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विज्ञापन संख्या-01-परीक्षा / 2026, भेषजिक मुख्य परीक्षा (प्रा०अ०प०-2025)/02 के अंतर्गत मुख्य परीक्षा हेतु शार्टलिस्ट अभ्यर्थियों का परिणाम ।
hindi_syllabus Topic पर्यायवाची
अदृश्य- अलख, अगोचर, ओझल, अंतर्धान, तिरोहित, लुप्त, गायब, परोक्ष, अदृष्ट, अदृष्टिगोचर, छिपा, विलुप्त, असमक्ष, कुहरित, तिरोभूत, पर्देदार, रहस्यपूर्ण, अचाक्षुष, अप्रकार, अप्रत्यक्ष ।
अद्भुत- विचित्र, विलक्षण, आश्चर्यजनक, स्वर्गीय, विस्मयजनक, अनोखा, अप्रतिम, दिव्य, अनूठा, असांसारिक, निराला, अपूर्व, अलौकिक, अपार्थिव, अतिप्राकृत, लोकातीत, अजीब, अजब, अद्वितीय, लोकोत्तर, विस्मयकारी, अतुलनीय, अतुल, अजूबा, असामान्य, चमत्कारपूर्ण ।
अध्यापक- गुरु, आचार्य, शिक्षक, प्रवक्ता, उपाध्याय, उपदेष्टा, उस्ताद, व्याख्याता, अवबोधक ।
अनंत- असीम, बेहद, निस्सीम, अपरिमित, अविनाशी, नित्य, अक्षम, अक्षुण्ण, अमर, अतिशय, अधिक, अगणित, असंख्य, बहुत, बेशुमार, आकाश, आसमान, नभ, गगन, अंतहीन, अनगिनत, अपार, संख्यातीत, सीमारहित ।
अनुयायी- अनुगामी, मतावलंबी, भक्त, अनुकर्ता, अनुगतिक, समर्थक, नौकर, सेवक, अनुचर, चाकर, दास, पिछलगा, पिछलग्गू, पीछे चलने वाला, समर्थक ।
अनोखा- विलक्षण, विचित्र, असाधारण, अद्भुत, निराला, अजीब, विस्मयजनक, आश्चर्यजनक, अलौकिक, अपूर्व, अद्वितीय, अप्रतिरूप, अनूठा, बेजोड़, चमत्कारिक, अजीबोगरीब, असामान्य, गैरमामूली, नया, नवीन।
अप्सरा- देवांगना, देवबाला, सुरांगना, देवकन्या, सुखनिता, अरुणप्रिया, देववधू, सुरबाला, किन्नरी, विद्याधरी, सुरनारी, सुरसुन्दरी, दिव्यांगना, हूर, परी, सुन्दरी, कामिनी, मोहिनी, गगनांगना, दिव्यनारी, स्वर्गवधू, नाकनटी।
अभिमन्यु- सौभद्र, पार्थनंदन, पाण्डुपौत्र ।
अमरूद- पेरुक, अमृतफल, बिही, सफरी, जामफल, पेरूफल।
अमृत- सुधा, पीयूष, अमिय, अमी, सोम, सुरभोग, जीवनोदक, अमी, मधु, दिव्य पदार्थ, देवभोज्य, देवाहार, शशिरस, समुद्र, नवनीत, आबेहयात।
अयोध्या - अवध, अवधपुरी, विमला, साकेत, अजोध्या, कोशलपुर, कोशलपुरी, रामजन्मस्थली ।
अर्चना- आराधना, पूजा, पूजन, अर्चन, उपासना, वंदना, इबादत, अर्चा।
अर्जुन- धनंजय, पार्थ, कौन्तेय, कुन्तिसुत, पांडुनंदन, गुडाकेश, गांडीवधर, किरीटि, पृथापुत्र, बीभत्स, सव्यसाची, विजयी, श्वेतवाजि, श्वेतवाहना, वीभत्सुर्विजयी, कपिध्वज, धनुर्धर, ऐंद्रि, गांडीवी, वृहन्नला, भारत, गांडीवधारी।
असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर, दैवारि, जातुधान, तमीचर, मायावी, सुरारि, निश्चिर, मनुजाद, राकस, निश्चर, यातुधान, इंद्रारि, तमचर, दितिज, दितिसुत, देवरिपु, ध्वांतचर, नक्तचर, शुक्रशिष्य, सुररिपु, सुरवैरी।
आकाश- गगन, अंबर, नभ, व्योम, अन्न, अनंत, पुष्कर, अन्तरिक्ष, वियत, शून्य, खे, घनवास, खगोल, तारापथ, आसमान, दिव, शून्यद्या, देवपथ, दुष्कर, महानील, शून्यरव, सुखर्त्यन्, क्यित, विहायस, नाक, द्युस्, फलक, द्युलोक, द्यु, नभमंडल, नभोमंडल, अर्श, अधर, उर्ध्वलोक, द्यौ।
आकाशगंगा- आकाशनदी, स्वर्गनदी, मंदाकिनी, नभगंगा, सुरदीर्घिका, देवगंगा, नभोनदी ।
आदि- प्रथम, पहला, आरंभिक, आरंभ, शुरुआत, इत्यादि, वगैरह, मूलकारण, बुनियाद, ईश्वर, परमात्मा, आदिक, प्रभूति, प्राथमिक, अथआरंभ, आगाज, सुभारंभ, शुरू, श्रीगणेश, समारंभ, आदिम, प्रारंभ, सूत्रपात, उपक्रम, अथ, शिलान्यास, आविर्भाव, प्रादुर्भाव, प्राकट्य, उदय, उद्भव ।
आम- आम्र, रसाल, सहकार, अमृतफल, सौरभ, मादक, नूत, पिकबंधु, अतिसौरभ, मन्मथालय (आम का पेड़), फलराज, अम्ब, फलश्रेष्ठ, कामशर, चूत, अतिसीरम, पियुम्बु, मृषाढक, मदाल्य, अदिप्रिय, मदिरास्ख, पिकप्रिय, कामवल्छभ, कीरष्ट, मन्मथावास ।
इंद्र- उर्वशीनाथ, सुनासीर, वज्री, वृत्रहा, नाकपति, सलस्राक्ष, शक्र, सुरपति, देवराज, पुरंदर, शचीपति, अमरपति, देवेश, सुरेश, मधवा, अमरेश, पुरहूत, विबुधेश, वज्रधर, वासव, मेघपति, सुरेन्द्र, सहस्राक्ष, जिष्णु, मघवन, विडौजा, उपेन्द्र, पाकशासक, निर्जरपति, पाकशासन, मेघवाहन, महेन्द्र, वृषा, कौशिक, पाकरिपु, सुत्रामन, शतमन्यु, अमरनाथ, देवपति, मेघराज, सुरराज, सुरेश्वर ।
इंद्र का पुत्र- जयंत, उपेन्द्र, ऐंद्रि ।
इंद्र का वज- कुलिश, वज्र, पवि, अशनि, भिदुर, भेदी शतकोटि ।
इंद्र का हाथी- अभ्रमातंग, गजेन्द्र, ऐरावत ।
इंद्रधनुष- इन्द्रायुध, शक्रधनु, ऋजुरोहित, सरधनु, शक्रचाप, सप्तवर्ण, सप्तकर्ण, धनु, धनुक, इंद्रधनु।
इंद्रजीत- इंद्रदमन, इंद्रजित्, मेघनाद
इंद्रपुरी- अमरावती, देवपुरी, इंद्रलोक, देवलोक, सुरपुर, स्वर्ग ।
अदृश्य- अलख, अगोचर, ओझल, अंतर्धान, तिरोहित, लुप्त, गायब, परोक्ष, अदृष्ट, अदृष्टिगोचर, छिपा, विलुप्त, असमक्ष, कुहरित, तिरोभूत, पर्देदार, रहस्यपूर्ण, अचाक्षुष, अप्रकार, अप्रत्यक्ष ।
अद्भुत- विचित्र, विलक्षण, आश्चर्यजनक, स्वर्गीय, विस्मयजनक, अनोखा, अप्रतिम, दिव्य, अनूठा, असांसारिक, निराला, अपूर्व, अलौकिक, अपार्थिव, अतिप्राकृत, लोकातीत, अजीब, अजब, अद्वितीय, लोकोत्तर, विस्मयकारी, अतुलनीय, अतुल, अजूबा, असामान्य, चमत्कारपूर्ण ।
अध्यापक- गुरु, आचार्य, शिक्षक, प्रवक्ता, उपाध्याय, उपदेष्टा, उस्ताद, व्याख्याता, अवबोधक ।
अनंत- असीम, बेहद, निस्सीम, अपरिमित, अविनाशी, नित्य, अक्षम, अक्षुण्ण, अमर, अतिशय, अधिक, अगणित, असंख्य, बहुत, बेशुमार, आकाश, आसमान, नभ, गगन, अंतहीन, अनगिनत, अपार, संख्यातीत, सीमारहित ।
अनुयायी- अनुगामी, मतावलंबी, भक्त, अनुकर्ता, अनुगतिक, समर्थक, नौकर, सेवक, अनुचर, चाकर, दास, पिछलगा, पिछलग्गू, पीछे चलने वाला, समर्थक ।
अनोखा- विलक्षण, विचित्र, असाधारण, अद्भुत, निराला, अजीब, विस्मयजनक, आश्चर्यजनक, अलौकिक, अपूर्व, अद्वितीय, अप्रतिरूप, अनूठा, बेजोड़, चमत्कारिक, अजीबोगरीब, असामान्य, गैरमामूली, नया, नवीन।
अप्सरा- देवांगना, देवबाला, सुरांगना, देवकन्या, सुखनिता, अरुणप्रिया, देववधू, सुरबाला, किन्नरी, विद्याधरी, सुरनारी, सुरसुन्दरी, दिव्यांगना, हूर, परी, सुन्दरी, कामिनी, मोहिनी, गगनांगना, दिव्यनारी, स्वर्गवधू, नाकनटी।
अभिमन्यु- सौभद्र, पार्थनंदन, पाण्डुपौत्र ।
अमरूद- पेरुक, अमृतफल, बिही, सफरी, जामफल, पेरूफल।
अमृत- सुधा, पीयूष, अमिय, अमी, सोम, सुरभोग, जीवनोदक, अमी, मधु, दिव्य पदार्थ, देवभोज्य, देवाहार, शशिरस, समुद्र, नवनीत, आबेहयात।
अयोध्या - अवध, अवधपुरी, विमला, साकेत, अजोध्या, कोशलपुर, कोशलपुरी, रामजन्मस्थली ।
अर्चना- आराधना, पूजा, पूजन, अर्चन, उपासना, वंदना, इबादत, अर्चा।
अर्जुन- धनंजय, पार्थ, कौन्तेय, कुन्तिसुत, पांडुनंदन, गुडाकेश, गांडीवधर, किरीटि, पृथापुत्र, बीभत्स, सव्यसाची, विजयी, श्वेतवाजि, श्वेतवाहना, वीभत्सुर्विजयी, कपिध्वज, धनुर्धर, ऐंद्रि, गांडीवी, वृहन्नला, भारत, गांडीवधारी।
असुर- दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर, दैवारि, जातुधान, तमीचर, मायावी, सुरारि, निश्चिर, मनुजाद, राकस, निश्चर, यातुधान, इंद्रारि, तमचर, दितिज, दितिसुत, देवरिपु, ध्वांतचर, नक्तचर, शुक्रशिष्य, सुररिपु, सुरवैरी।
आकाश- गगन, अंबर, नभ, व्योम, अन्न, अनंत, पुष्कर, अन्तरिक्ष, वियत, शून्य, खे, घनवास, खगोल, तारापथ, आसमान, दिव, शून्यद्या, देवपथ, दुष्कर, महानील, शून्यरव, सुखर्त्यन्, क्यित, विहायस, नाक, द्युस्, फलक, द्युलोक, द्यु, नभमंडल, नभोमंडल, अर्श, अधर, उर्ध्वलोक, द्यौ।
आकाशगंगा- आकाशनदी, स्वर्गनदी, मंदाकिनी, नभगंगा, सुरदीर्घिका, देवगंगा, नभोनदी ।
आदि- प्रथम, पहला, आरंभिक, आरंभ, शुरुआत, इत्यादि, वगैरह, मूलकारण, बुनियाद, ईश्वर, परमात्मा, आदिक, प्रभूति, प्राथमिक, अथआरंभ, आगाज, सुभारंभ, शुरू, श्रीगणेश, समारंभ, आदिम, प्रारंभ, सूत्रपात, उपक्रम, अथ, शिलान्यास, आविर्भाव, प्रादुर्भाव, प्राकट्य, उदय, उद्भव ।
आम- आम्र, रसाल, सहकार, अमृतफल, सौरभ, मादक, नूत, पिकबंधु, अतिसौरभ, मन्मथालय (आम का पेड़), फलराज, अम्ब, फलश्रेष्ठ, कामशर, चूत, अतिसीरम, पियुम्बु, मृषाढक, मदाल्य, अदिप्रिय, मदिरास्ख, पिकप्रिय, कामवल्छभ, कीरष्ट, मन्मथावास ।
इंद्र- उर्वशीनाथ, सुनासीर, वज्री, वृत्रहा, नाकपति, सलस्राक्ष, शक्र, सुरपति, देवराज, पुरंदर, शचीपति, अमरपति, देवेश, सुरेश, मधवा, अमरेश, पुरहूत, विबुधेश, वज्रधर, वासव, मेघपति, सुरेन्द्र, सहस्राक्ष, जिष्णु, मघवन, विडौजा, उपेन्द्र, पाकशासक, निर्जरपति, पाकशासन, मेघवाहन, महेन्द्र, वृषा, कौशिक, पाकरिपु, सुत्रामन, शतमन्यु, अमरनाथ, देवपति, मेघराज, सुरराज, सुरेश्वर ।
इंद्र का पुत्र- जयंत, उपेन्द्र, ऐंद्रि ।
इंद्र का वज- कुलिश, वज्र, पवि, अशनि, भिदुर, भेदी शतकोटि ।
इंद्र का हाथी- अभ्रमातंग, गजेन्द्र, ऐरावत ।
इंद्रधनुष- इन्द्रायुध, शक्रधनु, ऋजुरोहित, सरधनु, शक्रचाप, सप्तवर्ण, सप्तकर्ण, धनु, धनुक, इंद्रधनु।
इंद्रजीत- इंद्रदमन, इंद्रजित्, मेघनाद
इंद्रपुरी- अमरावती, देवपुरी, इंद्रलोक, देवलोक, सुरपुर, स्वर्ग ।
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Complete_Final_Revision_for_UP_Lekhpal_By_Abhishek_Sir_at_Quick.pdf
25.8 MB
Complete Final Revision for UP Lekhpal By Abhishek Sir at Quick Revision Classes.pdf
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UPSSSC लेखपाल पेपर 2026 (2).pdf
23.9 MB
UPSSSC लेखपाल पेपर 2026.pdf
पेपर का एक बड़ा हिस्सा @quickrevisionclasses की पीडीएफ से आया है।
लगातार मेहनत करते रहिए, निरंतरता ही सफलता की गारंटी देगी।
फर्क नहीं पड़ता लेखपाल का पेपर बहुत अच्छा हुआ या बस ठीक ठाक।
जिनका अच्छा हुआ है उन्हें बधाई लेकिन रुकना नहीं है।
अब मेहनत को और मजबूत कर देना है।
लगातार मेहनत करते रहिए, निरंतरता ही सफलता की गारंटी देगी।
फर्क नहीं पड़ता लेखपाल का पेपर बहुत अच्छा हुआ या बस ठीक ठाक।
जिनका अच्छा हुआ है उन्हें बधाई लेकिन रुकना नहीं है।
अब मेहनत को और मजबूत कर देना है।
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Quick Revision Classes
Complete_Final_Revision_for_UP_Lekhpal_By_Abhishek_Sir_at_Quick.pdf
4-5 प्रश्न तो इस अंतिम पीडीएफ से आए हैं लेखपाल परीक्षा में।
लेखपाल भर्ती परीक्षा में हो रहे धांधली के दावों पर सरकार और UPSSSC की खामोशी छात्रों का भरोसा तोड़ रही है। पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है!
📢 ट्विटर कैंपेन 📢
⏰ कल सुबह 10:00 बजे से
🎯 Hashtag: #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
📢 ट्विटर कैंपेन 📢
⏰ कल सुबह 10:00 बजे से
🎯 Hashtag: #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
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🟥 महान झीलों (Great Lakes) पश्चिम से पूर्व इन झीलों का क्रम
Note - सुपीरियर झील विश्व की ताजे पानी की सबसे बड़ी झील है
▪️ विश्व की सबसे बड़ी झील कैस्पियन सागर है किन्तु इसका पानी लवणीय है |
▪️सुपीरियर झील महान झीलों में सबसे बड़ी झील है
🔲 अन्य महत्वपूर्ण फैक्ट्स
सुपीरियर झील को ह्यूरोन झील से जोड़ती है l
ईरी झील को मिशिगन झील से जोड़ती है l
◾️ सुपीरियर, ह्यूरान, ईरी तथा ओंटोरियों झील,संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित हैं | इन झीलों के जल का उपयोग दोनों देश बराबर मात्रा में करते है |
◾️ मिशिगन झील पूरी तरह अमेरिका में स्थित है
◾️ ईरी झील और ओंटोरियों झील के मध्य एक जलप्रपात स्थित है, इसे नियाग्रा जलप्रपात कहते हैं|नियाग्रा जलप्रपात से जलविद्युत का उत्पादन किया जाता है l
🔳 झील तथा उनके तट पर स्थित नगर
▪️सुपीरियर झील
▪️मिशिगन झील
▪️ह्यूरान झील
▪️ईरी झील
▪️ओंटोरियो झील
Note - सुपीरियर झील विश्व की ताजे पानी की सबसे बड़ी झील है
▪️ विश्व की सबसे बड़ी झील कैस्पियन सागर है किन्तु इसका पानी लवणीय है |
▪️सुपीरियर झील महान झीलों में सबसे बड़ी झील है
🔲 अन्य महत्वपूर्ण फैक्ट्स
◾️ सू - नहर
सुपीरियर झील को ह्यूरोन झील से जोड़ती है l
◾️ ईरी नहर
ईरी झील को मिशिगन झील से जोड़ती है l
◾️ सुपीरियर, ह्यूरान, ईरी तथा ओंटोरियों झील,संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित हैं | इन झीलों के जल का उपयोग दोनों देश बराबर मात्रा में करते है |
◾️ मिशिगन झील पूरी तरह अमेरिका में स्थित है
◾️ ईरी झील और ओंटोरियों झील के मध्य एक जलप्रपात स्थित है, इसे नियाग्रा जलप्रपात कहते हैं|नियाग्रा जलप्रपात से जलविद्युत का उत्पादन किया जाता है l
🔳 झील तथा उनके तट पर स्थित नगर
◽️सुपीरियर झील - डुलुथ
◽️मिशिगन झील - गैरी
◽️ईरी झील - डेट्रायट
◽️ओंटारियों झील - हैमिल्टन
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