★रानीपुर वन्य जीव विहार » बांदा
बन्य जीव = बांदा
टाइगर = चित्रकूट।
ऐसे शब्द से मिलाजुला के याद कर लीजिए।
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रानीपुर टाइगर रिजर्व चित्रकूट में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश का चौथा बुंदेलखंड का पहला और भारत का 53वा टाइगर रिजर्व है।
ध्यान दीजिए अगर रानीपुर वन्य जीव विहार पूछा जाएगा तो ये बांदा में है
★रानीपुर टाइगर रिजर्व» चित्रकूट
★रानीपुर वन्य जीव विहार » बांदा
बन्य जीव = बांदा
टाइगर = चित्रकूट।
ऐसे शब्द से मिलाजुला के याद कर लीजिए।
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SC ने फैसले में राज्यपालों के अधिकार की 'सीमा' तय कर दी।
जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस महादेवन की पीठ ने तमिलनाडु के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा, 'राज्यपाल के पास कोई वीटो पॉवर नहीं है।'
कोर्ट ने विधानसभा से पास 10 विधेयक रोककर रखने पर राज्यपाल आरएन रवि को फटकार लगाई। साथ ही अनुच्छेद 142 के तहत असाधारण शक्ति का प्रयोग करके इन विधेयकों को उसी तिथि पारित मानने का आदेश दिया, जब उन्हें पुनः राज्यपाल को भेजा गया था। इनमे अधिकतर विधेयक राज्य विश्वविद्यालय में कुलपतियों की नियुक्ति से संबंधित थे। जस्टिस पारदीवाला ने कहा, 'संविधान निर्माताओं ने कल्पना की थी कि राज्यपाल एक बुद्धिमान संवैधानिक प्रमुख होगा। मगर इस मामले में जो सामने आया वह उनकी कल्पना के विपरीत है।
संविधान के अनुच्छेद 200 में राज्यपाल द्वारा कार्य निर्वहन की स्पष्ट समय सीमा नहीं है। हालांकि राज्यपाल के पास कोई 'ऑब्सल्यूट या 'पॉकेट वीटो' नहीं है। उन्हें राज्य मंत्रीपरिषद की सलाह पर काम करना होगा। विधेयक अनिश्चितकाल के लिए रोका नहीं जा सकता।
कोर्ट ने कहा, अनुच्छेद 200 में स्पष्ट है कि राज्यपाल को निर्णय शीघ्रता से लेना चाहिए। इसलिए कोर्ट समय- सीमा तय कर सकता है।
#ARTICLES #POLITY #PRELIMS
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जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस महादेवन की पीठ ने तमिलनाडु के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा, 'राज्यपाल के पास कोई वीटो पॉवर नहीं है।'
कोर्ट ने विधानसभा से पास 10 विधेयक रोककर रखने पर राज्यपाल आरएन रवि को फटकार लगाई। साथ ही अनुच्छेद 142 के तहत असाधारण शक्ति का प्रयोग करके इन विधेयकों को उसी तिथि पारित मानने का आदेश दिया, जब उन्हें पुनः राज्यपाल को भेजा गया था। इनमे अधिकतर विधेयक राज्य विश्वविद्यालय में कुलपतियों की नियुक्ति से संबंधित थे। जस्टिस पारदीवाला ने कहा, 'संविधान निर्माताओं ने कल्पना की थी कि राज्यपाल एक बुद्धिमान संवैधानिक प्रमुख होगा। मगर इस मामले में जो सामने आया वह उनकी कल्पना के विपरीत है।
संविधान के अनुच्छेद 200 में राज्यपाल द्वारा कार्य निर्वहन की स्पष्ट समय सीमा नहीं है। हालांकि राज्यपाल के पास कोई 'ऑब्सल्यूट या 'पॉकेट वीटो' नहीं है। उन्हें राज्य मंत्रीपरिषद की सलाह पर काम करना होगा। विधेयक अनिश्चितकाल के लिए रोका नहीं जा सकता।
कोर्ट ने कहा, अनुच्छेद 200 में स्पष्ट है कि राज्यपाल को निर्णय शीघ्रता से लेना चाहिए। इसलिए कोर्ट समय- सीमा तय कर सकता है।
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