भगवान शिव द्वारा माँ दुर्गा को दिये गये कुछ उपदेश :-
उन्हें और साथ ही देवी मां को दी गई उपाधियां भी देखें। उन्हे सर्वकालिक धर्मचारिणी ( धर्मनित्या ) कहा जा रहा है और चूँकि अहिंसा परम धर्म है, तो वह मांस कैसे खा सकती है या शराब कैसे पी सकती है?
यहां तक कि जब भगवान शिव ने उन्हें दिए गए उपदेशों में स्पष्ट रूप से ऐसा करने से मना किया था ??
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उन्हें और साथ ही देवी मां को दी गई उपाधियां भी देखें। उन्हे सर्वकालिक धर्मचारिणी ( धर्मनित्या ) कहा जा रहा है और चूँकि अहिंसा परम धर्म है, तो वह मांस कैसे खा सकती है या शराब कैसे पी सकती है?
यहां तक कि जब भगवान शिव ने उन्हें दिए गए उपदेशों में स्पष्ट रूप से ऐसा करने से मना किया था ??
स्रोत:- महाभारत से अनुशासन पर्व के विभिन्न अध्याय
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माता दुर्गा धर्मार्थ तत्व की विशारदा थीं । वो सदैव धर्म में तत्पर रहने वाली , इंद्रियसंयमपरायणा देवी थीं ।
भगवान महेश्वर ने उन्हें उपदेश करते वक्त बारंबार धर्मचारिणी कहकर संबोधित किया तथा उन्हें यह शिक्षा दी कि मन कर्म और वचन से किसी की भी हिंसा न करें ।
तो भगवान शिव के उपदेश के विरुद्ध जाकर , माता दुर्गा भला किस प्रकार मांस मदिरा , बलि आदि ग्रहण कर सकतीं हैं ?
अतः मेरे विचार से माता आदिशक्ति को बलि देना निरर्थक है ।
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भगवान महेश्वर ने उन्हें उपदेश करते वक्त बारंबार धर्मचारिणी कहकर संबोधित किया तथा उन्हें यह शिक्षा दी कि मन कर्म और वचन से किसी की भी हिंसा न करें ।
तो भगवान शिव के उपदेश के विरुद्ध जाकर , माता दुर्गा भला किस प्रकार मांस मदिरा , बलि आदि ग्रहण कर सकतीं हैं ?
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There are also the 9 forms of Maa Durga herself in Agama Shastras ; each representing a different aspect of Life.
सबसे खास बात यह है कि इनका वाहन सिंह है ( अब कोई विशेष प्रजाति का प्राणी इसको भी ग्रीक से प्रभावित सिद्ध करने की कोशिश करेगा ) 💀
महाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं ❤️🙏
देवी महागौरी सबका कल्याण करें ।
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Like Wealth and Happiness i.e. Laukika Sukha , Health , Desire i.e. Kama , Siddhi i.e. Wishes , enemy destroyer i.e. Ripumara , Agni i.e. Yagya and Food , Rudramsha i.e. Consort/Part of Rudra etc.
सबसे खास बात यह है कि इनका वाहन सिंह है ( अब कोई विशेष प्रजाति का प्राणी इसको भी ग्रीक से प्रभावित सिद्ध करने की कोशिश करेगा ) 💀
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क्या सूरज चीकर जैसे नुबड़े ईसाइयों की ठुकाई पुन: शुरू की जाए ??
आज कल ये नवबौद्ध-ईसाई हाइब्रिड बने नजर आ रहे हैं। 😂😂
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Anonymous Quiz
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1. Yes 🗿🗿
8%
2. Noo 🤡🤡
Mera Yesu Yesu : Part 15 Posting tonight !!
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Ravan bhakton , apne sugar daddy ki dhazziyan udte dekhne k liye ready ho jao !!
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Did Ravana respect Maa Sita.pdf
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मेरा येशु येशु: भाग 15
रावणभक्तों के लिए विशेष प्रस्तुति 😂
क्या रावण ने माता सीता को लंका में बहुत सम्मान दिया था ??
Written by :- Mystical Garuda 🦅
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रावणभक्तों के लिए विशेष प्रस्तुति 😂
क्या रावण ने माता सीता को लंका में बहुत सम्मान दिया था ??
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नोट : पढ़ने के बाद कुछ लोगो को बर्नोल की जरूरत पड़ सकती है।
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देवराज इंद्र का वास्तविक चरित्र : भाग 7
क्या देवराज इंद्र अमर्यादित धर्मविरूद्ध कर्म करने वाले थे ?
महाभारत के खिल पर्व हरिवंश के विष्णुपर्व अध्याय 69 में भगवान इंद्र , भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजते तथा समझाते हैं ।
उन्होंने मर्यादा की महत्व बताते हुए कहा : " यदि मैं देवमर्यादा को भंग करता हूं , तो प्रजापतियों के समुदाय में मेरा क्या स्थान होगा ?
यदि मैंने प्रजापति भगवान् ब्रह्मा द्वारा नियत मर्यादा को त्यागना चाहा , तो वो मुझे श्राप भी दे सकते हैं । "
इसके अलावा वह यह भी कहते हैं :-
" यदि हम ही प्राचीन धर्म सेतु की मर्यादा को भंग कर देंगे , तब तो दैत्य दानवादि और भी अधिक खुलकर इन मर्यादाओं का भेदन करने लगेंगे । "
अगर आपको संदेह है कि यह मर्यादा सिर्फ पारिजात के विषय में है , तो ऐसा कुछ नहीं है । भगवान इंद्र को अगर सिर्फ पारिजात के विषय में कहना होता , तो असुर दैत्य आदि विषयों के साथ ही साथ देवमर्यादा को नहीं जोड़ते ।
अतः सिद्ध है कि भगवान इंद्र धर्म की मर्यादा को कभी लांघकर दुष्कर्म नहीं कर सकते थे , जो उनकी बातों से भी स्पष्ट झलकता है ।
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Image making was done in Bharat even in Pre Mauryan times.
There are certain sculptures of Yakshas , which've been preserved over time ; provide us sufficient evidence for it.
Still a gentleman ( you know who ) believe that Greeks gave us this whole thing in Post Mauryan period. 🤣🤣
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There are certain sculptures of Yakshas , which've been preserved over time ; provide us sufficient evidence for it.
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Source : Studies in Ancient Art ; VS Agrawala
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नवबौद्धों के नीले सपने : भाग 11
क्या संस्कृत अशोक के समय या उसके पहले नहीं मिलती ?
दक्षिण भारत में सबसे पुराने तमिल शिलालेख, दक्षिणी ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं और कम से कम तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसापूर्व ( 3rd-2nd century BCE ) के हैं।
समकालीन/अशोक से पहले, उनमें पहले से ही संस्कृत अक्षर शामिल थे ; हालाँकि यह अपने प्रारंभिक चरण में तमिल से बना है।
इस प्रकार यह अशोक के पूर्व और उसके समय में संस्कृत की ऐतिहासिकता को सिद्ध करता है ।
Source : The development of religion in South India , By KA Nilakanth Shashtri
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वैदिक धर्म में स्त्रियों की महत्ता ☝️
पत्नियां स्वयं श्री का स्वरूप हैं । वे अश्वमेध यज्ञ में यजमान का अभिषेक करें , उनके सायुज्य से यजमान श्री , तेज , प्रताप , पराक्रम व पशु ( संपत्ति ) से युक्त हो संपन्नता को प्राप्त करे ।
~ शतपथ ब्राह्मण १३.२.६.७
धनतेरस पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं । मां श्रीलक्ष्मी सबका कल्याण करें 🙏🙏
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पत्नियां स्वयं श्री का स्वरूप हैं । वे अश्वमेध यज्ञ में यजमान का अभिषेक करें , उनके सायुज्य से यजमान श्री , तेज , प्रताप , पराक्रम व पशु ( संपत्ति ) से युक्त हो संपन्नता को प्राप्त करे ।
~ शतपथ ब्राह्मण १३.२.६.७
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Happy diwali bhailog 💀🙏
Aag laga do is baar !!!
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Evidences of Vedas before 12th century : Part 17
I-tsing was an eye witnesses of Shruti tradition of Vedas in Bharat.
This was how Vedas were preserved for thousands of years in our Civilization ; without changes.
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I-tsing was an eye witnesses of Shruti tradition of Vedas in Bharat.
This was how Vedas were preserved for thousands of years in our Civilization ; without changes.
Source :- A record of Buddhist religion in India and Malay archipelago , I-tsing ( 7th century )
Chapter 34
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Real reason of Solar Eclipse :- Unlike Myths spread in society
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Mahabharata Shanti Parva ; 203/21
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अहिंसा के विषय में पराशरगीता के कुछ श्लोक :-
जानबूझकर हिंसा करने वाले के पाप अक्षम्य होते हैं, अहिंसा व्रत भी उसका निवारण नहीं कर सकता।
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जानबूझकर हिंसा करने वाले के पाप अक्षम्य होते हैं, अहिंसा व्रत भी उसका निवारण नहीं कर सकता।
~ महाभारत शान्तिपर्वान्तरगत पराशरगीता
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