Forwarded from हिन्दी व्याकरण माला
*✅समास (Samas) – 50 महत्वपूर्ण*
1. राजपुत्र = राजा का पुत्र → तत्पुरुष
2. ग्रामवासी = ग्राम में वास करने वाला → तत्पुरुष
3. यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार → अव्ययीभाव
4. त्रिलोकी = तीन लोकों का समूह → द्विगु
5. नीलकमल = नीला है जो कमल → कर्मधारय
6. महात्मा = महान आत्मा → कर्मधारय
7. अष्टाध्यायी = आठ अध्यायों का समूह → द्विगु
8. देशभक्ति = देश के प्रति भक्ति → तत्पुरुष
9. हिमालय = हिम का आलय → तत्पुरुष
10. वनवास = वन में वास → तत्पुरुष
11. प्रतिदिन = प्रत्येक दिन → अव्ययीभाव
12. चौराहा = चार राहों का समूह → द्विगु
13. नरनारी = नर और नारी → द्वंद्व
14. माता-पिता = माता और पिता → द्वंद्व
15. दूधभात = दूध और भात → द्वंद्व
16. दशानन = दस आननों वाला → बहुव्रीहि
17. पीताम्बर = पीला अम्बर वाला → बहुव्रीहि
18. लंबोदर = लंबा उदर वाला → बहुव्रीहि
19. चतुर्भुज = चार भुजाओं वाला → बहुव्रीहि
20. नीलकंठ = नीला कंठ वाला → बहुव्रीहि
21. जलपान = जल का पान → तत्पुरुष
22. गृहकार्य = गृह का कार्य → तत्पुरुष
23. विद्यालय = विद्या का आलय → तत्पुरुष
24. आत्मविश्वास = आत्मा पर विश्वास → तत्पुरुष
25. सत्यप्रिय = सत्य को प्रिय मानने वाला → तत्पुरुष
26. पंचवटी = पाँच वटों का समूह → द्विगु
27. सप्तर्षि = सात ऋषियों का समूह → द्विगु
28. नवरत्न = नौ रत्नों का समूह → द्विगु
29. दिनरात = दिन और रात → द्वंद्व
30. लाभहानि = लाभ और हानि → द्वंद्व
31. सुख-दुःख = सुख और दुःख → द्वंद्व
32. पाप-पुण्य = पाप और पुण्य → द्वंद्व
33. यथासमय = समय के अनुसार → अव्ययीभाव
34. यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार → अव्ययीभाव
35. भरपेट = पेट भरकर → अव्ययीभाव
36. आमरण = मृत्यु तक → अव्ययीभाव
37. जन्मांध = जन्म से अंधा → अव्ययीभाव
38. हरफनमौला = हर फन में मौला → बहुव्रीहि
39. जितेंद्रिय = जीती हुई इन्द्रियों वाला → बहुव्रीहि
40. धर्मात्मा = धर्मयुक्त आत्मा → कर्मधारय
41. कृष्णसर्प = काला सर्प → कर्मधारय
42. सज्जन = सत् जन → कर्मधारय
43. महामानव = महान मानव → कर्मधारय
44. मुखचंद्र = चंद्रमा जैसा मुख → कर्मधारय
45. राजर्षि = राजा और ऋषि दोनों → द्वंद्व
46. अन्नजल = अन्न और जल → द्वंद्व
47. हाथपैर = हाथ और पैर → द्वंद्व
48. त्रिभुवन = तीन भुवनों का समूह → द्विगु
49. शताब्दी = सौ वर्षों का समूह → द्विगु
50. एकचक्र = एक चक्र वाला → बहुव्रीहि
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1. राजपुत्र = राजा का पुत्र → तत्पुरुष
2. ग्रामवासी = ग्राम में वास करने वाला → तत्पुरुष
3. यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार → अव्ययीभाव
4. त्रिलोकी = तीन लोकों का समूह → द्विगु
5. नीलकमल = नीला है जो कमल → कर्मधारय
6. महात्मा = महान आत्मा → कर्मधारय
7. अष्टाध्यायी = आठ अध्यायों का समूह → द्विगु
8. देशभक्ति = देश के प्रति भक्ति → तत्पुरुष
9. हिमालय = हिम का आलय → तत्पुरुष
10. वनवास = वन में वास → तत्पुरुष
11. प्रतिदिन = प्रत्येक दिन → अव्ययीभाव
12. चौराहा = चार राहों का समूह → द्विगु
13. नरनारी = नर और नारी → द्वंद्व
14. माता-पिता = माता और पिता → द्वंद्व
15. दूधभात = दूध और भात → द्वंद्व
16. दशानन = दस आननों वाला → बहुव्रीहि
17. पीताम्बर = पीला अम्बर वाला → बहुव्रीहि
18. लंबोदर = लंबा उदर वाला → बहुव्रीहि
19. चतुर्भुज = चार भुजाओं वाला → बहुव्रीहि
20. नीलकंठ = नीला कंठ वाला → बहुव्रीहि
21. जलपान = जल का पान → तत्पुरुष
22. गृहकार्य = गृह का कार्य → तत्पुरुष
23. विद्यालय = विद्या का आलय → तत्पुरुष
24. आत्मविश्वास = आत्मा पर विश्वास → तत्पुरुष
25. सत्यप्रिय = सत्य को प्रिय मानने वाला → तत्पुरुष
26. पंचवटी = पाँच वटों का समूह → द्विगु
27. सप्तर्षि = सात ऋषियों का समूह → द्विगु
28. नवरत्न = नौ रत्नों का समूह → द्विगु
29. दिनरात = दिन और रात → द्वंद्व
30. लाभहानि = लाभ और हानि → द्वंद्व
31. सुख-दुःख = सुख और दुःख → द्वंद्व
32. पाप-पुण्य = पाप और पुण्य → द्वंद्व
33. यथासमय = समय के अनुसार → अव्ययीभाव
34. यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार → अव्ययीभाव
35. भरपेट = पेट भरकर → अव्ययीभाव
36. आमरण = मृत्यु तक → अव्ययीभाव
37. जन्मांध = जन्म से अंधा → अव्ययीभाव
38. हरफनमौला = हर फन में मौला → बहुव्रीहि
39. जितेंद्रिय = जीती हुई इन्द्रियों वाला → बहुव्रीहि
40. धर्मात्मा = धर्मयुक्त आत्मा → कर्मधारय
41. कृष्णसर्प = काला सर्प → कर्मधारय
42. सज्जन = सत् जन → कर्मधारय
43. महामानव = महान मानव → कर्मधारय
44. मुखचंद्र = चंद्रमा जैसा मुख → कर्मधारय
45. राजर्षि = राजा और ऋषि दोनों → द्वंद्व
46. अन्नजल = अन्न और जल → द्वंद्व
47. हाथपैर = हाथ और पैर → द्वंद्व
48. त्रिभुवन = तीन भुवनों का समूह → द्विगु
49. शताब्दी = सौ वर्षों का समूह → द्विगु
50. एकचक्र = एक चक्र वाला → बहुव्रीहि
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