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खुशी: जिले में 1158 शिक्षकों को मिला मनपसंद विद्यालय
62 फीसदी सरप्लस शिक्षकों को हुआ विद्यालय का आवंटन, 38 फीसदी निराश
जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन देने वाले 1867 सरप्लस शिक्षकों में 1158 को मनचाहा स्कूल मिल गया है। जबकि 709 शिक्षक खाली हाथ रह गए। दिए गए विकल्प में कोई भी स्कूल इन्हें आवंटित नहीं हो सका है। 62 फीसदी सरप्लस शिक्षकों को स्कूल आवंटित किया गया है, जबकि 38 फीसदी शिक्षक निराश रह गए।वहीं, विशेष आवश्यकता को लेकर आवेदन करने वाले 245 शिक्षकों में से 155 को विद्यालय आवंटन किया गया है। जबकि 90 विद्यालय आवंटन से वंचित हो गए। जिले में सबसे अधिक कक्षा एक से पांच में आवेदन आए थे। एक से पांच के सरप्लस शिक्षकों में 1015 ने आवेदन दिया था। हालांकि, इनमें महज 484 को ही मनचाहा स्कूल मिल पाया है, जबकि 531 शिक्षकों को निराशा हाथ लगी। वर्ग 01-05 में आवेदन करने वाले 1015 सरप्लस शिक्षकों में से विशेष आवश्यकता वाले 112 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इसमें विशेष आवश्यकता वाले 53 शिक्षकों को मनचाहे विद्यालय का आवंटन किया गया है।जबकि विशेष आवश्यकता वाले 59 शिक्षकों को विद्यालय आवंटन नहीं होने से उन्हें निराश होना पड़ा है। वहीं, वर्ग 06-08 के तहत 207 सरप्लस शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। इसमें 191 को स्कूल का आवंटन किया गया है। जबकि वर्ग 06-08 में 18 शिक्षकों को विद्यालय का आवंटन नहीं किया गया है। 06-08 में विशेष आवश्यकता वाले 28 शिक्षकों ने आवेदन किया था। उसमें 26 शिक्षकों को ही विद्यालय का आवंटन हुआ है। दो विशेष आवश्यकता वाले शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वर्ग 09-10 में 371 सरप्लस शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। इसमें 255 को विद्यालय का आवंटन किया गया है।जबकि वर्ग 09-10 के 126 सरप्लस शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वहीं, वर्ग 09-10 में विशेष आवश्यकता को लेकर आवेदन करने वाले 57 शिक्षकों में से 37 का स्थानांतरण किया गया है। जबकि 20 शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वहीं, वर्ग 11-12 में आवेदन करने वाले 274 सरप्लस शिक्षकों में से 228 को मनचाहे विद्यालय का आवंटन किया गया है। जबकि वर्ग 11-12 के 46 सरप्लस शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वहीं, वर्ग 11-12 में विशेष आवश्यकता वाले स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले 48 शिक्षकों में से 39 का स्थानांतरण किया गया है। जबकि नौ शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए।
अधिकारी का बयान
(रोहित चौरसिया, डीपीओ स्थापना):"सरप्लस शिक्षकों की औपबंधिक मेधा सूची जारी की गई है। जिसमें 1158 को स्कूल का आवंटन किया गया है। विशेष आवश्यकता को लेकर 245 शिक्षकों ने आवेदन किया था। जिसमें 155 को विद्यालय का आवंटन किया गया है।"
स्थानांतरण को आए आवेदन (कक्षावार)
:कक्षा 1-5 में: 1015 ने आवेदन किया।
कक्षा 6-8 में: 207 ने आवेदन किया।
कक्षा 9-10 में: 371 ने आवेदन किया।
कक्षा 11-12 में: 274 ने आवेदन किया।
इतने शिक्षकों को स्कूल आवंटित (कक्षावार):
कक्षा 1-5 में: 484 को स्कूल आवंटित।
कक्षा 6-8 में: 191 शिक्षकों को मिला स्कूल।
कक्षा 9-10 में: 255 शिक्षकों को स्कूल मिला।
कक्षा 11-12 में: 228 को स्कूल आवंटित।
मेरिट अंकों के आधार पर मिला विद्यालय:
बताया जाता है कि जिन शिक्षकों ने जो विकल्प दिया था, उसमें उनके तीन तरह के अंकों को जोड़कर मेधा अंक बनाया गया। इसी के आधार पर दिए गए विकल्प में प्राथमिकता के आधार पर उन्हें स्कूल आवंटित किया गया। सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हुई है। पदस्थापन और सेवा अंक ऑटोमेटिक जनरेट थे। वहीं, जिन शिक्षकों के संबंधित स्कूल के मेधा अंक से कम थे, ऐसे में उन्हें कोई भी स्कूल आवंटित नहीं हुआ है। पति-पत्नी की नौकरी के आधार पर भी वरीयता अंक दिए गए हैं। अगर कोई शिक्षक खुद गंभीर बीमारी से जुड़ा है तो उसे 20 अंक मिले हैं। पत्नी व बच्चे की बीमारी पर 10 अंक मिले हैं।
62 फीसदी सरप्लस शिक्षकों को हुआ विद्यालय का आवंटन, 38 फीसदी निराश
जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन देने वाले 1867 सरप्लस शिक्षकों में 1158 को मनचाहा स्कूल मिल गया है। जबकि 709 शिक्षक खाली हाथ रह गए। दिए गए विकल्प में कोई भी स्कूल इन्हें आवंटित नहीं हो सका है। 62 फीसदी सरप्लस शिक्षकों को स्कूल आवंटित किया गया है, जबकि 38 फीसदी शिक्षक निराश रह गए।वहीं, विशेष आवश्यकता को लेकर आवेदन करने वाले 245 शिक्षकों में से 155 को विद्यालय आवंटन किया गया है। जबकि 90 विद्यालय आवंटन से वंचित हो गए। जिले में सबसे अधिक कक्षा एक से पांच में आवेदन आए थे। एक से पांच के सरप्लस शिक्षकों में 1015 ने आवेदन दिया था। हालांकि, इनमें महज 484 को ही मनचाहा स्कूल मिल पाया है, जबकि 531 शिक्षकों को निराशा हाथ लगी। वर्ग 01-05 में आवेदन करने वाले 1015 सरप्लस शिक्षकों में से विशेष आवश्यकता वाले 112 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इसमें विशेष आवश्यकता वाले 53 शिक्षकों को मनचाहे विद्यालय का आवंटन किया गया है।जबकि विशेष आवश्यकता वाले 59 शिक्षकों को विद्यालय आवंटन नहीं होने से उन्हें निराश होना पड़ा है। वहीं, वर्ग 06-08 के तहत 207 सरप्लस शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। इसमें 191 को स्कूल का आवंटन किया गया है। जबकि वर्ग 06-08 में 18 शिक्षकों को विद्यालय का आवंटन नहीं किया गया है। 06-08 में विशेष आवश्यकता वाले 28 शिक्षकों ने आवेदन किया था। उसमें 26 शिक्षकों को ही विद्यालय का आवंटन हुआ है। दो विशेष आवश्यकता वाले शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वर्ग 09-10 में 371 सरप्लस शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। इसमें 255 को विद्यालय का आवंटन किया गया है।जबकि वर्ग 09-10 के 126 सरप्लस शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वहीं, वर्ग 09-10 में विशेष आवश्यकता को लेकर आवेदन करने वाले 57 शिक्षकों में से 37 का स्थानांतरण किया गया है। जबकि 20 शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वहीं, वर्ग 11-12 में आवेदन करने वाले 274 सरप्लस शिक्षकों में से 228 को मनचाहे विद्यालय का आवंटन किया गया है। जबकि वर्ग 11-12 के 46 सरप्लस शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए। वहीं, वर्ग 11-12 में विशेष आवश्यकता वाले स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले 48 शिक्षकों में से 39 का स्थानांतरण किया गया है। जबकि नौ शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह गए।
अधिकारी का बयान
(रोहित चौरसिया, डीपीओ स्थापना):"सरप्लस शिक्षकों की औपबंधिक मेधा सूची जारी की गई है। जिसमें 1158 को स्कूल का आवंटन किया गया है। विशेष आवश्यकता को लेकर 245 शिक्षकों ने आवेदन किया था। जिसमें 155 को विद्यालय का आवंटन किया गया है।"
स्थानांतरण को आए आवेदन (कक्षावार)
:कक्षा 1-5 में: 1015 ने आवेदन किया।
कक्षा 6-8 में: 207 ने आवेदन किया।
कक्षा 9-10 में: 371 ने आवेदन किया।
कक्षा 11-12 में: 274 ने आवेदन किया।
इतने शिक्षकों को स्कूल आवंटित (कक्षावार):
कक्षा 1-5 में: 484 को स्कूल आवंटित।
कक्षा 6-8 में: 191 शिक्षकों को मिला स्कूल।
कक्षा 9-10 में: 255 शिक्षकों को स्कूल मिला।
कक्षा 11-12 में: 228 को स्कूल आवंटित।
मेरिट अंकों के आधार पर मिला विद्यालय:
बताया जाता है कि जिन शिक्षकों ने जो विकल्प दिया था, उसमें उनके तीन तरह के अंकों को जोड़कर मेधा अंक बनाया गया। इसी के आधार पर दिए गए विकल्प में प्राथमिकता के आधार पर उन्हें स्कूल आवंटित किया गया। सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हुई है। पदस्थापन और सेवा अंक ऑटोमेटिक जनरेट थे। वहीं, जिन शिक्षकों के संबंधित स्कूल के मेधा अंक से कम थे, ऐसे में उन्हें कोई भी स्कूल आवंटित नहीं हुआ है। पति-पत्नी की नौकरी के आधार पर भी वरीयता अंक दिए गए हैं। अगर कोई शिक्षक खुद गंभीर बीमारी से जुड़ा है तो उसे 20 अंक मिले हैं। पत्नी व बच्चे की बीमारी पर 10 अंक मिले हैं।
शिक्षकों का एक ही मांग 7 वेतन मान कोई रास्ते से ना भटके👍❤️🙏
#BiharSchoolTeachersNeed7thPay
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7th Pay, वेतनमान
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🌠सितंबर माह के वेतन विपत्र से पेशा कर कटौती के संबंध में आदेश जारी। पेशा कर इस प्रकार कटौती होगी
👉3 लाख से 5 लाख ₹1000.00
👉5 लाख से 10 लाख ₹2000.00
👉10 लाख से ऊपर ₹2500.00
👉3 लाख से 5 लाख ₹1000.00
👉5 लाख से 10 लाख ₹2000.00
👉10 लाख से ऊपर ₹2500.00
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🎙️ बीबीसी दिनभर 🎙️
ब्रिक्स सम्मेलन विशेष
आज हम विस्तार से बात करेंगे BRICS की. ब्रिक्स सम्मेलन तो ख़त्म हो गया लेकिन इससे भारत को क्या हासिल हुआ. शी जिनपिंग, पुतिन, पेजेश्कियान की मौजूदगी में कौन से ऐजेंडे थे
जिन पर बनीं सहमति .मेरे साथ स्टूडियो में हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और इंटरनेशनल अफेयर्स के जानकार डॉ अमिताभ सिंहभारत की विदेश नीति पर भी बात करेंगे कि क्या ये भारत की डिप्लोमैटिक जीत है और यहाँ से दुनिया के लिए कौन सी राह खुलती है. शामिल होंगे पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा.
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ब्रिक्स सम्मेलन विशेष
आज हम विस्तार से बात करेंगे BRICS की. ब्रिक्स सम्मेलन तो ख़त्म हो गया लेकिन इससे भारत को क्या हासिल हुआ. शी जिनपिंग, पुतिन, पेजेश्कियान की मौजूदगी में कौन से ऐजेंडे थे
जिन पर बनीं सहमति .मेरे साथ स्टूडियो में हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और इंटरनेशनल अफेयर्स के जानकार डॉ अमिताभ सिंहभारत की विदेश नीति पर भी बात करेंगे कि क्या ये भारत की डिप्लोमैटिक जीत है और यहाँ से दुनिया के लिए कौन सी राह खुलती है. शामिल होंगे पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा.
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▪️Transfer update
सरप्लस शिक्षकों का 16 सितंबर तक पोस्टिंग ऑर्डर आ सकता है !!
सरप्लस शिक्षकों का 16 सितंबर तक पोस्टिंग ऑर्डर आ सकता है !!
▪️सातवें वेतनमान की मांग सरकार के स्तर पर जोर-शोर से चर्चा में है / बहुत जल्द मिल सकती खुशखबरी !
"बस आप लोगों को मिल कर आवाज़ उठाना है सरकार के सामने कि 7वां वेतन लागू किया जाए।"
"बस आप लोगों को मिल कर आवाज़ उठाना है सरकार के सामने कि 7वां वेतन लागू किया जाए।"