THE BOWER'S MANUSCRIPT starts ॐ in Gupta brahmi script , Sanskrit language.
Introduction of Bower's Manuscript : Chapter 1
The bower's Manuscript , Circa 350 to 550 CE ( 450 to 530 CE ) is an averagely 1600 years old Manuscript which Deals with Subjects such as Ayurveda ( Part 1 , 2 and 3 ) , Vedic and Agamic Gods ( 4 and some parts of 5 & 6 ) and Buddhist ( Part 5, 6, 7 ) written in 7 parts and 51 leaves.
Also known as Navanitakam , this Manuscript plays an important role in understanding the Vedic history.
In a few chapters I will show you the Vedic knowledge and history integrated in this old manuscript.
And Yes Don't forget to check out the highlighted texts to find out the characteristics features of Sanskrit !!!
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जय श्रीराम 🙏
हमारे इतने वर्षों की संघर्ष का कहानी का इतिहास आज मैं आपको थोड़े शब्दों में स्पष्ट कराता हूं । आज मैं यहां पर वह सबूत दिखाऊंगा जिसके आधार पर हम यह कह सकते हैं कि यहां ११-१२ शताब्दी के समय मंदिर हुआ करता था।
1. मंदिर के नीचे खुदाई में 15th शताब्दी के मिट्टी के पात्रों तथा एक पक्की जमीन का प्राप्त होना जो सिर्फ किसी घर या मंदिर इत्यादि में प्राप्त होती है।
2. मंदिर के नीचे से 12th शताब्दी के हिंदू मंदिर के हिंदू चिह्न से युक्त स्तंभों का प्राप्त होना।
3. 11-12th शताब्दी का विष्णु हरि शिलालेख प्राप्त होना जिसमें स्पष्ट रूप से भगवान श्रीहरि का रामावतार लेकर दशानन को मारना तथा वामन अवतार लेकर राजा बलि को मुक्ति देने का उल्लेख आया है ।
4. इस शिलालेख की लाइन 15 में श्रीहरि मंदिर के प्रतिष्ठित होने का भी वर्णन मिलता है ।
5. इस मंदिर का साकेतमंडल में उपस्थित होना अयोध्या और साकेत के बीच एक गहरा संबंध दर्शाता है ।
हमारे इतने वर्षों की संघर्ष का कहानी का इतिहास आज मैं आपको थोड़े शब्दों में स्पष्ट कराता हूं । आज मैं यहां पर वह सबूत दिखाऊंगा जिसके आधार पर हम यह कह सकते हैं कि यहां ११-१२ शताब्दी के समय मंदिर हुआ करता था।
1. मंदिर के नीचे खुदाई में 15th शताब्दी के मिट्टी के पात्रों तथा एक पक्की जमीन का प्राप्त होना जो सिर्फ किसी घर या मंदिर इत्यादि में प्राप्त होती है।
2. मंदिर के नीचे से 12th शताब्दी के हिंदू मंदिर के हिंदू चिह्न से युक्त स्तंभों का प्राप्त होना।
3. 11-12th शताब्दी का विष्णु हरि शिलालेख प्राप्त होना जिसमें स्पष्ट रूप से भगवान श्रीहरि का रामावतार लेकर दशानन को मारना तथा वामन अवतार लेकर राजा बलि को मुक्ति देने का उल्लेख आया है ।
4. इस शिलालेख की लाइन 15 में श्रीहरि मंदिर के प्रतिष्ठित होने का भी वर्णन मिलता है ।
5. इस मंदिर का साकेतमंडल में उपस्थित होना अयोध्या और साकेत के बीच एक गहरा संबंध दर्शाता है ।
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प्रज्ञानं ब्रह्म 🙏🚩
Photo
इतना सब मिलने के बावजूद भी वामपंथी इतिहासकारों ने न सिर्फ यह मानने से मना कर दिया कि वहां मंदिर था अपितु उसे सच को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करने की भी पूरी कोशिश की ।
प्रथम चरण में मिले खंभों को इन्होंने दीवारें बता दिया तथा पकड़े जाने पर इन्हें जैन मंदिर का बताने लगे । रोमिला थापर जैसे निर्लज्ज इतिहासकारों ने अपने ही इतिहास के खिलाफ कोर्ट में गवाही प्रस्तुत की । सत्य को तो एक दिन सामने आना ही होता है ।
प्रत्युत्तर में डॉ बी बी लाल तथा हमारे तरफ के इतिहासकार आगे बढ़े , तथा उन्होंने अपनी पुरातात्विक खोजें से सिद्ध कर दिया कि वहां श्रीहरि के रामावतार मंदिर हुआ करता था ।
वामपंथी इतिहासकार आज तक नहीं सुधरे हैं , निरंतर ही हमारे इतिहास को झूठा तथा नवीन बताने का प्रयास कर रहे हैं जिनमें अब कुछ सड़कछाप राजेंद्र प्रसाद सिंह जैसे लोग भी जुड़ चुके हैं ।
परंतु आज हम प्रण लेते हैं कि हम अपने इतिहास की रक्षा करेंगे । हम धर्म की रक्षा करेंगे । हम अपने राष्ट्र की रक्षा करेंगे । हम अपने भारतवर्ष के महान इतिहास तथा इसकी संस्कृति की रक्षा करेंगे ।
संदर्भ : Rama , his historicity , Mandir and the setu
A big favour done by Dr. B B Lal for writing this book 🙏🙏
Jai shree Ram
Jai Maa Janaki
Jai Aryaveer Hanumanji 🙏🙏
प्रथम चरण में मिले खंभों को इन्होंने दीवारें बता दिया तथा पकड़े जाने पर इन्हें जैन मंदिर का बताने लगे । रोमिला थापर जैसे निर्लज्ज इतिहासकारों ने अपने ही इतिहास के खिलाफ कोर्ट में गवाही प्रस्तुत की । सत्य को तो एक दिन सामने आना ही होता है ।
प्रत्युत्तर में डॉ बी बी लाल तथा हमारे तरफ के इतिहासकार आगे बढ़े , तथा उन्होंने अपनी पुरातात्विक खोजें से सिद्ध कर दिया कि वहां श्रीहरि के रामावतार मंदिर हुआ करता था ।
वामपंथी इतिहासकार आज तक नहीं सुधरे हैं , निरंतर ही हमारे इतिहास को झूठा तथा नवीन बताने का प्रयास कर रहे हैं जिनमें अब कुछ सड़कछाप राजेंद्र प्रसाद सिंह जैसे लोग भी जुड़ चुके हैं ।
परंतु आज हम प्रण लेते हैं कि हम अपने इतिहास की रक्षा करेंगे । हम धर्म की रक्षा करेंगे । हम अपने राष्ट्र की रक्षा करेंगे । हम अपने भारतवर्ष के महान इतिहास तथा इसकी संस्कृति की रक्षा करेंगे ।
संदर्भ : Rama , his historicity , Mandir and the setu
A big favour done by Dr. B B Lal for writing this book 🙏🙏
Jai shree Ram
Jai Maa Janaki
Jai Aryaveer Hanumanji 🙏🙏
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Proofs that Vedas were Taught at Nalanda University !!!
Seals from Nalanda University depicting Vedatrayi ( त्रयीविद्या ) , Chaturveda ( चतुर्विज्जस ) , Brahma ji , Gaja Lakshmi , And other hindu Gods and Goddesses.
Source : Memoirs of Archeological Survey of India , No. 66 , Nalanda and its epigraphic materials. By Hirananda Shastri
A huge thanks to @Manuvadii !!
Seals from Nalanda University depicting Vedatrayi ( त्रयीविद्या ) , Chaturveda ( चतुर्विज्जस ) , Brahma ji , Gaja Lakshmi , And other hindu Gods and Goddesses.
Source : Memoirs of Archeological Survey of India , No. 66 , Nalanda and its epigraphic materials. By Hirananda Shastri
A huge thanks to @Manuvadii !!
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