भारत के सभी राज्यों के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान – States & Their Major National Parks
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)
• श्री वेंकटेश्वर – Sri Venkateswara
• पापिकोंडा – Papikonda
अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)
• नामदाफा – Namdapha
• मौलिंग – Mouling
असम (Assam)
• काज़ीरंगा – Kaziranga
• मानस – Manas
• नामेरी – Nameri
• ओरंग – Orang
• डिब्रू–सैखोवा – Dibru–Saikhowa
बिहार (Bihar)
• वाल्मीकि – Valmiki
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)
• इंद्रावती – Indravati
• कांगेर घाटी – Kanger Valley
• गुरु घासीदास – Guru Ghasidas
गोवा (Goa)
• मोल्लेम – Mollem
गुजरात (Gujarat)
• गिर – Gir
• ब्लैकबक (वेलावदर) – Blackbuck (Velavadar)
• मरीन (कच्छ की खाड़ी) – Marine (Gulf of Kutch)
• वंसदा – Vansda
हरियाणा (Haryana)
• सुल्तानपुर – Sultanpur
• कालेसर – Kalesar
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
• ग्रेट हिमालयन – Great Himalayan
• पिन वैली – Pin Valley
• खीरगंगा – Khirganga
• इंदरकिला – Inderkilla
• सिम्बलबाड़ा – Simbalbara
झारखंड (Jharkhand)
• बेतला – Betla
कर्नाटक (Karnataka)
• बांदीपुर – Bandipur
• नागरहोल – Nagarhole
• बन्नेरघट्टा – Bannerghatta
• कुद्रेमुख – Kudremukh
• अंशी (काली) – Anshi (Kali)
केरल (Kerala)
• पेरियार – Periyar
• एराविकुलम – Eravikulam
• साइलेंट वैली – Silent Valley
• अनामुडी शोला – Anamudi Shola
• पंबादुम शोला – Pampadum Shola
• मथिकट्टन शोला – Mathikettan Shola
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
• कान्हा – Kanha
• बांधवगढ़ – Bandhavgarh
• पेंच – Pench
• सतपुड़ा – Satpura
• पन्ना – Panna
• संजय – Sanjay
• माधव – Madhav
• वन विहार – Van Vihar
• कूनो – Kuno
महाराष्ट्र (Maharashtra)
• ताडोबा – Tadoba
• संजय गांधी – Sanjay Gandhi
• गुगामल – Gugamal
• नवेगांव – Navegaon
मणिपुर (Manipur)
• केइबुल लामजाओ – Keibul Lamjao
मेघालय (Meghalaya)
• नोकरेक – Nokrek
• बलपाक्रम – Balpakram
मिजोरम (Mizoram)
• फावंगपुई – Phawngpui (Blue Mountain)
नागालैंड (Nagaland)
• इंटांकी – Intanki
ओडिशा (Odisha)
• सिमलीपाल – Simlipal
• भितरकनिका – Bhitarkanika
राजस्थान (Rajasthan)
• रणथंभौर – Ranthambore
• सरिस्का – Sariska
• केवलादेव – Keoladeo
• मरुस्थल – Desert National Park
सिक्किम (Sikkim)
• खांगचेंदजोंगा – Khangchendzonga
तमिलनाडु (Tamil Nadu)
• मुदुमलाई – Mudumalai
• मुकुर्थी – Mukurthi
• इंदिरा गांधी (अनामलाई) – Indira Gandhi (Anamalai)
• गल्फ ऑफ मन्नार – Gulf of Mannar (Marine)
तेलंगाना (Telangana)
• कासू ब्रह्मानंद रेड्डी – Kasu Brahmananda Reddy
• महावीर हरिणा – Mahavir Harina
• मृगवाणी – Mrugavani
त्रिपुरा (Tripura)
• क्लाउडेड लेपर्ड – Clouded Leopard
• राजबाड़ी – Rajbari
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
• दुधवा – Dudhwa
उत्तराखंड (Uttarakhand)
• जिम कॉर्बेट – Jim Corbett
• राजाजी – Rajaji
• नंदा देवी – Nanda Devi
• वैली ऑफ फ्लावर्स – Valley of Flowers
पश्चिम बंगाल (West Bengal)
• सुंदरबन – Sundarbans
• बक्सा – Buxa
• गोरूमारा – Gorumara
• निओरा वैली – Neora Valley
• सिंगालीला – Singalila
• जलदापाड़ा – Jaldapara
भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण तथ्य
प्रमुख ट्रेड यूनियन और उनसे संबंधित दल
• भारतीय मजदूर संघ: भारतीय जनता पार्टी
• इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
• यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी)
• ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया
प्रमुख समाज सुधारक और उनसे संबंधित कार्य/पद
• डी.के. कर्वे: सचिव, विडो री-मैरिज एसोसिएशन
• जे.ई. डी. बेथुन: कलकत्ता में कन्या विद्यालय की स्थापना
• ईश्वर चंद्र विद्यासागर: कलकत्ता में संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य
• बी.एम. मालाबारी (पारसी समाज सुधारक): बाल विवाह विरुद्ध संघर्ष प्रारंभ करना
गवर्नर/गवर्नर जनरल/वायसराय द्वारा किए गए प्रमुख कार्य
• अंग्रेजी शिक्षा: विलियम बैंटिंक
• सामाजिक सुधार: विलियम बैंटिंक
• ठगों का दमन: कैप्टन स्लीमन
• प्रेस पर प्रतिबंध हटाना: चार्ल्स मेटकॉफ
• सिन्ध का विलय: लॉर्ड एलनबरो
• दास प्रथा का अंत: लॉर्ड एनलबरो
• व्यपगत का सिद्धान्त: लॉर्ड डलहौजी
• राज्य हड़प नीति: लॉर्ड डलहौजी
• ड्राक्सिन ऑफ लैप्स: लॉर्ड डलहौजी
• अवध का विलय: लॉर्ड डलहौजी
• चतुराईपूर्ण निष्क्रियता की नीति: जान लॉरेंस
• वर्नाकुलर प्रेस एक्ट: लॉर्ड लिटन
• अग्रफारवर्ड नीति: लॉर्ड रिपन
• स्थानीय स्वशासन: लॉर्ड रिपन
महत्वपूर्ण गवर्नर-जनरल और वायसराय से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाएँ
लॉर्ड जॉन लॉरेंस (1864-1869)
• भूटान युद्ध (1865)
• कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में उच्च न्यायालयों की स्थापना (1865)
• ओडिशा, राजपुताना और बुंदेलखंड में भयंकर अकाल
• अकाल आयोग
• यूरोप और भारत के बीच टेलीग्राफ लाइनों का प्रारंभ
• पंजाब काश्तकारी अधिनियम
लॉर्ड लिटन (1876-1880)
• वर्नाकुलर प्रेस एक्ट (1878)
• आर्म्स एक्ट (1878)
• द्वितीय अफगान युद्ध (1878-80)
• रानी विक्टोरिया ने 'कैसर-ए-हिंद' की उपाधि धारण की
भारत के प्रमुख बंदरगाह, अनुसंधान केंद्र और लौह-इस्पात कारखाने
भारत के 13 प्रमुख बंदरगाह (Major Ports)
• कांडला: अब इसका नाम 'दीनदयाल बंदरगाह' है।
• मुंबई: देश का सबसे बड़ा बंदरगाह।
• नवा शेवा: नया नाम 'जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह'।
• मर्मुगाओ: देश का सबसे बड़ा निर्यात आधारित बंदरगाह।
• न्यू मंगलौर: आकार की दृष्टि से अपेक्षाकृत छोटा।
• कोचीन: 'अरब सागर की रानी' के नाम से लोकप्रिय।
• तूतीकोरिन: नया नाम 'वी.ओ. चिदंबरनार'।
• चेन्नई: कृत्रिम तथा दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह।
• विशाखापत्तनम: भारत का सबसे गहरा बंदरगाह।
• पारादीप: इसका पत्ताश्रय सबसे गहरा है।
• कोलकाता-हल्दिया: यह एक नदीय पत्तन (Riverine Port) है।
• एन्नोर: भारत का सबसे बड़ा कंप्यूटराइज्ड बंदरगाह।
• वधावन (महाराष्ट्र): देश का पहला मेगा पोर्ट।
🔬 भारत के प्रमुख अनुसंधान केंद्र (Research Centers)
• भारतीय पेट्रोलियम संस्थान – देहरादून
• भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान – नई दिल्ली
• गन्ना प्रजनन संस्थान – कोयंबटूर
• राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद्र – पुणे
• राष्ट्रीय पादप आनुवंशिकी संस्थान – नई दिल्ली
• राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि नियोजन ब्यूरो – नागपुर
• मूंगफली अनुसंधान निदेशालय – जूनागढ़
• प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय – पुणे
• राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान – करनाल
• भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान – इज्जत नगर (बरेली)
• केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान – मुंबई
• केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान – जोधपुर
• केंद्रीय गोपशु अनुसंधान संस्थान – मेरठ
• भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान – हैदराबाद
• राष्ट्रीय केला अनुसंधान केंद्र – त्रिचि (तमिलनाडु)
🏭 स्वतंत्रता पूर्व स्थापित लौह-इस्पात कारखाने
• कुल्टी (1874): पश्चिम बंगाल
• साकची (1907): झारखण्ड
• हीरापुर (1908): पश्चिम बंगाल
• भद्रावती (1923): कर्नाटक
• बर्नपुर (1937): पश्चिम बंगाल
💡 क्या आपको पता था?
• मालको (MALCO - 1965): इटली की सहायता से निर्मित।
• प्रमुख केंद्र: चेन्नई और सलेम (तमिलनाडु)।
• वेदांता (1976): जर्मनी की सहायता से निर्मित।
• प्रमुख केंद्र: झारसुगुड़ा और लांजीगढ़ (ओडिशा)।
भारत के प्रमुख पर्यावरण कानून
प्रस्तुत हैं भारत के कुछ महत्वपूर्ण पर्यावरण कानून:
प्रमुख अधिनियम
• भारतीय वन अधिनियम, 1927
• भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972
• जल संरक्षण एवं प्रदूषण अधिनियम, 1974
• वन संरक्षण अधिनियम, 1980
• वायु संरक्षण एवं प्रदूषण अधिनियम, 1981
• पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
• जैव विविधता अधिनियम, 2002
• वन अधिकार अधिनियम, 2006
• राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में स्थित है, इसमें करीब 247 छोटे-छोटे द्वीप हैं।
द्वीपों की भौगोलिक स्थिति
• लैंडफॉल द्वीप: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का सबसे उत्तरी द्वीप है। कोको जलमार्ग इसे म्यांमार के कोको द्वीप से अलग करता है।
• राजधानी: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर दक्षिणी अंडमान में स्थित है।
अंडमान और निकोबार के वन
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में निम्नलिखित वनों का संयोजन पाया जाता है:
• मैंग्रोव वन
• सदापर्णी वन
• पर्णपाती वन
बंगाल की खाड़ी के अन्य द्वीप
बंगाल की खाड़ी में नदियों ने जलोढ़ मिट्टी के निक्षेप द्वारा कई द्वीपों का निर्माण किया है।
• सागर द्वीप: हुगली के निकट 20 किलोमीटर लंबा सागर द्वीप है, जिसे गंगासागर के नाम से जाना जाता है।
• न्यू मूर द्वीप: यहाँ न्यू मूर नामक द्वीप का निर्माण हाल ही में हुआ है।
जनजातियाँ
• अंडमान-निकोवार का सबसे उत्तरी द्वीप लैंडफॉल द्वीप है जहाँ कारी जनजाति रहती है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
• सुंदरवन: जो गंगा का डेल्टा है, में मैंग्रोव वन पाए जाते हैं।
• माजुली द्वीप: विश्व का सबसे बड़ा ज्ञात नदी द्वीप माजुली असम में स्थित है, जिसे ब्रह्मपुत्र नदी की दोनों शाखाएँ मिलकर बनाती हैं।
पृथ्वी की प्रमुख असंबद्धताएँ
विभिन्न परतें और उनके सीमा क्षेत्र
• कोनार्ड असंबद्धता: यह ऊपरी क्रस्ट एवं निचले क्रस्ट के मध्य का सीमा क्षेत्र है।
• महोवीसिस असंबद्धता: यह क्रस्ट एवं मेंटल के मध्य का सीमा क्षेत्र है।
• रेपेटी असंबद्धता: यह ऊपरी मेंटल एवं निचले मेंटल के मध्य का सीमा क्षेत्र है।
• गुटेनबर्ग असंबद्धता: यह निचले मेंटल एवं ऊपरी कोर के मध्य का सीमा क्षेत्र है।
• लेहमैन असंबद्धता: यह बाहरी कोर एवं आंतरिक कोर के मध्य का सीमा क्षेत्र है।
महत्वपूर्ण अपडेट्स और संवैधानिक प्रावधान
NIFTEM की स्थापना
वैशाली जिले के हाजीपुर में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को मंजूरी मिली। यह देश का तीसरा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान होगा।
संवैधानिक संशोधन
• 91वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003: केंद्र और राज्यों में मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करने का प्रावधान जोड़ा गया।
• 92वाँ संशोधन (2003): 8वीं अनुसूची में चार नई भाषाओं को जोड़ा गया था—
• बोडो
• डोगरी
• मैथिली
• संथाली (BDMS)
• 93वाँ संशोधन (2005): सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (OBC) तथा SC/ST के छात्रों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों (निजी और सरकारी दोनों, अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) में 27% आरक्षण का प्रावधान किया गया था।
नियुक्तियाँ
• IRS (भारतीय राजस्व सेवा) अधिकारी आकाश जैन को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया।
• आदित्य राजेंद्र भोजगाधिया को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया।
पंचायती राज व्यवस्था (संविधान के भाग 9)
संविधान के भाग 9 (Part IX) में पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
• 243I: राज्य वित्त आयोग का गठन
• 243K: पंचायतों के लिए निर्वाचन आयोग
• 243G: पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
• 243D: पंचायतों में सीटों का आरक्षण (Reserving seats)
अंतर्राष्ट्रीय सम्मान और सहयोग
• स्वीडन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान "Royal Order of the Polar Star" से नवाज़ा।
• India and Italy will celebrate 2027 as the “Year of Culture and Tourism” to promote cultural exchanges and strengthen dialogue between the two ancient civilisations.
भारतीय संघवाद
• भारतीय संघवाद (Indian Federalism) अमेरिकी संघवाद की तरह राज्यों के बीच किसी समझौते या सहमति का परिणाम नहीं है।
• भारत में राज्य संघ से अलग नहीं हो सकते।
• अनुच्छेद 1: भारत अर्थात इंडिया "राज्यों का संघ" है।
• भारतीय राज्य किसी संधि के माध्यम से संघ में शामिल नहीं हुए और उन्हें इससे अलग होने का कोई अधिकार नहीं है।
भारतीय संघवाद की विशेषताएँ
• दोहरी शासन प्रणाली
• शक्तियों का विभाजन
• लिखित संविधान
• संविधान की सर्वोच्चता
• संवैधानिक कठोरता
• स्वतंत्र न्यायपालिका
• व अन्य
पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Yojana)
PM SVANidhi = Prime Minister Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi
शुरुआत: 1 जून 2020
मंत्रालय: आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
उद्देश्य
• कोविड-19 से प्रभावित रेहड़ी-पटरी (Street Vendors) वालों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
• छोटे विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाना।
लाभार्थी
• शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स/फेरीवाले।
• सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, ठेला चालक, छोटे दुकानदार आदि।
ऋण सुविधा (Loan Facility)
यह योजना एक Step-wise Loan Structure प्रदान करती है:
1. पहला ऋण: ₹15,000
2. दूसरा ऋण: ₹25,000
3. तीसरा ऋण: ₹50,000
विशेषताएँ
• बिना गारंटी (Collateral-Free Loan)
• समय पर भुगतान करने पर अगला बड़ा ऋण प्राप्त होता है।
अन्य प्रमुख लाभ
• UPI-Linked RuPay Credit Card: ₹30,000 तक की सीमा।
• डिजिटल भुगतान को बढ़ावा।
• Digital Cashback: डिजिटल लेन-देन पर ₹1600 कैशबैक।
• 8 सामाजिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने का प्रावधान।
योजना की विशेषताएँ
1. वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा।
2. डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
3. छोटे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षा।
4. आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी योजना।
रैपिड रिवीजन रेडी
राजा राममोहन राय से संबंधित तथ्य
• 1809: एकेश्वरवाद का उपहार पुस्तक लिखी
• 1814: आत्मीय सभा की स्थापना
• 1817: डेविड हेयर के साथ हिंदू कॉलेज की स्थापना
• 1820: प्रिंसेप्स ऑफ़ जीसस पुस्तक लिखी
• 1825: वेदांत कॉलेज की स्थापना
• 1828: ब्रह्म सभा (ब्रह्म समाज) की स्थापना
• 1829: लॉर्ड विलियम बेंटिक के साथ सती प्रथा उन्मूलन
Rapid Revision Ready
राज्य के नीति निदेशक तत्वों में गाँधीवादी सिद्धांत
राज्य के नीति निदेशक तत्वों में गाँधीवादी सिद्धान्त को प्रतिबिंबित करने वाले प्रावधान निम्नलिखित हैं:
• अनुच्छेद 40: राज्य ग्राम पंचायतों को स्वशासन की इकाइयों के रूप में संगठित करने के लिये कदम उठाएगा।
• अनुच्छेद 43: राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत या सहकारी आधार पर कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।
• अनुच्छेद 43B: सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देना।
• अनुच्छेद 46: राज्य समाज के कमज़ोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य कमज़ोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देगा।
• अनुच्छेद 47: राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिये कदम उठाएगा और नशीले पेय तथा स्वास्थ्य के लिये हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाएगा।
• अनुच्छेद 48: गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू पशुओं के वध पर रोक लगाने तथा मवेशियों को पालने एवं उनकी नस्लों में सुधार करने के लिए।
विश्व की प्रमुख झीलें
• कैस्पियन सागर: पूर्व सोवियत संघ एवं ईरान
• सुपीरियर झील: कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका
• विक्टोरिया झील: युगाण्डा, तंजानिया तथा केन्या
• ह्यूरन झील: कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका
• मिशिगन झील: संयुक्त राज्य अमेरिका
• टांगानिका झील: कांगो, तंजानिया, जाम्बिया तथा बुरुण्डी
• बैकाल झील: रूस
• ग्रेट बियर झील: कनाडा
• अरल सागर: रूस
• ग्रेट स्लेव झील: कनाडा
• ईरी झील: कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका
रैपिड रिवीजन रेडी
मौर्यकालीन प्रशासन
• मंत्री/अधिकारी
• समाहर्ता = आय का संग्रहकर्ता
• सन्नीघाता = राजकीय कोष का अध्यक्ष
• प्रशास्ता = कारागार का अध्यक्ष
• नायक = नगर रक्षा का अध्यक्ष
• सीताअध्यक्ष = राजकीय भूमि का संरक्षक
• पण्याअध्यक्ष = वाणिज्य विभाग का प्रमुख
उत्तर प्रदेश में स्थित आठ महाजनपद क्षेत्र और उनकी राजधानी
1. मल्ल (देवरिया, बस्ती, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर के जिले) - राजधानी: कुशीनारा और पावा
2. काशी (वाराणसी) - राजधानी: वाराणसी
3. कोशल (फैजाबाद, गोंडा, बहराइच के जिले) - राजधानी: उत्तर कोसल / दक्षिण कोसल / अयोध्या
4. वत्स (इलाहाबाद और मिर्जापुर के जिले) - राजधानी: कौशाम्बी
5. चेदि (बुंदेलखंड क्षेत्र) - राजधानी: शक्तिमती
6. पांचाल (रुहेलखंड, पश्चिमी यूपी) - राजधानी: अहिछत्र और कांपिल्य
7. शूरसेन (ब्रजमंडल) - राजधानी: मथुरा
8. कुरु (मेरठ और दक्षिण-पूर्वी हरियाणा) - राजधानी: इंद्रप्रस्थ
सैयद वंश के शासक
• खिज्र खान (1414-1421 ई.) - 'रैयत-ए-आला'
• मुबारक शाह (1421-1434 ई.)
• मुहम्मद शाह (1434-1445 ई.)
• अलाउद्दीन आलम शाह (1445-1451 ई.)
मध्यकालीन इतिहास की अत्यधिक महत्वपूर्ण पुस्तक और उनके लेखक
• ताज-उल-मसिर - हसन निजामी
• तबकात-ए-नासिरी - मिनहाजुद्दिन सिराज
• फवाद-उल-फवाद - अमीर हसन देहलवी
• तारीख़-ए-फिरोजशाही - जियाउद्दीन बरनी
• फुतुहात-ए-फिरोजशाही - फिरोज शाह तुगलक
• फुतुह-उस-सलातिन - अब्दुल मलिक इसामी
अमीर खुसरो की रचनाएं
• किरान-उस-सादेन - इसमें बुगरा खां और उसके बेटे कैकुवाद के मिलन का वर्णन है।
• मिफ्ताह-उल-फतह - जलालुद्दीन खिलजी के सैन्य अभियानों आदि का वर्णन।
• खजाइन-उल-फुतूह - अलाउद्दीन खिलजी के शासन का वर्णन।
• नूह-सिपेहर - मुबारक खिलजी का चाटुकारिता पूर्ण वर्णन।
• आशिका - गुजरात के राजकरण की पुत्री देवल रानी और अलाउद्दीन के पुत्र खिजर खान की प्रेम कथा का वर्णन।
• तुगलकनामा - गयासुद्दीन तुगलक की विजय का चित्रण तथा खुसरो शाह के साथ उनके संघर्ष का वर्णन।
अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण / शासक
• देवगिरी पर पहली बार आक्रमण (1296) - रामचंद्र
• गुजरात (1299) - रायकर्ण
• रणथम्भौर (1301) - हम्मीर देव
• चित्तौड़ (1303) - रतन सेन
• मालवा (1305) - महलक देव
• देवगिरि (1306) - रामदेव
• वारंगल (1308) - रुद्रदेव
• द्वारसमुद्र (1310) - होयसल वंश
रैपिड रिवीजन रेडी
प्रमुख संविधान संशोधन
• प्रथम संविधान संशोधन (1951): नौवीं अनुसूची जोड़ी गई।
• 7वां संशोधन (1956):
• लोकसभा के सदस्यों की संख्या में वृद्धि।
• दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक उच्च न्यायालय का प्रावधान।
• 31वां संशोधन (1972): लोकसभा सीटें 525 से बढ़ाकर 545 कर दी गईं।
• 36वां संशोधन (1975): सिक्किम को भारत का पूर्ण राज्य बनाया गया।
• 39वां संशोधन (1975): राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, स्पीकर और प्रधानमंत्री के चुनाव को चुनौती नहीं दी जा सकती।
• 42वाँ संशोधन (1976): इस संशोधन के तहत भारतीय संविधान में तीन नए शब्द 'समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं अखंडता' जोड़े गए।
• 44वें संशोधन अधिनियम (1978): मौलिक अधिकारों की सूची से संपत्ति के अधिकार को हटा दिया। संपत्ति का अधिकार कोई मौलिक अधिकार नहीं है, केवल कानूनी अधिकार है।
• 52वां संशोधन (1985): दल-बदल विरोधी कानूनों का प्रावधान (नई दसवीं अनुसूची जोड़ी गई)।
• 58वां संशोधन (1987): संविधान के प्राधिकृत हिन्दी पाठ को प्रकाशित करने हेतु।
• 61वां संशोधन (1989): मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई।
• 69वां संशोधन (1991): दिल्ली को 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली' का विशेष दर्जा दिया गया।
• 70वां संशोधन (1992): राष्ट्रपति चुनाव के लिए पांडिचेरी और दिल्ली विधायिका के सदस्यों को निर्वाचक मंडल में शामिल करने का प्रावधान।
• 73वां संशोधन (1992): पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
• 74वां संशोधन (1992): शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
• 86वाँ संशोधन (2002): प्रारंभिक शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया।
• 89वांँ संशोधन (2003): अनुच्छेद 338-A के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन।
• 91वाँ संशोधन (2003): मंत्रिपरिषद में प्रधान मंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी।
वित्त आयोग
आर्टिकल 280 के अनुसार
• वित्त आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्यों की नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है, लेकिन उनकी योग्यता का निर्धारण संसद करती है।
• आर्टिकल 281: राष्ट्रपति वित्त आयोग की सिफारिश को संसद के सदन के पटल पर रखवाएगा।
• इस आयोग का गठन प्रति पांचवें वर्ष पर किया जाता है।
• पहले वित्त आयोग के अध्यक्ष: के.सी. नियोगी
विभिन्न वित्त आयोगों के अध्यक्ष:
• दूसरे: के. संथानम
• 11वें: A.M. खुसरो
• 12वें: सी. रंगराजन
• 13वें: विजय केलकर
• 14वें: Y.V. रेड्डी
• 15वें: N.K. सिंह
• 16वें: अरविंद पनगढ़िया
धन विधेयक और वित्त विधेयक
धन विधेयक
• धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया का प्रावधान अनुच्छेद 109 में दिया गया है।
• धन विधेयक से संबंधित विषय अनुच्छेद 110 के अंतर्गत आते हैं।
• धन विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।
• धन विधेयक राष्ट्रपति के पूर्व हस्ताक्षर द्वारा पारित किया जा सकता है।
• राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए नहीं लौटाया जा सकता है।
वित्त विधेयक
• वित्त विधेयक की प्रक्रिया अनुच्छेद 117 में है।
• वित्त विधेयक में अनुच्छेद 110 में वर्णित विषय के साथ अन्य मामले भी उल्लिखित हैं।
• अनुच्छेद 117 (3) के अंतर्गत प्रस्तावित विषयों को छोड़कर अन्य वित्त विधेयकों को राज्यसभा में प्रस्तावित नहीं किया जा सकता है।
• वित्त विधेयक (अनुच्छेद 117 (3)) साधारण विधेयक की तरह ही पारित होते हैं।
• राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाया जा सकता है।
रैपिड रिवीजन रेडी: वैदिक कालीन प्रशासन
वैदिक कालीन पद और उनकी भूमिकाएँ
इस खंड में, हम वैदिक काल के दौरान प्रशासन में विभिन्न पदों और उनकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हैं।
• कुलपति: परिवार का मुखिया
• ग्रामणी: ग्राम का मुखिया
• स्पास: जासूस / संदेशवाहक
• व्रजपति: चारागाहों का अधिकारी
• भागुदह: राजस्व संग्राहक
• जीवगृह: पुलिस अधिकारी
• अक्षवपा: लेखपाल
• अथापति: मुख्य न्यायाधीश
• संगृहीत्री: कोषाध्यक्ष
• तक्षण: बढ़ई
• पलागला: संदेशवाहक
• गोविंकार्टना: वनों और खेलों के रक्षक
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएँ (काल क्रम में)
यह सूची भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की प्रमुख घटनाओं को उनके कालानुक्रम के अनुसार प्रस्तुत करती है।
प्रारंभिक घटनाएँ (1885-1914)
• 1885 - कांग्रेस की स्थापना।
• 1905 - बंगाल का विभाजन।
• 1906 - मुस्लिम लीग का गठन।
• 1907 - कांग्रेस का विभाजन।
• 1908 - खुदीराम बोस को फाँसी।
• 1909 - मार्ले-मिंटो सुधार अधिनियम।
• 1913 - गदर आंदोलन।
• 1914 - प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत।
गांधीवादी युग की शुरुआत (1915-1929)
• 1915 - गांधी जी का भारत आगमन।
• 1916 - लखनऊ समझौता।
• 1916 - होमरूल लीग आंदोलन।
• 1917 - चंपारण सत्याग्रह।
• 1918 - अहमदाबाद मील मजदूर आंदोलन।
• 1918 - खेड़ा आंदोलन।
• 1919 - रॉलेट एक्ट।
• 1919 - जलियांवाला बाग हत्याकांड।
• 1919 - खिलाफत आंदोलन।
• 1920 - असहयोग आंदोलन।
• 1922 - चौरी चौरा कांड।
• 1923 - स्वराज पार्टी का गठन।
• 1924 - कांग्रेस का बेलगाम अधिवेशन।
• 1925 - काकोरी कांड।
• 1928 - साइमन कमीशन का आगमन।
• 1929 - लाहौर अधिवेशन।
• 1929 - दांडी मार्च की घोषणा।
स्वतंत्रता की ओर (1930-1947)
• 1930 - सविनय अवज्ञा आंदोलन।
• 1931 - गांधी-इरविन समझौता।
• 1930 - प्रथम गोलमेज सम्मेलन।
• 1931 - द्वितीय गोलमेज सम्मेलन।
• 1932 - तृतीय गोलमेज सम्मेलन।
• 1932 - पूना समझौता।
• 1940 - व्यक्तिगत सत्याग्रह।
• 1940 - पाकिस्तान की मांग।
• 1942 - क्रिप्स मिशन।
• 1942 - भारत छोड़ो आंदोलन।
• 1942 - आजाद हिंद फौज का गठन।
• 1945 - वेवेल योजना / शिमला समझौता।
• 1946 - नौसेना विद्रोह।
• 1946 - कैबिनेट मिशन।
• 1947 - माउंटबेटन योजना।
विधेयक के प्रकार
धन विधेयक (आर्टिकल–110)
धन विधेयक की मुख्य विशेषताएंँ:
• केवल मंत्रिमंडल के सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
• केवल लोकसभा में लाया जाता है।
• राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है।
• लोकसभा अध्यक्ष द्वारा प्रमाणित किया जाता है।
• राज्यसभा को पारित करने हेतु 14 दिन का समय मिलता है।
• राज्यसभा न तो इसे अस्वीकार कर सकती है और न ही इसमें संशोधन कर सकती है।
• केवल अपनी सिफारिश दे सकती है।
• लोकसभा सिफारिशों को मानने हेतु बाध्य नहीं है।
• संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।
• राष्ट्रपति इसे सहमत/असहमति दे सकता है, परन्तु पुनर्विचार हेतु वापस नहीं भेज सकता।
वित्त विधेयक (आर्टिकल–117)
वित्त विधेयक की मुख्य विशेषताएंँ:
• प्रारम्भ लोकसभा में होता है।
• लोकसभा से पारित होने के बाद इसकी प्रकृति साधारण विधेयक की तरह हो जाती है।
• राज्यसभा इसे अनिश्चित काल हेतु रोक सकती है।
• गतिरोध की स्थिति में संयुक्त बैठक का प्रावधान है।
• सभी धन विधेयक वित्त विधेयक होते हैं, परंतु सभी वित्त विधेयक धन विधेयक नहीं होते।
• राष्ट्रपति इसे सहमति/असहमति/पुनर्विचार हेतु लौटा सकता है।
रैपिड रिवीजन रेडी
17 सतत विकास लक्ष्य 2030
• लक्ष्य 1: गरीबी उन्मूलन
• लक्ष्य 2: शून्य भूखमरी
• लक्ष्य 3: अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली
• लक्ष्य 4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
• लक्ष्य 5: लैंगिक समानता
• लक्ष्य 6: स्वच्छ जल और स्वच्छता
• लक्ष्य 7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा
• लक्ष्य 8: अच्छा कार्य और आर्थिक विकास
• लक्ष्य 9: उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढाँचा
• लक्ष्य 10: असमानता कम करना
• लक्ष्य 11: टिकाऊ शहर और समुदाय
• लक्ष्य 12: जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन
• लक्ष्य 13: जलवायु कार्रवाई
• लक्ष्य 14: जल के नीचे जीवन
• लक्ष्य 15: भूमि पर जीवन
• लक्ष्य 16: शांति और न्याय मजबूत संस्थाएँ
• लक्ष्य 17: लक्ष्य प्राप्त करने के लिए साझेदारी
जैवनिम्नीकरणीय प्रदूषक
जिन्हें प्रकृति में सरल, हानिरहित पदार्थों में तोड़ा जा सकता है
उदाहरण-
• घरेलू अपशिष्ट (कूड़ा), मूत्र, मल पदार्थ, सीवेज
• कृषि अवशेष, कागज, लकड़ी, कपड़ा, मवेशियों का गोबर
• जानवरों की हड्डियाँ, चमड़ा, ऊन, वनस्पति
अकबर के कुछ महत्वपूर्ण कार्य
• 1562 - दास प्रथा का अंत
• 1562 - अकबर की 'हरमदल' से मुक्ति
• 1563 - तीर्थयात्रा कर समाप्त
• 1564 - जजिया कर समाप्त
• 1571 - फतेहपुर सीकरी की स्थापना एवं राजधानी का आगरा से फतेहपुर स्थानान्तरण
• 1575 - इबादत खाने की स्थापना
• 1579 - महजर की घोषणा
• 1580 - 'दहसाला प्रणाली (टोडरमल द्वारा) लागू।
• 1582 - दीन-ए-इलाही की घोषणा
महत्वपूर्ण अभिलेख
• हाथीगुम्फा अभिलेख - कलिंग राजा खारवेल
• जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख - रुद्रदामन
• नासिक अभिलेख - गौतमी बलश्री
• प्रयाग स्तम्भ लेख - समुद्रगुप्त
• ऐहोल अभिलेख - पुलकेशिन-II
• मन्दसौर अभिलेख - मालवा नरेश यशोवर्मन
• ग्वालियर अभिलेख - प्रतिहार नरेश भोज
• भितरी एवं जूनागढ़ अभिलेख - स्कन्दगुप्त
• देवपाड़ा अभिलेख - बंगाल शासक विजयसेन
पेशवाओं के काल में मराठा
• बालाजी विश्वनाथ (1713-20 ई.)
• बाजीराव प्रथम (1720-40 ई.)
• बालाजी बाजीराव (1740-61 ई.)
• (नाना साहब) पानीपत का तीसरा युद्ध (14 जनवरी, 1761 ई.)
• माधवराव प्रथम (1761-72 ई.)
• नारायण राव (1772-73 ई.)
• माधव नारायण राव (1774-95 ई.)
• बाजीराव द्वितीय (1795 ई.-1818 ई.)
आंग्ल-मैसूर युद्ध
प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध (1767-69 ई.)
• मद्रास की संधि
• हैदर अली और अंग्रेज गवर्नर बैरलस्ट के बीच, जिसमे अंग्रेजों की हार हुई।
द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध (1780-84 ई.)
• मंगलोर की संधि
• हैदर अली और अंग्रेज वारेन हेस्टिंग्स के बीच,
तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध (1790-92 ई.)
• श्रीरंगपट्टनम की संधि
• टीपू सुल्तान और अंग्रेज लार्ड कार्नवालिस के बीच लड़ाई संधि के द्वारा समाप्त हुई।
चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध (1797-99 ई.)
• टीपू सुल्तान और अंग्रेजों लार्ड वेलेजली के बीच, टीपू की हार हुई वह युद्ध के मध्य दिवंगत हुआ, मैसूर शक्ति का पतन हुआ।
बौद्ध संगीतियां
प्रथम बौद्ध संगीति-राजगृह (483 ई पू)
• शासक- (हर्यंक वंश) अजातशत्रु के संरक्षण में
• अध्यक्ष- महाकश्यप
• इसमें आनंद ने सुत्तपिटक की रचना की जिसमें बुद्ध की शिक्षाओं का समावेश है।
द्वितीय बौद्ध संगीति-वैशाली (383 ईपू)
• शासक (शिशुनाग वंश) कालाशोक
• अध्यक्ष- सबकामी
• इसमें बौद्ध व्यवस्था स्थाविरवादियो और महासांघिकों में विभाजित हो गई।
तृतीय बौद्ध संगीति-पाटलिपुत्र (250 ई पू)
• शासक(मौर्य वंश) अशोक
• अध्यक्ष- मोगलीपुत्त तिस्स
• अभिधम्म पिटक का संकलन इसी परिषद में किया गया था।
• बौद्ध धर्म प्रचारकों को विभिन्न देशों में भेजा गया
चतुर्थ बौद्ध संगीति कश्मीर में (72 ई)
• शासक- (कुषाण वंश) कनिष्क
• अध्यक्ष- वसुमित्र और अश्वघोष
• इसमें बौद्धधर्म अंततः हीनयान और महायान में विभाजित हो गया।
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राष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद
• अनुच्छेद 52: भारत का राष्ट्रपति
• अनुच्छेद 53: संघ की कार्यपालिका शक्ति
• अनुच्छेद 54: राष्ट्रपति का निर्वाचन मंडल
• अनुच्छेद 55: राष्ट्रपति की निर्वाचन पद्धति
• अनुच्छेद 56: राष्ट्रपति की पदावधि
• अनुच्छेद 57: पुनर्विचार के लिए पात्रता
• अनुच्छेद 58: निर्वाचन के लिए योग्यताएं
• अनुच्छेद 59: राष्ट्रपति पद के लिए शर्तें
• अनुच्छेद 60: राष्ट्रपति द्वारा शपथ
• अनुच्छेद 61: महाभियोग की प्रक्रिया
• अनुच्छेद 62: राष्ट्रपति का पद रिक्त होने की स्थिति
• अनुच्छेद 72: क्षमादान की शक्तियां
• अनुच्छेद 73: संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त अधिकारी
• प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री
• राज्यों के राज्यपाल
• वित्त आयोग, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष
• उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
• भारत के महान्यायवादी तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
• संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य
• मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त
• राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य
• अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष
• संघ राज्य क्षेत्रों के राज्यपाल
• दिल्ली एवं पुदुचेरी के मुख्यमंत्री
18वीं लोक सभा के प्रोटेम स्पीकर
• 20 जून, 2024 को भर्तृहरि महताब को 18वीं लोक सभा का अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त किया गया।
• प्रोटेम स्पीकर का प्राथमिक कार्य नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और अध्यक्ष के चुनाव तक निचले सदन की अध्यक्षता करना है।
प्रोटेम स्पीकर को लेकर संविधान में क्या प्रावधान है
• संविधान में स्पष्ट रूप से 'प्रोटेम स्पीकर' शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है।
• प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
• राष्ट्रपति प्रोटेम स्पीकर को पद की शपथ दिलाते हैं।
• सदन के नए अध्यक्ष के चुने जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर का पद समाप्त हो जाता है।
नोट: लोक सभा के पहले प्रोटेम स्पीकर जी.वी. मावलंकर थे।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
• इसकी स्थापना 1963 में गृह मंत्रालय के एक संकल्प के द्वारा ‘संथानम समिति’ की सिफारिश पर की गई है।
• वर्तमान में यह ‘कार्मिक मंत्रालय’ के अधीन कार्य करती है।
• यह ‘संवैधानिक/वैधानिक निकाय’ नहीं है।
• यह अपनी शक्ति ‘दिल्ली विशेष पुलिस अधिष्ठान अधिनियम, 1946’ से प्राप्त करती है।
• मुख्यालय: नई दिल्ली
उपराष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद
• अनुच्छेद 63: भारत के उपराष्ट्रपति
• अनुच्छेद 64: उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना
• अनुच्छेद 65: उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना
• अनुच्छेद 66: उपराष्ट्रपति का चुनाव
• अनुच्छेद 67: उपराष्ट्रपति का कार्यकाल
• अनुच्छेद 68: उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति को भरने के लिए चुनाव कराने का समय
• अनुच्छेद 69: उपराष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
• अनुच्छेद 70: अन्य आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कार्यों का निर्माण
रैपिड रिवीजन
महत्वपूर्ण विटामिन और उनकी कमी से होने वाले रोग
• विटामिन ए (रेटिनॉल): रतौंधी व जीरफ्थेल्मिया, संक्रमण के प्रति प्रभाव्यता
• विटामिन बी1 (थायमिन): वृद्धि का रुकना, भूख और वजन का घटना, बेरी-बेरी, थकान का होना, पेट की खराबी
• विटामिन बी2 (राइबोफ्लेविन): जीभ पर छाले का पड़ जाना, असमय बुढ़ापा आना, प्रकाश न सह पाना, चीलोसिस
• विटामिन बी3 (निआसिन): जीभ का चिकनापन, त्वचा पर फोड़े फुंसी होना, पाचन क्रिया में गड़बड़ी
• विटामिन बी5 (पैंटोथेनिक एसिड): पेशियों में लकवा, पैरों में जलन आदि।
• विटामिन बी6 (पाईरिडॉक्सिन): त्वचा रोग, मस्तिष्क का ठीक से काम ना करना, अनीमिया
प्रोटोजोआ से होने वाले रोग
रोग
प्रोटोजोआ
अमीबी पेचिश
एण्टअमीबा हिस्टोलिटिका
काला अज़ार
लीशमैनिया डोनोवानी
मलेरिया
प्लास्मोडियम परजीवी
निद्रा रोग
ट्रिपैनोसोमा ब्रुसी
गरीबी मापन की समितियां
• अलघ समिति (1979)
• पोषक तत्वों के आधार पर गरीबी मापन किया गया।
• न्यूट्रीशनल वैल्यू 2400 किलो कैलोरी ग्रामीण क्षेत्र के लिए और 2100 किलो कैलोरी शहरी क्षेत्र में निर्धारित की।
• लकड़ावाला समिति (1993)
• अपनी रिपोर्ट में राज्य-विशिष्ट गरीबी रेखाएँ बनाई जानी चाहिए।
• इन्हें शहरी क्षेत्रों में CPI-IW तथा ग्रामीण क्षेत्रों में CPI-AL का उपयोग करते हुए अद्यतन किया जाना चाहिए।
• तेंदुलकर समिति (2009)
• शहरी क्षेत्र में रह रहे परिवारों के संदर्भ में गरीबी रेखा को 1000 रुपए (प्रति व्यक्ति प्रति माह)।
• ग्रामीण परिवारों के लिये इसे 816 रुपए निर्धारित किया था।
• रंगराजन समिति (2014)
• अखिल भारतीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में 972 रुपए प्रतिमाह (32 ₹ प्रतिदिन)।
• शहरी क्षेत्र में 1407 रुपए प्रतिमाह (47 ₹ प्रतिदिन) निर्धारित किया था।
बेरोजगारी के प्रकार
• चक्रीय बेरोजगारी: यह बाजार में उत्पन्न मंदी के कारण मांग की कमी से उत्पन्न होती है और मांग बढ़ने पर समाप्त हो जाती है जैसे विकसित देशों में।
• घर्षण जनित बेरोजगारी: एक रोजगार छोड़कर दूसरे रोजगार प्राप्त के मध्य की अवधि।
• संरचनात्मक बेरोजगारी: कौशल की कमी, योग्यता, रोजगार के अनुरूप काम ना मिल पाने की स्थिति।
• मौसमी बेरोजगारी: कृषि क्षेत्र में मौसम के अनुसार काम तथा शेष समय में बेरोजगारी।
• प्रच्छन्न बेरोजगारी: किसी काम में आवश्यकता से अधिक लगे हुए लोग जिनको निकालने पर उत्पादन का स्तर समान रहे।
रैपिड रिवीजन रेडी
ब्रिटिश भारत में लोकसेवा संबंधी आयोग
• एचिंसन आयोग (1886) – लॉर्ड डफरिन
• ईसलिंग्टन आयोग (1912) – लॉर्ड हार्डिंग-II
• ली आयोग (1923) – लॉर्ड रीडिंग
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत संघीय लोक सेवा आयोग के गठन का प्रावधान ली आयोग के सुझाव पर किया गया था।
• भूमि सुधार के उद्देश्य से भारत में स्थायी बंदोबस्त प्रणाली लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा लागू की गई।
• भारत में साम्राज्य विस्तार के उद्देश्य से सहायक संधि प्रणाली की शुरूआत लॉर्ड वेलेजली द्वारा की गई।
• व्यपगत का सिद्धांत या राज्य हड़प नीति (Doctrine of Lapse) को लॉर्ड डलहौजी द्वारा लागू किया गया था।
• लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में स्ट्रेची आयोग (1880 ई. भारत का प्रथम अकाल आयोग) अकाल आयोग का गठन किया गया।
• भारत में स्थायी स्वशासन का जनक लॉर्ड रिपन को माना जाता है।
• रैय्यतवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था थी जो सर्वाधिक ब्रिटिश क्षेत्रों पर लागू की गई।
ब्रिटिशकाल में विभिन्न क्षेत्रों पर अधिकार
• नेपाल (1816) – लॉर्ड हेस्टिंग्स
• सिंध (1843) – लॉर्ड एलनबरो
• भूटान (1865) – लॉर्ड लारेंस
• बर्मा (1885) – लॉर्ड डफरिन
प्रमुख शिक्षा आयोग
• चार्ल्स वुड डिस्पैच (1854) – लॉर्ड डलहौजी
• हंटर आयोग (1882) – लॉर्ड रिपन
• रैले आयोग (विश्वविद्यालय आयोग) (1902) – लॉर्ड कर्जन
• सैडलर आयोग (1917) – लॉर्ड चेम्सफोर्ड
• इंचकैप आयोग (1923) – लॉर्ड रीडिंग
• हार्डोंग समिति (प्राथमिक शिक्षा) (1929) – लॉर्ड इरविन
• लिंडसे आयोग (प्रौढ़ शिक्षा) (1929) – लॉर्ड इरविन
• सार्जेंट आयोग (1944) – लॉर्ड वेवेल
• राधाकृष्णन आयोग (1948) – लॉर्ड माउंटबेटन
• भारत में शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिये एनी बेसेंट ने वर्ष 1898 में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जो वर्ष 1916 में मदनमोहन मालवीय जी के प्रयासों से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बना।
• एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल के अधीन सर्वप्रथम भगवद्गीता का अंग्रेजी में अनुवाद चार्ल्स विल्किंस ने किया था तथा कालिदास की प्रसिद्ध रचना अभिज्ञान शाकुंतलम् का पहली बार अंग्रेजी में अनुवाद सर विलियम जोंस द्वारा किया गया था।
• वर्ष 1784 में कलकत्ता में एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना सर विलियम जोंस द्वारा की गई।
इतिहास की प्रमुख घटनाएँ एवं उनके घटित वर्ष
प्राचीन भारत की घटनाएँ
• भारत में आर्यों का आगमन: 1500 ई०पू०
• महावीर का जन्म: 540 ई०पू०
• महावीर का निर्वाण: 468 ई०पू०
• गौतम बुद्ध का जन्म: 563 ई०पू०
• गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण: 483 ई०पू०
• सिकंदर का भारत पर आक्रमण: 326-325 ई०पू०
• अशोक द्वारा कलिंग पर विजय: 261 ई०पू०
• विक्रम संवत् का आरम्भ: 58 ई०पू०
• शक संवत् का आरम्भ: 78 ई०पू०
• हिजरी संवत् का आरम्भ: 622 ई०
• फाह्यान की भारत यात्रा: 405-11 ई०
• हर्षवर्धन का शासन: 606-647 ई०
• हेनसांग की भारत यात्रा: 630 ई०
मध्यकालीन भारत की घटनाएँ
• सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण: 1025 ई०
• तराईन का प्रथम युद्ध: 1191 ई०
• तराईन का द्वितीय युद्ध: 1192 ई०
• गुलाम वंश की स्थापना: 1206 ई०
• वास्कोडिगामा का भारत आगमन: 1498 ई०
• पानीपत का प्रथम युद्ध: 1526 ई०
• पानीपत का द्वितीय युद्ध: 1556 ई०
• अकबर का राज्यारोहण: 1556 ई०
• तालिकोटा का युद्ध: 1565 ई०
• हल्दी घाटी का युद्ध: 1576 ई०
• दीन-ए-इलाही धर्म की स्थापना: 1582 ई०
आधुनिक भारत की घटनाएँ
• प्लासी का युद्ध: 1757 ई०
• बक्सर का युद्ध: 1764 ई०
• पानीपत का तृतीय युद्ध: 1761 ई०
• प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध: 1776-69 ई०
• द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध: 1780-84 ई०
• तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध: 1790-92 ई०
• बंगाल में स्थायी बंदोबस्त: 1793 ई०
• चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध: 1799 ई०
• बंगाल में प्रथम विभाजन: 1905 ई०
• मुस्लिम लीग की स्थापना: 1906 ई०
• मार्ले-मिंटो सुधार: 1909 ई०
• प्रथम विश्वयुद्ध: 1914 -18 ई०
• असहयोग आंदोलन: 1920 - 22 ई०
• साइमन कमीशन का आगमन: 1928 ई०
• दांडी मार्च नमक सत्याग्रह: 1930 ई०
• प्रथम गोलमेज सम्मेलन: 1930 ई०
• गाँधी इरविन समझौता: 1931 ई०
• द्वितीय गोलमेज सम्मेलन: 1931 ई०
• तृतीय गोलमेज सम्मेलन: 1932 ई०
• द्वितीय विश्वयुद्ध: 1939 - 45 ई०
• क्रिप्स मिशन का आगमन: 1942 ई०
• कैबिनेट मिशन का आगमन: 1946 ई०
• महात्मा गांधी की हत्या: 1948 ई०
• चीन का भारत पर आक्रमण: 1962 ई०
• भारत-पाक युद्ध: 1965 ई०
• ताशकंद समझौता: 1966 ई०
• कारगिल युद्ध: 1999 ई०
विश्व की प्रमुख क्रांतियाँ
• चीनी क्रांति: 1911 ई०
• फ्रांसीसी क्रांति: 1789 ई०
• रूसी क्रांति: 1917 ई०