PIB Fact Check
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Countering misinformation on Govt. policies/schemes.

Suspect a Govt. related news to be fake? Send it to us at +918799711259/socialmedia@pib.gov.in
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A #fake lucky draw is luring people into providing their personal information by offering free gifts in the name of India Post Office

#PIBFactCheck

⚠️It is a #Scam & is not related to India Post

✔️Be cautious! Refrain from clicking on such suspicious links
A post by IndianTechGuide claims that from April 1, 2026, the Income Tax Department will have the 'authority' to access your social media, emails, and other digital platforms to curb tax evasion.

#PIBFactCheck

The claim being made in this post is #misleading! Here’s the real picture:

The provisions of section 247 of Income Tax Act 2025 are strictly limited to Search and Survey operations. Unless a taxpayer is undergoing a formal search operation due to evidence of significant tax evasion, the department has no power to access their private digital spaces.

The powers cannot be used for routine information gathering/processing, or even for cases under scrutiny assessment. These measures are specifically designed to target black money and large-scale evasion during search and survey , not the everyday law-abiding citizen

The power to seize documents and evidence during search and survey operations has existed since the 1961 Act.
यू-ट्यूब चैनल 'mahakcomputer2844' के एक वीडियो शॉर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह ₹2500 मिलेंगे।

#PIBFactCheck

यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।

⚠️ कृपया ऐसे लुभावने दावों के झांसे में न आएं। आधिकारिक स्त्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा कीजिए।

▶️ केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हेतु myscheme.gov.in पर विजिट कीजिए।
दावा-: केंद्र सरकार द्वारा "वन स्टूडेंट- वन लैपटॉप योजना" के तहत सभी 10वीं पास विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटॉप दिया जाएगा।

यूट्यूब चैनल "EarnByJony21" के वीडियो में किया जा रहा यह दावा *फर्जी* है।

⚠️ केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में 'वन स्टूडेंट- वन लैपटॉप' स्कीम नहीं चलाई जा रही है।

▶️https://aicte.gov.in/sites/default/files/Circular_Fake%20News%20of%20Pradhanmantri%20Free%20Laptop%20Scheme.pdf

🔸 कृपया ऐसे कंटेंट के झांसे में न आएं। केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी तरह की संदिग्ध जानकारी, वीडियो अथवा तस्वीर तुरंत PIB Fact Check को भेजिए - वास्तविकता हम आपको बताएंगे

📲 व्हाट्सएप: +91 8799711259
📧 ईमेल: factcheck@pib.gov.in
सोशल मीडिया पर एक आलेख की तस्वीर शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा फोन कॉल्स और सोशल मीडिया ऐप्स के लिए 'नए संचार नियम' लागू किए जा रहे हैं।

#PIBFactCheck

यह दावा #फर्जी है।

केंद्र सरकार द्वारा ऐसे कोई नियम लागू नहीं किए गए हैं।

⚠️ कृपया ऐसी अपुष्ट जानकारियों को साझा न करें।

🔸 केंद्र सरकार से संबंधित प्रामाणिक जानकारी हेतु आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास कीजिए।
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#YouTube चैनल "Indian Press House" के एक वीडियो में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधी कुछ दावे किए गए हैं:

दावा: वीडियो में कहा गया है कि केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए कुल ₹36.5 लाख करोड़ का आवंटन हुआ, लेकिन इसमें से केवल ₹7.85 लाख करोड़ (21%) ही खर्च किए गए, जबकि शेष 79% राशि की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है

#PIBFactCheck:

यह दावा फर्जी है

➡️वर्ष 2016–17 से 2025–26 के बीच केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के लिए ₹38.35 लाख करोड़ का बजट अनुमान (Budget Estimate) रखा गया, जिसमें से 2016-17 से 2024-25 तक ₹32.52 लाख करोड़ का वास्तविक व्यय (Actual Expenditure) हुआ है

➡️केंद्र प्रायोजित योजनाएँ वे विकास परियोजनाएँ हैं जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा शुरू, डिज़ाइन और वित्त पोषित किया जाता है, लेकिन जिनका क्रियान्वयन राज्य सरकारों और उनकी एजेंसियों द्वारा किया जाता है

किसी वित्तीय वर्ष के अंत में अप्रयुक्त राशि का पूरा हिसाब रहता है और यह भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में दर्ज रहती है
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दावा: वीडियो में स्मार्ट सिटी मिशन के संबंध में दावा किया गया है कि इस योजना के तहत 9,70,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की गई, लेकिन वास्तव में केवल ₹182 करोड़ (लगभग 0.01%) ही खर्च किए गए हैं, कई शहरों में परियोजनाएँ 10–15% से अधिक पूरी नहीं हुई हैं और अधिकांश परियोजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित हैं

#PIBFactCheck:

यह दावा फर्जी है

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 शहर केंद्र सरकार से ₹47,458 करोड़ (यानी कुल केंद्रीय आवंटन का 99%) की वित्तीय सहायता प्राप्त कर चुके हैं। इन 100 शहरों में से 88 शहर अपनी केंद्रीय वित्तीय सहायता का 100% प्राप्त कर चुके हैं

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कुल केंद्रीय वित्तीय सहायता में से ₹46,152 करोड़ (97%) खर्च कर लिए हैं

कुल 8,064 परियोजनाओं में से 7,752 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, यानी लगभग 96% परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो गई हैं

इंदौर, भोपाल और पटना ने अपनी 100 फीसदी परियोजनाएँ पूरी कर ली हैं
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#YouTube वीडियो में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर यह दावा किया गया है कि ₹9,700 करोड़ के बजट में से केवल ₹2,000 करोड़ (21%) खर्च हुए हैं, 37% आवास अधूरे हैं और ग्रामीण भारत से जुड़ी CAG रिपोर्ट के हवाले से फर्जी लाभार्थियों व अनियमितताओं की बात कही गई है

#PIBFactCheck:

यह दावा फर्जी है

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत अब तक 3.86 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2.91 करोड़ आवास पूरे हो चुके हैं

Phase-I में केंद्र का हिस्सा ₹2.26 लाख करोड़ रहा और कुल व्यय ₹3.33 लाख करोड़ से अधिक है। वर्तमान चरण में अब तक ₹39,963 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है, जबकि कुल व्यय ₹65,087 करोड़ तक हो चुका है

वीडियो में PMAY-G के संबंध में जिस CAG रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, ऐसी कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है

PMAY-G के तहत सहायता राशि AwaasSoft–PFMS प्लेटफॉर्म के माध्यम से आधार पेमेंट ब्रिज द्वारा सीधे लाभार्थियों के खातों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्तांतरित की जाती है

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (PMAY-U) के तहत 2015 से अब तक 112 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग
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वीडियो में अमृत मिशन को लेकर यह दावा किया गया है कि इस योजना के लिए ₹8,400 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया, लेकिन इसमें से केवल ₹2,400 करोड़ (29%) ही खर्च किए गए। साथ ही यह भी कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में केवल 50% घरों तक ही पाइप से जल आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकी है

#PIBFactCheck:

यह दावा फर्जी है

▶️अटल पुनर्जीवन और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) के तहत अब तक 6,008 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनकी कुल लागत ₹83,470.84 करोड़ है। इनमें से ₹80,808 करोड़ मूल्य के कार्य भौतिक रूप से पूरे किए जा चुके हैं और ₹74,150 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है

▶️AMRUT 2.0 के तहत अब तक ₹48,000 करोड़ मूल्य का कार्य पूरा हो चुका है

▶️AMRUT 2.0 के तहत वित्त वर्ष 2025–26 में केंद्रीय हिस्से के रूप में ₹7,022 करोड़ की Mother Sanctions जारी की गई हैं, जिनमें से ₹4,870 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है

▶️AMRUT/AMRUT 2.0 और अभिसरण के माध्यम से 228 लाख नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में नल जल की समग्र उपलब्धता 2011 में 49% से बढ़कर लगभग 77% हो गई है
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🚨 सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि दिनांक 01 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 के नए नियम प्रभावी होंगे, जिनके तहत नकद लेनदेन तथा घर पर निश्चित सीमा से अधिक धन रखने से संबंधित नए कर और दंड लागू किए जाएंगे।

#PIBFactCheck:

यह दावा भ्रामक है।

आयकर अधिनियम, 2025 में संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में किसी भी प्रकार के नए कर, दंड अथवा रिपोर्टिंग दायित्व का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

आयकर अधिनियम, 2025 का उद्देश्य केवल सरलीकरण, स्पष्टता में सुधार और निरंतरता सुनिश्चित करना है तथा यह आयकर अधिनियम, 1961 की तुलना में कोई प्रमुख नीतिगत परिवर्तन को लागू नहीं करता है।

करदाता एवं अन्य हितधारक सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए आयकर पोर्टल पर उपलब्ध FAQ तथा अनुभाग-वार मैपिंग टूल को देख सकते हैं।

🔗 https://incometaxindia.gov.in/Pages/income-tax-bill-2025.aspx
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📣 कहीं आप भी भारत सरकार के नाम पर की जा रही ‘प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल योजना’ जैसी धोखाधड़ी के शिकार तो नहीं हो रहे हैं

#PIBFactCheck:

#YouTube चैनल ‘Tech with Vermaji’ द्वारा सभी महिलाओं एवं कक्षा 9 से 12 के छात्रों को मुफ्त मोबाइल फोन दिए जाने का दावा #फर्जी है।

भारत सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है।

⚠️ ऐसे फर्जी दावों से सतर्क रहें और केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।

🔸 केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी, वीडियो अथवा तस्वीर तुरंत
@PIBFactCheck को भेजें - हम आपको उसकी वास्तविकता बताएंगे।

📲 व्हाट्सएप: +91 8799711259
📧 ईमेल: factcheck@pib.gov.in
▶️ जिलों द्वारा प्रस्तुत प्रविष्टियों की जिला अधिकारियों और मंत्रालय द्वारा बहुस्तरीय जांच की जाती है, और कम से कम एक प्रतिशत कार्यों का स्वतंत्र रूप से भौतिक सत्यापन किया जाता है, ताकि गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सके।

▶️ कैच द रेन (CTR) पोर्टल पूरी तरह से एक अलग प्लेटफॉर्म है, और वहाँ पोस्ट की गई छवियों पर पुरस्कारों के लिए विचार नहीं किया जाता।

▶️ संपूर्ण विवरण यहां उपलब्ध है - https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2209976&reg=3&lang=1

⚠️ कृपया केंद्र सरकार से संबंधित प्रामाणिक जानकारी हेतु आधिकारिक स्त्रोतों पर ही विश्वास कीजिए।
🚨 “Lionel Sanchez” नामक फेसबुक पोस्ट के एक #फर्ज़ी AI-जनरेटेड वीडियो के थंबनेल में यह दावा किया जा रहा है कि कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

#PIBFactCheck

यह दावा #फर्जी है

⚠️ कृपया सतर्क रहें। ऐसे सनसनीखेज और फर्ज़ी कंटेंट को फॉरवर्ड न करें।

🔸 केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी, वीडियो अथवा तस्वीर तुरंत PIB Fact Check को भेजें- वास्तविक जानकारी हम आप तक पहुंचाएंगे।

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🚨 फेसबुक पेज “Lionel Sanchez” द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के थंबनेल में बिहार चुनाव रद्द होने एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेल की सजा होने का दावा किया जा रहा है

#PIBFactCheck

वीडियो थंबनेल में किया गया दावा फर्ज़ी है।

⚠️ बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी सामग्री पर भरोसा न करें और न ही आगे साझा करें।

💡सजग रहें। जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनें!
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर “Lionel Sanchez” नामक अकाउंट द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के थंबनेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फांसी की सज़ा दिए जाने का दावा किया जा रहा है।

#PIBFactCheck:

यह दावा पूर्णत: फर्जी है

⚠️इस तरह के थंबनेल अक्सर सनसनी फैलाने और क्लिकबेट के लिए उपयोग किए जाते हैं

📣किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक सरकारी स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें
🚨 “Rahul Ali” नामक फेसबुक पोस्ट के एक वीडियो थंबनेल में यह दावा किया जा रहा है कि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जेल की सज़ा दी है।

#PIBFactCheck

यह दावा पूर्णतः #फर्जी है।

⚠️ जनसामान्य के बीच दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे ऐसे भ्रामक वीडियो साझा न करें।

🔸 केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध खबर, वीडियो या तस्वीर PIB Fact Check को भेजें -

📱 व्हाट्सएप: +91 8799711259
📧 ईमेल: factcheck@pib.gov.in
📣फेसबुक पेज “Rahul Ali” द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के थंबनेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेल की सजा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के फरार होने का दावा किया जा रहा है।

#PIBFactCheck

यह दावा #फर्जी है

⚠️ ऐसे कंटेंट का उद्देश्य अफवाह फैलाना, जनता को भ्रमित करना और गलत नैरेटिव गढ़ना होता है। बिना पुष्टि किए इस प्रकार की सामग्री को साझा करना दुष्प्रचार को बढ़ावा देता है।

🛑 थंबनेल, हेडलाइन या एडिटेड विजुअल देखकर किसी निष्कर्ष पर न पहुँचें। हमेशा आधिकारिक स्रोतों से तथ्य सत्यापित करें।
Media is too big
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🚨इंस्टाग्राम अकाउंट ‘manjju.choudhary’ द्वारा एक #Instagram रील के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि सरकार ने ₹10 लाख से अधिक के बैंक लेन-देन पर “85% टैक्स” लगा दिया है

#PIBFactCheck:

यह दावा #फर्जी है

☑️ आयकर (Income Tax) केवल आय पर लगाया जाता है, लेन-देन (Transaction) पर नहीं

☑️ आयकर अधिनियम ( Income-tax Act) में ₹10 लाख से अधिक के बैंक लेन-देन पर किसी भी प्रकार का कर लगाने से संबंधित कोई प्रावधान मौजूद नहीं है

👉 ऐसे फर्जी दावों से सावधान रहें और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें
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An Instagram post by 'bingewealth' claims that the Income-tax Department (ITD) tracks people’s personal digital activity, online spending, or lifestyle.

#PIBFactCheck

This claim is #misleading! Here’s the real picture:

The Income-tax Department does NOT track online shopping, digital payments, app-based transactions, or any form of personal spending behaviour. There is no mechanism to monitor an individual’s digital or online activity.

Reporting under Section 285BA of the Income Tax Act, 1961 does not involve surveillance. The Statement of Financial Transactions (SFT) framework requires specified entities (banks, registrars, etc.) to report limited high-value transactions as part of routine compliance. These provisions have existed for years and do not involve behavioural profiling or online activity monitoring.
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Claim: From 01.04.2026, ITD can access emails, social media, trading apps, or private accounts.

This claim is #misleading.

Section 247 of the Income Tax Act, 2025 applies only to Search and Survey operations. Unless there is evidence of serious tax evasion and a formal search is initiated, the ITD has no authority to access private digital spaces.

These powers cannot be used for routine data collection, scrutiny assessments, or general monitoring. They are meant solely to tackle black money and large-scale evasion, not law-abiding citizens.

The authority to seize documents during search and survey has existed since the Income Tax Act, 1961.

🔗For more info, read: https://incometaxindia.gov.in/Pages/income-tax-bill-2025.aspx
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🚨 “today_deal7” नामक इंस्टाग्राम प्रोफाइल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनेक वीडियोज का उपयोग कर फ्री स्कूटी, फ्री मोटरसाइकिल, फ्री साइकिल और फ्री रिचार्ज जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रचार कर रही है।

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यह #AI-जनरेटेड #फर्ज़ी वीडियो है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है।

⚠️ कृपया सतर्क रहें। ऐसे सनसनीखेज और फर्ज़ी कंटेंट के झांसे में न आएं तथा इन्हें फॉरवर्ड न करें।

🔸 केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी, वीडियो अथवा तस्वीर तुरंत PIB Fact Check को भेजें - वास्तविक जानकारी हम आप तक पहुंचाएंगे।

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