रैपिड रिवीजन
भौतिक विज्ञान के सिद्धांत
• गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत: न्यूटन से पहले, इस सिद्धांत को ब्रह्म गुप्त ने दिया था।
• अधिकतम भार: एक पिंड का अधिकतम भार वायु/जल/हाइड्रोजन/नाइट्रोजन में होता है।
• ऊंचाई से गिरने वाली वस्तु: ऊंचाई से गिरने वाली वस्तु का भार अपरिवर्तित रहता है।
• चंद्रमा पर वायुमंडल: चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है क्योंकि वहां गैसों का पलायन वेग > वर्ग माध्य मूल वेग से ज्यादा है।
• पौधों में जल परिवहन: पौधों की जड़ से पत्तियों तक पानी पहुंचाने में निम्नलिखित कार्य करते हैं:
• कोशिकत्व
• प्रस्वेदन
• ससंजन
• केशनली में लिक्विड का उठना:
• केशनली में वह लिक्विड ज्यादा ऊपर जाएगा जिसका पृष्ठ तनाव ज्यादा होगा।
• जब किसी वस्तु का तापमान ज्यादा दिया जाए, तो उसका पृष्ठ तनाव कम होता है, इसलिए वह केशनली में ज्यादा ऊपर तक नहीं जा पाएगा।
• जल पर तेल का फैलना: जल के ऊपर तेल फैल जाता है क्योंकि:
• तेल का पृष्ठ तनाव पानी से कम है।
• घनत्व पानी से कम है।
• साबुन के बुलबुले का दाब: साबुन के बुलबुले का अंदर का दाब वायुमंडलीय दाब से अधिक होता है।
• साबुन के बुलबुलों का संपर्क: दो छोटे एवं बड़े साबुन के बुलबुलों को संपर्क में लाने पर:
• छोटा वाला और छोटा
• बड़ा वाला और बड़ा बन जाता है।
• पानी का घनत्व और शरीर का तैरना:
• 4 डिग्री सेंटीग्रेड पर पानी का घनत्व मनुष्य के शरीर के घनत्व से ज्यादा होता है, इसलिए हमारा शरीर उसपर तैरने लगता है।
• मृत शरीर इसलिए तैरता है क्योंकि सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटन से गैस पानी के ऊपर तैरने में सहायता करती है।
अर्थशास्त्री, विचारक और उनके सिद्धांत/पुस्तकें
यह खंड प्रमुख अर्थशास्त्रियों, विचारकों और उनके महत्वपूर्ण योगदानों को सूचीबद्ध करता है।
• दादा भाई नौरोजी:
• विकास का सिद्धान्त
• रोजगार का एक क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित सिद्धान्त प्रस्तुत किया।
• वी.एस. मिनहास:
• प्लानिंग एण्ड दी पुअर
• गुनार मिर्डल:
• ऐन इन्क्वेरी इन्टू द पावर्टी ऑफ नेशन
• इकोनॉमिक थ्योरी एण्ड अंडर डेवलप्ड रीजन्स
• अल्वर्ट हार्शमैन:
• द स्टैटेजी ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट
• निकोलस कॉल्डर:
• स्ट्रैटेजिक फैक्टर्स इन इकोनॉमिक Development
• डेविड रिकार्डो:
• द प्रिंसिपल्स ऑफ पॉलिटिकल इकोनॉमी एण्ड टैक्सेशन
• जोसेफ ई-स्टिग्लिज:
• द प्राइस ऑफ इनइक्वॉलिटी
• थॉमस पिकेट्टी:
• द इकोनॉमिक्स ऑफ इनइक्वॉलिटी
• अमर्त्य सेन:
• इनक्वॉलिटी री-एक्जामिन्ड
• चरण सिंह:
• इंडियन इकोनॉमी-गांधीयन ब्लू प्रिंट
• रेगनर नर्कसे:
• गरीबी का दुश्चक्र दृष्टिकोण
• प्रच्छन्न बेरोजगारी
• सन्तुलित विकास का सिद्धान्त
• (ध्यातव्य है कि नर्क्स ने अपनी पुस्तक 'प्रॉब्लम्स ऑफ कैपिटल फॉर्मेशन इन अंडर डेवलप्ड कंट्री्स' में 'निर्धनता का दुश्चक्र' (Vicious Cycle of Poverty) का विवेचन किया है।)
• आर्थर लैफर:
• इष्टतम करारोपण का सिद्धान्त
• एन. केल्डार:
• व्यय कर
• जेम्स टोबिन:
• टोबिन टैक्स
• पीटर पायर:
• जीरो बेस बजटिंग
• राबर्ट ई-पार्क:
• सीमांत व्यक्ति (Marginal Man) सिद्धान्त
• डाल्टन पीगू:
• अधिकतम सामाजिक कल्याण का सिद्धान्त
• आस्कर लुईस:
• गरीबी की संस्कृति (Culture of Poverity)
• ऑगस्ट कॉम्टे:
• समाज के विकास की तीन अवस्थाएँ: धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सकारात्मक होती हैं।
खनिज स्थल
बॉक्साइट
• ओडिशा: 50% (सिलिका के निक्षालन से)। बोलांगीर, पंचपतमाली, लाजगढ़।
• मध्यप्रदेश: मण्डला, शहडोल (अमरकंटक)।
• छत्तीसगढ़: फुटका पहाड़ (विलासपुर)।
• झारखण्ड: पलामू (लोहारदगा)।
• महाराष्ट्र: कोल्हापुर।
शिक्षा संबंधी प्रमुख योजनाएँ
• अनौपचारिक शिक्षा योजना (1975): विद्यालय जाने से वंचित बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए।
• ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड (1987): प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु।
• सम्पूर्ण साक्षरता अभियान (1991): वयस्कों में निरक्षरता दूर करने के लिए।
• मिड-डे मील योजना (1995): प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को मुफ्त भोजन देकर नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने हेतु।
• कल्प शिक्षा योजना (1998): वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु।
• शिक्षा मित्र योजना (2000-01): ग्रामीण क्षेत्रों में अनुबंध पर शिक्षक नियुक्ति हेतु।
• सर्व शिक्षा अभियान (SSA) (2001): 6-14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा।
• विद्या वाहिनी प्रोजेक्ट (2003): ICT आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
• कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना (KGBV) (2004): पिछड़े क्षेत्रों में बालिकाओं हेतु आवासीय विद्यालय।
• साक्षर भारत मिशन (2009): वयस्क साक्षरता, विशेषकर महिलाओं के लिए।
रैपिड करेंट रिवीजन
मैत्री-II प्रोजेक्ट (अंटार्कटिका)
• स्थान: अंटार्कटिका (मौजूदा मैत्री स्टेशन का स्थान लेगा)।
• लक्ष्य: एक आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित करना।
• लक्षित संचालन तिथि: 2029 या 2032।
अनुसंधान केंद्र
• दक्षिण गंगोत्री (1983): भारत का पहला स्थायी अनुसंधान केंद्र, जो अब बर्फ में दबने के कारण निष्क्रिय है।
कानूनी ढाँचा
• अंटार्कटिका अधिनियम, 2022:
• भारत की अंटार्कटिक गतिविधियों को कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।
• अंटार्कटिका संधि प्रणाली (1959) व उसके प्रोटोकॉल (जैसे मैड्रिड प्रोटोकॉल, 1991) का अनुपालन सुनिश्चित करता है।
• अंटार्कटिका संधि (1959):
• 60° दक्षिण अक्षांश के दक्षिण में सभी गतिविधियों को नियंत्रित करती है।
• महाद्वीप को एक वैज्ञानिक तथा परमाणु-मुक्त क्षेत्र के रूप में संरक्षित करती है।
• भारत (1983) इस संधि का एक हस्ताक्षरकर्ता है।
प्रमुख दर्शन और उनके संस्थापक
यह सूची प्रमुख भारतीय दार्शनिक प्रणालियों और उनके प्रवर्तकों को दर्शाती है।
• अद्वैत वेदान्त: शंकराचार्य
• विशिष्टाद्वैत वेदान्त: रामानुजाचार्य
• द्वैताद्वैत वेदान्त: निम्बार्काचार्य
• शुद्धाद्वैत वेदान्त: वल्लभाचार्य
• द्वैत वेदान्त: माध्वाचार्य
• भेदाभेद वेदान्त: भास्कराचार्य
• शैव विशिष्टाद्वैत वेदान्त: श्रीकण्ठाचार्य
• अचिन्त्य भेदाभेद वेदान्त: बलदेव विद्याभूषण
• वीरशैव विशिष्टाद्वैत वेदान्त: श्रीपति पण्डिताचार्य
• अविभागाद्वैत वेदान्त: विज्ञान भिक्षु
दिल्ली सल्तनत कालीन अधिकारी और उनके कार्य
• आरिज-ए-मुमालिक: सैन्य विभाग का प्रमुख।
• दीवान-ए-इंशा / दबीर-ए-रसालत: शाही पत्र व्यवहार विभाग का प्रधान अधिकारी।
• दीवान-ए-रसालत: विदेशी विभाग का अध्यक्ष।
• सदर-उस-सुदूर: धर्म विभाग का प्रधान अधिकारी।
• काजी-उल-कुजात: न्याय विभाग का प्रधान अधिकारी।
• बरीद-ए-मुमालिक: गुप्तचर विभाग का प्रधान अधिकारी।
• वकील-ए-हाजिब: दरबारी शिष्टाचार सम्बन्धी प्रमुख अधिकारी।
• सर-ए-जहाँदार: सुल्तान के अंगरक्षकों का प्रधान।
• मुस्तौफी-ए-मुमालिक: महालेखा परीक्षक।
• मुशरिफ-ए-मुमालिक: महालेखाकार।
सल्तनत काल का साहित्य
विजयनगर साम्राज्य का दौरा करने वाले विदेशी यात्री और तत्कालीन शासक
विजयनगर साम्राज्य का दौरा करने वाले विदेशी यात्रियों और उनके तत्कालीन शासकों की सूची इस प्रकार है:
• निकोलो कोंटी (इटली): देवराय प्रथम
• निकितिन (रूस): देवराय प्रथम
• अब्दुर्रज्जाक (फ़ारस): देवराय द्वितीय
• बारबोसा (पुर्तगाल): कृष्णदेवराय
• डोमिंगो पायस (पुर्तगाल): कृष्णदेवराय
• फर्नांडिस नूनीज (पुर्तगाल): अच्युत देवराय
• सीज़र फ्रेडरिक (इटली): सदाशिव राय
रैपिड रिवीजन रेडी
छत्रपति 'शिवाजी' के प्रमुख अभियान
• जावली पर अधिकार: जनवरी, 1656 ई.
• मुगलों से पहली मुठभेड़: 1657 ई.
• अफजल खाँ के विरूद्ध सफलता: 10 नवंबर, 1659 ई.
• सूरत की पहली लूट: जनवरी, 1664 ई.
महत्वपूर्ण युद्ध एवं वर्ष
• चंदावर का युद्ध: 1194 ई.
• घाघरा का युद्ध: 1529 ई.
• प्लासी का युद्ध: 1757 ई.
• हल्दीघाटी का युद्ध: 1576 ई.
• खानवा का युद्ध: 1527 ई.
• चंदेरी की लड़ाई: 1528 ई.
• चौसा का युद्ध: 1539 ई.
• देवरा का युद्ध: 1532 ई.
• कन्नौज का युद्ध: 1540 ई.
• सरहिंद का युद्ध: 1555 ई.
• सामूगढ़ का युद्ध: 1658 ई.
• कालिंजर का युद्ध: 1545 ई.
1st International Big Cat Alliance (IBCA) Summit 2026
Key Details
Date & Location: It will be held in New Delhi on June 1-2, 2026.
Theme: The theme is — ‘Save Big Cats, Save Humanity, Save Ecosystem’.
Headquarters: It is an inter-governmental international organisation headquartered in India.
About IBCA
It is an association of countries that host, or have itinerant populations of, at least one of the seven ‘big cats’:
Lions
Tigers
Leopards
Snow Leopards
Cheetahs
Jaguars
Puma
India has urged all 95 big cat range countries to join the International Big Cat Alliance (IBCA).
Currently, there are:
24 member countries
3 observer countries
Several other ‘range’ countries in the alliance.
Launch
It was launched by PM Modi during an event commemorating 50 years of Project Tiger in India on April 9, 2023.
पहला अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026
मुख्य विवरण
तिथि और स्थान: यह 1-2 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
विषय: इसका विषय (Theme) — ‘बिग कैट्स को बचाओ, मानवता को बचाओ, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाओ’ है।
मुख्यालय: यह भारत मुख्यालय वाला एक अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
आईबीसीए के बारे में
यह उन देशों का संगठन है जहाँ सात ‘बिग कैट्स’ —
शेर
बाघ
तेंदुआ
हिम तेंदुआ
चीता
जगुआर
प्यूमा
— में से कम-से-कम एक प्रजाति पाई जाती है या उनका आवागमन होता है।
भारत ने सभी 95 बिग कैट रेंज देशों से अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल होने का आग्रह किया है।
वर्तमान में इस गठबंधन में शामिल हैं:
24 सदस्य देश
3 पर्यवेक्षक देश
तथा कई अन्य ‘रेंज’ देश।
लॉन्च
इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा 9 अप्रैल 2023 को भारत में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया था।
भारत में बायोस्फीयर रिजर्व
मुख्य विशेषताएँ
• भारत में लगभग 91,425 वर्ग किमी को कवर करने वाले 18 अधिसूचित बायोस्फीयर रिजर्व हैं।
• इनमें से 13 यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व (डब्ल्यूएनबीआर) द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।
हालिया जुड़ाव
• सितंबर, 2025 में भारत के हिमाचल प्रदेश के कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व (13वाँ) को यूनेस्को के विश्व बायोस्फीयर रिजर्व नेटवर्क में शामिल किया गया।
रैपिड रिवीजन रेडी
अंग्रेजों एवं भारतीय राज्यों के बीच हुई प्रमुख संधियाँ
• अलीनगर की संधि - 9 फरवरी, 1757
• बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच।
• इस संधि में अंग्रेजों के प्रतिनिधि के रूप में क्लाइव और वाटसन शामिल थे।
• इलाहाबाद की संधि - 1765 ई.
• क्लाइव और मुगल बादशाह शाह आलम- ।। के बीच।
• अमृतसर की संधि - 28 अप्रैल, 1809
• महाराजा रणजीत सिंह और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच।
• इस संधि के समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड मिन्टो थे जिन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से प्रतिनिधित्व किया था।
• गंडमक की संधि - 1879 ई.
• यह संधि द्वितीय अफगान युद्ध (1878-1880 ई.) के दौरान मई 1879 ई. में भारतीय ब्रिटिश सरकार के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लिटन और अफ़ग़ानिस्तान के अपदस्थ अमीर शेरअली के पुत्र याकूब ख़ाँ के बीच हुई थी।
चिलियानवाला युद्ध (1849)
• चिलियानवाला युद्ध 'ह्यूगफ' के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कम्पनी की सेना ने शेरसिंह के नेतृत्व में लड़ रही सिखों की सेना को हराया था।
• भारत में अंग्रेजों और सिक्खों के बीच हुआ यह प्रथम युद्ध था।
मराठा के राज्य
• बड़ौदा - गायकवाड़
• नागपुर - भोसले
• इंदौर - होलकर
• ग्वालियर - सिंधिया
• पुणे - पेशवा
ध्यान देने योग्य विद्रोह
• कूका विद्रोह - पंजाब
• कुकी विद्रोह - त्रिपुरा
• कोली विद्रोह - महाराष्ट्र
• कोल विद्रोह - छोटा नागपुर का पठार
विश्व थैलेसीमिया दिवस
• प्रतिवर्ष 08 मई को सम्पूर्ण विश्व में ‘विश्व थैलेसीमिया दिवस’ का आयोजन किया जाता है।
• इसका प्राथमिक लक्ष्य थैलेसीमिया जैसे गंभीर आनुवंशिक विकार और इससे पीड़ित रोगियों के संघर्ष के संबंध में जागरूकता बढ़ाना है।
सम्मान और जागरूकता
• यह दिवस पीड़ितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिये समर्पित डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मियों तथा इस रोग के उन्मूलन की दिशा में कार्य कर रहे वैज्ञानिकों का भी सम्मान करता है।
थीम और इतिहास
• विश्व थैलेसीमिया दिवस 2026 की थीम ‘अब और छिपा नहीं: निदानहीन लोगों की खोज। अनदेखे लोगों का समर्थन’ है।
• विश्व थैलेसीमिया दिवस की शुरुआत वर्ष 1994 में थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन द्वारा की गई थी।
भारत में स्थिति और विकार का स्वरूप
• भारत में लगभग एक लाख से अधिक मरीज थैलेसीमिया पीड़ित हैं।
• थैलेसीमिया माता-पिता से विरासत में मिली (आनुवांशिक रूप से संचरित) ऑटोसोमल रिसेसिव डिसऑर्डर है।
• इस स्थायी रक्त विकार के कारण रोगी के लाल रक्त कणों (RBC) में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है, जिसके कारण एनीमिया हो सकता है और रोगियों को जीवित रहने के लिये हर दो से तीन सप्ताह बाद रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है।
NARIT-AI पहल - गुजरात पुलिस
NARIT-AI: एक नज़र में
• किसने शुरू किया: इस टूल को गुजरात पुलिस (विशेष रूप से पश्चिम रेलवे वडोदरा डिवीजन) द्वारा लॉन्च किया गया है।
• मुख्य उद्देश्य:
• ड्रग्स से जुड़े (NDPS एक्ट) मामलों में दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) को बढ़ाना।
• कानूनी कमियों को दूर करना।
• तकनीक: यह RAG (Retrieval Augmented Generation) पर आधारित एक AI टूल है, जो जांच अधिकारियों को सटीक कानूनी जानकारी देता है।
• कानूनी सहायता: यह टूल FIR का विश्लेषण करता है और केस की मजबूती या कमजोरी के बारे में अधिकारियों को सचेत करता है।
• डेटा सुरक्षा: यह एक सुरक्षित और क्लोज्ड डेटाबेस पर काम करता है, ताकि संवेदनशील जानकारी लीक न हो।
• प्रभाव: इसके इस्तेमाल से पुलिस को अदालती कार्यवाही के दौरान बचाव पक्ष के तर्कों का पहले से अनुमान लगाने में मदद मिलती है।
गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931)
समझौते का नाम और पृष्ठभूमि
• इस समझौते को 'दिल्ली समझौता' (Delhi Pact) के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ था।
आंदोलन और सम्मेलन
• 1930 में गांधीजी द्वारा 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (दांडी मार्च/नमक सत्याग्रह) शुरू किया गया था।
• इस आंदोलन की अपार सफलता और प्रथम गोलमेज सम्मेलन (First Round Table Conference, 1930) में कांग्रेस के बहिष्कार के कारण ब्रिटिश सरकार को यह अहसास हो गया था कि कांग्रेस के बिना भारत के भविष्य पर कोई भी संवैधानिक फैसला संभव नहीं है।
मध्यस्थता और हस्ताक्षर
• ब्रिटिश सरकार और कांग्रेस के बीच बातचीत का रास्ता खोलने के लिए दो उदारवादी नेताओं— तेज बहादुर सप्रू और एम. आर. जयकर ने महत्वपूर्ण भूमिका (मध्यस्थता) निभाई थी।
• 15 दिनों की लंबी बातचीत के बाद 5 मार्च 1931 को महात्मा गांधी और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
रैपिड रिवीजन रेडी
महत्वपूर्ण जनजाति विद्रोह क्रम
• सन्यासी विद्रोह - 1763
• पाइक विद्रोह - 1817
• भील विद्रोह - 1818
• छोटा नागपुर का विद्रोह - 1820
• रामोशी विद्रोह - 1822
• अहोम विद्रोह - 1828
• बहावी आंदोलन - 1830
• कोल विद्रोह - 1831
• कुका विद्रोह - 1840
• संथाल विद्रोह - 1855
• मुंडा विद्रोह - 1895
• ताना भगत आंदोलन - 1914
• एका विद्रोह - 1921
• मोपला विद्रोह - 1921
• रम्पा विद्रोह - 1922
1857 की क्रांति पर लिखी गईं पुस्तक और लेखक
• फर्स्ट वार ऑफ इन्डिपेन्डेन्स - विनायक दामोदर सावरकर
• द ग्रेट रिबेलियन - अशोक मेहता
• सिपाय म्यूटिनी एंड द रिवोल्ट ऑफ 1857 - आर.सी. मजूमदार
• एट्टीन फिफ्टी सेवन - एस.एन.सेन
• रिवेलियन 1857 - पी.सी. जोशी
• हिस्ट्री ऑफ इंडियन म्यूटिनी - टी.आर. होम्स
1857 के विद्रोह के स्वरूप के संबंध में इतिहासकारों का मत
• भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था - वी डी सावरकर
• यह राष्ट्रीय विद्रोह था - डीजरायली
• यह पूर्णतया सिपाही विद्रोह था - सर जॉन लॉरेंस एवं सीले
• बर्बरता तथा सभ्यता के बीच युद्ध था - टी आर होम्स
कांग्रेस समाजवादी पार्टी (1934)
• कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की पहली बैठक पटना में हुई - वर्ष 1934 में
• एम.एन. राय, गणेश शंकर विद्यार्थी, पट्टमताणु पिल्लै तथा आचार्य नरेंद्र देव में से कांग्रेस समाजवादी दल का प्रमुख नेता था - आचार्य नरेंद्र देव
• वर्ष 1934 में पटना में अखिल भारतीय कांग्रेस समाजवादी पार्टी का संयोजक था - जयप्रकाश नारायण
• वर्ष 1934 में कांग्रेस समाजवादी पार्टी का गठन किया गया था - जयप्रकाश नारायण एवं आचार्य नरेंद्र देव द्वारा
• बिहार सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक थे - जयप्रकाश नारायण
• 'लोकनायक' के नाम से जाना जाता है - जयप्रकाश नारायण को
• जयप्रकाश दिवस मनाया गया - अप्रैल, 1946 में
• श्री नरसिंह नारायण थे - समाजवादी
भारत में पाई जाने वाली प्रमुख भैंसों की प्रजातियाँ (नस्लें) निम्नलिखित हैं:
• मुर्रा (Murrah) – हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
• जाफराबादी (Jaffarabadi) – गुजरात (काठियावाड़ क्षेत्र)
• सुरती (Surti) – गुजरात
• मेहसाणा (Mehsana) – गुजरात
• बन्नी (Banni) – कच्छ (गुजरात)
• नागपुरी (Nagpuri) – महाराष्ट्र, विदर्भ क्षेत्र
• पंढरपुरी (Pandharpuri) – महाराष्ट्र
• भदावरी (Bhadawari) – उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश
• नीली-रावी (Nili-Ravi) – पंजाब क्षेत्र
• कालीतड़ी / तिरुची (Toda) – तमिलनाडु (नीलगिरि पहाड़ियाँ)
ऐतिहासिक आयोग और सूफी सिलसिले
ब्रिटिश काल में गठित महत्वपूर्ण आयोग
• इनाम आयोग - 1852
• हंटर आयोग - 1882
• अफीम आयोग - 1893
• सिंचाई आयोग - 1901
• विश्वविद्यालय आयोग - 1902
• ट्रेजर आयोग - 1902
• ली आयोग - 1924
• बटलर समिति - 1927
• साइमन आयोग - 1927
• लिनलिथगो आयोग - 1928
• व्हिटली आयोग - 1928
• क्रिप्स आयोग - 1942
• कैबिनेट आयोग - 1946
• दुर्भिक्ष जाँच आयोग - 1943
• सार्जेण्ट आयोग - 1944
सूफी सिलसिला और उनके संस्थापक
• चिश्ती – ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती
• सुहरावर्दी – बहाउद्दीन जकारिया
• कादिरी – सैय्यद मखदूम मुहम्मद जिलानी
• शत्तारी – शाह अब्दुल्ला शत्तारी
• फिरदौसी – शेख बदरूद्दीन समरकंदी
• नक्शबंदी – बाकी बिल्लाह
सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल और उनकी विशेषताएँ
हड़प्पा
• पंक्ति में 6 अन्नागार: महत्वपूर्ण खाद्य भंडारण संरचनाएँ।
• कार्य स्थल (Working floors): औद्योगिक गतिविधियों के प्रमाण।
• मजदूरों के आवास (Workmen’s quarters): श्रमिकों के लिए निवास स्थान।
• कुँवारी देवी की मुहर (Virgin-Goddess seal): धार्मिक महत्व की मुहर।
• कब्रिस्तान (R-37, H): मृतकों को दफनाने का स्थान।
• लिंग और योनि के पत्थर प्रतीक (Stone symbols of Lingam and Yoni): धार्मिक उपासना के प्रतीक।
• पुरुष धड़ की बलुआ पत्थर की मूर्ति (Sandstone statuette of male torso): कलात्मक प्रतिनिधित्व।
• पुरुष नर्तक की स्टियाटाइट मूर्ति (Steatite statuette of male dancer): नृत्य कला का चित्रण।
• चित्रित मिट्टी के बर्तन (Painted pottery): कला और शिल्प कौशल।
• मातृ देवी की मिट्टी की मूर्तियाँ (Clay figures of Mother Goddess): प्रजनन और मातृत्व की देवी की पूजा।
• लकड़ी के ओखल में गेहूँ और जौ (Wheat and barley in wooden mortar): कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण।
• ताँबे का तराजू (Copper scale): व्यापार और वाणिज्य का उपकरण।
• काँसा बनाने का पात्र (Crucible for bronze): धातु विज्ञान का प्रमाण।
• ताँबे का दर्पण (Copper-made mirror): व्यक्तिगत साज-सज्जा का सामान।
• श्रृंगार पेटी (Vanity box): सौंदर्य प्रसाधनों का संग्रह।
• पासा (Dice): मनोरंजन का साधन।
बनावली
• शतरंज जैसी नगर योजना का अभाव (Lack of chess-board pattern town planning): अन्य हड़प्पा स्थलों से भिन्न शहरी नियोजन।
• व्यवस्थित जल निकासी प्रणाली का अभाव (Lack of systematic drainage system): मूलभूत शहरी सुविधाओं में भिन्नता।
• खिलौना हल (Toy plough): कृषि गतिविधियों का संकेत।
• मातृ देवी की मिट्टी की मूर्तियाँ (Clay figures of Mother Goddess): प्रजनन और मातृत्व की देवी की पूजा।
धोलावीरा
• अनोखी जल संरक्षण प्रणाली (Unique water harnessing system): उन्नत जल प्रबंधन तकनीक।
• वर्षा जल निकासी प्रणाली (Storm water drainage system): प्रभावी शहरी जल निकासी।
• बड़ा कुआँ और स्नानागार (Large well and bath): सार्वजनिक उपयोग के लिए जल संरचनाएँ।
• विशाल जलाशय (Giant water reservoirs): बड़े पैमाने पर जल भंडारण।
• तीन भागों में विभाजित एकमात्र स्थल (Only site divided into 3 parts): विशिष्ट शहरी विभाजन।
• सबसे बड़ा हड़प्पाई अभिलेख (Largest Harappan inscription): महत्वपूर्ण लिखित साक्ष्य।
• नागरिक कार्यों के लिए उपयोग (Used for civic purposes): सार्वजनिक सेवाओं का प्रमाण।
• एक स्टेडियम (A stadium): सार्वजनिक सभा या खेल गतिविधियों का स्थान।
सुरकोटदा
• घोड़े की हड्डियाँ (Bones of horse): घोड़े की उपस्थिति का पुरातात्विक प्रमाण।
• अंडाकार कब्र (Oval grave): विशिष्ट दफन प्रथाएँ।
• मृद्भांड दफन (Pot burials): मिट्टी के बर्तनों में दफन की विधि।
दैमाबाद
• कांस्य प्रतिमाएँ (Bronze images): उन्नत धातु शिल्प कौशल।
• रथ चालक, रथ, बैल, हाथी और गैंडे की मूर्तियाँ (Charioteer with chariot, ox, elephant and rhinoceros): जटिल कांस्य कलाकृतियाँ।
चन्हुदड़ो
• दुर्ग रहित नगर (City without a citadel): अन्य हड़प्पा नगरों से भिन्न।
• दवात (Inkpot): लेखन और साक्षरता का प्रमाण।
• लिपस्टिक (Lipstick): व्यक्तिगत श्रृंगार का सामान।
• धातुकारों, शंख आभूषण निर्माताओं और मनका निर्माताओं की दुकानें (Metal workers’, shell-ornament makers’ and bead-makers’ shops): विशिष्ट शिल्प उद्योग।
• ईंट पर कुत्ते के पंजे का निशान (Imprint of dog’s paw on a brick): पशुओं की उपस्थिति का प्रमाण।
• बैलगाड़ी का टेराकोटा मॉडल (Terracotta model of a bullock cart): परिवहन के साधन का चित्रण।
• कांस्य की खिलौना गाड़ी (Bronze toy cart): बच्चों के खिलौने और धातु शिल्प।
लोथल
• गोदी / बंदरगाह (Dockyard): समुद्री व्यापार और वाणिज्य का केंद्र।
• चावल की भूसी (Rice husk): चावल की खेती का प्रमाण।
• धातुकारों, शंख आभूषण निर्माताओं और मनका निर्माताओं की दुकानें (Metal-workers’, shell-ornament makers’ and bead-makers’ shops): विशिष्ट शिल्प उद्योग।
• अग्निकुण्ड (Fire altars): धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमाण।
• घोड़े की टेराकोटा मूर्ति (Terracotta figurine of a horse): घोड़े की उपस्थिति का कलात्मक प्रमाण।
• संयुक्त दफन (Double burial): विशिष्ट दफन प्रथाएँ।
• जहाज का टेराकोटा मॉडल (Terracotta model of a ship): समुद्री यात्रा और व्यापार का चित्रण।
• रंगाई का टैंक (Dyeing vat): वस्त्र उद्योग और रंगाई प्रक्रिया।
• फारसी / ईरानी मुहर (Persian/Iranian seal): अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंध।
• बहरीन की मुहर (Bahrain seal): मध्य-पूर्वी व्यापारिक संपर्क।
• चित्रित घड़ा (पक्षी और लोमड़ी) (Painted jar (bird and fox)): कलात्मक मिट्टी के बर्तन।
कालीबंगा
• जुते हुए खेत का प्रमाण (Ploughed field surface): प्रारंभिक कृषि गतिविधियों के साक्ष्य।
• 7 अग्निकुण्ड (7 Fire altars): धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमाण।
• सजावटी ईंटें (Decorated bricks): स्थापत्य कला में सौंदर्यबोध।
• खिलौना गाड़ी के पहिए (Wheels of a toy cart): बच्चों के खिलौने और परिवहन के साधन।
• मेसोपोटामिया की बेलनाकार मुहर (Mesopotamian cylindrical seal): अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंध।
मोहनजोदड़ो
• विशाल अन्नागार (Great Granary): बड़े पैमाने पर खाद्य भंडारण।
• महान स्नानागार (Great Bath): सार्वजनिक अनुष्ठान या स्वच्छता के लिए उपयोग।
• सभा भवन (Assembly hall): सार्वजनिक सभाओं का स्थान।
• शंख की पट्टियाँ (Shell strips): सजावट या उपयोग की वस्तुएँ।
• पशुपति महादेव / आदि शिव मुहर (Pashupati Mahadeva / Proto-Shiva seal): महत्वपूर्ण धार्मिक मुहर।
• कांस्य की नृत्य करती नग्न स्त्री की मूर्ति (Bronze image of nude woman dancer): प्रसिद्ध "नर्तकी" की मूर्ति, कला का उत्कृष्ट उदाहरण।
• पुजारी राजा की स्टियाटाइट मूर्ति (Steatite statuette of Priest King): महत्वपूर्ण सामाजिक या धार्मिक व्यक्ति का प्रतिनिधित्व।
• साथ मिले मानव कंकाल (Human skeletons huddled together): सामूहिक मृत्यु या आपदा का संकेत।
• चित्रित मुहर (अर्धदेव) (Painted seal (Demi-God)): धार्मिक या पौराणिक चित्रण वाली मुहर।
• मातृ देवी की मिट्टी की मूर्तियाँ (Clay figures of Mother Goddess): प्रजनन और मातृत्व की देवी की पूजा।
• बुने हुए कपास का टुकड़ा (Fragment of woven cotton): वस्त्र उद्योग का प्रमाण।
• ईंट भट्टियाँ (Brick kilns): ईंट निर्माण उद्योग।
• 2 मेसोपोटामिया की मुहरें (2 Mesopotamian seals): अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंध।
• 1398 मुहरें (1398 seals): व्यापक प्रशासनिक और व्यापारिक मुहरों का संग्रह।
• पासा (Dice): मनोरंजन का साधन।
रैपिड रिवीजन रेडी
महत्वपूर्ण अधिनियम
• हिंदू विवाह अधिनियम - 1955
• हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम - 1956
• सती (निरोध) अधिनियम - 1987
• भारतीय शस्त्र अधिनियम - 1878
• शाही पद अधिनियम - 1876
• भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम - 1861
• भारतीय विवाह विच्छेद अधिनियम - 1869
कांग्रेस से पूर्व स्थापित महत्वपूर्ण राजनीतिक संस्थाएं
• बंग भाषा प्रकाशित सभा - 1836
• लैंड होल्डर सोसाइटी - 1838
• बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी - 1843
• ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन - 1851
• पुणे सार्वजनिक सभा - 1870
• इंडियन एसोसिएशन - 1876
• बॉम्बे एसोसिएशन - 1852
• इंडियन लीग - 1875
• मद्रास महाजन सभा - 1884
• मुंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन - 1885
• ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी - 1839
• ईस्ट इंडिया एसोसिएशन - 1866
• नेशनल इंडियन एसोसिएशन - 1870
बहमनी साम्राज्य
मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में 1347 ई. में हसनगंगू ने बहमनी राज्य की स्थापना की। वह अलाउद्दीन हसन बहमन शाह के नाम से सिंहासन पर बैठा और गुलबर्गा को अपनी राजधानी बनाया। इसकी राजभाषा मराठी थी।
बहमनी वंश के प्रमुख शासक
• मुहम्मद शाह प्रथम - 1358-1375
• अलाउद्दीन मुजाहिद शाह - 1375-1378
• दाउद प्रथम - 1378
• मुहम्मद शाह-II - 1378-1397
• ताज-उद्दीन-फिरोज - 1397-1422
• शिहाबुद्दीन अहमद-I - 1422-1436
• अलाउद्दीन अहमद-II - 1436-1458
• शम्सुद्दीन मुहम्मद-III - 1463-1482
समाचार-पत्र एवं संस्थापक
प्रमुख भारतीय समाचार-पत्र
• बंगाल गजट - जेम्स आगस्टस हिक्की
• संवाद कौमुदी - राजा राममोहन राय
• मिरातुल अखबार - राजा राममोहन राय
• उदत्त मार्तंड - जुगल किशोर
• बंगदूत - राजा राम मोहन राय
• हिन्दु पैट्रियाट - हरिश्चन्द्र मुखर्जी
• सोमप्रकाश - ईश्वर चंद्र विद्यासागर
• अमृत बाजार पत्रिका - शिशिर कुमार घोष
प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
विभिन्न ईस्ट इंडिया कंपनियाँ
• पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कम्पनी - 1498 ई.
• अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी - 1600 ई.
• डच ईस्ट इंडिया कम्पनी - 1602 ई.
• डैनिश ईस्ट इंडिया कम्पनी - 1616 ई.
• फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कम्पनी - 1664 ई.
• स्वीडिश ईस्ट इंडिया कम्पनी - 1731 ई.
अंग्रेज-मराठा संघर्ष की प्रमुख संधियाँ
• सूरत की संधि - 1775
• पुरन्दर की संधि - 1776
• बड़गाँव की संधि - 1779
• सालाबाई की संधि - 1782
• बसीन की संधि - 1802
• देवगाँव की संधि - 1803
• सुर्जी अर्जुनगाँव की संधि - 1803
• राजापुर घाट की संधि - 1804
• नागपुर की संधि - 1816
• ग्वालियर की संधि - 1817
• पूना की संधि - 1817
• मंदसौर की संधि - 1818
आंग्ल-मराठा युद्ध
• प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध - 1782 ई. में सालबाई की संधि से समाप्त हुआ.
• द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध - 1803 से 1805 तक लड़ा गया. यह 1803 में देवगाँव की संधि से समाप्त हुआ.
• तृतीय आंग्ल मराठा युद्ध - 1817-1819 में लड़ा गया और इसके द्वारा मराठा शक्ति और पेशवा के वंशानुगत पद को खत्म कर दिया गया.
यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों से संबद्ध व्यक्तित्व और कर्नाटक युद्ध
यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों से संबद्ध व्यक्तित्व
• वास्कोडिगामा: भारत आने वाला प्रथम पुर्तगाली
• फ्रांसिस्को डि अल्मेडा: भारत का प्रथम पुर्तगाली गवर्नर
• जॉन मिल्डेन हॉल: मुगल भारत में आया प्रथम ब्रिटिश
• कैप्टन हॉकिन्स: जहाँगीर के दरबार में आने वाला प्रथम ब्रिटिश
• गैरोल्ड अंगियार: बंबई का वास्तविक संस्थापक
• जॉब चारनॉक: कलकत्ता का संस्थापक
• चार्ल्स आयर: फोर्ट विलियम का प्रथम प्रशासक
• फ्रैंको मार्टिन: पांडिचेरी का प्रथम फ्रांसीसी गवर्नर
• फ्रांसीसी डे: मद्रास का संस्थापक
कर्नाटक युद्ध
प्रथम कर्नाटक युद्ध
• अवधि: 1746-48 ई.
• प्रभाव: यह युद्ध ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार युद्ध से प्रभावित था।
• समाप्ति: 1748 ई. में हुई ए-ला-शापल की संधि के द्वारा ऑस्ट्रिया का उत्तराधिकार युद्ध समाप्त हो गया और इसी संधि के तहत प्रथम कर्नाटक युद्ध भी समाप्त हुआ।
दूसरा कर्नाटक युद्ध
• अवधि: 1749-1754 ई.
• परिणाम: इस युद्ध में फ्रांसीसी गवर्नर डूप्ले की हार हुई। उसे वापस बुला लिया गया और उसकी जगह पर गोडेहू को भारत में अगला फ्रांसीसी गवर्नर बनाया गया।
• समाप्ति: पांडिचेरी की संधि (जनवरी, 1755 ई.) के साथ युद्ध-विराम हुआ।
कर्नाटक का तीसरा युद्ध
• अवधि: 1756 -1763 ई.
• कारण: यह 1756 ई. में शुरू हुए सप्तवर्षीय युद्ध का ही एक अंश था।
• समाप्ति: पेरिस की संधि होने पर यह युद्ध समाप्त हुआ।
महत्वपूर्ण घटनाएँ:
• वांडिवाश की लड़ाई (1760 ई.): अंग्रेजी सेना ने सर आयरकूट के नेतृत्व में वांडिवाश की लड़ाई में फ्रांसीसियों को बुरी तरह हराया।
• पांडिचेरी का अधिग्रहण (1761 ई.): अंग्रेजों ने पांडिचेरी को फ्रांसीसियों से छीन लिया।
सिक्ख संप्रदाय के 10 गुरू
गुरूओं का परिचय और योगदान
• गुरू नानक - सिक्ख धर्म के संस्थापक
• गुरू अंगद - गुरूमुखी लिपि के जनक
• गुरु अमरदास - गुरु प्रसाद हेतु 22 गद्दियों का निर्माण
• गुरू रामदास - अमृतसर के संस्थापक
• गुरू अर्जुनदास - गुरू ग्रंथ साहिब का संकलन, स्वर्ण मंदिर निर्माण, जहांगीर ने फांसी दी
• गुरू हरगोविन्द - अकाल तख्त की स्थापना
• गुरू हरराय - मुगलों के उत्तराधिकार युद्ध में भाग लिया
• गुरु हरिकृष्ण - अल्प वयस्क अवस्था में मृत्यु
• गुरु तेग बहादुर - औरंगजेब ने फांसी दी
• गुरू गोविन्द सिंह - खालसा सेना का गठन
नागर शैली
नागर शैली का परिचय
• 'नागर' शब्द नगर से बना है। सर्वप्रथम नगर में निर्माण होने के कारण इसे नागर शैली कहा जाता है।
• इस शैली के मंदिरों में आम तौर पर निर्माण की पंचायतन शैली को अपनाया गया है। इसे 8वीं से 13वीं शताब्दी के बीच उत्तर भारत के शासको द्वारा संरक्षण दिया गया।
नागर शैली की संरचनात्मक विशेषताएं
• नागर शैली के मंदिर आधार से शिखर तक चतुष्कोणीय होते हैं और शिखर अपनी ऊँचाई के क्रम में ऊपर की ओर क्रमशः पतला होता जाता है। इसे अनुप्रस्थिका एवं उत्थापन समन्वय कहा जाता है।
• ये मंदिर ऊँचाई में आठ भागों में बाँटे गए हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं:
• मूल (आधार)
• गर्भगृह (नींव और दीवारों के बीच का भाग)
• जंघा (दीवार)
• कपोत (कार्निस)
• शिखर या गल (गर्दन)
• वर्तुलाकार आमलक
• कुंभ (शूल सहित कलश)
• नागर शैली के मंदिरों में 4 कक्ष होते हैं:
• गर्भगृह
• जगमोहन
• नाट्य मंदिर
• भोग मंदिर
क्षेत्रीय नामकरण
• इस शैली में बने मंदिरों को:
• ओडिशा में 'कलिंग'
• गुजरात में 'लाट'
• हिमालयी क्षेत्र में 'पर्वतीय' कहा गया।
नोट: अयोध्या में निर्मित राम मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है।