रातों को पढ़ते-पढ़ते आँखें लाल हो गई,
माँ की उम्मीदें भी अब बेमिसाल हो गई।
कब लगेगी लाल की नौकरी, यही हर दिन सवाल है,
जिस दिन लगेगी लाला, चेहरे पर फिर लाली ही लाली है। 🔥💯
माँ की उम्मीदें भी अब बेमिसाल हो गई।
कब लगेगी लाल की नौकरी, यही हर दिन सवाल है,
जिस दिन लगेगी लाला, चेहरे पर फिर लाली ही लाली है। 🔥💯
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