👍2
भारतीय चुनाव आयोग(ECI):–
★इसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को गई है।
★यह एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी चर्चा अनुच्छेद–324 में की गई है।
★प्रारंभ में यह एक सदस्यीय निकाय था, परन्तु 16 अक्टूबर 1989 से इसे तीन सदस्यीय निकाय बना दिया गया है।
★इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त व अन्य आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
★मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के अधिकार, वेतन, भत्ते आदि समान हैं और उन्हें वही वेतन मिलता है, जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को प्राप्त होता है।
★निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक(जो भी पहले हो) होता है।
★मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसी प्रक्रिया द्वारा हटाया जाता है जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर लागू होती है।
★जबकि अन्य आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परामर्श पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाता है।
#Current_affairs #Prelims2025 #ECI
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★इसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को गई है।
★यह एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी चर्चा अनुच्छेद–324 में की गई है।
★प्रारंभ में यह एक सदस्यीय निकाय था, परन्तु 16 अक्टूबर 1989 से इसे तीन सदस्यीय निकाय बना दिया गया है।
★इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त व अन्य आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
★मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के अधिकार, वेतन, भत्ते आदि समान हैं और उन्हें वही वेतन मिलता है, जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को प्राप्त होता है।
★निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक(जो भी पहले हो) होता है।
★मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसी प्रक्रिया द्वारा हटाया जाता है जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर लागू होती है।
★जबकि अन्य आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परामर्श पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाता है।
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प्रश्न-1.किस वर्ष स्वामी विवेकानंद ने 'विश्व धर्म संसद में भाग लिया ?
प्रश्न-2.विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित 'पार्लियामेंट ऑफ वर्ड्स रिलीजन्स' में भाग लिया था- 【Join 📌 @UppscZone】
प्रश्न-2.विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित 'पार्लियामेंट ऑफ वर्ड्स रिलीजन्स' में भाग लिया था- 【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
73%
1893 में
13%
1901 में
13%
1890 में
0%
1872 में
👍5
नव नियुक्त हो रहे भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं हैं -
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Anonymous Quiz
29%
अनुच्छेद 370 को खत्म करने, जम्मू कश्मीर के विभाजन और तीन तलाक विरोधी विधेयक बनाने में भूमिका रही थी।
6%
ज्ञानेश कुमार भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे
12%
वर्तमान सीईओ राजीव कुमार मंगलवार को रिटायर हो रहे हैं, ज्ञानेश कुमार इनका स्थान लेंगे
53%
ज्ञानेश कुमार अभी हरियाणा के मुख्य सचिव है।
👍2
सर्वोच्च न्यायालय ने किस वाद में कहा कि प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक समिति, भारत के चुनाव आयोग में नियुक्तियों के संबंध में राष्ट्रपति को सलाह देगी, जब तक कि संसद इस विषय पर कानून नहीं बना लेती?
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Anonymous Quiz
36%
अनूप बरवाल बनाम भारत संघ
27%
मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य
18%
ओमप्रकाश बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
18%
आई.आर. सेलो बनाम तमिलनाडु राज्य
👍2
Secure PCS
सर्वोच्च न्यायालय ने किस वाद में कहा कि प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक समिति, भारत के चुनाव आयोग में नियुक्तियों के संबंध में राष्ट्रपति को सलाह देगी, जब तक कि संसद इस विषय पर कानून नहीं बना लेती?
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जनवरी 2015 में, अनूप बरनवाल ने इस आधार पर एक जनहित याचिका दायर की कि भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के सदस्यों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली असंवैधानिक है।
वर्तमान में, नियुक्तियाँ करने की शक्ति कार्यपालिका के पास है, जिसके बारे में जनहित याचिका का कहना है कि इसने समय के साथ ईसीआई की स्वतंत्रता को कम किया है।
जनहित याचिका में न्यायालय से ईसीआई नियुक्तियों के लिए एक स्वतंत्र, कॉलेजियम जैसी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
इसमें दावा किया गया है कि नियुक्तियों की वर्तमान प्रणाली संविधान के अनुच्छेद 324(2) का उल्लंघन करती है।
अनुच्छेद 324 में यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी, लेकिन यह संसदीय कानून के अधीन है (यदि ऐसा कानून मौजूद है)। जबकि यह प्रावधान संसद से एक प्रासंगिक कानून का मसौदा तैयार करने की अपेक्षा करता है, लेकिन अब तक उसने ऐसा नहीं किया है। ऐसे कानून के अभाव में, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सिफारिशों के अनुसार नियुक्तियां करते रहे हैं।
संघ ने नियुक्तियों की मौजूदा प्रणाली का बचाव करते हुए सभी पूर्व मुख्य आयुक्तों के 'ईमानदार रिकॉर्ड' का हवाला दिया है। इसने न्यायालय से हस्तक्षेप न करने का आग्रह किया है , क्योंकि यह मामला कार्यकारी क्षेत्राधिकार में आता है।
23 अक्टूबर 2018 को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और एसके कौल की पीठ ने मामले को पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ को सौंप दिया।
6 जनवरी 2020 को न्यायालय ने अश्विनी कुमार उपाध्याय की इसी तरह की याचिका को मामले से जोड़ दिया ।
नवंबर 2022 में चार दिनों तक चली गहन बहस के बाद संविधान पीठ ने चुनाव आयोग की नियुक्तियों की प्रक्रिया में बदलाव करने का फैसला किया ताकि उनकी स्वतंत्रता को सुरक्षित रखा जा सके।
पीठ ने प्रधानमंत्री, संसद में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की सदस्यता वाली एक समिति बनाई।
यह समिति तब तक चुनाव आयोग की नियुक्तियों पर सिफारिशें करेगी और राष्ट्रपति को सलाह देगी जब तक कि संसद इस विषय पर अलग से कानून नहीं बना लेती।
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वर्तमान में, नियुक्तियाँ करने की शक्ति कार्यपालिका के पास है, जिसके बारे में जनहित याचिका का कहना है कि इसने समय के साथ ईसीआई की स्वतंत्रता को कम किया है।
जनहित याचिका में न्यायालय से ईसीआई नियुक्तियों के लिए एक स्वतंत्र, कॉलेजियम जैसी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
इसमें दावा किया गया है कि नियुक्तियों की वर्तमान प्रणाली संविधान के अनुच्छेद 324(2) का उल्लंघन करती है।
अनुच्छेद 324 में यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी, लेकिन यह संसदीय कानून के अधीन है (यदि ऐसा कानून मौजूद है)। जबकि यह प्रावधान संसद से एक प्रासंगिक कानून का मसौदा तैयार करने की अपेक्षा करता है, लेकिन अब तक उसने ऐसा नहीं किया है। ऐसे कानून के अभाव में, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सिफारिशों के अनुसार नियुक्तियां करते रहे हैं।
संघ ने नियुक्तियों की मौजूदा प्रणाली का बचाव करते हुए सभी पूर्व मुख्य आयुक्तों के 'ईमानदार रिकॉर्ड' का हवाला दिया है। इसने न्यायालय से हस्तक्षेप न करने का आग्रह किया है , क्योंकि यह मामला कार्यकारी क्षेत्राधिकार में आता है।
23 अक्टूबर 2018 को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और एसके कौल की पीठ ने मामले को पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ को सौंप दिया।
6 जनवरी 2020 को न्यायालय ने अश्विनी कुमार उपाध्याय की इसी तरह की याचिका को मामले से जोड़ दिया ।
नवंबर 2022 में चार दिनों तक चली गहन बहस के बाद संविधान पीठ ने चुनाव आयोग की नियुक्तियों की प्रक्रिया में बदलाव करने का फैसला किया ताकि उनकी स्वतंत्रता को सुरक्षित रखा जा सके।
पीठ ने प्रधानमंत्री, संसद में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की सदस्यता वाली एक समिति बनाई।
यह समिति तब तक चुनाव आयोग की नियुक्तियों पर सिफारिशें करेगी और राष्ट्रपति को सलाह देगी जब तक कि संसद इस विषय पर अलग से कानून नहीं बना लेती।
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👍5
कथन A चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत का मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है।
कथन B प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली समिति की बैठक में यह फ़ैसला किया गया। 【Join 📌 @UppscZone】
कथन B प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली समिति की बैठक में यह फ़ैसला किया गया। 【Join 📌 @UppscZone】
Anonymous Quiz
6%
केवल A सही
6%
केवल B सही
88%
दोनों सही
0%
दोनों गलत।
👍2
नव नियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सम्बन्ध में इनमें से कौन सा कथन सही नहीं हैं -
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Anonymous Quiz
44%
ज्ञानेश कुमार 1989 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
11%
उन्होंने 5साल गृह मंत्रालय में काम किया था, जहां वह मई 2016 से लेकर सितंबर 2018 तक संयुक्त सचिव रहे
11%
सितंबर 2018 से लेकर अप्रैल 2021 तक अतिरिक्त सचिव के पद पर थे।
33%
चुनाव आयुक्त का पद संभालने के लगभग 1साल बाद वो मुख्य चुनाव आयुक्त की ज़िम्मेदारी संभालने जा रहे हैं1
👍2
मोदी सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए 2023 में जो नया क़ानून 'द चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर एक्ट' लेकर आई है, इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर तीन ऑर्डर पास किए हैं और अगली सुनवाई 19 फ़रवरी को होनी है।
विपक्ष का विरोध और तर्क -
जब नए क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है तो सरकार ने जल्दबाज़ी में नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। जल्दबाज़ी में पैनल की बैठक कर नियुक्ति की घोषणा करना बताता है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर सरकार गतिरोध पैदा करना चाहती है"
प्रतिपक्ष ने कहा था कि इस निर्णय को तब तक टाला जाना चाहिए था जब तक कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुरूप इस मुद्दे पर निर्णय नहीं ले लेता।
#Current_affairs #Prelims2025 #ECI
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अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर तीन ऑर्डर पास किए हैं और अगली सुनवाई 19 फ़रवरी को होनी है।
विपक्ष का विरोध और तर्क -
जब नए क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है तो सरकार ने जल्दबाज़ी में नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। जल्दबाज़ी में पैनल की बैठक कर नियुक्ति की घोषणा करना बताता है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर सरकार गतिरोध पैदा करना चाहती है"
प्रतिपक्ष ने कहा था कि इस निर्णय को तब तक टाला जाना चाहिए था जब तक कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुरूप इस मुद्दे पर निर्णय नहीं ले लेता।
#Current_affairs #Prelims2025 #ECI
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👍1
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को चयन करने वाले पैनल में इनमें से कौन शामिल नहीं थे?
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Anonymous Quiz
13%
नरेंद्र मोदी
13%
अमित शाह
13%
राहुल गांधी
60%
अर्जुनराम मेघवाल
👍2
Secure PCS
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को चयन करने वाले पैनल में इनमें से कौन शामिल नहीं थे?
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नए कानून के तहत चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया में दो समितियां शामिल होती हैं।
1.खोज समिति-
इसमें कानून मंत्री के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय खोज समिति।
यह मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए पांच नाम तय करती है, जिसे प्रधानमंत्री के पास भेजा जाता है।
2.चयन समिति-
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति।
इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा अनुमोदित एक केंद्रीय मंत्री शामिल होता है।
ये मिलकर इन पांच नामों में से एक नाम तय करते हैं।
हालांकि, इस चयन समिति को सूची से बाहर से भी चुनाव आयुक्तों का चयन करने का अधिकार है।
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1.खोज समिति-
इसमें कानून मंत्री के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय खोज समिति।
यह मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए पांच नाम तय करती है, जिसे प्रधानमंत्री के पास भेजा जाता है।
2.चयन समिति-
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति।
इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा अनुमोदित एक केंद्रीय मंत्री शामिल होता है।
ये मिलकर इन पांच नामों में से एक नाम तय करते हैं।
हालांकि, इस चयन समिति को सूची से बाहर से भी चुनाव आयुक्तों का चयन करने का अधिकार है।
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👍2
Secure PCS
ECI की संरचना:
मूलतः आयोग में केवल एक निर्वाचन आयुक्त होता था, लेकिन निर्वाचन आयुक्त संशोधन अधिनियम, 1989 के बाद इसे बहुसदस्यीय निकाय बना दिया गया।
निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की संख्या (यदि कोई हो) शामिल होगी, जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करें।
वर्तमान में यह 3 सदस्य निकाय हैं, इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त (EC) शामिल हैं।
राज्य स्तर पर निर्वाचन आयोग को मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
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मूलतः आयोग में केवल एक निर्वाचन आयुक्त होता था, लेकिन निर्वाचन आयुक्त संशोधन अधिनियम, 1989 के बाद इसे बहुसदस्यीय निकाय बना दिया गया।
निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की संख्या (यदि कोई हो) शामिल होगी, जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करें।
वर्तमान में यह 3 सदस्य निकाय हैं, इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त (EC) शामिल हैं।
राज्य स्तर पर निर्वाचन आयोग को मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
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👍2
1.राष्ट्रपति CEC और अन्य EC (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 के अनुसार CEC और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं।
2. उनका कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।
2. उनका कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।
Anonymous Quiz
14%
केवल कथन 1 सही।
0%
केवल कथन 2 सही।
86%
दोनों सही है।
0%
दोनों गलत है।
Secure PCS
1.राष्ट्रपति CEC और अन्य EC (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 के अनुसार CEC और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं।
2. उनका कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।
2. उनका कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।
आयुक्तों की नियुक्ति एवं कार्यकाल:
राष्ट्रपति CEC और अन्य EC (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 के अनुसार CEC और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं।
उनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों का वेतन एवं सेवा शर्तें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समतुल्य होंगी।
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राष्ट्रपति CEC और अन्य EC (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 के अनुसार CEC और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं।
उनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों का वेतन एवं सेवा शर्तें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समतुल्य होंगी।
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👍1
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त को अपने पद से हटाने के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सही हैं?
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Anonymous Quiz
9%
वे किसी भी समय त्यागपत्र दे सकते हैं या कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी हटाए जा सकते हैं।
27%
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संसद द्वारा SC के जज को हटाने की प्रक्रिया के समान ही पदच्युत किया जाता है।
0%
निर्वाचन आयुक्तों को केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है।
64%
उपरोक्त सभी
👍3
निम्न में से कौन सा कथन निर्वाचन आयोग के सदस्यों के सम्बन्ध में सही नहीं हैं -
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Anonymous Quiz
0%
संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों की योग्यताएँ(विधिक,शैक्षिक,प्रशासनिक) निर्धारित नहीं की गई हैं
11%
संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों का कार्यकाल निर्दिष्ट नहीं किया गया है।
11%
संविधान ने सेवानिवृत्त निर्वाचन आयुक्तों को सरकार द्वारा किसी भी अन्य नियुक्ति से वंचित किया है।
78%
संविधान ने सेवानिवृत्त निर्वाचन आयुक्तों को सरकार द्वारा किसी भी अन्य नियुक्ति से वंचित नहीं किया है
👍2
भारत निर्वाचन आयोग के दिए गए संवैधानिक प्रावधानो में से कौन सा सही सुमेलित नहीं हैं -
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Anonymous Quiz
0%
अनुच्छेद 326: - लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिये चुनाव वयस्क मताधिकार पर आधारित होंगे।
20%
अनुच्छेद 324: - चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित होगा।
60%
अनुच्छेद 328: - चुनावों के मामलों में न्यायालयों द्वारा हस्तक्षेप पर प्रतिबंध।
20%
अनुच्छेद 327: - विधानमंडलों के चुनावों के संबंध में प्रावधान करने की संसद की शक्ति।
👍3