◾️The 21st Meeting of Shanghai Cooperation organisation (SCO) Council of Heads of Government (CHG) was held on 01 November 2022 in the virtual format.
🔶The SCO CHG meeting held annually focuses on the trade and economic agenda of the Organization and approves its annual budget.
Continue reading to find out more
⏹about:
- Shanghai Cooperation Organisation, a permanent intergovernmental international organisation, created in June 2001 in Shanghai
- Observers: SCO has 6 observer states namely: Afghanistan, Belarus, Mongolia, Saudi Arabia, Egypt and Qatar.
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- Observers: SCO has 6 observer states namely: Afghanistan, Belarus, Mongolia, Saudi Arabia, Egypt and Qatar.
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The Supreme Court of India on Monday upheld the constitutional validity of 10% reservation in jobs and education for Economically Weaker Sections (EWS). A five-judge Constitution bench of the top court lead by Chief Justice of India Uday Umesh Lalit delivered the judgement with a majority view that it does not violate the basic structure of the Constitution.
@PROFESSOR_ADDA
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EWS Reservation: जारी रहेगा EWS कोटा
Supreme Court on EWS Reservation: सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को मिल रहे आरक्षण को बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस यूयू ललित के नेतृत्व में 5 जजों की पीठ ने 3-2 से संविधान के 103वें संशोधन को सही ठहराया। आरक्षण के खिलाफ दलील दी गई थी कि यह 103वां संविधान संशोधन के साथ धोखा है
@PROFESSOR_ADDA
क्या था पूरा मामला, समझिए
सुप्रीम कोर्ट आज 103वें संविधान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा। इसमें प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के व्यक्तियों को 10 फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया है। पीठ ने 27 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस मामले में मैराथन सुनवाई लगभग सात दिनों तक की थी। इसमें याचिकाकर्ताओं और (तत्कालीन) अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ईडब्ल्यूएस कोटे का बचाव किया था।
याचिका में क्या दिए गए थे तर्क, जानिए
इससे पहले गोपाल ने तर्क दिया था कि 103वां संविधान संशोधन के साथ धोखा है। जमीनी हकीकत यह है कि यह देश को जाति के आधार पर बांट रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संशोधन सामाजिक न्याय की संवैधानिक दृष्टि पर हमला है। उनके राज्य में, जो केरल है, उन्हें यह कहते हुए खुशी नहीं है कि सरकार ने ईडब्ल्यूएस के लिए एक आदेश जारी किया और शीर्षक जाति था और वह सभी देश की सबसे विशेषाधिकार प्राप्त जातियां थी।
Supreme Court on EWS Reservation: सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को मिल रहे आरक्षण को बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस यूयू ललित के नेतृत्व में 5 जजों की पीठ ने 3-2 से संविधान के 103वें संशोधन को सही ठहराया। आरक्षण के खिलाफ दलील दी गई थी कि यह 103वां संविधान संशोधन के साथ धोखा है
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क्या था पूरा मामला, समझिए
सुप्रीम कोर्ट आज 103वें संविधान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा। इसमें प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के व्यक्तियों को 10 फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया है। पीठ ने 27 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस मामले में मैराथन सुनवाई लगभग सात दिनों तक की थी। इसमें याचिकाकर्ताओं और (तत्कालीन) अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ईडब्ल्यूएस कोटे का बचाव किया था।
याचिका में क्या दिए गए थे तर्क, जानिए
इससे पहले गोपाल ने तर्क दिया था कि 103वां संविधान संशोधन के साथ धोखा है। जमीनी हकीकत यह है कि यह देश को जाति के आधार पर बांट रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संशोधन सामाजिक न्याय की संवैधानिक दृष्टि पर हमला है। उनके राज्य में, जो केरल है, उन्हें यह कहते हुए खुशी नहीं है कि सरकार ने ईडब्ल्यूएस के लिए एक आदेश जारी किया और शीर्षक जाति था और वह सभी देश की सबसे विशेषाधिकार प्राप्त जातियां थी।
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