#OFFICERSACADMY
🔳पादप हार्मोन और उनके कार्य
◼️(a)ऑक्सिन- कोशिकाओं की लम्बाई में वृद्धि, कोशिका विभाजन में सहयोग, पौधों की गतियों पर नियन्त्रण, पत्तियों को गिरने से रोकना, बीज रहित फलों के उत्पादन में सहायता करना।
◼️(b) जिबरेलिन- बीजों के शीघ्र अंकुरण में सहायक, बौने पौधों की लम्बाई में वृद्धि, पौधों की पत्तियों को चौड़ी करने में सहायता करना।
◼️(c) साइटोकाइनिन- प्रोटीन के संश्लेषण में सहायक, कोशिकाओं एवं तने की लम्बाई में वदि पार्श्व कलिकाओं में वृद्धि, जड़ों एवं पत्तियों की वृद्धि रोकने में सहायक एवं अंकुरण के समय उत्प्रेरक उत्पन्न करना
◼️(d) एब्सिसिक अम्ल (ABC) वृद्धि रोधक- पत्तियों के एवं फूलों के खुलने एवं बन्द करने की क्रियाओं का नियन्त्रण, पतझड़ की क्रिया को प्रोत्साहित करना तथा पौधों की वृद्धि दर को कम करना।
🔳पादप हार्मोन और उनके कार्य
◼️(a)ऑक्सिन- कोशिकाओं की लम्बाई में वृद्धि, कोशिका विभाजन में सहयोग, पौधों की गतियों पर नियन्त्रण, पत्तियों को गिरने से रोकना, बीज रहित फलों के उत्पादन में सहायता करना।
◼️(b) जिबरेलिन- बीजों के शीघ्र अंकुरण में सहायक, बौने पौधों की लम्बाई में वृद्धि, पौधों की पत्तियों को चौड़ी करने में सहायता करना।
◼️(c) साइटोकाइनिन- प्रोटीन के संश्लेषण में सहायक, कोशिकाओं एवं तने की लम्बाई में वदि पार्श्व कलिकाओं में वृद्धि, जड़ों एवं पत्तियों की वृद्धि रोकने में सहायक एवं अंकुरण के समय उत्प्रेरक उत्पन्न करना
◼️(d) एब्सिसिक अम्ल (ABC) वृद्धि रोधक- पत्तियों के एवं फूलों के खुलने एवं बन्द करने की क्रियाओं का नियन्त्रण, पतझड़ की क्रिया को प्रोत्साहित करना तथा पौधों की वृद्धि दर को कम करना।
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#OFFICERSACADMY
🔳महत्वपूर्ण हार्मोन और उनके कार्य
◼️एस्ट्रोजेन:यह प्रजनन, मासिक धर्म चक्र और रजोनिवृत्ति (menopause) के लिए ज़िम्मेदार है
◼️प्रोजेस्टेरोन:यह गर्भावस्था बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
◼️प्रोलैक्टिन: बच्चे के जन्म के बाद, स्तनपान कराने के लिए यह हार्मोन महिला में पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा रिलीज़ होता है,
◼️टेस्टोस्टेरोन:पुरुषों में यह पुरुष प्रजनन ऊतकों टेस्टिस (testes) और प्रोस्ट्रेट (prostrate) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
◼️इंसुलिन:यह ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करता है.
🔳महत्वपूर्ण हार्मोन और उनके कार्य
◼️एस्ट्रोजेन:यह प्रजनन, मासिक धर्म चक्र और रजोनिवृत्ति (menopause) के लिए ज़िम्मेदार है
◼️प्रोजेस्टेरोन:यह गर्भावस्था बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
◼️प्रोलैक्टिन: बच्चे के जन्म के बाद, स्तनपान कराने के लिए यह हार्मोन महिला में पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा रिलीज़ होता है,
◼️टेस्टोस्टेरोन:पुरुषों में यह पुरुष प्रजनन ऊतकों टेस्टिस (testes) और प्रोस्ट्रेट (prostrate) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
◼️इंसुलिन:यह ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करता है.
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० प्रदूषक और उससे प्रभावित अंग :-
• एस्बेस्टस धूल - फेफड़ा
• सीसा - केंद्रीय नर्वस सिस्टम
• कार्बन मोनोऑक्साइड - रक्त धाराएं
• पारा- उदर
• फ्लोराइड - दांत
#Prelims
#PYQFacts
#PCS2026
#PrelimsModeActivated_
• एस्बेस्टस धूल - फेफड़ा
• सीसा - केंद्रीय नर्वस सिस्टम
• कार्बन मोनोऑक्साइड - रक्त धाराएं
• पारा- उदर
• फ्लोराइड - दांत
#Prelims
#PYQFacts
#PCS2026
#PrelimsModeActivated_
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० वायु प्रदूषण (Air Pollution) :-
• वायु प्रदूषण से आशय वायु में हानिकारक गैसों, धूल एवं कणों की मात्रा सामान्य स्तर से अधिक हो जाने से है।
• वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत – वाहन, उद्योग, ताप विद्युत संयंत्र, जीवाश्म ईंधनों का दहन एवं पराली जलाना हैं।
• प्रमुख वायु प्रदूषक – PM₂.₅, PM₁₀, सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओजोन (O₃), सीसा (Pb) एवं अमोनिया (NH₃) हैं।
• PM₂.₅ सबसे सूक्ष्म एवं सर्वाधिक हानिकारक कणीय प्रदूषक माना जाता है।
• PM₁₀ का आकार 10 माइक्रोमीटर से कम तथा PM₂.₅ का आकार 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है।
• कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) हीमोग्लोबिन से मिलकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन (Carboxyhaemoglobin) बनाती है।
• सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) अम्लीय वर्षा (Acid Rain) के प्रमुख कारण हैं।
• क्षोभमंडलीय ओजोन (Tropospheric Ozone) एक हानिकारक वायु प्रदूषक है।
• स्मॉग (Smog) धुआँ (Smoke) एवं कोहरे (Fog) का मिश्रण है।
• प्रकाश-रासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog) का प्रमुख कारण NOₓ एवं हाइड्रोकार्बन हैं।
• शीत ऋतु में दिल्ली एवं उत्तर भारत में स्मॉग की समस्या अधिक देखी जाती है।
• वायु प्रदूषण से दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के रोग, हृदय रोग एवं आँखों में जलन जैसी समस्याएँ होती हैं।
• वायु गुणवत्ता को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) द्वारा मापा जाता है।
• AQI जितना अधिक होगा, वायु की गुणवत्ता उतनी ही खराब होगी।
• भारत में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) वर्ष 2019 में प्रारंभ किया गया।
• विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है।
० क्विक रिवीजन :-
• सबसे हानिकारक कणीय प्रदूषक → PM₂.₅
• अम्लीय वर्षा के प्रमुख कारण → SO₂ एवं NOₓ
• CO बनाती है → कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन
• स्मॉग → धुआँ + कोहरा
• प्रकाश-रासायनिक स्मॉग → NOₓ + हाइड्रोकार्बन
• वायु गुणवत्ता का सूचक → AQI
• राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम → 2019
• विश्व पर्यावरण दिवस → 5 जून
#Prelims
#PCS2026
#PYQFacts
#PrelimsModeActivated
• वायु प्रदूषण से आशय वायु में हानिकारक गैसों, धूल एवं कणों की मात्रा सामान्य स्तर से अधिक हो जाने से है।
• वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत – वाहन, उद्योग, ताप विद्युत संयंत्र, जीवाश्म ईंधनों का दहन एवं पराली जलाना हैं।
• प्रमुख वायु प्रदूषक – PM₂.₅, PM₁₀, सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओजोन (O₃), सीसा (Pb) एवं अमोनिया (NH₃) हैं।
• PM₂.₅ सबसे सूक्ष्म एवं सर्वाधिक हानिकारक कणीय प्रदूषक माना जाता है।
• PM₁₀ का आकार 10 माइक्रोमीटर से कम तथा PM₂.₅ का आकार 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है।
• कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) हीमोग्लोबिन से मिलकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन (Carboxyhaemoglobin) बनाती है।
• सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) अम्लीय वर्षा (Acid Rain) के प्रमुख कारण हैं।
• क्षोभमंडलीय ओजोन (Tropospheric Ozone) एक हानिकारक वायु प्रदूषक है।
• स्मॉग (Smog) धुआँ (Smoke) एवं कोहरे (Fog) का मिश्रण है।
• प्रकाश-रासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog) का प्रमुख कारण NOₓ एवं हाइड्रोकार्बन हैं।
• शीत ऋतु में दिल्ली एवं उत्तर भारत में स्मॉग की समस्या अधिक देखी जाती है।
• वायु प्रदूषण से दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के रोग, हृदय रोग एवं आँखों में जलन जैसी समस्याएँ होती हैं।
• वायु गुणवत्ता को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) द्वारा मापा जाता है।
• AQI जितना अधिक होगा, वायु की गुणवत्ता उतनी ही खराब होगी।
• भारत में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) वर्ष 2019 में प्रारंभ किया गया।
• विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है।
० क्विक रिवीजन :-
• सबसे हानिकारक कणीय प्रदूषक → PM₂.₅
• अम्लीय वर्षा के प्रमुख कारण → SO₂ एवं NOₓ
• CO बनाती है → कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन
• स्मॉग → धुआँ + कोहरा
• प्रकाश-रासायनिक स्मॉग → NOₓ + हाइड्रोकार्बन
• वायु गुणवत्ता का सूचक → AQI
• राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम → 2019
• विश्व पर्यावरण दिवस → 5 जून
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एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज भारत का पहला फुल फ्लो स्टेजेड कम्बशन (FFSC) रॉकेट इंजन विकसित कर रहा है। यह देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।
80 टन क्लास का यह इंजन लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) और लिक्विड मीथेन का उपयोग करता है, जो रियूजेबल लॉन्च व्हीकल्स के लिए एक कुशल प्रोपेलेंट (ईंधन) का मिश्रण है।
एडवांस्ड 3D प्रिंटिंग का उपयोग करके, कंपनी ने इंजन के विकास में तेजी लाई है और अपने LOX पावरहेड को हॉट फायर टेस्टिंग के लिए तैयार कर रही है। आंध्र प्रदेश में 21.5 एकड़ की सुविधा से संचालित, एस्ट्रोबेस 2026 के अंत तक पूरी तरह से एकीकृत इंजन परीक्षणों की योजना बना रहा है और 2028 तक अपना पहला मीडियम लिफ्ट रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य रखता है।
80 टन क्लास का यह इंजन लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) और लिक्विड मीथेन का उपयोग करता है, जो रियूजेबल लॉन्च व्हीकल्स के लिए एक कुशल प्रोपेलेंट (ईंधन) का मिश्रण है।
एडवांस्ड 3D प्रिंटिंग का उपयोग करके, कंपनी ने इंजन के विकास में तेजी लाई है और अपने LOX पावरहेड को हॉट फायर टेस्टिंग के लिए तैयार कर रही है। आंध्र प्रदेश में 21.5 एकड़ की सुविधा से संचालित, एस्ट्रोबेस 2026 के अंत तक पूरी तरह से एकीकृत इंजन परीक्षणों की योजना बना रहा है और 2028 तक अपना पहला मीडियम लिफ्ट रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य रखता है।
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० “विद्युत चुंबकीय तरंग ऊर्जा/आवृति के घटते क्रम में–
• गामा किरण(Gamma-rays)
• एक्स-रे वेव(X–rays)
• पराबैंगनी तरंग(Ultraviolet wave)
• दृश्य तरंग(Visible wave)
• अवरक्त तरंग(Infrared wave)
• माइक्रोवेव(Microwave)
• रेडियो वेव(Radio wave)
#Prelims
#PYQFacts
#PCS2026
#PrelimsModeActivated
• गामा किरण(Gamma-rays)
• एक्स-रे वेव(X–rays)
• पराबैंगनी तरंग(Ultraviolet wave)
• दृश्य तरंग(Visible wave)
• अवरक्त तरंग(Infrared wave)
• माइक्रोवेव(Microwave)
• रेडियो वेव(Radio wave)
#Prelims
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❤3
#QuickRevisionSeries
🔳विटामिन और उनकी कमी से होने वाले रोग
🔳विटामिन और उनकी कमी से होने वाले रोग
◼️विटामिन A( रेटिनोल )-रतौंधी
◼️विटामिन C( एस्कोरबिक एसिड)- स्कर्वी रोग
◼️विटामिन D( कैलशिफेराल )-रिकेट्स (बच्चों में) ऑस्टियोमालासिया (वयस्क में)
◼️विटामिन E (टोकॉफरोल)- जनन शक्ति का कम होना
◼️विटामिन K (फाइलोक्वीनोन) - रक्त का थक्का न बनाना
#QuickRevisionSeries
🔳दैनिक प्रयोग में आने वाले दवाइयों के प्रकार
#AbNahiRukegaPrelims
🔳दैनिक प्रयोग में आने वाले दवाइयों के प्रकार
◼️एंटासिड- पेट में अतिरिक्त एसिड को काम करते हैं (जैसे -मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड,ENO आदि )
◼️ट्रेंकुलाइजर -तनाव और मानसिक बीमारी के इलाज में
◼️एनाल्जेसिक- दर्द से राहत देने के लिए (एस्प्रिन ,आदि)
◼️नारकोटिक एनाल्जेसिक- दर्द निवारक जो लत का कारण बन सकते हैं ( जैसे मॉर्फिन और इसके डेरिवेटिव)
◼️ एंटीसेप्टिक- बैक्टीरिया को मारते हैं( जैसे सोफ्रेमायसन ,डिटॉल, टिंचर आयोडीन आदि )
◼️एंटीबायोटिक -सूक्ष्म जीवों द्वारा उत्पादित रासायनिक पदार्थ को मारते हैं और उनके विकास को रोकते हैं (जैसे पेनिसिलिन ,सल्फा ड्रग्स ,स्ट्रेप्टोमाइसिन)
#AbNahiRukegaPrelims