Choti sadri inscription mentions devi durga as mounted on a chariot of Lions.
So We got indian records for Devi as Simhavahini.
So We got indian records for Devi as Simhavahini.
Source : Aulikaras inscriptions by Daniel Balogh
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प्रज्ञानं ब्रह्म 🙏🚩
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अतः यहां से ऋषिउवाच के एक और झूठ का खंडन होता है ।
देवी को अत्यंत प्राचीन काल से ही शेर से जोड़ा जाता था । इसकी पुष्टि भारतीय और विदेशी दोनों ही प्रमाणों से हो जाती है । देवी की मूर्तिकला पूरे भारत में शेर के साथ मिलती है ।
देवी को अत्यंत प्राचीन काल से ही शेर से जोड़ा जाता था । इसकी पुष्टि भारतीय और विदेशी दोनों ही प्रमाणों से हो जाती है । देवी की मूर्तिकला पूरे भारत में शेर के साथ मिलती है ।
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माता सीता महान तपस्विनी भी थीं। जब रावण उनका अपहरण कर लंका ले गया, तब वे प्रतिदिन तपस्या और व्रत करती थीं।
उन्होंने वैदिक ग्रंथों में वर्णित संध्यावंदन भी किया।
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उन्होंने वैदिक ग्रंथों में वर्णित संध्यावंदन भी किया।
Source : Mahabharat , Van Parva , Ramopakhyana parva
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Bali , Meat and Wine to Devi ??
These were offered mainly by Tribal people , as they were obsessed with these Tamasic substances.
Since Shaktism was also practiced in Vedic ways ( by Vedic people ) , we can't just say that she is eating / drinking Abhakshya ; as it is forbade in Vedic dharma.
Also , Devi Maa in her Durga form is associated with Satvika guna too , like her as Uma in Mahabharata where she was given upadesha by her consort Lord Shiva on the rejection of Meat , Bali and Wine.
She is divine mother , the mother of all beings. No mother wanna eat her own child , killed by her another child.
As we say :- जगत्पितरो वन्दे पार्वतीपरमेश्वरो i.e. they are parents of the world.
So let's not associate her with these heinous things.
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Devi Durga has been called as Brahmacharini by Yudhishthira in Mahabharata.
Since Meat , wine etc. are forbade in Brahmacharya , how can Devi maa take these things ??
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Since Meat , wine etc. are forbade in Brahmacharya , how can Devi maa take these things ??
Source : Mahabharat , Van parva 6/7
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भगवान शिव द्वारा माँ दुर्गा को दिये गये कुछ उपदेश :-
उन्हें और साथ ही देवी मां को दी गई उपाधियां भी देखें। उन्हे सर्वकालिक धर्मचारिणी ( धर्मनित्या ) कहा जा रहा है और चूँकि अहिंसा परम धर्म है, तो वह मांस कैसे खा सकती है या शराब कैसे पी सकती है?
यहां तक कि जब भगवान शिव ने उन्हें दिए गए उपदेशों में स्पष्ट रूप से ऐसा करने से मना किया था ??
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उन्हें और साथ ही देवी मां को दी गई उपाधियां भी देखें। उन्हे सर्वकालिक धर्मचारिणी ( धर्मनित्या ) कहा जा रहा है और चूँकि अहिंसा परम धर्म है, तो वह मांस कैसे खा सकती है या शराब कैसे पी सकती है?
यहां तक कि जब भगवान शिव ने उन्हें दिए गए उपदेशों में स्पष्ट रूप से ऐसा करने से मना किया था ??
स्रोत:- महाभारत से अनुशासन पर्व के विभिन्न अध्याय
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माता दुर्गा धर्मार्थ तत्व की विशारदा थीं । वो सदैव धर्म में तत्पर रहने वाली , इंद्रियसंयमपरायणा देवी थीं ।
भगवान महेश्वर ने उन्हें उपदेश करते वक्त बारंबार धर्मचारिणी कहकर संबोधित किया तथा उन्हें यह शिक्षा दी कि मन कर्म और वचन से किसी की भी हिंसा न करें ।
तो भगवान शिव के उपदेश के विरुद्ध जाकर , माता दुर्गा भला किस प्रकार मांस मदिरा , बलि आदि ग्रहण कर सकतीं हैं ?
अतः मेरे विचार से माता आदिशक्ति को बलि देना निरर्थक है ।
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भगवान महेश्वर ने उन्हें उपदेश करते वक्त बारंबार धर्मचारिणी कहकर संबोधित किया तथा उन्हें यह शिक्षा दी कि मन कर्म और वचन से किसी की भी हिंसा न करें ।
तो भगवान शिव के उपदेश के विरुद्ध जाकर , माता दुर्गा भला किस प्रकार मांस मदिरा , बलि आदि ग्रहण कर सकतीं हैं ?
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There are also the 9 forms of Maa Durga herself in Agama Shastras ; each representing a different aspect of Life.
सबसे खास बात यह है कि इनका वाहन सिंह है ( अब कोई विशेष प्रजाति का प्राणी इसको भी ग्रीक से प्रभावित सिद्ध करने की कोशिश करेगा ) 💀
महाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं ❤️🙏
देवी महागौरी सबका कल्याण करें ।
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Like Wealth and Happiness i.e. Laukika Sukha , Health , Desire i.e. Kama , Siddhi i.e. Wishes , enemy destroyer i.e. Ripumara , Agni i.e. Yagya and Food , Rudramsha i.e. Consort/Part of Rudra etc.
सबसे खास बात यह है कि इनका वाहन सिंह है ( अब कोई विशेष प्रजाति का प्राणी इसको भी ग्रीक से प्रभावित सिद्ध करने की कोशिश करेगा ) 💀
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क्या सूरज चीकर जैसे नुबड़े ईसाइयों की ठुकाई पुन: शुरू की जाए ??
आज कल ये नवबौद्ध-ईसाई हाइब्रिड बने नजर आ रहे हैं। 😂😂
आज कल ये नवबौद्ध-ईसाई हाइब्रिड बने नजर आ रहे हैं। 😂😂
Anonymous Quiz
92%
1. Yes 🗿🗿
8%
2. Noo 🤡🤡
Mera Yesu Yesu : Part 15 Posting tonight !!
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Ravan bhakton , apne sugar daddy ki dhazziyan udte dekhne k liye ready ho jao !!
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Did Ravana respect Maa Sita.pdf
1 MB
मेरा येशु येशु: भाग 15
रावणभक्तों के लिए विशेष प्रस्तुति 😂
क्या रावण ने माता सीता को लंका में बहुत सम्मान दिया था ??
Written by :- Mystical Garuda 🦅
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रावणभक्तों के लिए विशेष प्रस्तुति 😂
क्या रावण ने माता सीता को लंका में बहुत सम्मान दिया था ??
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नोट : पढ़ने के बाद कुछ लोगो को बर्नोल की जरूरत पड़ सकती है।
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देवराज इंद्र का वास्तविक चरित्र : भाग 7
क्या देवराज इंद्र अमर्यादित धर्मविरूद्ध कर्म करने वाले थे ?
महाभारत के खिल पर्व हरिवंश के विष्णुपर्व अध्याय 69 में भगवान इंद्र , भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजते तथा समझाते हैं ।
उन्होंने मर्यादा की महत्व बताते हुए कहा : " यदि मैं देवमर्यादा को भंग करता हूं , तो प्रजापतियों के समुदाय में मेरा क्या स्थान होगा ?
यदि मैंने प्रजापति भगवान् ब्रह्मा द्वारा नियत मर्यादा को त्यागना चाहा , तो वो मुझे श्राप भी दे सकते हैं । "
इसके अलावा वह यह भी कहते हैं :-
" यदि हम ही प्राचीन धर्म सेतु की मर्यादा को भंग कर देंगे , तब तो दैत्य दानवादि और भी अधिक खुलकर इन मर्यादाओं का भेदन करने लगेंगे । "
अगर आपको संदेह है कि यह मर्यादा सिर्फ पारिजात के विषय में है , तो ऐसा कुछ नहीं है । भगवान इंद्र को अगर सिर्फ पारिजात के विषय में कहना होता , तो असुर दैत्य आदि विषयों के साथ ही साथ देवमर्यादा को नहीं जोड़ते ।
अतः सिद्ध है कि भगवान इंद्र धर्म की मर्यादा को कभी लांघकर दुष्कर्म नहीं कर सकते थे , जो उनकी बातों से भी स्पष्ट झलकता है ।
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