Proofs that Vedas were Taught at Nalanda University !!!
Seals from Nalanda University depicting Vedatrayi ( त्रयीविद्या ) , Chaturveda ( चतुर्विज्जस ) , Brahma ji , Gaja Lakshmi , And other hindu Gods and Goddesses.
Source : Memoirs of Archeological Survey of India , No. 66 , Nalanda and its epigraphic materials. By Hirananda Shastri
A huge thanks to @Manuvadii !!
Seals from Nalanda University depicting Vedatrayi ( त्रयीविद्या ) , Chaturveda ( चतुर्विज्जस ) , Brahma ji , Gaja Lakshmi , And other hindu Gods and Goddesses.
Source : Memoirs of Archeological Survey of India , No. 66 , Nalanda and its epigraphic materials. By Hirananda Shastri
A huge thanks to @Manuvadii !!
🔥4
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम ॥
सुंदर विग्रह मेघश्याम
गंगा तुलसी शालग्राम ॥
भद्रगिरीश्वर सीताराम
भगत-जनप्रिय सीताराम ॥
जानकीरमणा सीताराम
जयजय राघव सीताराम ॥
Jai Shree Ram 🙏🚩
पतित पावन सीताराम ॥
सुंदर विग्रह मेघश्याम
गंगा तुलसी शालग्राम ॥
भद्रगिरीश्वर सीताराम
भगत-जनप्रिय सीताराम ॥
जानकीरमणा सीताराम
जयजय राघव सीताराम ॥
Jai Shree Ram 🙏🚩
👍4❤1
पांडा 🐼 का पोपट भाग 7
हमारे प्यारे पांडा जी 🐼 वेदों में रामायण ढूंढ रहे हैं और इसे सिद्ध करने के लिए अथर्ववेद 10.2.31 तथा व्याकरण ( पूर् + अयोध्या ) का सहारा ले रहे हैं। आईए इसकी समीक्षा करते हैं ।
हमें तो नहीं समझ में आ रहा कि इन्होंने यह अर्थ कहां से ग्रहण किया और वेदों में रामायण ढूंढने निकल गए । 🐼🐼
कोई ना आगे देख लेंगे ।
हमारे प्यारे पांडा जी 🐼 वेदों में रामायण ढूंढ रहे हैं और इसे सिद्ध करने के लिए अथर्ववेद 10.2.31 तथा व्याकरण ( पूर् + अयोध्या ) का सहारा ले रहे हैं। आईए इसकी समीक्षा करते हैं ।
सर्वप्रथम आप सायणाचार्य भाष्य में देख सकते हैं कि उन्होंने भी अयोध्या का अर्थ शरीर से लगाया है जहां शरीर के नौ द्वार तथा अष्टचक्र का वर्णन आया है ।
यही अर्थ विश्वनाथ विद्यालंकार जी ने भी लिया है। पंडित क्षेमकरणदास त्रिवेदी जी ने इसके अर्थ में अष्टांग योग तथा नवद्वार युक्त उन्मतों के लिए अजेय शरीर अर्थ ग्रहण किया है ।
हमें तो नहीं समझ में आ रहा कि इन्होंने यह अर्थ कहां से ग्रहण किया और वेदों में रामायण ढूंढने निकल गए । 🐼🐼
कोई ना आगे देख लेंगे ।
नवद्वार : ९ इंद्रियां जिनसे विषयों का भोग किया जाता है ।
अष्टचक्र : मूलाधार , स्वाधिष्ठान , मणिपुर , अनाहत , विशुद्ध , आज्ञा , सहस्त्रार चक्र एवं ब्रह्मरंध ग्रंथि
या अष्टांग योग ( यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार ध्यान धारणा समाधि )
अयोध्या का वैदिक अर्थ अगम्य या अजेय होता है।
🔥3
Possibly kuch dino tak posts nahi aa sakengi
College k assignments and Viva k karan 😁😁
Lautane par Bower's Manuscript continue karenge
College k assignments and Viva k karan 😁😁
Lautane par Bower's Manuscript continue karenge