प्रज्ञानं ब्रह्म 🙏🚩
1.18K subscribers
1.4K photos
53 videos
6 files
43 links
This Rational Channel is made to clarify doubts and Allegations on Sanatan dharma. I am a Neutral Agnostic & Non sectarian Vedic.

Doubts and Debates are certainly Welcome. No abuses please.

मर्यादा का उल्लंघन ना करें ।
Krishnam Vande Jagadgurum 🙏
Download Telegram
मेरा यशु यशु भाग 5

क्या दस्यु शब्द का अर्थ गुलाम/slave है ??

दस्यु या दास शब्द की धातु दस् होती है जिसका अर्थ कष्ट पहुंचाना या विनाश करना होता है ।

आप्टे और मोनियर विलियम्स दोनों ने ही लौकिक संस्कृत में दस्यु का अर्थ दुष्ट , मानवता के शत्रु अत्याचारी का अर्थ ग्रहण किया है ।



वैदिक संस्कृत में भाष्याकार सायणाचार्य तथा वेंकट ने इसका अर्थ कपटी धूर्त शत्रु लिया है ।



स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने भी इसके भाष्य में दस्यु का अर्थ दुष्ट स्वभाव के मनुष्य से ग्रहण किया है ।


मूर्खता की हद तो तब हो जाती है जब ये व्यक्ति स्वयं महर्षि दयानंद सरस्वती जी के भाष्य का उदाहरण देते हुए वेदों में ग़ुलामी प्रथा को सिद्ध करने की कोशिश करता है , और अतिआत्मविश्वास में आकर पूरा भाष्य पढ़े बिना ही किसी भी संस्कृत शब्दकोश से दस्यु का अर्थ गुलाम सिद्ध कर सकने की चेष्टा करता है ।

परंतु जिनके यहां खुद गुलाम खरीदने की प्रथा हो ( Leviticus 25. 44 - 46 ) , स्वयं अपनी पुत्री को गुलाम बनाने की बात हो ( Exodus 21.7 -8 )
वो लोग सनातन धर्म पर उंगली उठाते अच्छे नहीं लगते ।


Join us at
@scienceinsightdharma
🔥6😁2👍1
1st Century BCE evidence of Mahabharata's Lineage !!!

A Karshpana Coin ( Punch marked or Purana ) from Taxila , Shows a warrior from a clan , whom Alexander Cunningham told as warriors Yauddheyas.


Interestingly Yauddheyas are said to be the Heirs of the Son of Yudhisthira from Mahabharata , whose name was Yodheya ( Mahabharat Sabha parva , Adhyaya 95 , shlok 46 )

Reference : Jharni certified Alexander Cunningham's 🤓☝️ Book : Coins of Ancient India.

Join us at
@scienceinsightdharma
❤5🔥1
देवराज इंद्र का वास्तविक चरित्र भाग 4

वेद और ब्राह्मण ग्रंथ से इंद्रदेव की संक्षिप्त महिमा

परमात्मा का एक नाम इंद्र भी है और इंद्र एक देवपद भी है । उत्तम गुणों का आश्रय लेने वाले लोग इस पद को प्राप्त करते हैं और ब्रह्मचर्य इस पद को प्राप्त करने का सर्वोत्कृष्ट माध्यम बताया जाता है ।

अथर्ववेद ११.७.१६ के अनुसार ब्रह्मचारी व्यक्ति ही इंद्र पद पर प्रतिष्ठित होकर प्रजापति तथा विराट् को वश में करने वाला होता है ।

अथर्ववेद ११.७.१९ ब्रह्मचर्य रूप तप का पालन कर देवों ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की तथा इसी ब्रह्मचर्य के कारण देवराज इंद्र समस्त देवताओं को सुख/स्वर्ग/तेज पहुंचाने में समर्थ हुए ।

ऐतरेय ब्राह्मण ७.१६ के अनुसार इंद्र समस्त देवों में सबसे पराक्रमी , ओजस्वी , बलवान , सहिष्णु , सत्यवादी एवं प्रभावशाली है ।
इसी रूप में इंद्र की स्तुति यहां की गई है ।
विश्वेदेवों ने इंद्र की स्तुति में उन्हें सत्याचारिन् से संबोधित किया अर्थात् इंद्रदेव सदैव सत्य का आचरण करते थे ।


ऐसे परम ब्रह्मचारी इंद्रदेव को मेरा प्रणाम । 🙏

ॐ इन्द्रं वर्धन्तो अप्तुरः कृण्वन्तो विश्वमार्यम् । अपघ्नन्तो अराव्णः ।।

- ऋग्वेद 9/63/5.
❤5
5th century CE Garuda Pillar from Eran Gupta complex !

Just as Mentioned in Scriptures and Iconography , Garuda is Seen holding a Snake in his hands with Hand folded.

Garuda dhwaja was the Royal Symbol of Guptas so it was very common for them to make such pillars.

These dhwaja stambhas are devoted to Lord Janardana ( Vishnu , Krishna. )
Set up by 2 brothers Matri Vishnu and Dhyana Vishnu , during the reign of Budhgupta.


This is again a tight slap on the face of Those who say there is no evidence of Sanatan Dharma before the 12th century.

Join us at
@scienceinsightdharma
❤3
पांडा 🐼 का पोपट : भाग 9

पांडा बाबू 🐼 ने अबकी बार अपने घुटनों में मौजूद मस्तिष्क का 150% इस्तेमाल किया है तब जाकर वह इस निष्कर्ष पर पहुंच पाए हैं की वेद में स्त्री का अधिकार इस कारण से नहीं है क्योंकि वेद में अन्य जीव जंतुओं तथा बच्चों के लिए भी उपदेश किया गया है पर वे वेदाधिकारी नहीं होते । 😂

पहली चीज जो इन्होंने वेद में इतिहास ढूंढने की कोशिश की है उसका खंडन महाभाष्य ३.३.३ में महर्षि पतंजलि पहले ही कर चुके हैं की वेदार्थ रुढ़िवादी नहीं होते ।


दूसरा बालक भी उपनयन संस्कार तथा ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश के बाद वेदाधिकारी हो जाते हैं तथा सामवेद ९३८ में आचार्य द्वारा संस्कारित होकर द्विज होने की बात कही है ।


तीसरी चीज वेदवाणी पशुओं को कैसे समझ में आएगी व किस भाषा में आप उन्हें वेद पढ़ाएंगे ? पुराणों में पशुओं से संतान भी उत्पन्न होती है जो वेदज्ञाता होती है ( जैसे भागवतम का गोकर्ण )🌚


शतपथ ब्राह्मण १.९.२.२३ में स्त्री द्वारा यज्ञ में वेद को खोलते समय यजुर्वेद २.२१ के पाठ की बात कही गई है । यह बात स्वयं आपके सायणाचार्य ने भी मानी है ।


अगर स्त्री वेद पाठ नहीं कर सकती तो वह वेद मंत्र की ज्ञाता कैसे हुई बताओ ?
🔥5❤2
Lo bhaiya ho gaye manuwadi sabit 😂😂😂😂

Debate me har gaya nakli navboddha to manuwadi bamanwadi bol k palla jhad raha hai 😂😂😂
🤣4