प्रज्ञानं ब्रह्म 🙏🚩
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This Rational Channel is made to clarify doubts and Allegations on Sanatan dharma. I am a Neutral Agnostic & Non sectarian Vedic.

Doubts and Debates are certainly Welcome. No abuses please.

मर्यादा का उल्लंघन ना करें ।
Krishnam Vande Jagadgurum 🙏
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पांडा 🐼 का पोपट पार्ट 8

अक्सर आपने पांडा 🐼 जी को यह कहते सुना होगा कि स्त्री को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं है । आइए इनका खंडन करते हैं ।

कृष्णयजुर्वेदीय तैत्तिरीय ब्राह्मण २.३.१० के अनुसार प्रजापति सोम ने सृष्टि के आदि में उत्पन्न हुए तीन वेद ( ऋक् , यजु , साम ) सीता सावित्री को प्रदान किये ।
सायणाचार्य ने भी सीता सावित्री को प्रजापति की पुत्री (दुहिता) एवं वेदज्ञा माना है ।

उसी कृष्णयजुर्वेदीय तैत्तिरीय ब्राह्मण १.१.४ में इडा , जो मनुपुत्री होने के कारण मानवी कही जाती है , उसके लिए यज्ञानूकाशिन्यासीत् शब्द का प्रयोग किया गया है जिसका अर्थ करते हुए सायणाचार्य ने यज्ञानूकाशिनी यज्ञतत्व प्रकाशनसमर्थाऽऽसीत् अर्थात यज्ञ के तत्व को जानने तथा दूसरों को बताने वाली कहा है । सायण भाष्य के अनुसार यह मनु के यज्ञ में होता बनी थी ।


प्रजापतिर्यज्ञः आदि वचनों से सिद्ध है कि प्रजापति अर्थात् परमात्मा ही यज्ञ है तथा परमतत्व को जानने वाला यज्ञ सुचारू रूप से करा सकता है और परमात्मा के विषय में वेद से बेहतर कौन बता सकता है ?
अतः यज्ञ करने हेतु वेदज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है । यहां से स्त्रियों का वेदाधिकार सिद्ध होता है ।
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Karpatri's Lame logic for defending the Ashleel bhasya done by Mahidhar uvatt.

Saying that It's just a way to supress one's lust in the Vasanta Season when Ashvamedh is done and then Mahishi + Ghoda.... I can't speak much more

Vedarth PariJat , page 1722-25
Pata nahi kya soch k log aise logo ka samman karte hain
anyways is book ka khandan already Vedarth Kalpataru me ho rakha hai
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Forwarded from मनुवादियों का इतिहास पुरातत्त्व 🚩🚩 (𑁍PUSHYMITRA THE OLD SLAYER𑁍)
ram ji evidence.pptx
5 MB
Glimpses of Women Rights from Markandeya Purana.

सीखो सीखो पांडा बाबू कम से कम अपने पुराणों से ही कुछ अच्छी बातें सीखो । 🐼🐼
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नवबौद्धों के नीले ख़्वाब पार्ट 3

अक्सर आपने साइंस हगनी को केसमुत्तीसुत्त के कलामसुत्त को दिखाकर बौद्ध धर्मग्रंथों को अप्रमाणिक बताते हुए देखा होगा ।

पर शायद यह मूर्ख इस सुत्त को पूरा पढ़ना भूल गया । बुद्ध ने तो यहां पर तर्क पर भी भरोसा करने से मना किया है और यह बात उन्होंने एक बार नहीं अपितु पूरे सुत्त में चार बार कही है :
1. ४.१
2. २५.३
3. २६.१
4. ४१.३


मेरा एक प्रश्न है कि जब बुद्ध ने ग्रंथों एवं पुस्तकों पर विश्वास करने से मना कर दिया है तो खुद त्रिपिटक को झूठ साबित करने के लिए उसी त्रिपिटक के अंगुत्तर निकाय के केसामुत्तिसुत्त कलामसुत्त पर यकीन कैसे कर रहे हो ??

शायद कलामसुत्त पर यकीन रखने के कारण ही आज नवबौद्ध तर्क पर बात नहीं करते । 😁😁
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Ayodhya Mahaprasad ❤️❤️🙏🙏

Jai shree Ram
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यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर: |
तत्र श्रीर्विजयो भूतिध्रुवा नीतिर्मतिर्मम 78

जहाँ योगश्वर श्रीकृष्ण और श्रेष्ठ धनुर्धर अर्जुन हैं वहाँ निश्चित रूप से अनन्त ऐश्वर्य, विजय, समृद्धि और नीति होती है, ऐसा मेरा निश्चित मत है।

Karna bhakts can cry in comments
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Cry harder mujeets 😂😂
tumhari babri jinda nahi mar gayi kab ki
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Padma puran shristi khand Adhyaya 36 😂

Baman to katai Heatblast ban Gaya re baba 😂😂
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