ScriptInk
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आज फिर वो ही समय आया है, इतिहास कहीं दोहराया है
हाँ, समय तारीक़ तो ज़रूर, पर सोच नहीं बदल पाया है..
आज फिर वो ही समय आया है, इतिहास कहीं दोहराया है।

बोलने की यहाँ इजाज़त कहाँ, लिखना तक वर्जित कर डाला है!
सही-गलत की यहाँ कोई पूछ नहीं,
मोहल्ले को श्मशान बना डाला है!
आज फिर वो ही समय आया है, इतिहास कहीं दोहराया है।

ये कोई शायरी की साहब बात नहीं,
घुटन है ऐसे जीने में
यहाँ इंसाफ की कोई मिसाल नहीं, युद्ध जैसे इस रवैये में !
फ़ुरसत मिले तो पूछना खुद से..,
क्या जुर्म हुआ कि खुद के आशियाने का ये हाल बना डाला है!

कुछ अफवाहों का जाल जैसे किसी ने तलकीन की हो,
कुछ पिछले वाकिये जो सच को झूठ और झूठ को सच बनाने की काम कर रहें हो,
कुछ अमली जिंदगी की आवाज़-ऐ-हकीकत जो हकुमत तक मानो पहुँच न रही हो,
और कुछ ऐसे तथ्य जो मानो आवाम तक ही पहुंचने न दिये जा रहे हों ।।


दोष नही मैंं देता एक को, शहर सब ने आग-सा जलाया है।
मारने वाला जो भी हो, जीने का हक़ सबने पाया है।।
आज फिर वो ही समय आया है, इतिहास कहीं दोहराया है।
आज फिर वो ही समय आया है, इतिहास कहीं दोहराया है।।
Hello Developers, Designers and Writers!
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आज सुबह से मौसम का मिज़ाज ज़रा बदला है
हवाओं ने हरकत की है पर कान सबके बंद हैं
इल्म की फज़ीलत का मज़ाक उड़ा है,
यहाँ खड़े सब और फर्क किसी को नहीं पड़ा है
बयाँ करने के लिए लफ्ज़ कहाँ, मुँह से धुआँ जो निकला है
फर्क तो पड़ा है इस मौसम में, किसी जिंदगी को जो छीना गया है।

पहले ज़मीन पर एक तख्त की तसवीर बनायी गयी
उसपर फिर एक भूखी आत्मा थी सुलायी गयी
जब ठंड और भूक से उसकी आँख खुली
तो रोते रोते परी की फिर कहानी थी सुनाई गयी
बदन गरम, सीने में दर्द, तबियत नासाज़ थी
इल्म नहीं था इलाज का, पैसे नहीं थे गोली के,
आज सुबह..., जनाजे में एक जिंदगी थी ले जायी गयी।।

मौसम का मिज़ाज ज़रा बदला है।
हवाओं ने हरकत की है, पर कान सबके बंद हैं।।
Iam in love with the word BEAUTIFUL
This reminds me of 5 years old me dropping mom's saree and dad complimenting 'You look more BEAUTIFUL than your mom'
This reminds me of the time when we are together no matter you have left me, the time we spent was BEAUTIFUL I don't regret having you.
This reminds me of my old best friend, we didn't met each other since years but the time we spent together was BEAUTIFUL.
I feel the word BEAUTIFUL is not only compliment for your outer beauty but also your soul, so the next time you feel like complimenting the best women of your life, say YOU'RE BEAUTIFUL ❤️
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Scriptink Recruitment 2020. Exclusively for 1st and 2nd year students of Siddaganga Institute of technology, Tumkur, Karnataka.

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Dekh rhe ho jo chehra tum
Dekh rhe ho jo muskurahat uski

Lekr beitha hai dard wo
Sunlo dastaan uski bhi
Kuch kami si hai ret ki mere aangan mein
Jo doob rha hai harr koi iss jaal mein
Seekh jao ab chije tum nazarandaz krna
Kuch nahi rkha hai ab iss mahol mein

Soch kr dekho, kis raaste jaa rhe
Aur kitno ko dooba rhe
Shabd km pd jaate hai vajood ke pehchaan ke liye

Kr lete hai hum mehsoos jitna
Utna kh nahi paate
कल दोपहर एक शख्स आया,
काफी देर वो मेरे सामने खड़ा हो कर मुझे घूरता रहा...मानो ताल्लुक़ तकल्लुफ़ में, मुहब्बत सज़ा-ऐ-गलतफहमी में और सांसे महज़ एक रिवायत में तबदील हो कर रह गई हों !
खैर.. फिर मेरे बैठने के साथ ही, बैठ गया ठक कर।
ज़ुबान से बोला कुछ नहीं, बस आँखों से हकीकत बयाँ कर गया।।


शीशा इस कदर फरेबी था, कि मैं खुद को पहचान न सका!
My heart survives with the heart beats of you.
Guroor hai mohabbat se jyada swabhimaan pe

Judd jayega toota dil kabhi na kabhi

Toot gye agr sapne maa baap ke

Na bachegi shiddat tumhari aur rh jayegi bechaini
तुम्हारी एक मुस्कुराहट का इंतेज़ार मै हमेशा करता हूँ...
तुम्हारी प्यार भरी इशारो का इंतेज़ार मै हमेशा करता हूँ...
में शब्दो का सौदागर तो नही, सीधी बात में कहता हूँ,
की प्यार मैं तुमसे करता हूँ
पर इज़हार करने से डरता हूँ
पर इज़हार करने से डरता हूँ।।
दर्द इस बात का नहीं कि लोग उससे बोलते क्यों हैं ।
बेचैनी तो इस बात की रही कि वो नादान फरेब की पहचान न कर पाई तो ।।
قاتل کے رہا ہے قتل کے وقت آنکھ بند کرلو،
گھما فرا کے کہ رہا ہے کی میں عشق کرلو |
वो अभी कहां दूर हुआ मेरे खयाल मेरे अहसास से,
वो बस थोड़ा मगरूर हुआ वक़्त के हिसाब से।
पसन्द है मुझे तो रात को घूमता हुआ मैं,
मुद्दा यूं तो नहीं कि तुम बोलो आवारा हूं मैं।
एक में हूं जो उसके चेहरा पर मारता हूं,
और एक वो है जो मेरे दर्द पर हसता है।
मत सिखाओ हमें सब्र-ऐ-मुहब्बत..
बस देखते हुए उसका चेहरा, एक अरसा गुज़रने को आया है!


चेहरा फरेबी था, पर उम्मीद के लिए हमेशा सच का होना ज़रूरी तो नहीं..
इंतकाम मालूम था हमें, पर खोने के लिए कुछ और भी तो नहीं !

छोड़ के सब गए थे जब, मेरे वजूद ने साथ निभाया था..!
जीने की चाह नहीं थी, मेरे खुदा ने मार्ग दिखलाया था
!

और दर्द भला क्या होगा उसको मिलके खुद से जो आया है!
मत सिखाओ हमें सब्र-ऐ-मुहब्बत..
बस देखते हुए उसका चेहरा..,
एक अरसा गुज़रने को आया है।
एक अरसा गुज़रने को आया है।।
Those who are near to heart
All things are by heart