मेरा येशु येशु : भाग 11
अरे मूर्ख बोल क्या रहा है , पहले यही स्पष्ट कर दे । मैंने तो चैनल और अपने बायो में भी दोनों जगह खुद को अज्ञेयवादी वैदिक बताया है 😂
दूसरी चीज तो खुद को बहुत बड़ा डिबेटर कहता है और इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल करता है , इसी से तेरी औकात पता चल जाती है ।
अगर तू सनातन धर्म के किसी भी विद्वान को गालियां देगा तो मैं बर्दाश्त करने वाला नहीं हूं ।
अब तेरी इस दो कौड़ी की पोस्ट का खंडन सुन ।
वैदिक संस्कृत में मेदः का अर्थ चिकना होता है । आचार्य महीधर ने भी इसके भाष्य में मेद का अर्थ वपा ( चिकना/मेद ) ही किया है ( मेदो वपारूपां )
श्रीराम शर्मा आचार्य ने भी मेद का अर्थ औषधि का चिकना भाग ही ग्रहण किया है ।
महर्षि ने दूध का उदाहरण दिया है , और जहां तक बात है किसके दूध का , तो पदार्थ व भावार्थ में ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि पशुओं का दूध , न कि बकरे का ।
और जहां तक विज्ञान की बात है , तो वह किसी के भाष्य से नहीं , वेदों से आता है ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
अरे मूर्ख बोल क्या रहा है , पहले यही स्पष्ट कर दे । मैंने तो चैनल और अपने बायो में भी दोनों जगह खुद को अज्ञेयवादी वैदिक बताया है 😂
दूसरी चीज तो खुद को बहुत बड़ा डिबेटर कहता है और इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल करता है , इसी से तेरी औकात पता चल जाती है ।
अगर तू सनातन धर्म के किसी भी विद्वान को गालियां देगा तो मैं बर्दाश्त करने वाला नहीं हूं ।
अब तेरी इस दो कौड़ी की पोस्ट का खंडन सुन ।
वैदिक संस्कृत में मेदः का अर्थ चिकना होता है । आचार्य महीधर ने भी इसके भाष्य में मेद का अर्थ वपा ( चिकना/मेद ) ही किया है ( मेदो वपारूपां )
श्रीराम शर्मा आचार्य ने भी मेद का अर्थ औषधि का चिकना भाग ही ग्रहण किया है ।
दूध दही मक्खन यहां तक कि , मांसाहारी लोग जो इन पशुओं का वसा/मेद आदि लेते हैं वह सब चिकने पदार्थों में ही आता है ।
महर्षि ने दूध का उदाहरण दिया है , और जहां तक बात है किसके दूध का , तो पदार्थ व भावार्थ में ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि पशुओं का दूध , न कि बकरे का ।
और जहां तक विज्ञान की बात है , तो वह किसी के भाष्य से नहीं , वेदों से आता है ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
❤3
प्रज्ञानं ब्रह्म 🙏🚩
और ये लोग वेदों के विज्ञान पर बात करना चाहते हैं 😂😂😂 Join us at 👇⬇️ @scienceinsightdharma @history_of_manuvadii
अनपढ़ आदमी को नाम लिखना तो आता नहीं बस गालियां देना आता है । अगली बार अगर नाम ना लिखवा पाना तो मेरा यूजरनेम ही चेंप लेना ।
ईसाइयों का विज्ञान बस यहीं तक सीमित है । जिस चीज को तर्कसंगत नहीं पाते , उसे चमत्कार बोलकर भाग लेते हैं ।
तुझे डिबेट में मैंने कितनी बार बुलाया पर तू आया नहीं । मुसलमानों से खुद के चैनल पर डिबेट करता है , और हमें खुद डर के मारे गूगल मीट पर बुलाता है । 😂
अब तूने विज्ञान की बात कर ही ली है तो अभी थोड़ी देर में तुझे बाइबल का विज्ञान भी दिखा देता हूं ।
ईसाइयों का विज्ञान बस यहीं तक सीमित है । जिस चीज को तर्कसंगत नहीं पाते , उसे चमत्कार बोलकर भाग लेते हैं ।
तुझे डिबेट में मैंने कितनी बार बुलाया पर तू आया नहीं । मुसलमानों से खुद के चैनल पर डिबेट करता है , और हमें खुद डर के मारे गूगल मीट पर बुलाता है । 😂
अब तूने विज्ञान की बात कर ही ली है तो अभी थोड़ी देर में तुझे बाइबल का विज्ञान भी दिखा देता हूं ।
जहां तक तूने कहा कि 1000 साल पुराना धर्म है , तो मैं तुझे खुली चुनौती देता हूं मेरे न्यूट्रल डिस्कशन ग्रुप में आजा , 1 v/s 1 कर लेते हैं इतिहास पर ।
सिद्ध करो अपनी बात ।
@lafndar
सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं
सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम् ।
सहारवक्षःस्थलकौस्तुभश्रियं
नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम् ॥
छायायां पारिजातस्य हेमसिंहासनोपरि
आसीनमम्बुदश्याममायताक्षमलंकृतम् ।
चन्द्राननं चतुर्बाहुं श्रीवत्साङ्कित वक्षसं
रुक्मिणी सत्यभामाभ्यां सहितं कृष्णमाश्रये ॥
Jai Lakshmi Narayana
Jai Rukmini Keshava 🗿🚩🙏
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम् ।
सहारवक्षःस्थलकौस्तुभश्रियं
नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम् ॥
छायायां पारिजातस्य हेमसिंहासनोपरि
आसीनमम्बुदश्याममायताक्षमलंकृतम् ।
चन्द्राननं चतुर्बाहुं श्रीवत्साङ्कित वक्षसं
रुक्मिणी सत्यभामाभ्यां सहितं कृष्णमाश्रये ॥
Jai Lakshmi Narayana
Jai Rukmini Keshava 🗿🚩🙏
Created by : Mystical Garuda
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
❤3
मेरा येशु येशु : भाग 12
Christianity : Science or $hit ??
Aaiye dekhte hain ki christianity me kitna Jizzyan vizzyaann hai 🤢🤮
Enjoy the post !!!
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
Christianity : Science or $hit ??
Aaiye dekhte hain ki christianity me kitna Jizzyan vizzyaann hai 🤢🤮
Enjoy the post !!!
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
😁6
पांडा का पोपट : भाग १४
अक्सर अपने पांडा बाबू 🐼 और कथावाचकों को यह कहते देखा होगा , की माता सीता रावण की पुत्री हैं । रावण ने कल्याण के लिए उनका अपहरण कर लिया तथा वो श्रीराम को अपने घर लाना चाहता था वगैरा-वगैरा ।
यहां से एक चीज तो स्पष्ट हो जाती है की माता सीता और रावण में पिता पुत्री का कोई संबंध नहीं था ।
पांडा बाबू की कपोल कल्पित कथाएं सत्य को बदल नहीं सकती ।
सत्य जानने के लिए वाल्मीकि रामायण पढ़ें ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
अक्सर अपने पांडा बाबू 🐼 और कथावाचकों को यह कहते देखा होगा , की माता सीता रावण की पुत्री हैं । रावण ने कल्याण के लिए उनका अपहरण कर लिया तथा वो श्रीराम को अपने घर लाना चाहता था वगैरा-वगैरा ।
जबकि महर्षि वाल्मीकि अरण्यकांड ४९/१६ में कहा है कि माता सीता रावण के लिए भी माता समान थीं । रावण के द्वारा माता सीता का अपहरण किया जाना बिलकुल वैसा ही है जैसा चंद्रपुत्र बुध द्वारा अपनी माता रोहिणी का अपहरण किया जाना , अर्थात् रावण मानो अपनी माता को ही अपहृत कर ले गया ।
यहां से एक चीज तो स्पष्ट हो जाती है की माता सीता और रावण में पिता पुत्री का कोई संबंध नहीं था ।
इसी प्रकार जटायु ने भी आलंकारिक रूप से अरण्यकांड ५०/१७ में माता सीता को रावण की मृत्यु बताया है ।
इसी प्रकार शूर्पणखा ने भी रावण को उकसाते समय झूठ बोलते हुए उसके मन में माता सीता के प्रति गलत विचार उत्पन्न किए थे ।
अतः रावण अपने कल्याण के लिए तो माता सीता को लेकर नहीं जा रहा था ।
पांडा बाबू की कपोल कल्पित कथाएं सत्य को बदल नहीं सकती ।
सत्य जानने के लिए वाल्मीकि रामायण पढ़ें ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
👍6❤1
देवराज इंद्र का वास्तविक चरित्र : भाग 6
देवराज इंद्र दर्शनों तथा तत्वज्ञान के जानकार और स्वयं भी तत्वज्ञानी थे ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
देवराज इंद्र दर्शनों तथा तत्वज्ञान के जानकार और स्वयं भी तत्वज्ञानी थे ।
महाभारत शांति पर्व , वृत्रगीता
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
🔥4❤2👍1
Buddha in Valmiki Ramayana : Myth or Reality ???
Share this post on all platforms to expose the misinformation spreading in the name of Vedic dharma Shastras.
( Aaj kal History pe hi post aa rahi hai , isi karan yaha pe content Kam dal pata hun )
Post Credit : @aryavart_regenerator ji 👊
Share this post on all platforms to expose the misinformation spreading in the name of Vedic dharma Shastras.
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
( Aaj kal History pe hi post aa rahi hai , isi karan yaha pe content Kam dal pata hun )
❤2🤣1
यह देखने से पहले मेरा तंदूरी क्यों नहीं बन गया 😭😭😭
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
🤣10
Evidence of Vedas before 12th century: Part 11
ब्राह्मण लिखना जानते थे और अशोक के समय में भी वो वेदादि ग्रंथों की एक-एक प्रति अपने साथ रखा करते थे जिससे वह पीढ़ी दर पीढ़ी श्रुति परंपरा के द्वारा आगे अपने शिष्यों में वैदिक ज्ञान बांटा करते थे । हालांकि वे लेखन कार्य को गुप्त रखते थे परंतु इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि ब्राह्मणों को लिखना पढ़ना अच्छी तरह आता था ।
पाणिनि के समय में भी भारतीयों को विविध प्रकार की भाषाओं और लिपियों का ज्ञान था । भारतीयों के उपनिषद् और वेदांत आदि दर्शनों का ज्ञान अलेक्जेंड्रिया की संस्थापना और बेबीलोन के पुनर्जागरण के बाद ग्रीस में बहुत जोरों से फैला । ग्रीक लोग भारत की संस्कृति तथा कथानकों से बहुत प्रभावित हुए तथा उन्हें अपने कथाओं में महत्वपूर्ण स्थान दिया ।
यहां से श्रुति की प्राचीनता सिद्ध होती है जो कि अशोक तथा उससे पहले के समय में भी , देश विदेश में प्रख्यात थी ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
ब्राह्मण लिखना जानते थे और अशोक के समय में भी वो वेदादि ग्रंथों की एक-एक प्रति अपने साथ रखा करते थे जिससे वह पीढ़ी दर पीढ़ी श्रुति परंपरा के द्वारा आगे अपने शिष्यों में वैदिक ज्ञान बांटा करते थे । हालांकि वे लेखन कार्य को गुप्त रखते थे परंतु इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि ब्राह्मणों को लिखना पढ़ना अच्छी तरह आता था ।
~ Letter of Max Muller to J takakusu ( the person who translated I-tsing work )..
पाणिनि के समय में भी भारतीयों को विविध प्रकार की भाषाओं और लिपियों का ज्ञान था । भारतीयों के उपनिषद् और वेदांत आदि दर्शनों का ज्ञान अलेक्जेंड्रिया की संस्थापना और बेबीलोन के पुनर्जागरण के बाद ग्रीस में बहुत जोरों से फैला । ग्रीक लोग भारत की संस्कृति तथा कथानकों से बहुत प्रभावित हुए तथा उन्हें अपने कथाओं में महत्वपूर्ण स्थान दिया ।
~ India as known to ancient World , Dr. Gauranganath Banerjee
यहां से श्रुति की प्राचीनता सिद्ध होती है जो कि अशोक तथा उससे पहले के समय में भी , देश विदेश में प्रख्यात थी ।
Join us at 👇⬇️
@scienceinsightdharma
@history_of_manuvadii
🔥2👍1