✔️ औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति लागू
✔️ प्रदेश में बनेंगे वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल पार्क
👉 4 मॉडल पर बनेंगे औद्योगिक पार्क :-
• मॉडल ए: रीको की भूमि पर निजी डेवलपर विकास करेगा।
• मॉडल बी: 80% भूमि डेवलपर और 20% रीको उपलब्ध कराएगा।
• मॉडल सीः पूरी भूमि डेवलपर द्वारा जुटाई जाएगी।
• मॉडल डीः पीपीपी मॉडल पर विकास होगा।
✔️ प्रदेश में बनेंगे वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल पार्क
👉 4 मॉडल पर बनेंगे औद्योगिक पार्क :-
• मॉडल ए: रीको की भूमि पर निजी डेवलपर विकास करेगा।
• मॉडल बी: 80% भूमि डेवलपर और 20% रीको उपलब्ध कराएगा।
• मॉडल सीः पूरी भूमि डेवलपर द्वारा जुटाई जाएगी।
• मॉडल डीः पीपीपी मॉडल पर विकास होगा।
❤3
CTET passing percentage ratio
❤2
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं ♥️🙏
❤11🙏5
KVS/NVS Teacher Vacancy
Interview की prepration के लिए यहां जुड़ सकते हो।
https://t.me/BantiSinghTamarofficial
Interview की prepration के लिए यहां जुड़ सकते हो।
https://t.me/BantiSinghTamarofficial
❤1
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में सात अभेद्य प्रवेश द्वार है।
1. प्रथम द्वारा – पाडनपोल के पास रावत बाघसिंह की छतरी बनी हुई है।
2. भैरव पोल व हनुमानपोल के मध्य जयमल और कल्ला जी राठौड़ की छतरियाँ बनी हुई है।
सातवें द्वारा रामपोल के पास फत्ता सिसोदिया की छतरी बनी हुई है।
#important ❤️☘
1. प्रथम द्वारा – पाडनपोल के पास रावत बाघसिंह की छतरी बनी हुई है।
2. भैरव पोल व हनुमानपोल के मध्य जयमल और कल्ला जी राठौड़ की छतरियाँ बनी हुई है।
सातवें द्वारा रामपोल के पास फत्ता सिसोदिया की छतरी बनी हुई है।
#important ❤️☘
व्याख्या : तारागढ़ दुर्ग को 1832 ई. में भारत के गवर्नर जनरल विलियम बैंटिक ने देखा तो मुँह से निकल पड़ा, "ओह दुनिया का दूसरा जिब्राल्टर!"
❤️👍🏼
❤️👍🏼
❤3
प्रतियोगी परीक्षा देने जाने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए रोड़वेज में यात्रा फ्री होती है
SI वालों के लिए भी फ्री है
आप अपना प्रवेश पत्र दिखाएं और यात्रा करें
नोटिस आना जरूरी नहीं है
SI वालों के लिए भी फ्री है
आप अपना प्रवेश पत्र दिखाएं और यात्रा करें
नोटिस आना जरूरी नहीं है
छप्पन का मैदान - बासवाडा व प्रतापगढ़ के मध्य का भू-भाग छप्पन का मैदान कहलाता है। यह मैदान माही नदी बनाती है। (56 गावों का समूह या 56 नालों का समूह)
नाकोड़ा पर्वत/छप्पन की पहाड़ियाँ - बाडमेर के सिवाणा ग्रेनाइट पर्वतीय क्षेत्र में स्थित गोलाकार पहाड़ियों का समुह नाकोड़ा पर्वत/छप्पन की पहाड़ियाँ कहलाती है।
देशहरो - उदयपुर में जरगा (उदयपुर) व रागा (सिरोही) पहाड़ीयों के बीच का क्षेत्र सदा हरा भरा रहने के कारण देशहरो कहलाता है।
गिरवा - उदयपुर में चारों ओर पहाड़ियाँ होने के कारण उदयपुर की आकृति एक तश्तरीनुमा बेसिन जैसी है जिसे स्थानीय भाषा में गिरवा कहते है।
बीहड़/डाग/खादर - चम्बल नदी सवाई माधोपुर करौली धौलपुर में बडे़-बडे़ गड्डों का निर्माण करती है इन गड्डों को बीहड़/डाग/खादर नाम से पुकारा जाता है। यह क्षेत्र डाकुओं की शरणस्थली के नाम से जाना जाता है।
भाखर/भाकर - पूर्वी सिरोही क्षेत्र में अरावली की तीव्र ढाल वाली ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों का क्षेत्र भाकर/भाखर कहलाता है।
❤️👍👍👍👍❤️❤️❤️👍👍
नाकोड़ा पर्वत/छप्पन की पहाड़ियाँ - बाडमेर के सिवाणा ग्रेनाइट पर्वतीय क्षेत्र में स्थित गोलाकार पहाड़ियों का समुह नाकोड़ा पर्वत/छप्पन की पहाड़ियाँ कहलाती है।
देशहरो - उदयपुर में जरगा (उदयपुर) व रागा (सिरोही) पहाड़ीयों के बीच का क्षेत्र सदा हरा भरा रहने के कारण देशहरो कहलाता है।
गिरवा - उदयपुर में चारों ओर पहाड़ियाँ होने के कारण उदयपुर की आकृति एक तश्तरीनुमा बेसिन जैसी है जिसे स्थानीय भाषा में गिरवा कहते है।
बीहड़/डाग/खादर - चम्बल नदी सवाई माधोपुर करौली धौलपुर में बडे़-बडे़ गड्डों का निर्माण करती है इन गड्डों को बीहड़/डाग/खादर नाम से पुकारा जाता है। यह क्षेत्र डाकुओं की शरणस्थली के नाम से जाना जाता है।
भाखर/भाकर - पूर्वी सिरोही क्षेत्र में अरावली की तीव्र ढाल वाली ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों का क्षेत्र भाकर/भाखर कहलाता है।
❤️👍👍👍👍❤️❤️❤️👍👍
❤2