वर्ष 2025-26 के बजट में, प्रस्तावित विकास उपाय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर दस व्यापक क्षेत्रों तक फैला हुआ है। इनमे से कौन सा क्षेत्र इनमे शामिल नहीं है?
【Join 📌 @UppscZone】
【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
17%
कृषि विकास और उत्पादकता में गति प्रदान करना
17%
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
33%
एमएसएमई को सहायता देना
33%
नियति को बढ़ावा देना
केन्द्रीय बजट 2025 26 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. भारत में रक्षा के क्षेत्र में शोध एवं खोज के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए बजट में 14924 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है
2. पीएम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए बजट में 20000 करोड़ रूपये की राशि आवंटित की गयी है।
1. भारत में रक्षा के क्षेत्र में शोध एवं खोज के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए बजट में 14924 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है
2. पीएम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए बजट में 20000 करोड़ रूपये की राशि आवंटित की गयी है।
Secure PCS
केन्द्रीय बजट 2025 26 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. भारत में रक्षा के क्षेत्र में शोध एवं खोज के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए बजट में 14924 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है 2. पीएम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए बजट…
निचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिएः
Anonymous Quiz
0%
केवल 1
8%
केवल 2
17%
न तो 1 न ही 2
75%
1 और 2 दोनों
महाजनपद:–
महाजनपद - राजधानी
काशी–वाराणसी
कुरु–इंद्रप्रस्थ
अंग–चंपा
मगध–राजगृह या गिरिव्रज
वज्जि–वैशाली,मिथिला और विदेह
मल्ल–कुशावती (कुशीनारा)
चेदि–शक्तिमती (सोत्थिवती)
वत्स–कौशांबी
कोशल–उत्तरी भाग की राजधानी साकेत तथा दक्षिणी भाग की राजधानी श्रावस्ती थी।
पांचाल–उत्तरी पांचाल की राजधानी अहिच्छत्र तथा दक्षिण पांचाल की राजधानी कांपिल्य।
शूरसेन–मथुरा
मत्स्य–विराटनगर
अश्मक–पोतन या पाटेली
अवन्ती–उत्तरी अवंति की राजधानी उज्जयिनी तथा दक्षिणी अवंति की राजधानी महिष्मति।
गांधार–तक्षशिला
कम्बोज–हाटक/राजपुर
नोट:–
इनकी जानकारी बौद्ध ग्रंथ ’अंगुत्तरनिकाय’ तथा जैन ग्रंथ ’भगवती सूत्र’ में मिलती है।
Prelims2025
【Join 📌 @UppscZone】
महाजनपद - राजधानी
काशी–वाराणसी
कुरु–इंद्रप्रस्थ
अंग–चंपा
मगध–राजगृह या गिरिव्रज
वज्जि–वैशाली,मिथिला और विदेह
मल्ल–कुशावती (कुशीनारा)
चेदि–शक्तिमती (सोत्थिवती)
वत्स–कौशांबी
कोशल–उत्तरी भाग की राजधानी साकेत तथा दक्षिणी भाग की राजधानी श्रावस्ती थी।
पांचाल–उत्तरी पांचाल की राजधानी अहिच्छत्र तथा दक्षिण पांचाल की राजधानी कांपिल्य।
शूरसेन–मथुरा
मत्स्य–विराटनगर
अश्मक–पोतन या पाटेली
अवन्ती–उत्तरी अवंति की राजधानी उज्जयिनी तथा दक्षिणी अवंति की राजधानी महिष्मति।
गांधार–तक्षशिला
कम्बोज–हाटक/राजपुर
नोट:–
इनकी जानकारी बौद्ध ग्रंथ ’अंगुत्तरनिकाय’ तथा जैन ग्रंथ ’भगवती सूत्र’ में मिलती है।
Prelims2025
【Join 📌 @UppscZone】
👌3
उत्तर प्रदेश का सबसे कम वर्षा वाला जिला है?
Anonymous Quiz
10%
भदोही
20%
हापुड़
55%
मथुरा
15%
गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के सबसे कम क्षेत्रफल वाले 4 जिलों में से कौन सा जिला शामिल नहीं है?
Anonymous Quiz
21%
हापुड़
32%
गाजियाबाद
21%
गौतम बुद्ध नगर
26%
हरदोई
👍1
इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रथम मुख्य न्यायाधीश हैं
Anonymous Quiz
0%
श्री चंद्रभाल
50%
श्री वाल्टर मोर्गन
22%
चौधरी नारायण सिंह
28%
पुरुषोत्तम दास टंडन
👍1
उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक क्षेत्रफल वाले 5 जिलों में कौन सा जिला शामिल नहीं है
Anonymous Quiz
0%
लखीमपुर खीरी
6%
प्रयागराज
50%
हरदोई
6%
सीतापुर
39%
गाजियाबाद
सई नदी का उद्गम होता है
Anonymous Quiz
20%
कीठम झील
40%
पार्वती अरगा झील
35%
भिजवान झील
5%
इनमें से कोई नहीं
👍1
प्रथम मुख्यमंत्री= पंडित गोविंद बल्लभ पंत
प्रथम उपमुख्यमंत्री= चौधरी नारायण सिंह
प्रथम विधानसभा अध्यक्ष= पुरुषोत्तम दास टंडन
प्रथम विधानपरिषद अध्यक्ष= श्री चंद्रभाल
#UP_SPECIAL
Share & join @UppscZone
प्रथम उपमुख्यमंत्री= चौधरी नारायण सिंह
प्रथम विधानसभा अध्यक्ष= पुरुषोत्तम दास टंडन
प्रथम विधानपरिषद अध्यक्ष= श्री चंद्रभाल
#UP_SPECIAL
Share & join @UppscZone
👍3
महत्वपूर्ण तथ्य -
● भारत में कृषि जलवायु क्षेत्र - 15
● भारत मे कृषि पारिस्थितिक क्षेत्र (AEZs) - 20
● भारत मे कृषि पारिस्थितिक उप क्षेत्र - 60
● उत्तर प्रदेश में कृषि जलवायु क्षेत्र - 9
● उत्तर प्रदेश में कृषि पारिस्थितिकी क्षेत्र - 20
● उत्तर प्रदेश में कुल मृदा समूह क्षेत्र - 6 (कुछ बुक में 8)
भारतीय मिट्टियाँ औऱ उनके विस्तृत क्षेत्र (प्रतिशत)
● जलोढ़ मिट्टी - 33.5%
● लाल मिट्टी - 26.8%
● काली मिट्टी - 16.6%
● लैटेराइट मिट्टी - 3.7%
● क्रम (बढ़ते से घटते क्रम में) - जलोढ़ > लाल > काली > लैटेराइट
उत्तर प्रदेश की मिट्टियाँ औऱ उनके विस्तृत क्षेत्र (प्रतिशत)
● जलोढ़ मृदायें - 76.36%
● बुंदेलखंडीय मृदायें - 12.21%
● विंध्याचल मृदाएं - 5.46%
● तराई मृदायें - 5.37%
#geography
Join 📌 @UppscZone
● भारत में कृषि जलवायु क्षेत्र - 15
● भारत मे कृषि पारिस्थितिक क्षेत्र (AEZs) - 20
● भारत मे कृषि पारिस्थितिक उप क्षेत्र - 60
● उत्तर प्रदेश में कृषि जलवायु क्षेत्र - 9
● उत्तर प्रदेश में कृषि पारिस्थितिकी क्षेत्र - 20
● उत्तर प्रदेश में कुल मृदा समूह क्षेत्र - 6 (कुछ बुक में 8)
भारतीय मिट्टियाँ औऱ उनके विस्तृत क्षेत्र (प्रतिशत)
● जलोढ़ मिट्टी - 33.5%
● लाल मिट्टी - 26.8%
● काली मिट्टी - 16.6%
● लैटेराइट मिट्टी - 3.7%
● क्रम (बढ़ते से घटते क्रम में) - जलोढ़ > लाल > काली > लैटेराइट
उत्तर प्रदेश की मिट्टियाँ औऱ उनके विस्तृत क्षेत्र (प्रतिशत)
● जलोढ़ मृदायें - 76.36%
● बुंदेलखंडीय मृदायें - 12.21%
● विंध्याचल मृदाएं - 5.46%
● तराई मृदायें - 5.37%
#geography
Join 📌 @UppscZone
👌3
1.विधानमण्डल के सदस्यों की शपथ का उल्लेख अनुच्छेद 188 है।
2.विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को राज्यपाल द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है। 3.इनकी शपथ का प्रारूप तीसरी अनुसूची में मिलता है।
2.विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को राज्यपाल द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है। 3.इनकी शपथ का प्रारूप तीसरी अनुसूची में मिलता है।
Anonymous Quiz
0%
केवल 1, 2 सही हैं।
33%
केवल 2, 3 सही हैं।
13%
केवल 1, 3 सही हैं।
53%
1, 2, 3 सही है।
👍2
A. अनुच्छेद 189 (1) में विधानसभाध्यक्ष/सभापति के निर्णायक मत का उल्लेख है।
B. सामान्यतः अध्यक्ष/सभापति मत नहीं देगा लेकिन जब किसी विधेयक पर मत बराबर हो जाये तो अध्यक्ष / सभापति निर्णायक मत का प्रयोग करेगा। 【Join 📌 @UppscZone】
B. सामान्यतः अध्यक्ष/सभापति मत नहीं देगा लेकिन जब किसी विधेयक पर मत बराबर हो जाये तो अध्यक्ष / सभापति निर्णायक मत का प्रयोग करेगा। 【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
0%
केवल A सही है।
18%
केवल B सही है।
82%
दोनों सही है
0%
दोनों गलत है।
👍2
अनुच्छेद 164
मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्री की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा तथा मंत्री, राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत अपने पद धारण करेंगे।
किसी राज्य की मंत्री परिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी।
15% से अधिक है तो 6 माह के भीतर भीतर 15% की जाएगी।
(कम से कम 12 मंत्री बन सकते हैं)
किसी राजनीतिक दल का राज्य की विधानमंडल के किसी सदन का कोई, सदस्य दसवीं अनुसूची के पैरा - 2 के अधीन सदन का सदस्य होने के लिए निर्हित (अयोग्य) हैं तो वो मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बन सकता हैं, अर्थात् अगर कोई विधायक राजनीतिक दल का सदस्य है और दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के तहत वह उस सदन का सदस्य होने के लिए अयोग्य है, तो वह मंत्री नहीं बन सकता।
मंत्रिपरिषद राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदाई होगी।
किसी मंत्री द्वारा अपना पद ग्रहण करने से पहले राज्यपाल तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूपों के अनुसार उसको पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएगा।
कोई मंत्री जो निरंतर 6 माह की किसी अवधि तक राज्य के विधान मंडल का सदस्य नहीं है, तो उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।
मंत्रियों के वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो उस राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा समय-समय पर आधारित करें और जब तक उस राज्य का विधानमंडल इस प्रकार अवधारित नहीं करता तब तक ऐसे होंगे जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट है।
【Join 📌 @UppscZone】
अनुच्छेद 164(1)-
मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्री की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा तथा मंत्री, राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत अपने पद धारण करेंगे।
अनुच्छेद 164 (1क)
किसी राज्य की मंत्री परिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी।
15% से अधिक है तो 6 माह के भीतर भीतर 15% की जाएगी।
(कम से कम 12 मंत्री बन सकते हैं)
अनुच्छेद 164(1ख)
किसी राजनीतिक दल का राज्य की विधानमंडल के किसी सदन का कोई, सदस्य दसवीं अनुसूची के पैरा - 2 के अधीन सदन का सदस्य होने के लिए निर्हित (अयोग्य) हैं तो वो मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बन सकता हैं, अर्थात् अगर कोई विधायक राजनीतिक दल का सदस्य है और दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के तहत वह उस सदन का सदस्य होने के लिए अयोग्य है, तो वह मंत्री नहीं बन सकता।
अनुच्छेद 164(2)
मंत्रिपरिषद राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदाई होगी।
अनुच्छेद 164(3)
किसी मंत्री द्वारा अपना पद ग्रहण करने से पहले राज्यपाल तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूपों के अनुसार उसको पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएगा।
अनुच्छेद 164(4)
कोई मंत्री जो निरंतर 6 माह की किसी अवधि तक राज्य के विधान मंडल का सदस्य नहीं है, तो उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।
अनुच्छेद 164(5)-
मंत्रियों के वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो उस राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा समय-समय पर आधारित करें और जब तक उस राज्य का विधानमंडल इस प्रकार अवधारित नहीं करता तब तक ऐसे होंगे जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट है।
【Join 📌 @UppscZone】
अनुच्छेद - 166 : राज्य सरकार का कार्य संचालन
अनुच्छेद 166 (1): किसी राज्य की समस्त कार्यपालिका कार्यवाही राज्यपाल के नाम से की जायेगी।
अनुच्छेद 166 (2): राज्यपाल के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों और अन्य लिखतों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया जाएगा और राज्यपाल द्वारा बनाए जाने वाले नियमों में विनिर्दिष्ट की जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश या लिखत की विधि मान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह राज्यपाल द्वारा किया गया या निष्पादित आदेश या लिखत नहीं है।
अनुच्छेद 166 (3): राज्यपाल मंत्रियों में कार्य आवंटन के लिए नियम बनायेगा अर्थात राज्य सरकार के कार्य संचालन के लिए नियम बनाता है।
【Join 📌 @UppscZone】