प्रमुख झील और उनका विस्तारित क्षेत्र:-
कैस्पियन सागर -कजाखस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान तथा ईरान
सुपीरियर झील-कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका
विक्टोरिया झील-युगाण्डा, तंजानिया तथा केन्या
टेंगानिका झील-कांगो, तंजानिया, जाम्बिया तथा बुरुंडी
#Impfacts #RO2023 #UPPCSpre2025
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कैस्पियन सागर -कजाखस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान तथा ईरान
सुपीरियर झील-कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका
विक्टोरिया झील-युगाण्डा, तंजानिया तथा केन्या
टेंगानिका झील-कांगो, तंजानिया, जाम्बिया तथा बुरुंडी
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अवध के नवाबों का कालानुक्रम
सफदरजंग ( 1739-54)
शुजा-उद-दौला (1754-75)
आसफुद्दौला (1775-1797)
वज़ीर अली (1797-1798)
सआदत अली खान (1798-1814)
ग्गज़िउद्दीन हैदरअली (1814-1827)
नासिरुद्दीन मुहम्मद अली (1827-1842)
मुहम्मद अजमद अली (1842-1847)
वाजिद अली शाह (1847-56)
क्या आप जानते हैं?स्वतंत्र अवध का संस्थापक सआदत अली खान प्रथम था l
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सफदरजंग ( 1739-54)
शुजा-उद-दौला (1754-75)
आसफुद्दौला (1775-1797)
वज़ीर अली (1797-1798)
सआदत अली खान (1798-1814)
ग्गज़िउद्दीन हैदरअली (1814-1827)
नासिरुद्दीन मुहम्मद अली (1827-1842)
मुहम्मद अजमद अली (1842-1847)
वाजिद अली शाह (1847-56)
क्या आप जानते हैं?स्वतंत्र अवध का संस्थापक सआदत अली खान प्रथम था l
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क्योटो प्रोटोकॉल
संयुक्त राष्ट्र की पहल पर ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए 1992 में यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) अस्तित्व में आया।
UNFCCC के प्रयास से जापान के क्योटो शहर में 11 दिसंबर, 1997 को क्योटो प्रोटोकॉल को स्वीकार किया गया और यह 16 फरवरी, 2005 को प्रभावी हुआ।
ध्यान दे - यह एक कानूनी बाध्यकारी समझौता है। इसके अंतर्गत विकसित देशों के लिए उत्सर्जन में कटौती की सीमा तय की गई। क्योटो प्रोटोकॉल का अंतिम उद्देश्य ऐसी हर मानवीय गतिविधियों पर रोक लगाना है जिससे पर्यावरण के लिए खतरा पैदा होता है।
#Roaro #pre
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संयुक्त राष्ट्र की पहल पर ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए 1992 में यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) अस्तित्व में आया।
UNFCCC के प्रयास से जापान के क्योटो शहर में 11 दिसंबर, 1997 को क्योटो प्रोटोकॉल को स्वीकार किया गया और यह 16 फरवरी, 2005 को प्रभावी हुआ।
ध्यान दे - यह एक कानूनी बाध्यकारी समझौता है। इसके अंतर्गत विकसित देशों के लिए उत्सर्जन में कटौती की सीमा तय की गई। क्योटो प्रोटोकॉल का अंतिम उद्देश्य ऐसी हर मानवीय गतिविधियों पर रोक लगाना है जिससे पर्यावरण के लिए खतरा पैदा होता है।
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चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) का प्रकोप
चीन वर्तमान में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि का सामना कर रहा है, जिससे संभावित स्वास्थ्य संकट की चिंताएँ बढ़ गई हैं, रिपोर्टों के अनुसार, अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है, और HMPV, इन्फ्लूएंजा ए, माइकोप्लाज़्मा न्यूमोनिया और COVID-19 जैसे कई वायरस इस स्थिति में योगदान दे रहे हैं। हालांकि, कुछ आपातकालीन स्थिति के दावों के बावजूद, चीनी अधिकारियों से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
#CURRENT_AFFAIRS
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चीन वर्तमान में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि का सामना कर रहा है, जिससे संभावित स्वास्थ्य संकट की चिंताएँ बढ़ गई हैं, रिपोर्टों के अनुसार, अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है, और HMPV, इन्फ्लूएंजा ए, माइकोप्लाज़्मा न्यूमोनिया और COVID-19 जैसे कई वायरस इस स्थिति में योगदान दे रहे हैं। हालांकि, कुछ आपातकालीन स्थिति के दावों के बावजूद, चीनी अधिकारियों से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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चीन ने दुनिया की सबसे तेज़ हाई-स्पीड ट्रेन का प्रोटोटाइप पेश किया
चीन ने CR450, दुनिया की सबसे तेज़ हाई-स्पीड ट्रेन प्रोटोटाइप, का परिचय दिया है, जिसमें परीक्षण गति 450 किमी/घंटा तक पहुंच गई है। यह वर्तमान CR400 फुक्सिंग ट्रेनों (350 किमी/घंटा) को पार करते हुए रेल प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गति के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा और यात्रियों की आरामदायकता में भी सुधार करता है।
#CURRENT_AFFAIRS
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चीन ने CR450, दुनिया की सबसे तेज़ हाई-स्पीड ट्रेन प्रोटोटाइप, का परिचय दिया है, जिसमें परीक्षण गति 450 किमी/घंटा तक पहुंच गई है। यह वर्तमान CR400 फुक्सिंग ट्रेनों (350 किमी/घंटा) को पार करते हुए रेल प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गति के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा और यात्रियों की आरामदायकता में भी सुधार करता है।
#CURRENT_AFFAIRS
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स्विट्जरलैंड में हिजाब बैन
स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2025 से विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी, आर्थिक, और सामाजिक ढांचों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर रहा है। इनमें चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध, उत्तराधिकार कानून में सुधार, पेंशन में वृद्धि, और बैंक की सॉल्वेंसी और लिक्विडिटी को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं। ये बदलाव यूरोपीय मानदंडों के साथ बढ़ती सामंजस्यता और पिछले वित्तीय संकटों के प्रति प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं।
अतिरिक्त जानकारी:
स्विट्ज़रलैंड की राजधानी बर्न है. बर्न को "संघीय शहर" कहा जाता है
स्विट्ज़रलैंड का सबसे बड़ा शहर ज़्यूरिख़ है.
स्विट्ज़रलैंड की राजभाषाएं जर्मन, फ़्रेंच, इटैलवी, और रूमान्त्च हैं.
स्विट्ज़रलैंड में रहने वाले लोगों को स्विस कहा जाता है.
स्विट्ज़रलैंड की मुद्रा स्विस फ़्रैंक है.
स्विट्ज़रलैंड अपने स्की रिसॉर्ट और लंबी पैदल यात्रा ट्रेल्स के लिए भी जाना जाता है.
स्विस घड़ियां और चॉकलेट विश्व प्रसिद्ध हैं
#CURRENT_AFFAIRS
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स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2025 से विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी, आर्थिक, और सामाजिक ढांचों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर रहा है। इनमें चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध, उत्तराधिकार कानून में सुधार, पेंशन में वृद्धि, और बैंक की सॉल्वेंसी और लिक्विडिटी को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं। ये बदलाव यूरोपीय मानदंडों के साथ बढ़ती सामंजस्यता और पिछले वित्तीय संकटों के प्रति प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं।
अतिरिक्त जानकारी:
स्विट्ज़रलैंड की राजधानी बर्न है. बर्न को "संघीय शहर" कहा जाता है
स्विट्ज़रलैंड का सबसे बड़ा शहर ज़्यूरिख़ है.
स्विट्ज़रलैंड की राजभाषाएं जर्मन, फ़्रेंच, इटैलवी, और रूमान्त्च हैं.
स्विट्ज़रलैंड में रहने वाले लोगों को स्विस कहा जाता है.
स्विट्ज़रलैंड की मुद्रा स्विस फ़्रैंक है.
स्विट्ज़रलैंड अपने स्की रिसॉर्ट और लंबी पैदल यात्रा ट्रेल्स के लिए भी जाना जाता है.
स्विस घड़ियां और चॉकलेट विश्व प्रसिद्ध हैं
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भारत के महान्यायवादी का क्रम
1 - एम० सी० सीतलवाड़
2 - सी० के० दफ्तरी
3 - नीरेन डे
14 - मुकुल रोहतगी
15 - के.के. वेणुगोपाल
16 - आर. वेंकटरमणि
#Roaro #polity
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1 - एम० सी० सीतलवाड़
2 - सी० के० दफ्तरी
3 - नीरेन डे
14 - मुकुल रोहतगी
15 - के.के. वेणुगोपाल
16 - आर. वेंकटरमणि
#Roaro #polity
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का क्रम
1 - वी. नरहरि राव
2 - ए. के. चन्द्रा
3 - ए. के राय
10 - वी. एन. कौल
11 - विनोद राय
12 - शशिकान्त शर्मा
13 - राजीव महर्षि
14 - गिरीश चंद्र मुर्मू
#Roaro #pre #polity
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2 - ए. के. चन्द्रा
3 - ए. के राय
10 - वी. एन. कौल
11 - विनोद राय
12 - शशिकान्त शर्मा
13 - राजीव महर्षि
14 - गिरीश चंद्र मुर्मू
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भुवनेश कुमार UIDAI के सीईओ नियुक्त
आईएएस अधिकारी भुवनेश कुमार, जो उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के अधिकारी हैं, ने 1 जनवरी 2025 को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सीईओ का पदभार संभाला।
भुवनेश कुमार, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्यरत हैं, अमित अग्रवाल (1993 बैच, आईएएस) का स्थान ले रहे हैं।
#CURRENT_AFFAIRS
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आईएएस अधिकारी भुवनेश कुमार, जो उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के अधिकारी हैं, ने 1 जनवरी 2025 को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सीईओ का पदभार संभाला।
भुवनेश कुमार, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्यरत हैं, अमित अग्रवाल (1993 बैच, आईएएस) का स्थान ले रहे हैं।
#CURRENT_AFFAIRS
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मनीष सिंघल को ASSOCHAM का नया महासचिव नियुक्त किया गया, उन्होंने दीपक सूद का स्थान लिया
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (ASSOCHAM), जो भारत के सबसे पुराने शीर्ष व्यावसायिक मंडलों में से एक है इसकी स्थापना 1920 में
#CURRENT_AFFAIRS #APPOINTMENT
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भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (ASSOCHAM), जो भारत के सबसे पुराने शीर्ष व्यावसायिक मंडलों में से एक है इसकी स्थापना 1920 में
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अभिलेख न्यायालय (Court of Record)
अनु . 129 उच्चतम न्यायालय को अभिलेख न्यायालय घोषित करता है, तथा उसे ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्रदान करता है।
अभिलेख न्यायालय के अधोलिखित दो लक्षण हैं। यथा -
(i) ऐसे न्यायालय के निर्णय और कार्यवाहियाँ लिखित होती हैं तथा अभिलेख के रूप में रखी जाती है। ऐसे अभिलेख उसके अधीनस्थ न्यायालयों के समक्ष पूर्वनिर्णय के रूप में पेश किये जा सकते हैं। इस प्रकार इनके सभी निर्णयों का साक्ष्यात्मक मूल्य होता है और इस पर किसी न्यायालय द्वारा प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया जा सकता है।
(ii) ऐसे न्यायालय द्वारा अपने अवमान (Contempt) के लिए किसी व्यक्ति को दण्डित किया जा सकता है।
#ROAROPYQ
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अनु . 129 उच्चतम न्यायालय को अभिलेख न्यायालय घोषित करता है, तथा उसे ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्रदान करता है।
अभिलेख न्यायालय के अधोलिखित दो लक्षण हैं। यथा -
(i) ऐसे न्यायालय के निर्णय और कार्यवाहियाँ लिखित होती हैं तथा अभिलेख के रूप में रखी जाती है। ऐसे अभिलेख उसके अधीनस्थ न्यायालयों के समक्ष पूर्वनिर्णय के रूप में पेश किये जा सकते हैं। इस प्रकार इनके सभी निर्णयों का साक्ष्यात्मक मूल्य होता है और इस पर किसी न्यायालय द्वारा प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया जा सकता है।
(ii) ऐसे न्यायालय द्वारा अपने अवमान (Contempt) के लिए किसी व्यक्ति को दण्डित किया जा सकता है।
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पौधों का पोषण एवं मिट्टी की उर्वरता
पौधों के विकास के लिए 16 पोषक (प्रमुख एवं गौण) तत्वों की आवश्यकता होती है, जिन्हें आवश्यक तत्व कहा जाता है। इनमें से किसी भी तत्व की कमी से पौधों के विकास में बाधा हो सकती है।
ये तत्व हैं- कार्बन (C), हाइड्रोजन (H), ऑक्सीजन (O), नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), सल्फर (S), पोटैशियम (K), कैल्शियम (Ca), मैग्नीशियम (Mg), लोहा (Fe), मैंगनीज (Mn), जिंक (Zn), ताँबा (Cu), मॉलिब्डेनम (Mb), बोरॉन (B) और क्लोरीन (CI)।
पौधे कार्बन-डाई-ऑक्साइड (CO₂) से कार्बन एवं ऑक्सीजन जल से ऑक्सीजन व हाइड्रोजन एवं शेष तत्व मिट्टी से प्राप्त करते हैं। पौधों को जिन पोषक तत्वों की अधिक आवश्यकता पड़ती है, उसे वृहत् पोषक तत्व कहते हैं।
• लोहा, मैंगनीज, जिंक, तांबा, मोलिब्डेनम, बोरॉन और क्लोरीन लघु पोषक तत्व हैं। शेष वृहत् पोषक तत्व के अंतर्गत आते हैं।
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👍3
लौह अयस्क
लौह-अयस्क चार प्रकार का होता है।
(1) मैग्नेटाइट (Fe, O₁)-
यह काले रंग का सर्वोत्तम किस्म का चुम्बकीय लौह अयस्क है जिसमें धातु का अंश 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इस धातु में वैनेडियम, टाइटेनियम तथा क्रोमियम के भी अंश पाये जाते हैं। इस अयस्क का 92% भाग दक्षिणी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ।
(2) हेमेटाइट (Fe₂O₃)-
इसमें धातु का प्रतिशत 60 से 70 तक होता है। यह ऑक्सीजन और लोहे का सम्मिश्रण होता है। लोहे का यह दूसरा सर्वोत्तम किस्म है। इस अयस्क का 59% पूर्वी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे-झारखण्ड ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि। भारत का अधिकांश लोहा इसी प्रकार का है।
(3) लियोनाइट (2Fe₂O, 3H₂O)-
यह जलयोजित लोहा ऑक्साइड कहलाता है, जिसमें 40 से 50 प्रतिशत लोहे का अनुपात होता है। यह अवसादी शैलों से प्राप्त किया जाता है।
(4) सिडेराइट (Fe,CO₂) -
इसको लोहा कार्बोनेट कहते हैं। इसमें लौह धातु का अंश 40 से 45 प्रतिशत होता है। यह भी अवसादी शैलों से ही प्राप्त होता है।
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लौह-अयस्क चार प्रकार का होता है।
(1) मैग्नेटाइट (Fe, O₁)-
यह काले रंग का सर्वोत्तम किस्म का चुम्बकीय लौह अयस्क है जिसमें धातु का अंश 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इस धातु में वैनेडियम, टाइटेनियम तथा क्रोमियम के भी अंश पाये जाते हैं। इस अयस्क का 92% भाग दक्षिणी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु ।
(2) हेमेटाइट (Fe₂O₃)-
इसमें धातु का प्रतिशत 60 से 70 तक होता है। यह ऑक्सीजन और लोहे का सम्मिश्रण होता है। लोहे का यह दूसरा सर्वोत्तम किस्म है। इस अयस्क का 59% पूर्वी क्षेत्र में पाया जाता है। जैसे-झारखण्ड ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि। भारत का अधिकांश लोहा इसी प्रकार का है।
(3) लियोनाइट (2Fe₂O, 3H₂O)-
यह जलयोजित लोहा ऑक्साइड कहलाता है, जिसमें 40 से 50 प्रतिशत लोहे का अनुपात होता है। यह अवसादी शैलों से प्राप्त किया जाता है।
(4) सिडेराइट (Fe,CO₂) -
इसको लोहा कार्बोनेट कहते हैं। इसमें लौह धातु का अंश 40 से 45 प्रतिशत होता है। यह भी अवसादी शैलों से ही प्राप्त होता है।
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👍2
निम्नलिखित में से कोन सा विदेशी यात्री औरंगज़ेब का कट्टर आलोचक था।
Anonymous Quiz
0%
मुण्डी
27%
मनूची
45%
बर्नियर
27%
ट्रेवेनियर
👍1
हाल ही में ISRO ने कहाँ से PSLV C-60 SpaDeX मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है?
Anonymous Quiz
68%
श्रीहरिकोटा
16%
बेंगलुरु
11%
जैसलमेर
5%
त्रिपुरा
👍2
आधुनिक भारत में घटनाओं का प्रमुख क्रम
क्रिप्स मिशन - मार्च 1942
भारत छोड़ो आंदोलन - 8 अगस्त 1942
आजाद हिंद फौज - सितंबर 1942
पाकिस्तान दिवस - 23 मार्च 1943
सी. राजगोपालाचारी फार्मूला - मार्च 1944
वेवेल योजना - 14 जून 1945
शिमला सम्मेलन - 25 जून से 14 जुलाई 1945
आजाद हिंद फौज मुकदमा - नवंबर 1945
नौसेना विद्रोह - 18 से 23 फरवरी 1946
एटली का घोषणा - 15 मार्च 1946
कैबिनेट मिशन का आगमन - 24 मार्च 1946
प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस - 16 अगस्त 1946
अंतरिम सरकार का गठन - 2 सितंबर 1946
माउंटबेटन योजना - 3 जून 1947
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क्रिप्स मिशन - मार्च 1942
भारत छोड़ो आंदोलन - 8 अगस्त 1942
आजाद हिंद फौज - सितंबर 1942
पाकिस्तान दिवस - 23 मार्च 1943
सी. राजगोपालाचारी फार्मूला - मार्च 1944
वेवेल योजना - 14 जून 1945
शिमला सम्मेलन - 25 जून से 14 जुलाई 1945
आजाद हिंद फौज मुकदमा - नवंबर 1945
नौसेना विद्रोह - 18 से 23 फरवरी 1946
एटली का घोषणा - 15 मार्च 1946
कैबिनेट मिशन का आगमन - 24 मार्च 1946
प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस - 16 अगस्त 1946
अंतरिम सरकार का गठन - 2 सितंबर 1946
माउंटबेटन योजना - 3 जून 1947
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