भारत सरकार ने 22 जून 2026 तक देश में Telegram APP पर अस्थायी रूप से रोक (Temporary Block) लगा दी है.....
👉 Telegram banned in India until June 22, 2026, until the completion of the NEET re-exam.
👉 Telegram banned in India until June 22, 2026, until the completion of the NEET re-exam.
❤3
Wlcm Back
उसका तो केवल नाम है
असली जुल्म तो टेलीग्राम ने किया है😂😂
उसका तो केवल नाम है
असली जुल्म तो टेलीग्राम ने किया है😂😂
😎8❤2
मेवाड़, सिसोदिया राजवंश_:आहड़ की छतरियां,
(2) राठौड़, बीकानेर - देवी कुण्ड की छतरियां (राव कल्याणमल की छतरी सबसे पुरानी प्रसिद्ध),
(3) राठौड़, जोधपुर_:मण्डौर की छतरियां,
(4) भाटी, जैसलमेर - बड़ा बाग की छतरियां,
(5) हाड़ा चौहान, कोटा -क्षार बाग की छतरियां,
(6) हाड़ा चौहान,:_ बूंदी केसर बाग की छतरियां
(7) कच्छवाह जयपुर - गैटोर की छतरियां (प्रसिद्ध सवाई जयसिंह की छतरी)
#फैक्ट #important ❤️👍🏼
(2) राठौड़, बीकानेर - देवी कुण्ड की छतरियां (राव कल्याणमल की छतरी सबसे पुरानी प्रसिद्ध),
(3) राठौड़, जोधपुर_:मण्डौर की छतरियां,
(4) भाटी, जैसलमेर - बड़ा बाग की छतरियां,
(5) हाड़ा चौहान, कोटा -क्षार बाग की छतरियां,
(6) हाड़ा चौहान,:_ बूंदी केसर बाग की छतरियां
(7) कच्छवाह जयपुर - गैटोर की छतरियां (प्रसिद्ध सवाई जयसिंह की छतरी)
#फैक्ट #important ❤️👍🏼
❤4
जसनाथी सम्प्रदाय_:
(a) जसनाथ जी :- सिंभुदड़ा, कोंडा, 50 सबद गौरख छन्दौ, जसनाथ जी री वाणी, जलम झूलरौ, सिद्ध जी रो सिरलोको
(b) रामनाथ जी :- यशोनाथ पुराण (इसे जसनाथी सम्प्रदाय की -बाईबिल कहते है)
(c) लालनाथ जी :- "जीव सझौतरी"विश्नोई सम्प्रदाय
संत जाम्भौजी/जम्भेश्वरजी::
1. जम्भ गीता (जम्भ संहिता) :- इसे विश्नोई सम्प्रदाय के शिष्य
पांचवा - वेद तथा 19वाँ पुराण मानते हैं। इसे संत परमानन्द ने लिपीबद्ध किया। 2. विश्नोई धर्म प्रकाश, 3. जम्भसागर, 4.120 सबद वाणियाँ
(a) जसनाथ जी :- सिंभुदड़ा, कोंडा, 50 सबद गौरख छन्दौ, जसनाथ जी री वाणी, जलम झूलरौ, सिद्ध जी रो सिरलोको
(b) रामनाथ जी :- यशोनाथ पुराण (इसे जसनाथी सम्प्रदाय की -बाईबिल कहते है)
(c) लालनाथ जी :- "जीव सझौतरी"विश्नोई सम्प्रदाय
संत जाम्भौजी/जम्भेश्वरजी::
1. जम्भ गीता (जम्भ संहिता) :- इसे विश्नोई सम्प्रदाय के शिष्य
पांचवा - वेद तथा 19वाँ पुराण मानते हैं। इसे संत परमानन्द ने लिपीबद्ध किया। 2. विश्नोई धर्म प्रकाश, 3. जम्भसागर, 4.120 सबद वाणियाँ
❤4
जयसिंह प्रथम (मिर्जा राजा जयसिंह)के प्रमुख अभियान...
अहमद नगर अभियान.....1623 ई.
उज़्बेक विद्रोह का दमन....1629 ई.
गोलकुंडा और बीजापुर घेरा.... 1636ई.
कंधार अभियान.......1651 ई.
मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने 14 अप्रैल 1665 (2 माह) तक ब्रजगढ़, माँची, पुरन्दर पर घेराव के बाद शिवाजी ने संधि का प्रस्ताव भेजा था.....
11 जून 1665 को पुरंदर की संधि आखिरकार सम्पन्न होती है.....
#important ❤️👆
अहमद नगर अभियान.....1623 ई.
उज़्बेक विद्रोह का दमन....1629 ई.
गोलकुंडा और बीजापुर घेरा.... 1636ई.
कंधार अभियान.......1651 ई.
मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने 14 अप्रैल 1665 (2 माह) तक ब्रजगढ़, माँची, पुरन्दर पर घेराव के बाद शिवाजी ने संधि का प्रस्ताव भेजा था.....
11 जून 1665 को पुरंदर की संधि आखिरकार सम्पन्न होती है.....
#important ❤️👆
माही नदी ~
माही राजस्थान की एकमात्र नदी है, जिसका प्रवेश एवं निकास दोनों ही दक्षिण दिशा से होता है।
प्रवेश के बाद दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुई पुनः दक्षिण की ओर मुड़कर गुजरात (महीसागर जिले) में प्रवेश करती है। माही नदी उलटे 'यू' के आकार में बहती है।
यह नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है।
इसके प्रवाह के मैदान को प्रतापगढ़ में कांठल का मैदान व बांसवाड़ा में छप्पन का मैदान कहते हैं।
❤️☘
माही राजस्थान की एकमात्र नदी है, जिसका प्रवेश एवं निकास दोनों ही दक्षिण दिशा से होता है।
प्रवेश के बाद दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुई पुनः दक्षिण की ओर मुड़कर गुजरात (महीसागर जिले) में प्रवेश करती है। माही नदी उलटे 'यू' के आकार में बहती है।
यह नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है।
इसके प्रवाह के मैदान को प्रतापगढ़ में कांठल का मैदान व बांसवाड़ा में छप्पन का मैदान कहते हैं।
❤️☘
❤3
गम्भीर नदी -
प्रवाह - करौली, गंगापुरसिटी, भरतपुर में बहती हुई आगरा
(उत्तरप्रदेश) में यमुना में मिल जाती है।
उत्तरप्रदेश में इसे 'उटंगन नदी' के नाम से जाना जाता है।
बांध - पांचना बाँध (करौली) - गम्भीर की पाँच सहायक नदियों (भद्रावती, भैसावट, माची, अटा, बरखेड़ा) पर मिट्टी का बना बाँध है। यह अमेरिका के सहयोग से निर्मित है तथा यह राजस्थान का सबसे बड़ा मिट्टी का बना बाँध है।
☘❤️
उद्गम - नादौती की पहाड़ियाँ (करौली)प्रवाह - करौली, गंगापुरसिटी, भरतपुर में बहती हुई आगरा
(उत्तरप्रदेश) में यमुना में मिल जाती है।
उत्तरप्रदेश में इसे 'उटंगन नदी' के नाम से जाना जाता है।
बांध - पांचना बाँध (करौली) - गम्भीर की पाँच सहायक नदियों (भद्रावती, भैसावट, माची, अटा, बरखेड़ा) पर मिट्टी का बना बाँध है। यह अमेरिका के सहयोग से निर्मित है तथा यह राजस्थान का सबसे बड़ा मिट्टी का बना बाँध है।
☘❤️
❤3
4 से 8 जून 2026 तक 🗓️ भारत ने अहमदाबाद (गुजरात) के EKA Arena में ऐतिहासिक प्रथम विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप (World Yogasana Sports Championship) की मेजबानी की है 🇮🇳। इस आयोजन का उद्देश्य योगासन को ओलंपिक 🏅 और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे मंचों तक पहुँचाना है 🌍✨।
भारत ने कुल 114 मेडल जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और प्रतियोगिता में अपना ऐतिहासिक दबदबा बनाया...
• स्वर्ण (Gold) - 102 🥇
• रजत (Silver) - 9 🥈
• कांस्य (Bronze) - 3 🥉
कुल मेडल (Total) - 114 🏆
(अति महत्वपूर्ण)
भारत ने कुल 114 मेडल जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और प्रतियोगिता में अपना ऐतिहासिक दबदबा बनाया...
• स्वर्ण (Gold) - 102 🥇
• रजत (Silver) - 9 🥈
• कांस्य (Bronze) - 3 🥉
कुल मेडल (Total) - 114 🏆
(अति महत्वपूर्ण)
❤1
प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha): भारत का स्वदेशी एयर डिफेंस शील्ड
✔️ विकासकर्ता: DRDO
✔️ प्रणाली का प्रकार: स्वदेशी लंबी दूरी की बहु-स्तरीय (Multi-Layered) वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली
✔️ विकल्प: इसे भारत के S-400 के स्वदेशी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
✔️ मुख्य विशेषताएं एवं इंटरसेप्शन रेंज:
👉 M1: 150 किमी
👉 M2: 250 किमी
👉 M3: 350 किमी
✔️ उद्देश्य: बैलिस्टिक व क्रूज़ मिसाइलों, ड्रोन और लड़ाकू विमानों जैसे हवाई खतरों को नष्ट कर सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा करना।
प्रमुख सामरिक तथ्य:
👉 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की सुरक्षा के लिए "गेम चेंजर" बताया है।
👉 हैदराबाद में रक्षा मंत्री ने इसकी तुलना 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मिली सुरक्षा छतरी से की (जैसे द्वापर युग में गोवर्धन पर्वत ने ब्रज की रक्षा की थी)।
👉 यह प्रोजेक्ट पीएम मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित महत्वाकांक्षी "मिशन सुदर्शन चक्र" का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
👉 यह भारत की सामरिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
✔️ विकासकर्ता: DRDO
✔️ प्रणाली का प्रकार: स्वदेशी लंबी दूरी की बहु-स्तरीय (Multi-Layered) वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली
✔️ विकल्प: इसे भारत के S-400 के स्वदेशी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
✔️ मुख्य विशेषताएं एवं इंटरसेप्शन रेंज:
👉 M1: 150 किमी
👉 M2: 250 किमी
👉 M3: 350 किमी
✔️ उद्देश्य: बैलिस्टिक व क्रूज़ मिसाइलों, ड्रोन और लड़ाकू विमानों जैसे हवाई खतरों को नष्ट कर सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा करना।
प्रमुख सामरिक तथ्य:
👉 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की सुरक्षा के लिए "गेम चेंजर" बताया है।
👉 हैदराबाद में रक्षा मंत्री ने इसकी तुलना 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मिली सुरक्षा छतरी से की (जैसे द्वापर युग में गोवर्धन पर्वत ने ब्रज की रक्षा की थी)।
👉 यह प्रोजेक्ट पीएम मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित महत्वाकांक्षी "मिशन सुदर्शन चक्र" का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
👉 यह भारत की सामरिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
❤2
✴RSSB राजस्थान समान पात्रता परीक्षा (CET) 2026 की परीक्षा तिथियां जारी, 30 लाख युवा होगें शामिल, सिलेबस में थोडा बदलाव, सीपीआर, प्राथमिक उपचार, सोशल मीडिया एडिक्शन एवं ड्रग एब्यूज 04 नए टाॅपिक भी जोड़े गए हैं।
👉CET 12वीं स्तर परीक्षा - 23 से 25 अक्टूबर 2026
👉CET स्नातक स्तर परीक्षा- 1 से 03 दिसंबर 2026
👉 CET पात्रता अब 3 साल तक मान्य रहेगी।
👉 CET परीक्षा में 1/3 नेगेटिव मार्किंग रहेगी।
👉CET पात्रता के लिए 40% अंक जरूरी
👉CET 12वीं स्तर परीक्षा - 23 से 25 अक्टूबर 2026
👉CET स्नातक स्तर परीक्षा- 1 से 03 दिसंबर 2026
👉 CET पात्रता अब 3 साल तक मान्य रहेगी।
👉 CET परीक्षा में 1/3 नेगेटिव मार्किंग रहेगी।
👉CET पात्रता के लिए 40% अंक जरूरी
❤2
मणिपुर का पहला NIA विशेष न्यायालय
📍 थौबल में खुला मणिपुर का पहला NIA विशेष न्यायालय।
📍 मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के पहले NIA विशेष न्यायालय का उद्घाटन किया।
📍 यह सुविधा खंगाबोक स्थित थौबल जिला अदालत परिसर में स्थित है।
📍 यह राज्य की न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
📍 इस न्यायालय का उद्देश्य न्यायिक ढांचे में सुधार और समय पर न्याय सुनिश्चित करना है।
📍 थौबल में खुला मणिपुर का पहला NIA विशेष न्यायालय।
📍 मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के पहले NIA विशेष न्यायालय का उद्घाटन किया।
📍 यह सुविधा खंगाबोक स्थित थौबल जिला अदालत परिसर में स्थित है।
📍 यह राज्य की न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
📍 इस न्यायालय का उद्देश्य न्यायिक ढांचे में सुधार और समय पर न्याय सुनिश्चित करना है।
❤4