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Written by: Vedic dharmi Ashish Bhai 🔥🔥
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Is There Human Sacrifice In Vedic Dharma
Written By- Vedic Dharmi Ashish It is often alleged by Muslims that Vedic religion has the tradition of human sacrifice.For this, these ...
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देवभाषा संस्कृत के प्राचीनतम पुरातात्त्विक प्रमाण। archaeological evidence of the Sanskrit
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Channel pe kuch samay tak dharma sambandhi post nhi aa sakegi
Archaeology ki post @history_of_manuvadii pe dekh sakte waha pe update milta rahega
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Apuleius of 2nd century CE :
Brahmins were experts in the majority section of Philosophy and Medical science , even greeks used to learn from them.
They taught human anatomy & physiology ( functioning ) to Pythagoras.
Le आज के कुछ अनपढ़ निब्बे :
मीम बनाकर आयुर्वेद का मजाक उड़ा देता हूं , किसी को क्या ही पता चलेगा कि मैंने चेरी पिकिंग की है । Saaar ayurveda is unsintifik saaaar 😭😭😭 pelez saaaar belibh me saaar 😭😭
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Brahmins were experts in the majority section of Philosophy and Medical science , even greeks used to learn from them.
They taught human anatomy & physiology ( functioning ) to Pythagoras.
Pythagorean Apollonius of Tyana of 1st century CE :
Indians have even more divine knowledge than that of Greeks. They are expert in almost every subject.
Also he said :-
" अगर मैंने भारत से कुछ नहीं सीखा तो मैं यह समझूंगा कि मेरे लिए अब दुनिया का कोई ज्ञान सीखना शेष नहीं रह गया । "
Le आज के कुछ अनपढ़ निब्बे :
मीम बनाकर आयुर्वेद का मजाक उड़ा देता हूं , किसी को क्या ही पता चलेगा कि मैंने चेरी पिकिंग की है । Saaar ayurveda is unsintifik saaaar 😭😭😭 pelez saaaar belibh me saaar 😭😭
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Vedkbhed k dimag me leakage : Part 1
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Glory of Women Warriors in Vedas !!!
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सीद्धांति - शतपथ ब्राह्मण (१३/६/२/१३) : पुरूष मेध में किसी भी पुरूष की हिंसा नहीं होती।
हिल्लन डुल्लन : यह अवैदिक बात हम से न करो।
सीद्धांति : शतपथ ब्राह्मण अवैदिक कैसे?
हिल्लन डुल्लन : क्यू की सबसे बड़ा वैदिक व्याकरण ग्रंथ शब्दकल्पद्रुम में पुरुष मेध का अर्थ यज्ञ में पुरूष को मार के डालना लिखा है यही वैदिक है हिम्मत है तो शतपथ ब्राह्मण को वैदिक ग्रंथ सिद्ध कर के दिखाओ।😜
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हिल्लन डुल्लन : यह अवैदिक बात हम से न करो।
सीद्धांति : शतपथ ब्राह्मण अवैदिक कैसे?
हिल्लन डुल्लन : क्यू की सबसे बड़ा वैदिक व्याकरण ग्रंथ शब्दकल्पद्रुम में पुरुष मेध का अर्थ यज्ञ में पुरूष को मार के डालना लिखा है यही वैदिक है हिम्मत है तो शतपथ ब्राह्मण को वैदिक ग्रंथ सिद्ध कर के दिखाओ।😜
Credit : Ashish bhoi
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वाह हिल्लन डुल्लन वाह अच्छी कोशिश किया है अपनी लाज बचाने के लिए 😁😁 पर अफसोस महर्षि पाणिनी और महर्षि यास्क ने तेरी नाक काट दी 🥲
अगर यज्ञ का नाम हिंसा रहित है तो उसका दूसरा नाम हिंसा परख नही हो सकता इसलिए मेध का यज्ञ परख अर्थ एकीकरण या संवर्धन करना ही होगा ।
इसी अनुसार शतपथ ब्राह्मण (१३/६/२/१०) में लिखा है की पुरूष मेध में ब्रह्म के लिए ब्राह्मण का प्राप्ति , युद्ध कला के लिए क्षत्रिय की प्राप्ति करना आदि होता है । इस से ब्राह्मण द्वारा ब्रह्म ज्ञान मिलता है , युद्ध विद्या क्षत्रिय को मिलते हैं ।
लेकिन तेरे शब्दकल्प वाले ने तो बिलकुल इसके विपरित अर्थ लिया है जो प्रकरण विरुद्ध है तो यह वैदिक केसे ? 😂😂
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महर्षि पाणिनी ने अपने धातु पाठ में साफ लिखा है की मेध शब्द "मेधृ मेधा हिंसनयोः संगमे च" अर्थात् मेध शब्द का व्युत्पत्ति से अर्थ हिंसा और संगम अर्थात एकीकरण संवर्धन करना दोनो संभव है । 😂😂
और महर्षि यास्क ने अपने निघंटु (३/१७) में जहा यज्ञ के एक नाम मेध बोला है वही यज्ञ का दूसरा नाम अध्वर भी कहा है जिसका अर्थ है हिंसा रहित कर्म ।
अगर यज्ञ का नाम हिंसा रहित है तो उसका दूसरा नाम हिंसा परख नही हो सकता इसलिए मेध का यज्ञ परख अर्थ एकीकरण या संवर्धन करना ही होगा ।
इसी अनुसार शतपथ ब्राह्मण (१३/६/२/१०) में लिखा है की पुरूष मेध में ब्रह्म के लिए ब्राह्मण का प्राप्ति , युद्ध कला के लिए क्षत्रिय की प्राप्ति करना आदि होता है । इस से ब्राह्मण द्वारा ब्रह्म ज्ञान मिलता है , युद्ध विद्या क्षत्रिय को मिलते हैं ।
लेकिन तेरे शब्दकल्प वाले ने तो बिलकुल इसके विपरित अर्थ लिया है जो प्रकरण विरुद्ध है तो यह वैदिक केसे ? 😂😂
Credit : Ashish bhoi
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कुतर्क का भी एक हद होता है ।
इसके दिमाग में जो गलत अश्लील भावनाएं हैं जिस से यह ✋ 🤝 का प्रेरणा पाता है , उसी दृष्टि से यह यज्ञिक कर्म काण्ड को भी देख रहा है। 😂😂
अबे गधा ले पढ़ शतपथ ब्राह्मण (१३/६/२/१०) पुरूष मेध के प्रकरण में साफ लिखा है की ब्रह्म ज्ञान के लिए ब्राह्मण को प्राप्त करें इस से ब्रह्म ज्ञान से ब्रह्म का संगम अर्थात एकीकरण होता है ब्राह्मण से प्राप्त ब्रह्म ज्ञान से ही कोई ब्रह्म को पा लेता है युद्ध विद्या के लिए क्षेत्रीय को प्राप्त करें अर्थात इस से कोई व्यक्ति युद्ध विद्या के साथ खुद को मिला देता है यह होता है पुरुष मेध।
जब पुरुष मेध के प्रकरण में साफ निषेध है की किसी भी पुरूष को इस यज्ञ में मारा नही जाता तो इसमें मारना अर्थ कहा से हो जाएगा बे प्रकरण अनुसार धातु का अर्थ लिया जाता है हिल्लूमल ।😜😜
इसके दिमाग में जो गलत अश्लील भावनाएं हैं जिस से यह ✋ 🤝 का प्रेरणा पाता है , उसी दृष्टि से यह यज्ञिक कर्म काण्ड को भी देख रहा है। 😂😂
अबे गधा ले पढ़ शतपथ ब्राह्मण (१३/६/२/१०) पुरूष मेध के प्रकरण में साफ लिखा है की ब्रह्म ज्ञान के लिए ब्राह्मण को प्राप्त करें इस से ब्रह्म ज्ञान से ब्रह्म का संगम अर्थात एकीकरण होता है ब्राह्मण से प्राप्त ब्रह्म ज्ञान से ही कोई ब्रह्म को पा लेता है युद्ध विद्या के लिए क्षेत्रीय को प्राप्त करें अर्थात इस से कोई व्यक्ति युद्ध विद्या के साथ खुद को मिला देता है यह होता है पुरुष मेध।
जब पुरुष मेध के प्रकरण में साफ निषेध है की किसी भी पुरूष को इस यज्ञ में मारा नही जाता तो इसमें मारना अर्थ कहा से हो जाएगा बे प्रकरण अनुसार धातु का अर्थ लिया जाता है हिल्लूमल ।😜😜
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