उपराष्ट्रपति की पदावधि:
COI के अनुच्छेद 67 के अनुसार, उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा।
वह अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद भी अपने पद पर तब तक बना रहेगा जब तक कि उसका उत्तराधिकारी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर लेता।
उपराष्ट्रपति का त्यागपत्र
COI के अनुच्छेद 67 के अनुसार, उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा।
उपराष्ट्रपति को हटाना:
उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा, जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोक सभा सहमत है, किंतु इस खंड के प्रयोजन के लिये कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम-से-कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हों।
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1 जनवरी 2025 से किस देश में बुर्के पर प्रतिबंध लागू होगा?
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23%
फ्रांस
40%
स्विटजरलैंड
33%
ताजिकिस्तान
4%
श्रीलंका
जंतुओं में हॉर्मोन
1. हॉर्मोन - थायरॉक्सिन
ग्रंथि - अवटुग्रंथि
स्थान - गर्दन में
कार्य - कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व वसा का उपापचय
2. हॉर्मोन - वृद्धि हॉर्मोन
ग्रंथि - पीयूष ग्रंथि (मास्टर ग्रंथि)
स्थान - मस्तिष्क में।
कार्य - वृद्धि व विकास का नियंत्रण
3. हॉर्मोन - एड्रीनलीन
ग्रंथि - अधिवृक्क स्थान - वृक्क (Kidney) के ऊपर।
कार्य - B.P., हृदय की धड़कन आदि का नियंत्रण आपातकाल में।
4. हार्मोन - इंसुलिन
ग्रंथि - अग्न्याशय
स्थान - उदर के नीचे
कार्य - रक्त में शर्करा की मात्रा का नियंत्रण।
5. लिंग हॉर्मोनः हार्मोन - टेस्टोस्टेरोन (नर में)
ग्रंथि - वृषण
स्थान - पेट का निचला हिस्सा
कार्य - यौवनारंभ से संबंधित परिवर्तन (लैंगिक परिपक्वता)
हार्मोन - एस्ट्रोजन (मादा में)
ग्रंथि - अंडाशय स्थान - पेट का निचला हिस्सा
कार्य - यौवनारंभ से संबंधित परिवर्तन (लैंगिक परिपक्वता)
6. हार्मोन - मोचक हार्मोन
ग्रंथि - हाइपोथेलमस
स्थान - मस्तिष्क में
कार्य - पीयूष ग्रंथि से हार्मोन के स्त्राव को प्ररित करता है।
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1. हॉर्मोन - थायरॉक्सिन
ग्रंथि - अवटुग्रंथि
स्थान - गर्दन में
कार्य - कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व वसा का उपापचय
2. हॉर्मोन - वृद्धि हॉर्मोन
ग्रंथि - पीयूष ग्रंथि (मास्टर ग्रंथि)
स्थान - मस्तिष्क में।
कार्य - वृद्धि व विकास का नियंत्रण
3. हॉर्मोन - एड्रीनलीन
ग्रंथि - अधिवृक्क स्थान - वृक्क (Kidney) के ऊपर।
कार्य - B.P., हृदय की धड़कन आदि का नियंत्रण आपातकाल में।
4. हार्मोन - इंसुलिन
ग्रंथि - अग्न्याशय
स्थान - उदर के नीचे
कार्य - रक्त में शर्करा की मात्रा का नियंत्रण।
5. लिंग हॉर्मोनः हार्मोन - टेस्टोस्टेरोन (नर में)
ग्रंथि - वृषण
स्थान - पेट का निचला हिस्सा
कार्य - यौवनारंभ से संबंधित परिवर्तन (लैंगिक परिपक्वता)
हार्मोन - एस्ट्रोजन (मादा में)
ग्रंथि - अंडाशय स्थान - पेट का निचला हिस्सा
कार्य - यौवनारंभ से संबंधित परिवर्तन (लैंगिक परिपक्वता)
6. हार्मोन - मोचक हार्मोन
ग्रंथि - हाइपोथेलमस
स्थान - मस्तिष्क में
कार्य - पीयूष ग्रंथि से हार्मोन के स्त्राव को प्ररित करता है।
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निम्न में कौन सा विकल्प जनजाति के निवास स्थान के अनुसार पश्चिम से पूर्व में सही क्रम में व्यवस्थित है?
Anonymous Quiz
41%
मोनपा, अबोर, मिशमी, निशी और नागा।
30%
मोनपा, मिशमी, अबोर, निशी और नागा।
22%
नागा, मिशमी, अबोर, निशी और मोनपा l
7%
नागा , अबोर, मिशमी, मोनपा और निशी।
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उत्तरप्रदेश बजट, 2024-25 के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -
1. बजट का कुल आकार 7,36,437.71 करोड़ रुपए है।
2. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटा 86,530.51 करोड़ रुपए अनुमानित हैं।
1. बजट का कुल आकार 7,36,437.71 करोड़ रुपए है।
2. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटा 86,530.51 करोड़ रुपए अनुमानित हैं।
Anonymous Quiz
9%
केवल 2
4%
केवल 1
48%
न तो 1 और न ही 2
39%
1 और 2 दोनों
निम्नलिखित में से कौन-सी घटना 'अपवर्तन(Reflection)' का उदाहरण है -
Anonymous Quiz
0%
स्वीमिंग पूल के वास्तविक गहराई से कम गहरा प्रतीत होना
17%
तारों का टिमटिमाते हुए दिखाई देना
13%
किसी बर्तन की तली पर पड़े सिक्के का ऊपर उठा हुआ दिखाई देना
70%
उपर्युक्त सभी
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भारत में शिक्षा की स्थिति का ऐतिहासिक विकास
प्रांतीय सूची (1935): शिक्षा को प्रांतीय सूची के अंतर्गत रखा गया, जिससे प्रांतों को शैक्षिक मामलों पर नियंत्रण मिल गया।
राज्य सूची (स्वतंत्रता के बाद) ; शिक्षा को राज्य सूची के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया, जिससे यह राज्य विधानसभाओं की जिम्मेदारी बन गई।
स्वर्ण सिंह समिति (1976): राष्ट्रव्यापी नीति विकास के लिए शिक्षा को समवर्ती सूची में स्थानांतरित करने की सिफारिश की।
42वां संशोधन (1976): शिक्षा को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे केंद्र और राज्य दोनों को कानून बनाने की अनुमति मिल गई।
2. वापसी का प्रयास (1978): शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने का जनता पार्टी का प्रयास राज्यसभा में विफल रहा।
वर्तमान स्थिति: शिक्षा समवर्ती सूची की प्रविष्टि 25 के अंतर्गत है, जिससे संघ और राज्य दोनों सरकारें कानून बनाने में सक्षम हैं।
#education@uppsczone
प्रांतीय सूची (1935): शिक्षा को प्रांतीय सूची के अंतर्गत रखा गया, जिससे प्रांतों को शैक्षिक मामलों पर नियंत्रण मिल गया।
राज्य सूची (स्वतंत्रता के बाद) ; शिक्षा को राज्य सूची के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया, जिससे यह राज्य विधानसभाओं की जिम्मेदारी बन गई।
स्वर्ण सिंह समिति (1976): राष्ट्रव्यापी नीति विकास के लिए शिक्षा को समवर्ती सूची में स्थानांतरित करने की सिफारिश की।
42वां संशोधन (1976): शिक्षा को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे केंद्र और राज्य दोनों को कानून बनाने की अनुमति मिल गई।
2. वापसी का प्रयास (1978): शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने का जनता पार्टी का प्रयास राज्यसभा में विफल रहा।
वर्तमान स्थिति: शिक्षा समवर्ती सूची की प्रविष्टि 25 के अंतर्गत है, जिससे संघ और राज्य दोनों सरकारें कानून बनाने में सक्षम हैं।
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💥💐CTET ADMIT CARD जारी✔️✔️
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प्रजातंत्र के चार मूल तत्व होते हैं-
1⃣बहुमत से शासन
2⃣अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा
3⃣संवैधानिक सरकार
4⃣संवाद के जरिए गवर्नेंस
प्रजातंत्र के लिए चारों तत्व महत्वपूर्ण हैं, किसी एक को कमजोर करते ही प्रजातंत्र की इमारत ढह जाएगी।
भारत के संविधान की प्रस्तावना में इसलिए "हम भारत के लोग" लिखा है न कि हम बहुसंख्यक।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक सिटिंग जज ने एक कार्यक्रम में कहा-
"यह हिंदुस्तान है इसलिए बहुसंख्यको की इच्छा के अनुसार ही देश चलेगा ....ऐसा कहते वक्त वह भूल गए कि संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकार है।
वह यह भी भूल गए कि इनको पद की शपथ इस संविधान में निष्ठा की दिलाई गई थी, ना की बहुसंख्यको मैं उनकी निष्ठा के आधार पर।
संविधान की आधारभूत संरचना को बदला नहीं जा सकता।
जज साहब ने us v/s them (हम बनाम वह) के द्वंद्व की भाषा में बोलते हुए "हमारे बच्चे और उनके बच्चे" की तुलना की थी ....वह शायद भूल गए कि उन्हें पद पर उनकी किसी एक धर्म विशेष के होने की वजह से नहीं बैठाया गया है, और उनकी तनख्वाह और सुविधा पर खर्च भी हिंदू और मुसलमान दोनों के टैक्स से दिया जाता है।
1⃣बहुमत से शासन
2⃣अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा
3⃣संवैधानिक सरकार
4⃣संवाद के जरिए गवर्नेंस
प्रजातंत्र के लिए चारों तत्व महत्वपूर्ण हैं, किसी एक को कमजोर करते ही प्रजातंत्र की इमारत ढह जाएगी।
भारत के संविधान की प्रस्तावना में इसलिए "हम भारत के लोग" लिखा है न कि हम बहुसंख्यक।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक सिटिंग जज ने एक कार्यक्रम में कहा-
"यह हिंदुस्तान है इसलिए बहुसंख्यको की इच्छा के अनुसार ही देश चलेगा ....ऐसा कहते वक्त वह भूल गए कि संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकार है।
वह यह भी भूल गए कि इनको पद की शपथ इस संविधान में निष्ठा की दिलाई गई थी, ना की बहुसंख्यको मैं उनकी निष्ठा के आधार पर।
संविधान की आधारभूत संरचना को बदला नहीं जा सकता।
जज साहब ने us v/s them (हम बनाम वह) के द्वंद्व की भाषा में बोलते हुए "हमारे बच्चे और उनके बच्चे" की तुलना की थी ....वह शायद भूल गए कि उन्हें पद पर उनकी किसी एक धर्म विशेष के होने की वजह से नहीं बैठाया गया है, और उनकी तनख्वाह और सुविधा पर खर्च भी हिंदू और मुसलमान दोनों के टैक्स से दिया जाता है।
Secure PCS
प्रजातंत्र के चार मूल तत्व होते हैं- 1⃣बहुमत से शासन 2⃣अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा 3⃣संवैधानिक सरकार 4⃣संवाद के जरिए गवर्नेंस प्रजातंत्र के लिए चारों तत्व महत्वपूर्ण हैं, किसी एक को कमजोर करते ही प्रजातंत्र की इमारत ढह जाएगी। भारत के संविधान की प्रस्तावना…
समान नागरिक संहिता पर आयोजित कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा था कि 'मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह हिंदुस्तान है देश यहां रहने वाले बहुसंख्यको की इच्छा के अनुसार चलेगा' यहां बहुसंख्यको का कल्याण और खुशी सुनिश्चित करने वाली बात ही स्वीकार की जाएगी।
इस प्रकार के विवादित बयान को लेकर विपक्ष जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।
संविधान के अनुच्छेद 124(4) और 124(5) के साथ न्यायाधीश (जांच) अधिनियम की धारा 3(1)(बी) के तहत जस्टिस यादव के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की मांग की जाएगी
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इस प्रकार के विवादित बयान को लेकर विपक्ष जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।
संविधान के अनुच्छेद 124(4) और 124(5) के साथ न्यायाधीश (जांच) अधिनियम की धारा 3(1)(बी) के तहत जस्टिस यादव के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की मांग की जाएगी
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Secure PCS
समान नागरिक संहिता पर आयोजित कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा था कि 'मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह हिंदुस्तान है देश यहां रहने वाले बहुसंख्यको की इच्छा के अनुसार चलेगा' यहां बहुसंख्यको का कल्याण और खुशी सुनिश्चित…
महाभियोग की प्रक्रिया -
1⃣न्यायाधीश जांच अधिनियम 1968 के मुताबिक किसी न्यायाधीश के खिलाफ शिकायत लोकसभा में पेश की जाती है, तो उसे कम से कम 100 सदस्यों की हस्ताक्षर वाले प्रस्ताव के जरिए पेश किया जाना चाहिए, वहीं राज्यसभा में पेश किए जाने पर 50 सांसदों की हस्ताक्षर होने चाहिए।
2⃣महाभियोग के प्रस्ताव को सदन की कुल सदस्यता की बहुमत के अलावा उपस्थिति और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम 2/3 बहुमत द्वारा समर्थित होना चाहिए।
3⃣सदन का पीठासीन अधिकारी नोटिस को मंजूर या नामंजूर कर सकता है।
मंजूर होने पर तीन सदस्य न्यायिक कमेटी जांच करती है, कि क्या यह महाभियोग के लिए उपयुक्त मामला है।
कमेटी में सुप्रीमकोर्ट व हाईकोर्ट के एक-एक जज शामिल होते हैं।
#polity@UppscZone
Note:- आने वाले एग्जाम में राज्यसभा सभापति (उपराष्ट्रपति) और न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न जरूर आएगा....
1⃣न्यायाधीश जांच अधिनियम 1968 के मुताबिक किसी न्यायाधीश के खिलाफ शिकायत लोकसभा में पेश की जाती है, तो उसे कम से कम 100 सदस्यों की हस्ताक्षर वाले प्रस्ताव के जरिए पेश किया जाना चाहिए, वहीं राज्यसभा में पेश किए जाने पर 50 सांसदों की हस्ताक्षर होने चाहिए।
2⃣महाभियोग के प्रस्ताव को सदन की कुल सदस्यता की बहुमत के अलावा उपस्थिति और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम 2/3 बहुमत द्वारा समर्थित होना चाहिए।
3⃣सदन का पीठासीन अधिकारी नोटिस को मंजूर या नामंजूर कर सकता है।
मंजूर होने पर तीन सदस्य न्यायिक कमेटी जांच करती है, कि क्या यह महाभियोग के लिए उपयुक्त मामला है।
कमेटी में सुप्रीमकोर्ट व हाईकोर्ट के एक-एक जज शामिल होते हैं।
#polity@UppscZone
Note:- आने वाले एग्जाम में राज्यसभा सभापति (उपराष्ट्रपति) और न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न जरूर आएगा....
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Forwarded from Secure PCS
महत्वपूर्ण सूचकांक 2024:—
▫️ वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक - 129वां
▫️ पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक -176वां
▫️ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक - 63वां
▫️ विश्व साइबर अपराध - 10वां
▫️ विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक - 159वां
▫️ यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक -39वां
▫️ विश्व कल्याण रिपोर्ट - 126वां
▫️ लोकतंत्र सूचकांक - 41वां
▫️ भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक - 93वां
▫️ लैंगिक समानता सूचकांक 129वां
ध्यान रखें हमेशा प्रश्न आता है सूचकांक से।
▫️ वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक - 129वां
▫️ पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक -176वां
▫️ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक - 63वां
▫️ विश्व साइबर अपराध - 10वां
▫️ विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक - 159वां
▫️ यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक -39वां
▫️ विश्व कल्याण रिपोर्ट - 126वां
▫️ लोकतंत्र सूचकांक - 41वां
▫️ भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक - 93वां
▫️ लैंगिक समानता सूचकांक 129वां
ध्यान रखें हमेशा प्रश्न आता है सूचकांक से।
Forwarded from Secure PCS
मुगल काल- 1526 - 1707
संस्थापक - बाबर
वास्तविक संस्थापक - अकबर
सर्वाधिक समय तक शासन किया - अकबर
सबसे कम शासन किया - रफी- उद- जात
राजभाषा - फारसी
मुगल काल की स्थापत्य कला को वास्तुकला का ग्रीष्मकाल कहा - प्रसी ब्राउन।
#Fact_indian history