जाग मुसाफिर जाग, घणा दिन सो लियो, अब पेपर की बारी है 📚🔥
किताबां खोल ले आज, जीत अब थारी सवारी है ✍️🏆
रातां की मेहनत याद रख, मत हिम्मत हारी है 💯🌙
अब कलम चलानी जोर सूं, किस्मत लिखण री बारी है 🚀✨
किताबां खोल ले आज, जीत अब थारी सवारी है ✍️🏆
रातां की मेहनत याद रख, मत हिम्मत हारी है 💯🌙
अब कलम चलानी जोर सूं, किस्मत लिखण री बारी है 🚀✨
❤20
रातों को पढ़ते-पढ़ते आँखें लाल हो गई,
माँ की उम्मीदें भी अब बेमिसाल हो गई।
कब लगेगी लाल की नौकरी, यही हर दिन सवाल है,
जिस दिन लगेगी लाला, चेहरे पर फिर लाली ही लाली है। 🔥💯
माँ की उम्मीदें भी अब बेमिसाल हो गई।
कब लगेगी लाल की नौकरी, यही हर दिन सवाल है,
जिस दिन लगेगी लाला, चेहरे पर फिर लाली ही लाली है। 🔥💯
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