केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस
24 फरवरी
केन्द्रीय उत्पाद शुल्क देश में निर्मित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर है।
उत्पाद शुल्क कर (जिसे कभी-कभी उत्पाद शुल्क भी कहा जाता है) देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला एक प्रकार का कर है (सीमा शुल्क के विपरीत, जो देश के बाहर से आने वाले सामानों पर लगाया जाता है)। यह किसी वस्तु के उत्पादन या बिक्री पर लगने वाला कर है।
इस कर को अब केंद्रीय मूल्य वर्धित कर (CENVAT) के रूप में जाना जाता है। विनिर्मित सभी वस्तुओं पर शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य है, जब तक कि छूट न मिले।
उत्पाद शुल्क के प्रकार
भारत में तीन अलग-अलग प्रकार के केंद्रीय उत्पाद शुल्क मौजूद हैं-
मूल उत्पाद शुल्क - मूल उत्पाद शुल्क, 1944 के 'केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम की धारा 3 के तहत भारत में उत्पादित या निर्मित नमक के अलावा सभी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 की अनुसूची में निर्धारित दरों पर लगाया जाता है, जो भारत में मूल उत्पाद शुल्क की श्रेणी आता है।
अतिरिक्त उत्पाद शुल्क - 1957 के 'अतिरिक्त उत्पाद शुल्क अधिनियम' की धारा 3 इस अधिनियम की अनुसूची में सूचीबद्ध वस्तुओं के संबंध में उत्पाद शुल्क के आरोप और संग्रहण की अनुमति देती है। यह कर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है और बिक्री कर के बजाय वसूला जाता है।
विशेष उत्पाद शुल्क - वित्त अधिनियम, 1978 की धारा 37 के अनुसार, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम, 1944 के तहत मूल उत्पाद शुल्क के अनुरूप, कराधान के अंतर्गत आने वाले सभी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं पर विशेष उत्पाद शुल्क लगाया जाता है। इसलिये, प्रत्येक वर्ष वित्त अधिनियम बताता है कि विशेष उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा या नहीं, और अंततः प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के दौरान एकत्र किया जाएगा।
कर उत्पाद शुल्क का भुगतान करने का दायित्व हमेशा सामान के निर्माता पर होता है।
तीन प्रकार की पार्टियाँ हैं जिन्हें निर्माता माना जा सकता है-
»वे जो व्यक्तिगत रूप से संबंधित वस्तुओं का निर्माण करते हैं।
»वे जो भाड़े के श्रमिकों को नियोजित करके वस्तुओं का निर्माण करवाते हैं।
»वे जो अन्य पार्टियों द्वारा वस्तुओं का निर्माण करवाते हैं।
#Current_affairs #Prelims2025 #day
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24 फरवरी
केन्द्रीय उत्पाद शुल्क देश में निर्मित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर है।
उत्पाद शुल्क कर (जिसे कभी-कभी उत्पाद शुल्क भी कहा जाता है) देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला एक प्रकार का कर है (सीमा शुल्क के विपरीत, जो देश के बाहर से आने वाले सामानों पर लगाया जाता है)। यह किसी वस्तु के उत्पादन या बिक्री पर लगने वाला कर है।
इस कर को अब केंद्रीय मूल्य वर्धित कर (CENVAT) के रूप में जाना जाता है। विनिर्मित सभी वस्तुओं पर शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य है, जब तक कि छूट न मिले।
उत्पाद शुल्क के प्रकार
भारत में तीन अलग-अलग प्रकार के केंद्रीय उत्पाद शुल्क मौजूद हैं-
मूल उत्पाद शुल्क - मूल उत्पाद शुल्क, 1944 के 'केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम की धारा 3 के तहत भारत में उत्पादित या निर्मित नमक के अलावा सभी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 की अनुसूची में निर्धारित दरों पर लगाया जाता है, जो भारत में मूल उत्पाद शुल्क की श्रेणी आता है।
अतिरिक्त उत्पाद शुल्क - 1957 के 'अतिरिक्त उत्पाद शुल्क अधिनियम' की धारा 3 इस अधिनियम की अनुसूची में सूचीबद्ध वस्तुओं के संबंध में उत्पाद शुल्क के आरोप और संग्रहण की अनुमति देती है। यह कर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है और बिक्री कर के बजाय वसूला जाता है।
विशेष उत्पाद शुल्क - वित्त अधिनियम, 1978 की धारा 37 के अनुसार, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम, 1944 के तहत मूल उत्पाद शुल्क के अनुरूप, कराधान के अंतर्गत आने वाले सभी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं पर विशेष उत्पाद शुल्क लगाया जाता है। इसलिये, प्रत्येक वर्ष वित्त अधिनियम बताता है कि विशेष उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा या नहीं, और अंततः प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के दौरान एकत्र किया जाएगा।
कर उत्पाद शुल्क का भुगतान करने का दायित्व हमेशा सामान के निर्माता पर होता है।
तीन प्रकार की पार्टियाँ हैं जिन्हें निर्माता माना जा सकता है-
»वे जो व्यक्तिगत रूप से संबंधित वस्तुओं का निर्माण करते हैं।
»वे जो भाड़े के श्रमिकों को नियोजित करके वस्तुओं का निर्माण करवाते हैं।
»वे जो अन्य पार्टियों द्वारा वस्तुओं का निर्माण करवाते हैं।
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल “इन्वेस्ट एमपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025” के लिए पूरी तरह से तैयार है जो 24-25 फरवरी को आयोजित की जाएगी। भोपाल के प्रसिद्ध बड़े तालाब में “इन्वेस्ट एमपी GIS” का तैरता हुआ लोगो भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस समिट में दुनियाभर के 60 देशों के उद्योगपति, 13 देशों के राजदूत और 6 उच्चायुक्त शामिल होंगे।
#IN_NEWS
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👍5
इन्वेस्ट एमपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 का आयोजन मध्यप्रदेश के किस शहर में किया जाएगा?
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17%
जबलपुर
11%
इंदौर
72%
भोपाल
0%
ग्वालियर
👍4
पूर्णिमा देवी बर्मन
टाइम मैगजीन की वूमन ऑफ द ईयर 2025 की सूची में शामिल
असम की वन्यजीव वैज्ञानिक,
डॉ. पूर्णिमा देवी बर्मन को लुप्तप्राय ग्रेटर एडजुटेंट सारस (जिसे स्थानीय रूप से हरगिला कहाँ जाता है) के संरक्षण हेतु किए गए कार्यों के
लिये जाना जाता है। उन्होंने 'हरगिला आर्मी नामक एक महिला-केंद्रित आंदोलन की स्थापना की, जो इन पक्षियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिये कार्यरत है।
#IMP
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टाइम मैगजीन की वूमन ऑफ द ईयर 2025 की सूची में शामिल
असम की वन्यजीव वैज्ञानिक,
डॉ. पूर्णिमा देवी बर्मन को लुप्तप्राय ग्रेटर एडजुटेंट सारस (जिसे स्थानीय रूप से हरगिला कहाँ जाता है) के संरक्षण हेतु किए गए कार्यों के
लिये जाना जाता है। उन्होंने 'हरगिला आर्मी नामक एक महिला-केंद्रित आंदोलन की स्थापना की, जो इन पक्षियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिये कार्यरत है।
#IMP
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👍4
बजट 2024 में चर्चा में रहा " पूर्वोदय प्लान " में निम्नलिखित में से कौन सा राज्य शामिल नहीं है ?
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Anonymous Quiz
0%
आंध्र प्रदेश
14%
झारखंड
9%
बिहार
18%
पश्चिम बंगाल
5%
ओडिसा
55%
सभी शामिल हैं।
👍4
गुप्त अभिलेखों में निम्नलिखित पदाधिकारियों के नाम मिलते हैं -
महाबलाधिकृत —प्रधान सेनापति
महादण्डनायक —मुख्य न्यायाधीश
महाप्रतिहार —राजमहल के रक्षकों का प्रमुख
महासंधिवग्राहक —युद्ध एवं शान्ति का मंत्री
दण्डपाशिका —पुलिस विभाग का अध्यक्ष
भांडागाराधिक्रेता —शाही खजानों का अध्यक्ष
महापक्षपटालिक —लेखा विभाग के प्रमुख
विनयस्थितसंथापक —शिक्षा विभाग का अध्यक्ष
सर्वाध्याक्ष —सभी केंद्रीय विभागों के लिए निरीक्षक
महाश्वपति —घुड़सवार सेना का नियंत्रक
विनयपुरा —राजा के दरबार में अलग-अलग मेहमानों को पेश करने वाला अधिकारी
युक्तापुरुष —कार्यालय युद्ध लूट का हिसाब रखना
खाद्यतपकिका —शाही रसोई के निरीक्षक
महानरपति —पैदल सेना का अध्यक्ष
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महाबलाधिकृत —प्रधान सेनापति
महादण्डनायक —मुख्य न्यायाधीश
महाप्रतिहार —राजमहल के रक्षकों का प्रमुख
महासंधिवग्राहक —युद्ध एवं शान्ति का मंत्री
दण्डपाशिका —पुलिस विभाग का अध्यक्ष
भांडागाराधिक्रेता —शाही खजानों का अध्यक्ष
महापक्षपटालिक —लेखा विभाग के प्रमुख
विनयस्थितसंथापक —शिक्षा विभाग का अध्यक्ष
सर्वाध्याक्ष —सभी केंद्रीय विभागों के लिए निरीक्षक
महाश्वपति —घुड़सवार सेना का नियंत्रक
विनयपुरा —राजा के दरबार में अलग-अलग मेहमानों को पेश करने वाला अधिकारी
युक्तापुरुष —कार्यालय युद्ध लूट का हिसाब रखना
खाद्यतपकिका —शाही रसोई के निरीक्षक
महानरपति —पैदल सेना का अध्यक्ष
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👍4
13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है। वर्ष, 2025 में, विश्व रेडियो दिवस की थीम है?
World Radio Day is celebrated on 13 February. In the year, 2025, the theme of World Radio Day is?
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World Radio Day is celebrated on 13 February. In the year, 2025, the theme of World Radio Day is?
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Anonymous Quiz
11%
सूचना देने वाली, मनोरंजन करने वाली और शिक्षा देने वाली शताब्दी ।
83%
रेडियो और जलवायु परिवर्तन: जलवायु कार्रवाई के लिए एक शक्तिशाली उपकरण”
6%
अतीत, प्रासंगिक वर्तमान और गतिशील भविष्य के वादे पर व्यापक प्रकाश ।
0%
इनमे से कोई नहीं।
👍5
ग्रीष्म ऋतु में आने वाले कुछ प्रसिद्ध स्थानीय तूफान
(i) आम्र वर्षाः ग्रीष्म ऋतु के खत्म होते-होते पूर्व मानसून बौछारें पड़ती हैं, जो केरल व तटीय कर्नाटक में यह एक आम बात है। स्थानीय तौर पर इस तूफानी वर्षा को आम्र वर्षा कहा जाता है, क्योंकि यह आमों को जल्दी पकने में सहायता देती है।
(ii) फूलों वाली बौछारः इस वर्षा से केरल व निकटवर्ती कहवा उत्पादक क्षेत्रों में कहवा के फूल खिलने लगते हैं।
(iii) काल बैसाखीः असम और पश्चिम बंगाल में बैसाख के महीने में शाम को चलने वाली ये भयंकर व विनाशकारी वर्षायुक्त पवनें हैं। इनकी कुख्यात प्रकृति का अंदाज़ा इनके स्थानीय नाम काल बैसाखी से लगाया जा सकता है। जिसका अर्थ है- बैसाख के महीने में आने वाली तबाही। चाय, पटसन व चावल के लिए ये पवनें अच्छी हैं। असम में इन तूफानों को 'बारदोली छीड़ा' कहा जाता है।
(iv) लूः उत्तरी मैदान में पंजाब से बिहार तक चलने वाली ये शुष्क, गर्म व पीड़ादायक पवनें हैं। दिल्ली और पटना के बीच इनकी तीव्रता अधिक होती है।
#PMI
#GEOGRAPHY #CLIMATE
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(i) आम्र वर्षाः ग्रीष्म ऋतु के खत्म होते-होते पूर्व मानसून बौछारें पड़ती हैं, जो केरल व तटीय कर्नाटक में यह एक आम बात है। स्थानीय तौर पर इस तूफानी वर्षा को आम्र वर्षा कहा जाता है, क्योंकि यह आमों को जल्दी पकने में सहायता देती है।
(ii) फूलों वाली बौछारः इस वर्षा से केरल व निकटवर्ती कहवा उत्पादक क्षेत्रों में कहवा के फूल खिलने लगते हैं।
(iii) काल बैसाखीः असम और पश्चिम बंगाल में बैसाख के महीने में शाम को चलने वाली ये भयंकर व विनाशकारी वर्षायुक्त पवनें हैं। इनकी कुख्यात प्रकृति का अंदाज़ा इनके स्थानीय नाम काल बैसाखी से लगाया जा सकता है। जिसका अर्थ है- बैसाख के महीने में आने वाली तबाही। चाय, पटसन व चावल के लिए ये पवनें अच्छी हैं। असम में इन तूफानों को 'बारदोली छीड़ा' कहा जाता है।
(iv) लूः उत्तरी मैदान में पंजाब से बिहार तक चलने वाली ये शुष्क, गर्म व पीड़ादायक पवनें हैं। दिल्ली और पटना के बीच इनकी तीव्रता अधिक होती है।
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👍4
»April 16th World Voice Day & Save the Elephant Day
»April 17th World Hemophilia Day
»April 18th. World Heritage Day
»April 19th World Liver Day
»April 21. National Civil Services Day (21 अप्रैल, 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने दिल्ली के मेटकाफ हाउस में सिविल सेवकों के पहले बैच को संबोधित किया)
»April 22nd. Earth Day
»April 23rd. World Book and Copyright Day & English Language Day
»April 24th- National Panchayati Raj Day (यह भारत के संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम की याद में मनाया जाता है, जो 1993 में लागू हुआ था)
»April 25th World Malaria Day
»April 26th-World Intellectual Property Day
»April 28th- World Day for Safety and Health at Work
#days
#Current_affairs #Prelims2025
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»April 17th World Hemophilia Day
»April 18th. World Heritage Day
»April 19th World Liver Day
»April 21. National Civil Services Day (21 अप्रैल, 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने दिल्ली के मेटकाफ हाउस में सिविल सेवकों के पहले बैच को संबोधित किया)
»April 22nd. Earth Day
»April 23rd. World Book and Copyright Day & English Language Day
»April 24th- National Panchayati Raj Day (यह भारत के संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम की याद में मनाया जाता है, जो 1993 में लागू हुआ था)
»April 25th World Malaria Day
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»April 28th- World Day for Safety and Health at Work
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#Current_affairs #Prelims2025
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👍2
A.राज्यपाल, विधानमण्डल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से समवेत कर अभिभाषित करेगा है।
B.राज्यपाल विशेष अभिभाषण, आम निर्वाचन के बाद प्रथम सत्र के प्रारम्भ में तथा प्रत्येक वर्ष के अंतिम सत्र के प्रारम्भ में करता है।
B.राज्यपाल विशेष अभिभाषण, आम निर्वाचन के बाद प्रथम सत्र के प्रारम्भ में तथा प्रत्येक वर्ष के अंतिम सत्र के प्रारम्भ में करता है।
Anonymous Quiz
11%
केवल A सही
17%
केवल B सही
67%
दोनों सही
6%
दोनों ही सही नहीं
👍1
निम्न में से कौन सा कथन महाधिवक्ता के सम्बन्ध में सही नहीं हैं -
Anonymous Quiz
7%
अनुच्छेद 177 में सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार का उल्लेख हैं।
7%
महाधिवक्ता विधानमण्डल की बैठकों में भाग ले सकता है, बोल सकता है, चर्चा कर सकता है।
80%
महाधिवक्ता विधानमण्डल की बैठकों में मतदान कर सकता है, क्योंकि वह विधानमण्डल का सदस्य होता।
7%
महाधिवक्ता को विधानमण्डल के किसी भी समिति का सदस्य बनाया जा सकता है।
👍1
विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के सम्बन्ध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं हैं -
Anonymous Quiz
21%
विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद का उल्लेख अनुच्छेद 178 मिलता है।
14%
विधानसभा सदस्यों में से (सत्ता पक्ष के) एक सदस्य को अध्यक्ष व एक को उपाध्यक्ष चुना जाता है।
50%
विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन उस तिथि को होगा जो सचिव निश्चित करे।
14%
विधानसभा उपाध्यक्ष का निर्वाचन उस तिथि को होगा जो अध्यक्ष निश्चित करे।
निम्न में से कौन सा कार्य विधानसभा अध्यक्ष नहीं करता हैं-
Anonymous Quiz
13%
कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष करता है।
6%
दल-बदल के आधार पर किसी विधानसभा सदस्य को अयोग्य विधानसभा अध्यक्ष घोषित करता है।
31%
कोरम (गणपूर्ति) पूरा नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा की बैठक को स्थगित, निलंबित कर सकता है।
50%
विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा के सत्र को आहूत करने और सत्रावसान का कार्य करता हैं।
👍1
A.अनुच्छेद 181 - जब अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना।
B.अनुच्छेद 182 - इसमें विधानपरिषद् के सभापति व उपसभापति के पद का उल्लेख मिलता है।
B.अनुच्छेद 182 - इसमें विधानपरिषद् के सभापति व उपसभापति के पद का उल्लेख मिलता है।
Anonymous Quiz
13%
केवल A सही
13%
केवल B सही
75%
दोनों सही
0%
इनमें से कोई नहीं
👍1
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में प्रावधान है कि विधानासभा को किसी बैठक में, जब अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को उसके पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन है तब अध्यक्ष/उपाध्यक्ष उपस्थित रहने पर भी पीठासीन नहीं होगा-
Anonymous Quiz
25%
अनुच्छेद 181 (1)
44%
अनुच्छेद 181 (2)
25%
अनुच्छेद 180 (1)
6%
अनुच्छेद 182 (1)
👍1
A.विधानसभा अध्यक्ष अपना त्यागपत्र, उपाध्यक्ष को देता है।
B.विधानसभा के सदस्यों द्वारा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करके अध्यक्ष को पद से हटाया जा सकता है लेकिन यह संकल्प सदन में प्रस्तावित करने से 14दिन पूर्व अध्यक्ष को सूचित करना जरूरी है।
B.विधानसभा के सदस्यों द्वारा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करके अध्यक्ष को पद से हटाया जा सकता है लेकिन यह संकल्प सदन में प्रस्तावित करने से 14दिन पूर्व अध्यक्ष को सूचित करना जरूरी है।
Anonymous Quiz
35%
केवल A सही
18%
केवल B सही
47%
दोनों सही
0%
दोनों सही नहीं
👍1👌1
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद यह प्रावधान करता हैं कि राज्यपाल राज्य के विधान मण्डल में लंबित किसों विधेयक के संबंध में दोनों सदनों या एक सदन को संदेश भेज सकता है कि अपेक्षित विषय पर सुविधानुसार शीघ्रता से विचार करे?
Anonymous Quiz
12%
अनुच्छेद 174 (2)
47%
अनुच्छेद 175 (2)
35%
अनुच्छेद 175 (1)
6%
अनुच्छेद 176 (2)
👍1
अनुच्छेद 175 में सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का .... हैं-
Anonymous Quiz
24%
कर्तव्य
47%
अधिकार
6%
जिम्मेदारी
24%
उपरोक्त सभी
Secure PCS
अनुच्छेद 175 में सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का .... हैं-
अनुच्छेद 175 सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार
राज्यपाल के अभिभाषण एवं संदेश भेजने का अधिकार।
अनुच्छेद 175 (1): राज्यपाल विधानमण्डल के किस एक सदन में या एक साथ सम्वेत दोनों सदनों में अभिभाषण कर सकेगा और इस प्रयोजन के लिए सदस्यों की उपस्थिति की अपेक्षा कर सकेगा।
अनुच्छेद 175 (2) : राज्यपाल राज्य के विधान मण्डल में लंबित किसों विधेयक के संबंध में दोनों सदनों या एक सदन को संदेश भेज सकता है कि अपेक्षित विषय पर सुविधानुसार शीघ्रता से विचार करे।
अनुच्छेद 176 राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
अनुच्छेद 176 (1): राज्यपाल, विधानमण्डल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से समवेत काके अभिभाषित (संबोधित) कर सकता है और विधानमण्डल को उसके आह्वान का कारण बताएगा।
राज्यपाल विशेष अभिभाषण, आम (साधारण) निर्वाचन के बाद प्रथम सत्र के प्रारम्भ में तथा प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र (बजट सत्र) के प्रारम्भ में करता है।
अनुच्छेद 176 (2): सदन या प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों पर चर्चा के लिए समय नियत करने के लिए उपबंध किया जाएगा।
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राज्यपाल के अभिभाषण एवं संदेश भेजने का अधिकार।
अनुच्छेद 175 (1): राज्यपाल विधानमण्डल के किस एक सदन में या एक साथ सम्वेत दोनों सदनों में अभिभाषण कर सकेगा और इस प्रयोजन के लिए सदस्यों की उपस्थिति की अपेक्षा कर सकेगा।
अनुच्छेद 175 (2) : राज्यपाल राज्य के विधान मण्डल में लंबित किसों विधेयक के संबंध में दोनों सदनों या एक सदन को संदेश भेज सकता है कि अपेक्षित विषय पर सुविधानुसार शीघ्रता से विचार करे।
अनुच्छेद 176 राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
अनुच्छेद 176 (1): राज्यपाल, विधानमण्डल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से समवेत काके अभिभाषित (संबोधित) कर सकता है और विधानमण्डल को उसके आह्वान का कारण बताएगा।
राज्यपाल विशेष अभिभाषण, आम (साधारण) निर्वाचन के बाद प्रथम सत्र के प्रारम्भ में तथा प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र (बजट सत्र) के प्रारम्भ में करता है।
अनुच्छेद 176 (2): सदन या प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों पर चर्चा के लिए समय नियत करने के लिए उपबंध किया जाएगा।
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