आज (तारीख-10.09.2026)
रोजगार और शिक्षा जगत की खबरें,बिहार
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चेतना_10.09.2026.pdf
11.1 MB
🌠चेतना सत्र 10092026👇
https://t.me/RecentlyUpdates/37251
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🌠 बिहार के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत!
बिहार के सरकारी स्कूलों में अब रात्रि प्रहरी की तैनाती के साथ-साथ CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है। 📹🏫
शुरुआत सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों से की जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों की सुरक्षा, आधारभूत संरचना और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की।
👉 अगर यह व्यवस्था सभी सरकारी स्कूलों तक पहुंचती है, तो स्कूल परिसर की सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षकों और बच्चों के लिए भी बेहतर एवं सुरक्षित माहौल तैयार होगा।
सरकारी स्कूलों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है, जितनी उनकी शिक्षा व्यवस्था।
बिहार के सरकारी स्कूलों में अब रात्रि प्रहरी की तैनाती के साथ-साथ CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है। 📹🏫
शुरुआत सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों से की जाएगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों की सुरक्षा, आधारभूत संरचना और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की।
👉 अगर यह व्यवस्था सभी सरकारी स्कूलों तक पहुंचती है, तो स्कूल परिसर की सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षकों और बच्चों के लिए भी बेहतर एवं सुरक्षित माहौल तैयार होगा।
सरकारी स्कूलों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है, जितनी उनकी शिक्षा व्यवस्था।
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🌠UPSSSC PET 2026
✅ परीक्षा तिथि: 23, 24 एवं 25 अक्टूबर 2026
✅ प्रत्येक दिन: 2 पालियाँ
✅ कुल आवेदन: 35,41,296
✅ परीक्षा तिथि: 23, 24 एवं 25 अक्टूबर 2026
✅ प्रत्येक दिन: 2 पालियाँ
✅ कुल आवेदन: 35,41,296
सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठा है ये शिक्षक बेचारा,
पोर्टल पर नजरें गड़ाए देखे घर का नज़ारा।
लॉगिन करता है रोज, लिस्ट में नाम ढूंढता है,
दिल में ट्रांसफर की आस, और आँखों में इशारा।
बच्चे पूछते हैं पापा कब आओगे घर,
वो कहता है बेटा, बस सरकार का है सहारा।
न कोई सिफारिश, न कोई जुगाड़ हमारा,
बस एक ईमानदारी से किया इंतज़ार हमारा।🥹❤️🙏
☞Sonu Sir✍️
पोर्टल पर नजरें गड़ाए देखे घर का नज़ारा।
लॉगिन करता है रोज, लिस्ट में नाम ढूंढता है,
दिल में ट्रांसफर की आस, और आँखों में इशारा।
बच्चे पूछते हैं पापा कब आओगे घर,
वो कहता है बेटा, बस सरकार का है सहारा।
न कोई सिफारिश, न कोई जुगाड़ हमारा,
बस एक ईमानदारी से किया इंतज़ार हमारा।🥹❤️🙏
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📢 महत्वपूर्ण सूचना: PRASHAST पोर्टल
सभी शिक्षकों के लिए PRASHAST पोर्टल पर Login कर Tutorial/Video देखना अनिवार्य है। कृपया सभी शिक्षक समय पर इसे पूरा करें।
🔹 Login करते समय UDISE Code एवं Mobile Number सही होना आवश्यक है।
🔹 UDISE Code में त्रुटि होने पर OTP प्राप्त नहीं होगा।
🔹 अतः Login से पहले अपना UDISE Code सही-सही दर्ज करना सुनिश्चित करें।
🔗 PRASHAST Tutorial/Login:
https://prashast.education.gov.in/prashast-tutorials/#/login
✅ सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से Login कर Video/Tutorial देखें।
सभी शिक्षकों के लिए PRASHAST पोर्टल पर Login कर Tutorial/Video देखना अनिवार्य है। कृपया सभी शिक्षक समय पर इसे पूरा करें।
🔹 Login करते समय UDISE Code एवं Mobile Number सही होना आवश्यक है।
🔹 UDISE Code में त्रुटि होने पर OTP प्राप्त नहीं होगा।
🔹 अतः Login से पहले अपना UDISE Code सही-सही दर्ज करना सुनिश्चित करें।
🔗 PRASHAST Tutorial/Login:
https://prashast.education.gov.in/prashast-tutorials/#/login
✅ सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से Login कर Video/Tutorial देखें।
🌠बिहार में शिक्षकों के अलग-अलग संवर्ग पर बड़ी पहल
शिक्षा विभाग ने विभागीय समिति का किया गठन
सेवा निरंतरता को लेकर समिति करेगी समीक्षा
वेतन संरक्षण और वेतन विसंगति पर भी होगा मंथन
प्रोन्नति और आपसी वरीयता का होगा निर्धारण
स्थानीय निकाय और विशिष्ट शिक्षकों के मामले की समीक्षा
BPSC से नियुक्त विद्यालय अध्यापकों के मुद्दे भी शामिल
प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की वरीयता भी तय होगी
समिति एक पक्ष के अंदर विभाग को सौंपेगी अपनी रिपोर्ट
रिपोर्ट की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग करेगा आगे की कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने विभागीय समिति का किया गठन
सेवा निरंतरता को लेकर समिति करेगी समीक्षा
वेतन संरक्षण और वेतन विसंगति पर भी होगा मंथन
प्रोन्नति और आपसी वरीयता का होगा निर्धारण
स्थानीय निकाय और विशिष्ट शिक्षकों के मामले की समीक्षा
BPSC से नियुक्त विद्यालय अध्यापकों के मुद्दे भी शामिल
प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की वरीयता भी तय होगी
समिति एक पक्ष के अंदर विभाग को सौंपेगी अपनी रिपोर्ट
रिपोर्ट की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग करेगा आगे की कार्रवाई
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🌠सोशल मीडिया पर '1980s Retro Trend' वायरल
📌 ट्रेंड की विशेषता: इंस्टाग्राम और फेसबुक पर '1980s Retro Trend' छाया हुआ है, जिसमें लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी आज की तस्वीरों को 1980 के दशक के विंटेज लुक में बदल रहे हैं।
📌 सेलिब्रिटी सहभागिता: राजनेता, खिलाड़ी और फिल्मी हस्तियों सहित आम लोग भी इस ट्रेंड पर अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जा रहा है।
📌 असम सीएम की सहभागिता: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस '1980s Retro Trend' पर अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है।
📌 ट्रेंड की विशेषता: इंस्टाग्राम और फेसबुक पर '1980s Retro Trend' छाया हुआ है, जिसमें लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी आज की तस्वीरों को 1980 के दशक के विंटेज लुक में बदल रहे हैं।
📌 सेलिब्रिटी सहभागिता: राजनेता, खिलाड़ी और फिल्मी हस्तियों सहित आम लोग भी इस ट्रेंड पर अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जा रहा है।
📌 असम सीएम की सहभागिता: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस '1980s Retro Trend' पर अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है।
🌠ईस्ट जोन ने रचा इतिहास, 13 साल बाद जीती दलीप ट्रॉफी, ईशान किशन ने जड़े 350 रन
📌2026 दलीप ट्रॉफी: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन विजेता
📌 विजेता: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने वेस्ट जोन के खिलाफ फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहने के बावजूद खिताब जीता।
📌 प्रदर्शन: दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी (पहली पारी में 270 रन, दूसरी पारी में 80 रन) के लिए ईशान को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
📌2026 दलीप ट्रॉफी: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन विजेता
📌 विजेता: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने वेस्ट जोन के खिलाफ फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहने के बावजूद खिताब जीता।
📌 प्रदर्शन: दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी (पहली पारी में 270 रन, दूसरी पारी में 80 रन) के लिए ईशान को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
🌠जरा संभल कर! अपनी तस्वीरों को रेट्रो लुक देना खतरनाक हो सकता है
''अपनी फोटो को दे 80-90 के दशक का रेट्रो लुक" फेसबुक पर कल से यह ट्रेंड चल रहा है. अपने कई मित्रों को ऐसी तस्वीर लगाकर इतराते हम लगातार अपनी फीड में देख रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे जुड़े खतरे क्या है?
AI चैटबॉट्स को जब हम इस तरह का promt लिखकर अपनी तस्वीरें इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं तो बैकग्राउंड में वो क्या-क्या एक्टिविटी करता है? सबसे पहले AI हमारा बायोमेट्रिक डेटा हमारे द्वारा ही दिए ओरिजनल हाई रिजॉल्यूशन फोटो से निकालता है. इस डाटा से आपके चेहरे की बनावट, आंख, नाक, कान और चेहरे की विशिष्ट पहचान जैसे तिल और स्किन की अन्य सभी विशेषताएं पता चल जाती है, कंपनियां इन तस्वीरों का उपयोग अपने एआई मॉडल और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) को बेहतर बनाने के लिए करती है.
आपके डिवाइस की जानकारी अपडेट हो जाती है. आपका आईपी एड्रेस, फोन नंबर, फोन का मॉडल और किस कंपनी का इंटरनेट डेटा आप यूज कर रहे हैं, सब रिफ्रेश हो जाता है. जब उस एआई टूल के पास आपकी स्किन, पोर्स, बाल, तिल, निशान, टेक्सचर सब कुछ देखने की क्षमता है और इंटरनेट पर आपकी अन्य बहुत सारी फोटो और अलग–अलग एंगल से वीडियो पहले से भी डली हुई है तो आपके इस ओरिजनल फोटो और पहले से मौजूद फोटो वीडियो से AI आपके चेहरे और शरीर का काफी सटीक 3D मॉडल बना सकता है, जो बाद में डीपफेक, फेस स्वैप या और भी एडवांस चीजों में इस्तेमाल हो सकता है.
इस तरह से आप खुद ही AI को अपने बारे में पूरा वेरिफाइड डेटा दे रहे हो, जो काम करोड़ों रुपए देकर गूगल फेसबुक जैसी कंपनियां अपना मॉडल ट्रेन करवाती है, वो काम आप खुद ही फ्री में एक ट्रेंड के झांसे में आकर कर दे रहे हो. सबसे बड़ी बात तो यह है कि जो कंपनी आपको 30-40 साल पीछे ले जाकर दिखा रही है और वो ये भी जान रही है कि आप भविष्य के अगले 10-20 सालों में कैसे दिखोगे.
''अपनी फोटो को दे 80-90 के दशक का रेट्रो लुक" फेसबुक पर कल से यह ट्रेंड चल रहा है. अपने कई मित्रों को ऐसी तस्वीर लगाकर इतराते हम लगातार अपनी फीड में देख रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे जुड़े खतरे क्या है?
AI चैटबॉट्स को जब हम इस तरह का promt लिखकर अपनी तस्वीरें इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं तो बैकग्राउंड में वो क्या-क्या एक्टिविटी करता है? सबसे पहले AI हमारा बायोमेट्रिक डेटा हमारे द्वारा ही दिए ओरिजनल हाई रिजॉल्यूशन फोटो से निकालता है. इस डाटा से आपके चेहरे की बनावट, आंख, नाक, कान और चेहरे की विशिष्ट पहचान जैसे तिल और स्किन की अन्य सभी विशेषताएं पता चल जाती है, कंपनियां इन तस्वीरों का उपयोग अपने एआई मॉडल और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) को बेहतर बनाने के लिए करती है.
आपके डिवाइस की जानकारी अपडेट हो जाती है. आपका आईपी एड्रेस, फोन नंबर, फोन का मॉडल और किस कंपनी का इंटरनेट डेटा आप यूज कर रहे हैं, सब रिफ्रेश हो जाता है. जब उस एआई टूल के पास आपकी स्किन, पोर्स, बाल, तिल, निशान, टेक्सचर सब कुछ देखने की क्षमता है और इंटरनेट पर आपकी अन्य बहुत सारी फोटो और अलग–अलग एंगल से वीडियो पहले से भी डली हुई है तो आपके इस ओरिजनल फोटो और पहले से मौजूद फोटो वीडियो से AI आपके चेहरे और शरीर का काफी सटीक 3D मॉडल बना सकता है, जो बाद में डीपफेक, फेस स्वैप या और भी एडवांस चीजों में इस्तेमाल हो सकता है.
इस तरह से आप खुद ही AI को अपने बारे में पूरा वेरिफाइड डेटा दे रहे हो, जो काम करोड़ों रुपए देकर गूगल फेसबुक जैसी कंपनियां अपना मॉडल ट्रेन करवाती है, वो काम आप खुद ही फ्री में एक ट्रेंड के झांसे में आकर कर दे रहे हो. सबसे बड़ी बात तो यह है कि जो कंपनी आपको 30-40 साल पीछे ले जाकर दिखा रही है और वो ये भी जान रही है कि आप भविष्य के अगले 10-20 सालों में कैसे दिखोगे.
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